Chapter 11: पोंगल
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Hindi • Book: Durva Bhag-2 (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)
चार दिन का त्योहार — रंगोली, गाय-बैलों की पूजा, मेले और खाना — और पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाया जानेवाला कृषि त्योहार।
पोंगल — EG के अपने शब्दों में सार
पुस्तक: Durva Bhag-2 (BSEB, कक्षा 7) | अध्याय 11 | लेखक/कवि: (पाठ में लेखक का नाम नहीं दिया गया है) | माध्यम: Hindi
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Diagram (labels are printed on the image): पोंगल का उत्सव — सामान्य तस्वीर, पुस्तक का चित्र नहीं।

उत्सव मनाते लोग। त्योहार की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।
लेखक/कवि परिचय
यह पाठ पोंगल त्योहार के बारे में है। पोंगल तमिलनाडु का प्रसिद्ध फ़सल और कृषि त्योहार है, जो चार दिनों तक मनाया जाता है।
पाठ में बताया गया है कि पोंगल के चार दिनों में क्या-क्या होता है, और यह त्योहार भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से कैसे मनाया जाता है।
सार — अपने शब्दों में
पोंगल चार दिनों तक मनाया जाता है। हर दिन के मुख्य क्रिया-कलाप अलग-अलग होते हैं — जैसे घर-आँगन को रंगोली से सजाना, खाना बनाना, गाय-बैलों की पूजा करना और मेले घूमना। (पाठ में पहले दो दिनों के नाम इस अंश में नहीं देखे गए हैं, इसलिए यहाँ उनके नाम नहीं लिखे जा रहे हैं — किताब से मिलाकर लिखो।)
पाठ में माट्टु पोंगल के दिन का वर्णन है — इस दिन गाय-बैलों को अच्छी तरह नहलाया जाता है। लोग उनके सींगों को रँगते हैं, रंगीन कपड़ों से सजाते हैं, गले में फूल-मालाएँ पहनाते हैं, गुड़ और अच्छी-अच्छी चीज़ें खिलाते हैं, और शाम को मैदान में बैलों को दौड़ाया जाता है।
चौथे दिन ‘काणुम पोंगल’ होता है — खाना बाँधकर पूरा परिवार घर से बाहर निकल पड़ता है। जगह-जगह मेले लगते हैं, लोग मेलों में घूमते हैं या आसपास के स्थान देखने के लिए चल पड़ते हैं। चारों दिन लोग अपने दैनंदिन कामों से छुट्टी लेकर त्योहार का आनंद लेते हैं।
खेती से संबंधित यह त्योहार पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। गुजरात से लेकर बंगाल तक लोग इसे संक्रांति के नाम से मनाते हैं। उत्तर भारत में संक्रांति पर स्नान का महत्त्व है — गंगा, यमुना, नर्मदा, क्षिप्रा आदि नदियों में लोग स्नान करते हैं, और चावल तथा मूँग की दाल की खिचड़ी बनाकर खाते-खिलाते हैं।
महाराष्ट्र में यह तिल-गुड़ का त्योहार है — तिल स्नेह का प्रतीक है और गुड़ मिठास का। लोग एक दूसरे को तिल-गुड़ देकर कहते हैं: ‘तिल-गुड़ घ्या, गोड बोला’ — अर्थात् तिल और गुड़ खाओ और मीठा बोलो। (पंजाब के बारे में पाठ का वाक्य इस अंश में अधूरा रह गया है, इसलिए पंजाब का नाम यहाँ नहीं लिखा जा रहा है — किताब से मिलाकर लिखो।)
मुख्य शब्द
- पोंगल — तमिलनाडु का फ़सल त्योहार; पोंगल का अर्थ है उबलना, उमड़ना।
- माट्टु पोंगल — पोंगल का वह दिन जब गाय-बैलों की पूजा होती है।
- काणुम पोंगल — पोंगल का चौथा दिन — बाहर घूमने और मेले देखने का दिन।
- संक्रांति — सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने का पर्व।
- रंगोली — घर-आँगन में रंगों से बनाया जानेवाला डिज़ाइन।
- कृषि प्रधान — जिसकी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती पर आधारित हो।
भाषा-बिंदु
- खेती से जुड़े शब्द: पाठ में खेती से जुड़े अनेक शब्द आए हैं — जैसे चावल, हल्दी, गुड़, मक्का, गन्ना, दूध, तिल। इनमें से हर शब्द का प्रयोग किन पकवानों में होता है, बताओ।
- रंगोली: पोंगल के दिन घर-आँगन को रंगोली से सजाते हैं — रंगोली बनाने के लिए किन-किन चीज़ों का प्रयोग किया जाता है, सूची बनाओ — जैसे रंग, चावल का आटा, फूल, दीया।
अभ्यास (Practice — पहले खुद कोशिश करो)
- पोंगल का त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है — पाठ के आधार पर तालिका भरो (राज्य | त्योहार का नाम)।
संकेत: सोचो — तमिलनाडु, गुजरात-बंगाल, उत्तर भारत, महाराष्ट्र। - पोंगल चार दिनों तक मनाया जाता है — प्रत्येक दिन के मुख्य क्रिया-कलाप बताओ।
संकेत: सोचो — रंगोली, खाना, माट्टु, काणुम। - भारत एक कृषि प्रधान देश है — इस बात को सिद्ध करने के लिए दो उदाहरण दो।
संकेत: सोचो — खेती, फ़सल त्योहार। - तुम्हारे प्रदेश में कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते हैं? तुम्हें कौन सा त्योहार सबसे अच्छा लगता है?
संकेत: सोचो — अपना प्रदेश। - पाठ में खेती से जुड़े अनेक शब्द आए हैं — तुम खेती और बागवानी से जुड़े कुछ औज़ारों के नाम बताओ।
संकेत: सोचो — हल, खुरपी, फावड़ा।
प्रश्न और उत्तर (Important Questions with Answers)
- पोंगल का त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है — पाठ के आधार पर तालिका भरो।
तालिका: तमिलनाडु — पोंगल; गुजरात से लेकर बंगाल तक — संक्रांति; उत्तर भारत — संक्रांति (स्नान और खिचड़ी का महत्त्व); महाराष्ट्र — तिल-गुड़ का त्योहार। (पंजाब का नाम पाठ के इस अंश में अधूरा रह गया है, इसलिए तालिका में पंजाब का नाम किताब से मिलाकर लिखो।) - पोंगल चार दिनों तक मनाया जाता है — प्रत्येक दिन के मुख्य क्रिया-कलाप बताओ।
पोंगल के चार दिनों के क्रिया-कलाप: घर-आँगन को रंगोली से सजाना, पोंगल पकवान बनाना, माट्टु पोंगल के दिन गाय-बैलों को नहलाना, सजाना, फूल-मालाएँ पहनाना, गुड़ खिलाना और शाम को बैलों को दौड़ाना, और चौथे दिन काणुम पोंगल — खाना बाँधकर परिवार सहित बाहर निकलना, मेले घूमना और आसपास के स्थान देखना। पहले दो दिनों के नाम किताब से मिलाकर लिखो। - भारत एक कृषि प्रधान देश है — इस बात को सिद्ध करने के लिए दो उदाहरण दो।
पहला उदाहरण: भारत की अधिकांश जनसंख्या खेती पर निर्भर है — चावल, गेहूँ, दाल, गन्ना जैसी फ़सलें देश भर में उगाई जाती हैं। दूसरा उदाहरण: खेती से संबंधित त्योहार पूरे भारत में मनाए जाते हैं — जैसे पोंगल, संक्रांति, बैसाखी — जो फ़सल की कटाई और नयी फ़सल से जुड़े हैं। - तुम्हारे प्रदेश में कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते हैं? तुम्हें कौन सा त्योहार सबसे अच्छा लगता है?
अपने प्रदेश के त्योहारों के नाम लिखो — जैसे बिहार में छठ, होली, दीवाली, ईद, दुर्गा पूजा। मुझे सबसे अच्छा त्योहार छठ लगता है, क्योंकि उसमें सूर्य की पूजा होती है, परिवार एक साथ होता है और प्रसाद बाँटा जाता है। (अपनी पसंद और कारण लिखो।) - पाठ में खेती से जुड़े अनेक शब्द आए हैं — तुम खेती और बागवानी से जुड़े कुछ औज़ारों के नाम बताओ।
खेती के औज़ार: हल, खुरपी, फावड़ा, कुदाली, हँसिया, ट्रैक्टर। बागवानी के औज़ार: खुरपी, कैंची, पानी का पाइप, गमला, बीज।
विस्तार — NCERT की गतिविधियों से
नीचे के प्रश्न NCERT की ‘अभ्यास’ गतिविधियों के प्रश्न-प्रकारों (पाठ से, तुम्हारी पसंद, खेती-बाड़ी, रंगोली, खाना-पीना) को अपने शब्दों में कवर करते हैं।
- रंगोली: पोंगल के दिन घर-आँगन को रंगोली से सजाते हैं — रंगोली बनाने के लिए किन-किन चीज़ों का प्रयोग किया जाता है, सूची बनाओ।
रंगोली बनाने के लिए: रंग, चावल का आटा, फूलों की पंखुड़ियाँ, दीया, हल्दी, कुमकुम। - रंगोली: नीचे दी गई जगह में रंगोली का कोई डिज़ाइन बनाओ।
अपनी कॉपी में एक रंगोली का डिज़ाइन बनाओ — जैसे फूल, दीया, या ज्यामितीय आकार। - खाना-पीना: पाठ में ऐसी अनेक चीज़ों के नाम आए हैं जिन्हें खाने-पीने के लिए प्रयोग में लाया जाता है — बताओ इनका प्रयोग किन पकवानों में होता है: चावल, हल्दी, गुड़, मक्का, गन्ना, दूध, तिल।
चावल — पोंगल, खिचड़ी, भात; हल्दी — सब्ज़ी, दाल; गुड़ — पोंगल, लड्डू; मक्का — रोटी, भुट्टा; गन्ना — गुड़, चीनी, रस; दूध — पोंगल, खीर; तिल — तिल-गुड़, लड्डू। - तुम्हारी पसंद: तुम्हारे प्रदेश में कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते हैं?
अपने प्रदेश के पाँच त्योहारों के नाम और उनके महीने लिखो। - खेती-बाड़ी: पाठ में खेती से जुड़े अनेक शब्द आए हैं — तुम खेती से जुड़े कुछ औज़ारों के नाम बताओ।
हल, खुरपी, फावड़ा, कुदाली, हँसिया, ट्रैक्टर, बीज, खाद।
- पाठ: पोंगल — तमिलनाडु का फ़सल/कृषि त्योहार, चार दिन।
- माट्टु पोंगल: गाय-बैलों को नहलाना, सींग रँगना, रंगीन कपड़े, फूल-मालाएँ, गुड़ खिलाना, शाम को बैलों को दौड़ाना।
- काणुम पोंगल (चौथा दिन): खाना बाँधकर परिवार सहित बाहर निकलना, मेले घूमना, आसपास के स्थान देखना।
- पूरे भारत में: गुजरात से बंगाल तक संक्रांति; उत्तर भारत में स्नान (गंगा, यमुना, नर्मदा, क्षिप्रा) और खिचड़ी; महाराष्ट्र में तिल-गुड़ (‘तिल-गुड़ घ्या, गोड बोला’)।
- घर-आँगन: रंगोली से सजावट; खाना: चावल, गुड़, दूध से पोंगल पकवान।
- ध्यान: पहले दो दिनों के नाम और पंजाब का नाम किताब से मिलाकर लिखो — इस पृष्ठ पर वे नहीं लिखे गए हैं।
- भाषा: खेती के शब्द और पकवान; रंगोली की सामग्री।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।

