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Class 9 • Science • Vigyan (BSEB)

Chapter 11: कार्य तथा ऊर्जा

कार्य, गतिज-स्थितिज ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण और शक्ति।

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 9 • Science • Book: Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

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कार्य तथा ऊर्जा — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में

पुस्तक: Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 9)  |  अध्याय 11  |  माध्यम: हिंदी

यह पृष्ठ Educational Galaxy के अपने मूल नोट्स हैं — किताब की नकल नहीं। यहाँ कोई आधिकारिक BSTBPC PDF नहीं दिया जाता है और यह पृष्ठ पाठ्यपुस्तक का विकल्प नहीं है।

कार्य तथा ऊर्जा के लिए लेबल वाला चित्र

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): कार्य और ऊर्जा — ढलान पर डिब्बा और लोलक — लेबल चित्र पर ही छपे हैं। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है।

कार्य तथा ऊर्जा के लिए चित्र

गाँव की सड़क पर ठेला धकेलता लड़का — कार्य बल और विस्थापन दोनों से बनता है।

इस अध्याय के बारे में

विज्ञान में कार्य तब होता है जब बल लगाने पर वस्तु बल की दिशा में विस्थापित हो — W = F × s। बल लगाकर भी विस्थापन न हो (जैसे दीवार धकेलना) तो कार्य शून्य है। कार्य का मात्रक जूल है।

ऊर्जा कार्य करने की क्षमता है। गतिज ऊर्जा गति से मिलती है — KE = ½mv²; स्थितिज ऊर्जा स्थिति से मिलती है — जैसे ऊपर उठी वस्तु में PE = mgh। ऊर्जा के रूप बदलते हैं पर कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है — यही ऊर्जा संरक्षण का नियम है।

शक्ति कार्य करने की दर है — P = W/t, मात्रक वाट। ऊँचाई से गिरती गेंद में स्थितिज ऊर्जा धीरे-धीरे गतिज ऊर्जा में बदलती है, और कुल ऊर्जा हर बिंदु पर समान रहती है।

क्या सीखना है

कार्य, गतिज-स्थितिज ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण और शक्ति।

मुख्य शब्द

  • कार्य (Work) — W = बल × बल की दिशा में विस्थापन।
  • गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) — KE = ½mv² — गति की ऊर्जा।
  • स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) — PE = mgh — स्थिति की ऊर्जा।
  • शक्ति (Power) — P = W/t — कार्य की दर।
  • जूल (Joule) — कार्य और ऊर्जा का मात्रक।

याद रखें

  • विस्थापन न हो तो कार्य शून्य है।
  • KE गति पर, PE ऊँचाई पर निर्भर है।
  • ऊर्जा न बनती है, न नष्ट होती है — केवल रूप बदलती है।
  • शक्ति का मात्रक वाट है।

परीक्षा टिप / सामान्य गलती

सामान्य गलती: भारी थैला उठाकर खड़े रहने को कार्य समझ लेना। विस्थापन शून्य है, इसलिए वैज्ञानिक अर्थ में कार्य शून्य है — चाहे थकान कितनी भी लगे।

Chart / Table: ऊर्जा के रूप

बिंदुविवरणटिप्पणी
गतिजगति से½mv²
स्थितिजऊँचाई सेmgh
ऊष्मीयगर्मी सेघर्षण में बदलती है
रासायनिकभोजन/ईंधन मेंशरीर और इंजन में

अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)

  1. 20 न्यूटन बल से वस्तु 5 मीटर खिसकी। कार्य निकालें।
    संकेत: W = F × s।
  2. दीवार धकेलने पर कार्य कितना होगा?
    संकेत: विस्थापन देखें।
  3. 2 किग्रा, 4 मीटर/सेकंड वेग वाली वस्तु की गतिज ऊर्जा निकालें।
    संकेत: ½mv²।
  4. ऊपर उठी गेंद में कौन-सी ऊर्जा अधिक है?
    संकेत: स्थितिज ऊर्जा देखें।
  5. 100 जूल कार्य 10 सेकंड में हुआ। शक्ति क्या है?
    संकेत: P = W/t।

प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers

  1. कार्य किसे कहते हैं?
    जब बल लगाने पर वस्तु बल की दिशा में विस्थापित हो, तो कार्य होता है — W = बल × विस्थापन।
  2. गतिज ऊर्जा का सूत्र लिखें।
    KE = ½mv²।
  3. ऊर्जा संरक्षण का नियम क्या है?
    ऊर्जा न बनाई जा सकती है, न नष्ट की जा सकती है — वह केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है।
  4. शक्ति किसे कहते हैं?
    कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं — P = W/t, मात्रक वाट।
  5. गिरती गेंद में ऊर्जा कैसे बदलती है?
    ऊपर स्थितिज ऊर्जा अधिक होती है; गिरते समय वह गतिज ऊर्जा में बदलती है, पर कुल ऊर्जा समान रहती है।
Recap — कार्य तथा ऊर्जा
  • विस्थापन न हो तो कार्य शून्य है।
  • KE गति पर, PE ऊँचाई पर निर्भर है।
  • ऊर्जा न बनती है, न नष्ट होती है — केवल रूप बदलती है।
  • शक्ति का मात्रक वाट है।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।