Chapter 5: युक्लिड के ज्यामिति का परिचय
अभिगृहीत, अभिधारणा, परिभाषा और प्रमेय का अंतर तथा यूक्लिड के पाँच अभिगृहीत।
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 9 • Mathematics • Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
युक्लिड के ज्यामिति का परिचय — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
पुस्तक: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 9) | अध्याय 5 | माध्यम: हिंदी
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चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): समांतर अभिगृहीत का चित्र — रेखा और बाहर के बिंदु से एकमात्र समांतर रेखा — लेबल चित्र पर ही छपे हैं। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है।

श्यामपट पर परकार और पटरी से ज्यामितीय आकृतियाँ बनाते शिक्षक — यूक्लिड की ज्यामिति तर्क से बनती है।

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): दो बिंदुओं से एक ही रेखा; बाहर के बिंदु से एक ही समांतर रेखा।
इस अध्याय के बारे में
यूक्लिड ने ज्यामिति को कुछ मान्यताओं पर खड़ा किया। अभिगृहीत (postulates) वे कथन हैं जो बिना प्रमाण के मान लिए जाते हैं, और अभिधारणाएँ (axioms) सामान्य सत्य हैं जो हर क्षेत्र में लागू होते हैं — जैसे बराबर में बराबर जोड़ने पर बराबर ही रहता है।
यूक्लिड के पाँच अभिगृहीतों में सबसे चर्चित पाँचवाँ है — समांतर अभिगृहीत। इसके अनुसार, किसी रेखा के बाहर के बिंदु से उस रेखा के समांतर केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है। इसी से त्रिभुज के कोणों का योग 180° जैसे परिणाम निकलते हैं।
प्रमेय वह कथन है जिसे अभिगृहीतों से सिद्ध किया जाता है। परिभाषा, अभिगृहीत और प्रमेय का यह क्रम ही गणितीय तर्क की रीढ़ है।
क्या सीखना है
अभिगृहीत, अभिधारणा, परिभाषा और प्रमेय का अंतर तथा यूक्लिड के पाँच अभिगृहीत।
मुख्य शब्द
- अभिगृहीत (Postulate) — ज्यामिति में बिना प्रमाण माना गया कथन।
- अभिधारणा (Axiom) — हर क्षेत्र में लागू सामान्य सत्य।
- परिभाषा (Definition) — किसी पद का सटीक अर्थ।
- प्रमेय (Theorem) — सिद्ध किया गया कथन।
- समांतर अभिगृहीत — बाहर के बिंदु से दी रेखा के समांतर एक ही रेखा।
याद रखें
- अभिगृहीत को सिद्ध नहीं किया जाता, माना जाता है।
- दो भिन्न बिंदुओं से केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है।
- बराबर में बराबर जोड़ने पर परिणाम बराबर रहता है।
- प्रमेय को प्रमाण की ज़रूरत होती है।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: अभिगृहीत और प्रमेय को एक समझ लेना। अभिगृहीत शुरुआती मान्यता है, प्रमेय उसका सिद्ध परिणाम है।
Chart / Table: यूक्लिड की शब्दावली
| बिंदु | विवरण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| परिभाषा | पद का अर्थ | जैसे: बिंदु की कोई माप नहीं |
| अभिगृहीत | मानी गई बात | दो बिंदुओं से एक रेखा |
| अभिधारणा | सामान्य सत्य | बराबर + बराबर = बराबर |
| प्रमेय | सिद्ध कथन | त्रिभुज के कोणों का योग 180° |
अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)
- अभिगृहीत और प्रमेय में अंतर बताएँ।
संकेत: एक माना जाता है, दूसरा सिद्ध किया जाता है। - दो बिंदुओं से कितनी रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
संकेत: यूक्लिड का पहला अभिगृहीत याद करें। - समांतर अभिगृहीत क्या कहता है?
संकेत: बाहर के बिंदु और दी रेखा के बारे में सोचें। - क्या रेखाखंड को दोनों ओर बढ़ाया जा सकता है?
संकेत: तीसरा अभिगृहीत देखें। - सभी समकोण बराबर होते हैं — यह क्या है?
संकेत: माना गया कथन है या सिद्ध?
प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers
- अभिगृहीत किसे कहते हैं?
वह कथन जिसे बिना प्रमाण के सत्य मान लिया जाता है, अभिगृहीत कहलाता है। यूक्लिड ने ज्यामिति के लिए पाँच अभिगृहीत दिए। - यूक्लिड का पहला अभिगृहीत क्या है?
दो भिन्न बिंदुओं से होकर एक और केवल एक रेखा खींची जा सकती है। - समांतर अभिगृहीत समझाएँ।
किसी रेखा के बाहर स्थित बिंदु से उस रेखा के समांतर केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है। - अभिधारणा और अभिगृहीत में क्या अंतर है?
अभिधारणा सामान्य सत्य है जो गणित के हर भाग में लागू होती है; अभिगृहीत विशेष रूप से ज्यामिति से जुड़ी मान्यता है। - प्रमेय क्या है?
वह कथन जिसे अभिगृहीतों और परिभाषाओं की सहायता से तर्कपूर्वक सिद्ध किया गया हो।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।
- अभिगृहीत को सिद्ध नहीं किया जाता, माना जाता है।
- दो भिन्न बिंदुओं से केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है।
- बराबर में बराबर जोड़ने पर परिणाम बराबर रहता है।
- प्रमेय को प्रमाण की ज़रूरत होती है।

