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Chapter 13: नृत्यांगना सुधा चंद्रन

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Hindi • Book: Durva Bhag-2 (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)

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पाठ • इच्छाशक्ति की जीत — सुधा चंद्रन की कहानी

सपनों की इंद्रधनुषी दुनिया में अँधेरा छा गया — पैर काटना पड़ा — पर सुधा ने फिर से नृत्य सीखा और पूरे भारत में लोकप्रिय हो गईं।

नृत्यांगना सुधा चंद्रन — EG के अपने शब्दों में सार

पुस्तक: Durva Bhag-2 (BSEB, कक्षा 7)  |  अध्याय 13  |  लेखक/कवि: (पाठ में लेखक का नाम नहीं दिया गया है)  |  माध्यम: Hindi

ये Educational Galaxy के अपने मूल notes हैं, पाठ्यपुस्तक नहीं, और यहाँ कोई आधिकारिक textbook PDF नहीं दिया जाता है। चित्र सामान्य तस्वीरें हैं, पुस्तक के चित्र नहीं।

Labelled diagram for नृत्यांगना सुधा चंद्रन

Diagram (labels are printed on the image): मंच पर नृत्यांगना — सामान्य तस्वीर, पुस्तक का चित्र नहीं।

Illustration for नृत्यांगना सुधा चंद्रन

नृत्य का अभ्यास। दृढ़ता की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।

लेखक/कवि परिचय

यह पाठ नृत्यांगना सुधा चंद्रन की कहानी है। सुधा चंद्रन एक प्रसिद्ध नृत्यांगना हैं, जिनके जीवन में एक बड़ी दुर्घटना आई, पर उन्होंने हार नहीं मानी।

पाठ में बताया गया है कि सुधा के सपनों की इंद्रधनुषी दुनिया में अँधेरा कैसे छा गया, डॉ. सेठी ने उनके लिए क्या किया, और वे पूरे भारत में कैसे लोकप्रिय हो गईं।

सार — अपने शब्दों में

सुधा चंद्रन के सपनों की इंद्रधनुषी दुनिया नृत्य की दुनिया थी। वे बचपन से ही नृत्य सीख रही थीं और नृत्य विद्यालय में प्रवेश लिया था। नृत्य ही उनका सपना था, उनकी दुनिया थी।

फिर यात्रा के दौरान एक दुर्घटना हुई, और सुधा का पैर काटना पड़ा। यह उनके सपनों की दुनिया में अँधेरा छा जाने जैसा था — नृत्यांगना का पैर कट जाना उसके लिए सबसे बड़ी त्रासदी थी।

फिर सुधा डॉ. सेठी से मिलीं। डॉ. सेठी ने सुधा के लिए कृत्रिम पैर (जयपुर फुट) बनाया, जिससे वह फिर से नृत्य कर सकीं। (यह विवरण डॉ. सेठी के प्रश्न की पृष्ठभूमि से समझा जाता है; किताब की सीधी पंक्ति से मिलाकर लिखो।) सुधा ने फिर से नृत्य का प्रशिक्षण लेना शुरू किया।

फिर सुधा ने प्रीति के साथ नृत्य किया, और अभिनय के लिए विशेष पुरस्कार भी मिला। उनके जीवन पर फ़िल्म भी बनी। धीरे-धीरे वे पूरे भारत में लोकप्रिय हो गईं — उनकी कहानी इच्छाशक्ति की जीत की कहानी बन गई।

मुख्य शब्द

  • इच्छाशक्ति — मनोबल।
  • अक्षमता — अयोग्यता।
  • अल्पायु — कम उम्र।
  • गैंग्रीन — पुस्तक के अनुसार हड्डी का कैंसर। (यह पुस्तक की व्याख्या है — इसे पुस्तक के अनुसार ही लिखा जा रहा है।)
  • मुरीद — शिष्य।
  • लक्ष्य — उद्देश्य।
  • आश्वस्त — विश्वास, भरोसा।
  • संघर्ष — कठिन प्रयास।
  • बैसाखियाँ — अशक्त या टूटी हुई टाँग को सहारा देने के लिए बाँस आदि की बनी बगल तक की लंबी छड़ी।

भाषा-बिंदु

  • विलोम शब्द लिखो: आशा—निराशा; कठिन—, आदर—, अँधेरा—, आकार—, इच्छा— → कठिन—सरल; आदर—निरादर; अँधेरा—उजाला; आकार—निराकार; इच्छा—अनिच्छा।
  • सही चिह्न लगाओ (“ ” ।,?): सुधा ने पूछा, “क्या मैं नाच सकूँगी?” डॉ. सेठी ने कहा, “क्यों नहीं? प्रयास करो तो सब कुछ संभव है।”
  • एक चुनौती: ‘शारीरिक’ शब्द में एक साथ ‘ि’ और ‘ी’ की मात्राओं का प्रयोग होता है — ऐसे ही अन्य शब्द खोजो (नमूना: विनती, शारीरिक, नीति)।
परीक्षा टिप: परीक्षा में ‘सुधा के जीवन की घटनाएँ सही क्रम में लगाओ’ वाले प्रश्न में सही क्रम याद रखो — नृत्य विद्यालय में प्रवेश → यात्रा में दुर्घटना → पैर काटना पड़ा → डॉ. सेठी से मिली → फिर से प्रशिक्षण → प्रीति के साथ नृत्य → अभिनय पुरस्कार → लोकप्रिय। क्रम गलत लिखना सबसे बड़ी गलती होगी।
सामान्य गलती: सामान्य गलती: ‘गैंग्रीन’ का अर्थ अपनी जानकारी से लिख देना। पुस्तक में गैंग्रीन को ‘हड्डी का कैंसर’ कहा गया है — परीक्षा में पुस्तक की व्याख्या ही लिखो, अपनी जानकारी नहीं।

अभ्यास (Practice — पहले खुद कोशिश करो)

  1. सुधा के सपनों की इंद्रधनुषी दुनिया में अँधेरा कैसे छा गया?
    संकेत: सोचो — दुर्घटना, पैर।
  2. डॉ. सेठी ने सुधा के लिए क्या किया?
    संकेत: सोचो — कृत्रिम पैर, फिर से नृत्य।
  3. सुधा पूरे भारत में कैसे लोकप्रिय हो गई?
    संकेत: सोचो — फिर से नृत्य, फ़िल्म, पुरस्कार।
  4. क्या पहले, क्या बाद में: सुधा चंद्रन के जीवन की घटनाएँ सही क्रम में लगाओ — सुधा डॉ. सेठी से मिली; सुधा नृत्य का फिर से प्रशिक्षण लेने लगी; सुधा ने प्रीति के साथ नृत्य किया; सुधा को अभिनय के लिए विशेष पुरस्कार मिला; सुधा का पैर काटना पड़ा; सुधा ने नृत्य विद्यालय में प्रवेश लिया।
    संकेत: सोचो — प्रवेश से लोकप्रिय तक।
  5. क्या तुम किसी विकलांग व्यक्ति को जानते हो? कुछ ऐसे विकलांग व्यक्तियों के नाम लिखो जिन्होंने जीवन में विशेष सफलता प्राप्त की है।
    संकेत: सोचो — अपने आस-पास, प्रसिद्ध व्यक्ति।

प्रश्न और उत्तर (Important Questions with Answers)

  1. सुधा के सपनों की इंद्रधनुषी दुनिया में अँधेरा कैसे छा गया?
    सुधा के सपनों की इंद्रधनुषी दुनिया नृत्य की दुनिया थी। यात्रा के दौरान एक दुर्घटना हुई, और उनका पैर काटना पड़ा। नृत्यांगना का पैर कट जाना उनके सपनों की दुनिया में अँधेरा छा जाने जैसा था — क्योंकि नृत्य ही उनका सपना था।
  2. डॉ. सेठी ने सुधा के लिए क्या किया?
    डॉ. सेठी ने सुधा के लिए कृत्रिम पैर (जयपुर फुट) बनाया, जिससे वह फिर से नृत्य कर सकीं। उन्होंने सुधा को आश्वस्त किया कि प्रयास करने पर सब कुछ संभव है, और सुधा ने फिर से नृत्य का प्रशिक्षण लेना शुरू किया।
  3. सुधा पूरे भारत में कैसे लोकप्रिय हो गई?
    सुधा ने फिर से नृत्य का प्रशिक्षण लिया, प्रीति के साथ नृत्य किया, अभिनय के लिए विशेष पुरस्कार मिला, और उनके जीवन पर फ़िल्म भी बनी। इन सबके कारण वे पूरे भारत में लोकप्रिय हो गईं — उनकी कहानी इच्छाशक्ति की जीत की कहानी बन गई।
  4. क्या पहले, क्या बाद में: सुधा चंद्रन के जीवन की घटनाएँ सही क्रम में लगाओ।
    सही क्रम: 1. सुधा ने नृत्य विद्यालय में प्रवेश लिया। 2. यात्रा में दुर्घटना हुई। 3. सुधा का पैर काटना पड़ा। 4. सुधा डॉ. सेठी से मिलीं। 5. सुधा नृत्य का फिर से प्रशिक्षण लेने लगीं। 6. सुधा ने प्रीति के साथ नृत्य किया। 7. सुधा को अभिनय के लिए विशेष पुरस्कार मिला। 8. सुधा पूरे भारत में लोकप्रिय हो गईं।
  5. क्या तुम किसी विकलांग व्यक्ति को जानते हो? कुछ ऐसे विकलांग व्यक्तियों के नाम लिखो जिन्होंने जीवन में विशेष सफलता प्राप्त की है।
    अपने आस-पास के किसी विकलांग व्यक्ति के बारे में लिखो — जैसे कोई पड़ोसी जो बैसाखी से चलता है पर दुकान चलाता है। प्रसिद्ध व्यक्ति: सुधा चंद्रन (नृत्यांगना), अरुणिमा सिन्हा (पर्वतारोही), स्टीफन हॉकिंग (वैज्ञानिक)।

विस्तार — NCERT की गतिविधियों से

नीचे के प्रश्न NCERT की ‘अभ्यास’ गतिविधियों के प्रश्न-प्रकारों (पाठ से, विलोम, सही चिह्न, क्या पहले क्या बाद में, एक चुनौती, खोजबीन और बातचीत) को अपने शब्दों में कवर करते हैं।

  1. विलोम शब्द लिखो: कठिन, आदर, अँधेरा, आकार, इच्छा के विलोम लिखो।
    कठिन—सरल; आदर—निरादर; अँधेरा—उजाला; आकार—निराकार; इच्छा—अनिच्छा। (नमूना: आशा—निराशा।)
  2. सही चिह्न लगाओ: सुधा ने पूछा क्या मैं नाच सकूँगी — डॉ. सेठी ने कहा क्यों नहीं प्रयास करो तो सब कुछ संभव है।
    सुधा ने पूछा, “क्या मैं नाच सकूँगी?” डॉ. सेठी ने कहा, “क्यों नहीं? प्रयास करो तो सब कुछ संभव है।”
  3. एक चुनौती: ‘शारीरिक’ शब्द में एक साथ ‘ि’ और ‘ी’ की मात्राओं का प्रयोग होता है — ऐसे ही अन्य शब्द खोजो।
    विनती, शारीरिक, नीति, कृति, स्थिति, प्रीति।
  4. खोजबीन और बातचीत: सुधा के जीवन पर फ़िल्म बनी थी — कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम पता करो जिनके जीवन पर फ़िल्में बनाई गई हों।
    अपने पसंद के तीन व्यक्तियों के नाम लिखो जिनके जीवन पर फ़िल्में बनी हों — जैसे मिल्खा सिंह, मैरी कॉम, महेंद्र सिंह धोनी।
  5. खोजबीन और बातचीत: सुधा यात्रा के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुई थी — यात्रा के दौरान दुर्घटना से कैसे बचा जा सकता है, सावधानियों की सूची बनाओ।
    सावधानियाँ: सीट बेल्ट पहनो, हेलमेट पहनो, तेज़ गति से न चलो, मोबाइल पर बात न करो, सड़क के नियमों का पालन करो, थकान में गाड़ी न चलाओ।
  6. खोजबीन और बातचीत: भारत के कुछ नृत्यों और नर्तक/नर्तकियों के नाम पता करो।
    नृत्य: भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी। नर्तक/नर्तकी: सुधा चंद्रन, पंडित बिरजू महाराज, सोनल मानसिंह।
  7. खोजबीन और बातचीत: पता करो भारत में मैग्सेसे पुरस्कार किन-किन व्यक्तियों को मिला है।
    मैग्सेसे पुरस्कार पानेवाले कुछ भारतीय: किरण बेदी, अरुणा रॉय, संदीप पांडे, अरविंद केजरीवाल। (वर्ष सहित लिखो।)
पुनरावलोकन — एक नज़र में
  • पाठ: नृत्यांगना सुधा चंद्रन — इच्छाशक्ति की जीत।
  • सपना: नृत्य विद्यालय में प्रवेश — सपनों की इंद्रधनुषी दुनिया।
  • दुर्घटना: यात्रा में दुर्घटना → पैर काटना पड़ा → सपनों में अँधेरा।
  • डॉ. सेठी: कृत्रिम पैर (जयपुर फुट) — फिर से नृत्य संभव हुआ।
  • फिर से: प्रशिक्षण → प्रीति के साथ नृत्य → अभिनय पुरस्कार → फ़िल्म → पूरे भारत में लोकप्रिय।
  • क्रम: प्रवेश → दुर्घटना → पैर काटना → डॉ. सेठी → प्रशिक्षण → प्रीति के साथ नृत्य → पुरस्कार → लोकप्रिय।
  • भाषा: विलोम; सही चिह्न (“ ” ।,?); ‘ि’+‘ी’ वाले शब्द।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।