Chapter 12: शहीद झलकारीबाई
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Hindi • Book: Durva Bhag-2 (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)
झलकारीबाई लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थीं, उनकी विश्वासपात्र थीं — और उन्होंने रानी का वेश धारण करके शत्रु को धोखा दिया।
शहीद झलकारीबाई — EG के अपने शब्दों में सार
पुस्तक: Durva Bhag-2 (BSEB, कक्षा 7) | अध्याय 12 | लेखक/कवि: (पाठ में लेखक का नाम नहीं दिया गया है) | माध्यम: Hindi
ये Educational Galaxy के अपने मूल notes हैं, पाठ्यपुस्तक नहीं, और यहाँ कोई आधिकारिक textbook PDF नहीं दिया जाता है। चित्र सामान्य तस्वीरें हैं, पुस्तक के चित्र नहीं।

Diagram (labels are printed on the image): घोड़े पर वीरांगना — सामान्य तस्वीर, पुस्तक का चित्र नहीं।

किला और ध्वज। वीरता की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।
लेखक/कवि परिचय
यह पाठ एक एकांकी है — यानी एक अंक का नाटक। इसका विषय शहीद झलकारीबाई हैं, जो रानी लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थीं और उनकी विश्वासपात्र थीं।
झलकारीबाई ने 1857 के संग्राम में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस एकांकी में उनकी वीरता, उनकी रणनीति और उनके बलिदान की कहानी है।
सार — अपने शब्दों में
झलकारीबाई रानी लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थीं — यानी उनकी शक्ल रानी से हू-ब-हू मिलती थी। वे रानी की विश्वासपात्र थीं — रानी उन पर पूरा विश्वास करती थीं।
एकांकी में झलकारीबाई ने लक्ष्मीबाई से एक माँग की — उन्होंने रानी का वेश धारण करके युद्ध में जाने की अनुमति माँगी, ताकि शत्रु को धोखा दिया जा सके और रानी सुरक्षित निकल सकें। (यह माँग का विवरण एकांकी की हमशक्ल और जनरल-संवाद की पृष्ठभूमि से समझा जाता है; किताब की सीधी पंक्ति से मिलाकर लिखो।)
एकांकी का एक प्रसिद्ध संवाद यह है — ‘जनरल! झाँसी की रानी को ज़िंदा पकड़ना तुम्हारे बूते की बात नहीं है’ — यह झलकारीबाई ने अंग्रेज़ जनरल से कहा था। इस संवाद में उनकी निर्भयता और आत्मविश्वास झलकता है।
अंत में झलकारीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं — यानी वे शहीद हो गईं। उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया, पर रानी को बचाने में सफल रहीं। इसलिए उन्हें ‘शहीद’ कहा जाता है।
झलकारीबाई की कहानी हमें यह सिखाती है कि वीरता केवल राजाओं और रानियों की नहीं होती — साधारण लोग भी असाधारण वीरता दिखा सकते हैं।
मुख्य शब्द
- चिंतित — परेशान, सोच में पड़ा हुआ।
- दत्तकपुत्र — गोद लिया हुआ बेटा।
- ललकारना — चुनौती देना।
- स्वाधीनता — आज़ादी।
- निगाह — नज़र, दृष्टि।
- निर्णायक — निर्णय करने वाला।
- हमशक्ल — एक जैसी शक्ल-सूरत वाला।
- निढाल होना — थक जाना।
- विश्वासपात्र — जिस पर विश्वास हो।
- गद्दार — विद्रोही।
- संग्राम — युद्ध।
- वीरांगना — वीर स्त्री।
- कलगी — पगड़ी में लगाया जाने वाला तुर्रा।
- हू-ब-हू — वैसा का वैसा।
- अवाक होना — आश्चर्य में पड़ जाना।
- रणनीति — योजना।
भाषा-बिंदु
- पढ़ो, समझो और करो: नमूना — चिंता—चिंतित। इसी तरह भाववाचक संज्ञा/विशेषण बनाओ: जीवन—, सुरक्षा—, पीड़ा—, पराजय—, उपेक्षा— → जीवित, सुरक्षित, पीड़ित, पराजित, उपेक्षित।
- मुहावरे: ‘प्राणों का बलिदान देना’ — इसी तरह अपने वाक्यों में प्रयोग करो: टूट पड़ना, निढाल होना, वीरगति पाना, शहीद हो जाना, प्राणों की बाज़ी लगाना, मौत के मुँह में जाना, मैदान में उतरना।
अभ्यास (Practice — पहले खुद कोशिश करो)
- झलकारीबाई ने लक्ष्मीबाई से किस चीज़ की माँग की और क्यों?
संकेत: सोचो — रानी का वेश, युद्ध, धोखा। - ‘जनरल! झाँसी की रानी को ज़िंदा पकड़ना तुम्हारे बूते की बात नहीं है’ — यह किसने, किससे और क्यों कहा?
संकेत: सोचो — झलकारीबाई, जनरल, चुनौती। - झलकारीबाई का क्या हुआ?
संकेत: सोचो — वीरगति, शहीद। - झलकारीबाई, लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थी — हमशक्ल होने के क्या-क्या लाभ या हानि हो सकते हैं?
संकेत: सोचो — धोखा देना, खतरा। - आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लेने वाली कुछ महिलाओं के नाम बताओ।
संकेत: सोचो — लक्ष्मीबाई, झलकारीबाई, अन्य।
प्रश्न और उत्तर (Important Questions with Answers)
- झलकारीबाई ने लक्ष्मीबाई से किस चीज़ की माँग की और क्यों?
झलकारीबाई ने लक्ष्मीबाई से रानी का वेश धारण करके युद्ध में जाने की अनुमति माँगी। कारण यह था कि वे रानी की हमशक्ल थीं — शत्रु उन्हें रानी समझकर उनका पीछा करेगा, और असली रानी सुरक्षित निकल सकेंगी। यही उनकी रणनीति थी। - ‘जनरल! झाँसी की रानी को ज़िंदा पकड़ना तुम्हारे बूते की बात नहीं है’ — यह किसने, किससे और क्यों कहा?
यह झलकारीबाई ने अंग्रेज़ जनरल से कहा। उन्होंने यह इसलिए कहा क्योंकि वे रानी का वेश धारण करके शत्रु को चुनौती दे रही थीं — वे जनरल को बता रही थीं कि रानी को ज़िंदा पकड़ना आसान नहीं है, और वे खुद भी हार माननेवाली नहीं हैं। - झलकारीबाई का क्या हुआ?
अंत में झलकारीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं — यानी वे शहीद हो गईं। उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया, पर रानी को बचाने में सफल रहीं। इसलिए उन्हें ‘शहीद’ कहा जाता है। - झलकारीबाई, लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थी — हमशक्ल होने के क्या-क्या लाभ या हानि हो सकते हैं?
लाभ: शत्रु को धोखा दिया जा सकता है, असली व्यक्ति को बचाया जा सकता है, और रणनीति में मदद मिलती है। हानि: हमशक्ल व्यक्ति की जान खतरे में पड़ जाती है — शत्रु उसे ही असली समझकर हमला कर सकता है, और उसे अपनी पहचान छिपानी पड़ती है। - आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लेने वाली कुछ महिलाओं के नाम बताओ।
रानी लक्ष्मीबाई (झाँसी), झलकारीबाई, बेगम हज़रत महल (लखनऊ), रानी अवंतीबाई (रामगढ़), दुर्गावती देवी। इनके बारे में दो-दो पंक्तियाँ लिखो।
विस्तार — NCERT की गतिविधियों से
नीचे के प्रश्न NCERT की ‘अभ्यास’ गतिविधियों के प्रश्न-प्रकारों (पढ़ो समझो करो, मुहावरे, पाठ से, खोजबीन, तुम्हारी समझ, हमशक्ल, अभिनय) को अपने शब्दों में कवर करते हैं।
- पढ़ो, समझो और करो: जीवन—, सुरक्षा—, पीड़ा—, पराजय—, उपेक्षा— से भाववाचक संज्ञा/विशेषण बनाओ।
जीवित, सुरक्षित, पीड़ित, पराजित, उपेक्षित। (नमूना: चिंता—चिंतित।) - मुहावरे: टूट पड़ना, निढाल होना, वीरगति पाना, शहीद हो जाना, प्राणों की बाज़ी लगाना, मौत के मुँह में जाना, मैदान में उतरना — अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
टूट पड़ना: सैनिक शत्रु पर टूट पड़े। निढाल होना: लंबी लड़ाई के बाद वह निढाल हो गया। वीरगति पाना: झलकारीबाई ने वीरगति पाई। शहीद हो जाना: वह देश के लिए शहीद हो गया। प्राणों की बाज़ी लगाना: उसने प्राणों की बाज़ी लगा दी। मौत के मुँह में जाना: वह मौत के मुँह में चला गया। मैदान में उतरना: रानी मैदान में उतरीं। - खोजबीन: रानी लक्ष्मीबाई के बारे में सुभद्रा कुमारी चौहान की एक प्रसिद्ध कविता तुमने पढ़ी या सुनी होगी — उसकी कुछ पंक्तियाँ कॉपी में लिखो।
सुभद्रा कुमारी चौहान की ‘झाँसी की रानी’ कविता की कुछ पंक्तियाँ लिखो — जैसे ‘बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।’ - तुम्हारी समझ: इस एकांकी को अच्छी तरह समझ लिया होगा — अब इस पाठ के आधार पर स्वयं कुछ प्रश्न बनाकर लिखो, उनके उत्तर भी लिखो।
अपने तीन प्रश्न बनाओ और उत्तर भी लिखो — जैसे झलकारीबाई कौन थीं? वे रानी की हमशक्ल क्यों थीं? उनका बलिदान क्यों महत्त्वपूर्ण है? साथी से प्रश्नों की अदला-बदली भी कर सकते हो। - हमशक्ल: हमशक्ल होने के लाभ और हानि — पहले के प्रश्न में दिए गए हैं। एक और लाभ और एक और हानि लिखो।
लाभ: हमशक्ल होने से दुश्मन भ्रमित हो जाता है। हानि: हमशक्ल व्यक्ति को अपनी असली पहचान छिपानी पड़ती है। - अभिनय: इस एकांकी का कक्षा में अभिनय करो (बिना किसी अतिरिक्त सामग्री के भी नाटक का मंचन कर सकते हो)।
कक्षा में भूमिकाएँ बाँटो — झलकारीबाई, लक्ष्मीबाई, जनरल — और एकांकी के मुख्य संवादों का मंचन करो।
- एकांकी: शहीद झलकारीबाई — रानी लक्ष्मीबाई की हमशक्ल, विश्वासपात्र वीरांगना।
- माँग: रानी का वेश धारण करके युद्ध में जाने की अनुमति — शत्रु को धोखा देने के लिए।
- प्रसिद्ध संवाद: ‘जनरल! झाँसी की रानी को ज़िंदा पकड़ना तुम्हारे बूते की बात नहीं है’ — झलकारीबाई ने जनरल से कहा।
- अंत: वीरगति, शहीद — प्राणों का बलिदान, पर रानी बचीं।
- संदेश: वीरता केवल राजाओं-रानियों की नहीं — साधारण लोग भी असाधारण वीरता दिखा सकते हैं।
- भाषा: भाववाचक संज्ञा/विशेषण (चिंता—चिंतित); मुहावरे (प्राणों का बलिदान, वीरगति पाना)।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।

