Educational Galaxy shield logo

Educational Galaxy

LEARN • THINK • SPEAK • GROW

Bhautik Bhugol ke Siddhant • Class 11 Geography

Chapter 8: सौर विकिरण, ऊष्मा संतुलन एवं तापमान

सूर्य से आती ऊर्जा का हिसाब — कितनी आती है, कितनी लौटती है, और बची हुई धरती को कैसे गर्म रखती है।

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 11 • Geography • Book: Bhautik Bhugol ke Siddhant (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

Print lets you save as PDF from the browser. This is not a textbook PDF.

सौर विकिरण, ऊष्मा संतुलन एवं तापमान — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में

पुस्तक: Bhautik Bhugol ke Siddhant (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11)  |  अध्याय 8  |  माध्यम: हिंदी

यह पृष्ठ Educational Galaxy के अपने मूल नोट्स हैं — अध्याय का विषय-स्तरीय सार, किताब की नकल नहीं। यहाँ कोई आधिकारिक BSTBPC PDF नहीं दिया जाता है।

अध्याय का सार

पृथ्वी की सारी ऊष्मा का स्रोत सूर्य है। सूर्य से आने वाली ऊर्जा को सौर विकिरण (insolation) कहते हैं। यह भूमध्य रेखा पर ज़्यादा और ध्रुवों की ओर कम मिलती है, क्योंकि किरणों का कोण बदलता है। पृथ्वी जितनी ऊर्जा लेती है, उतनी ही वापस भी करती है — यही ऊष्मा संतुलन है।

तापमान को प्रभावित करने वाले कारक हैं — अक्षांश, ऊँचाई, समुद्र से दूरी, समुद्री धाराएँ, पवन और बादल। ऊँचाई बढ़ने पर तापमान घटता है (लगभग 6.5°C प्रति 1000 मीटर — सामान्य ह्रास दर)।

मुख्य बिंदु

तालिका / चार्ट — एक नज़र में

विषयमुख्य बात
सौर विकिरणसूर्य से प्राप्त ऊर्जा
ऊष्मा संतुलनआगत और निर्गत ऊर्जा बराबर
सामान्य ह्रास दरलगभग 6.5°C / 1000 मीटर
समताप रेखासमान तापमान वाले स्थानों को जोड़ने वाली रेखा
ध्यान दें

वायुमंडल मुख्यतः लंबी तरंगदैर्ध्य वाले स्थलीय विकिरण से गर्म होता है — सीधे सौर विकिरण से नहीं। सूर्य की लघु तरंगें धरातल को गर्म करती हैं, धरातल फिर लंबी तरंगें छोड़ता है।

सामान्य गलती

21 जून को सूर्य की किरणें कर्क रेखा (23.5° उत्तर) पर सीधी पड़ती हैं — विषुवत् वृत्त पर नहीं। और दिन सबसे लंबा सबसे ऊँचे अक्षांश वाले शहर में होगा — दिए गए शहरों में चंडीगढ़ में।

परीक्षा टिप

मिलान याद रखें: सूर्यातप = आने वाला सौर विकिरण; एल्बिडो = परावर्तित दृश्य प्रकाश का प्रतिशत; समताप रेखा = समान तापमान वाले स्थानों को जोड़ने वाली रेखा; वार्षिक तापांतर = सबसे कोष्ण व सबसे शीत महीने के माध्य तापमान का अंतर।

सौर विकिरण, ऊष्मा संतुलन एवं तापमान

चित्र 1 (सामान्य चित्रण, किताब का चित्र नहीं): सौर विकिरण के वितरण का सामान्य चित्रण — सीधी और तिरछी किरणें। यह किताब का चित्र नहीं है।

तापमान क्यों बदलता है?

चित्र 2 (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): लेबल वाला प्रवाह चित्र: तापमान को प्रभावित करने वाले कारक।

पृथ्वी का ऊष्मा बजट — आने वाली और जाने वाली ऊर्जा

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): पृथ्वी का ऊष्मा संतुलन — 100 इकाई आने वाली ऊर्जा का हिसाब — नया चित्र, लेबल चित्र पर ही छपे हैं।

विस्तृत नोट्स — अध्याय का पूरा सार

सूर्यातप (insolation) पृथ्वी पर आने वाला सौर विकिरण है। इसकी मात्रा अक्षांश, पृथ्वी के अक्ष के झुकाव (23.5°), दिन की लंबाई और वायुमंडल की पारदर्शिता पर निर्भर करती है। 21 जून को उत्तर अयनांत पर सूर्य कर्क रेखा पर सीधा चमकता है; 22 दिसंबर को दक्षिण अयनांत पर मकर रेखा पर।

पृथ्वी का ऊष्मा बजट: मान लें 100 इकाई सौर विकिरण वायुमंडल की ऊपरी सतह पर पहुँचता है। इसका लगभग 35 इकाई एल्बिडो (परावर्तन) से वापस अंतरिक्ष में चला जाता है (मेघ, हिम, धरातल से परावर्तन)। शेष 65 इकाई अवशोषित होती है — 14 वायुमंडल में और 51 धरातल पर। धरातल से 51 इकाई पार्थिव विकिरण के रूप में वापस जाती है — 17 सीधे अंतरिक्ष में, 34 वायुमंडल को गर्म करती है और फिर अंतरिक्ष में जाती है। इस प्रकार आने वाली = जाने वाली — ऊष्मा संतुलन बना रहता है।

वायुमंडल के गर्म होने की प्रक्रियाएँ: विकिरण (पार्थिव विकिरण से), संचालन (धरातल के संपर्क से निचली वायु गर्म), संवहन (गर्म वायु ऊपर उठना), अभिवहन (पवनों से ऊष्मा का क्षैतिज स्थानांतरण)। वायुमंडल मुख्यतः पार्थिव (लंबी तरंग) विकिरण से गर्म होता है।

तापमान के वितरण को प्रभावित करने वाले कारक: अक्षांश, समुद्र से दूरी, समुद्र तल से ऊँचाई, पवनें, महासागरीय धाराएँ, धरातल का स्वभाव, मेघाच्छादन। जनवरी में उत्तरी गोलार्ध में तापमान दक्षिण की ओर बढ़ता है (शीत ऋतु), दक्षिणी गोलार्ध में उल्टा। मई में भारत में तापमान सर्वाधिक होता है, पर उत्तर अयनांत (21 जून) के बाद भी तापमान अधिकतम नहीं होता — क्योंकि मानसून की वर्षा और मेघ तापमान को घटा देते हैं।

वार्षिक तापांतर महाद्वीपों के भीतरी भागों में अधिक होता है — साइबेरिया के मैदान में सर्वाधिक, क्योंकि वहाँ समुद्र का समकारी प्रभाव नहीं पहुँचता: ग्रीष्म में अत्यधिक गर्म, शीत में अत्यधिक ठंडा। उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों का तापमान विषुवतीय क्षेत्रों से अधिक होने का मुख्य कारण: गर्मी के दिनों की लंबाई अधिक होना (और कम मेघ)।

Key Terms — मुख्य शब्द

  • सौर विकिरण: सूर्य से पृथ्वी तक पहुँचने वाली ऊर्जा।
  • ऊष्मा संतुलन: ऊर्जा के आगत-निर्गत का बराबर होना।
  • अक्षांश: भूमध्य रेखा से कोणीय दूरी; तापमान का मुख्य कारक।
  • सामान्य ह्रास दर: ऊँचाई के साथ तापमान घटने की औसत दर।
  • समताप रेखा: मानचित्र पर समान तापमान की रेखा।
  • सूर्यातप: पृथ्वी पर आने वाला सौर विकिरण (insolation)।
  • एल्बिडो: किसी वस्तु द्वारा परावर्तित दृश्य प्रकाश का प्रतिशत।
  • समताप रेखा: मानचित्र पर समान तापमान वाले स्थानों को जोड़ने वाली रेखा।
  • वार्षिक तापांतर: सबसे कोष्ण व सबसे शीत महीने के माध्य तापमान का अंतर।
  • ऊष्मा बजट: आने वाली व जाने वाली ऊर्जा का संतुलन — पृथ्वी का तापमान स्थिर रहता है।

Remember — याद रखें

  • सौर विकिरण और तापमान एक नहीं — विकिरण कारण है, तापमान परिणाम।
  • 6.5°C/1000 मीटर का आंकड़ा याद रखें।
  • समुद्र के पास तापमान का अंतर कम (समकारी प्रभाव) होता है।
  • ऊष्मा संतुलन का अर्थ 'ऊर्जा बराबर' है, 'तापमान बराबर' नहीं।

Exam Tip / Common Mistake — परीक्षा टिप / सामान्य गलती

सामान्य गलती: ऊँचाई बढ़ने पर तापमान बढ़ना लिख देना। उत्तर में ह्रास दर के साथ घटने की बात लिखें।

अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)

  1. सौर विकिरण किसे कहते हैं?
    संकेत: सूर्य की ऊर्जा के बारे में सोचें।
  2. भूमध्य रेखा पर विकिरण ज़्यादा क्यों है?
    संकेत: किरणों के कोण के बारे में सोचें।
  3. ऊष्मा संतुलन क्या है?
    संकेत: आगत-निर्गत बराबरी के बारे में सोचें।
  4. सामान्य ह्रास दर कितनी है?
    संकेत: 6.5°C प्रति 1000 मीटर के बारे में सोचें।
  5. समुद्र से दूरी तापमान को कैसे बदलती है?
    संकेत: समकारी प्रभाव के बारे में सोचें।

प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers

  1. सौर विकिरण क्या है?
    सूर्य से पृथ्वी तक पहुँचने वाली लघु तरंग ऊर्जा; यही पृथ्वी की ऊष्मा का मुख्य स्रोत है।
  2. भूमध्य रेखा पर यह अधिक क्यों है?
    वहाँ सूर्य की किरणें लगभग सीधी पड़ती हैं, जबकि ध्रुवों की ओर वे तिरछी होकर फैल जाती हैं।
  3. ऊष्मा संतुलन का क्या अर्थ है?
    पृथ्वी जितनी ऊर्जा सूर्य से लेती है, लगभग उतनी ही अंतरिक्ष में वापस कर देती है, इसलिए उसका औसत तापमान स्थिर रहता है।
  4. ऊँचाई का तापमान पर क्या असर है?
    ऊँचाई बढ़ने पर तापमान घटता है — औसतन 6.5°C प्रति 1000 मीटर।
  5. समुद्र के पास तापमान का अंतर कम क्यों होता है?
    जल धीरे-धीरे गर्म और ठंडा होता है, इसलिए तटीय क्षेत्रों में गर्मी-सर्दी का अंतर कम रहता है।

पुस्तक के अभ्यास — Extension Q&A

नीचे के प्रश्न पुस्तक के अभ्यास (अभ्यास) के प्रश्नों पर आधारित हैं — प्रश्नों को EG के शब्दों में ढाला गया है, उत्तर मूल रूप से लिखे गए हैं।

  1. बहुविकल्पीय (i): 21 जून की दोपहर सूर्य की किरणें किस अक्षांश पर सीधी पड़ती हैं?
    23.5° उत्तर (कर्क रेखा) — विकल्प (ख)। 21 जून उत्तर अयनांत है; विषुवत् पर किरणें 21 मार्च व 23 सितंबर को सीधी पड़ती हैं।
  2. बहुविकल्पीय (ii): किन शहरों में दिन ज्यादा लंबा होता है?
    चंडीगढ़ — विकल्प (ग)। ग्रीष्म में दिन की लंबाई अक्षांश के साथ बढ़ती है; दिए गए शहरों में चंडीगढ़ सबसे उत्तर में है, इसलिए वहाँ दिन सबसे लंबा होगा।
  3. बहुविकल्पीय (iii): वायुमंडल मुख्यतः किस प्रक्रिया द्वारा गर्म होता है?
    लंबी तरंगदैर्ध्य वाले स्थलीय विकिरण से — विकल्प (ख)। सूर्य की लघु तरंगें धरातल को गर्म करती हैं; धरातल लंबी तरंगें छोड़ता है, जो वायुमंडल को गर्म करती हैं।
  4. बहुविकल्पीय (iv): पदों का उचित विवरण से मिलान कीजिए।
    1स, 2द, 3ब, 4अ — सूर्यातप = आने वाला सौर विकिरण (स); एल्बिडो = परावर्तित दृश्य प्रकाश का प्रतिशत (द); समताप रेखा = समान तापमान वाले स्थानों को जोड़ने वाली रेखा (ब); वार्षिक तापांतर = सबसे कोष्ण व सबसे शीत महीने के माध्य तापमान का अंतर (अ)।
  5. बहुविकल्पीय (v): उत्तरी गोलार्ध के उपोष्ण क्षेत्रों का तापमान विषुवतीय क्षेत्रों से अधिक क्यों होता है?
    क्योंकि उपोष्ण क्षेत्रों में गर्मी के दिनों की लंबाई विषुवतीय क्षेत्रों से ज्यादा होती है — विकल्प (ख)। लंबे दिन में अधिक सूर्यातप मिलता है, इसलिए तापमान अधिक हो जाता है।
  6. लघु उत्तरीय (क): पृथ्वी पर तापमान का असमान वितरण जलवायु और मौसम को कैसे प्रभावित करता है?
    तापमान-अंतर से वायुदाब-अंतर बनता है, जिससे पवनें चलती हैं; पवनें आर्द्रता और वर्षा लाती हैं। विषुवत् पर अधिक गर्मी से संवहनीय वर्षा, ध्रुवों पर ठंड से शुष्कता — यही जलवायु-क्षेत्रों का आधार है।
  7. लघु उत्तरीय (ख): पृथ्वी पर तापमान के वितरण को प्रभावित करने वाले कारक कौन-से हैं?
    अक्षांश, समुद्र से दूरी, ऊँचाई, पवनें, महासागरीय धाराएँ, धरातल का स्वभाव (स्थल/जल), मेघाच्छादन और ढाल की दिशा (सूर्याभिमुख/विमुख)।
  8. लघु उत्तरीय (ग): भारत में मई में तापमान सर्वाधिक होता है, लेकिन उत्तर अयनांत के बाद तापमान अधिकतम क्यों नहीं होता?
    मई में सूर्य उत्तर की ओर बढ़ रहा होता है, आकाश साफ़ होता है और शुष्क गर्मी पड़ती है। 21 जून के बाद मानसून आ जाता है — मेघ छा जाते हैं और वर्षा तापमान को घटा देती है, इसलिए अयनांत के बाद भी तापमान अधिकतम नहीं रहता।
  9. लघु उत्तरीय (घ): साइबेरिया के मैदान में वार्षिक तापांतर सर्वाधिक क्यों होता है?
    क्योंकि साइबेरिया महाद्वीप के भीतरी भाग में है — समुद्र का समकारी प्रभाव वहाँ नहीं पहुँचता। ग्रीष्म में महाद्वीप तेजी से गर्म होता है, शीत में तेजी से ठंडा — इसलिए वार्षिक तापांतर विश्व में सर्वाधिक होता है।
  10. दीर्घ उत्तरीय (क): अक्षांश और पृथ्वी के अक्ष का झुकाव पृथ्वी की सतह पर प्राप्त विकिरण की मात्रा को कैसे प्रभावित करते हैं?
    अक्षांश बढ़ने पर सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती हैं — एक ही ऊर्जा बड़े क्षेत्र में फैल जाती है और वायुमंडल में लंबा मार्ग तय करती है, इसलिए सूर्यातप घटता है। अक्ष का 23.5° झुकाव ऋतुएँ बनाता है: जून में उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है (कर्क पर सीधी किरणें, लंबे दिन), दिसंबर में दक्षिणी गोलार्ध (मकर पर सीधी किरणें)। झुकाव न होता तो न ऋतुएँ होतीं, न दिन-रात की लंबाई में अंतर।
  11. दीर्घ उत्तरीय (ख): जिन प्रक्रियाओं से पृथ्वी व इसका वायुमंडल ऊष्मा संतुलन बनाए रखते हैं, उनकी व्याख्या करें।
    100 इकाई सौर विकिरण में से 35 इकाई मेघों, हिम व धरातल से परावर्तित होकर लौट जाती है (एल्बिडो)। 65 इकाई अवशोषित होती है — 14 वायुमंडल में, 51 धरातल पर। धरातल 51 इकाई पार्थिव विकिरण के रूप में छोड़ता है — 17 सीधे अंतरिक्ष में, 34 वायुमंडल को गर्म करके। अंत में जाने वाली ऊर्जा भी 100 इकाई के बराबर हो जाती है — यही ऊष्मा संतुलन है, जिससे पृथ्वी का औसत तापमान स्थिर रहता है।
  12. दीर्घ उत्तरीय (ग): जनवरी में उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध के बीच तापमान के विश्वव्यापी वितरण की तुलना करें।
    जनवरी में उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु होती है — तापमान उत्तर की ओर घटता है, महाद्वीपों के भीतर अत्यधिक ठंड (साइबेरिया) पड़ती है, समताप रेखाएँ महाद्वीपों पर दक्षिण की ओर मुड़ती हैं। दक्षिणी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है — तापमान दक्षिण की ओर बढ़ता है, महासागरों की अधिकता से तापांतर कम होता है, समताप रेखाएँ अपेक्षाकृत सीधी चलती हैं। दोनों गोलार्धों में समताप रेखाओं का झुकाव महाद्वीप-महासागर के अंतर को दर्शाता है।

बोर्ड पैटर्न — Board-pattern Q&A

बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर आधारित अभ्यास प्रश्न (पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं)।

  1. सूर्यातप किसे कहते हैं? इसे प्रभावित करने वाले दो कारक लिखिए।
    पृथ्वी पर आने वाला सौर विकिरण। कारक: अक्षांश, अक्ष का झुकाव, दिन की लंबाई, वायुमंडल की पारदर्शिता (कोई दो)।
  2. पृथ्वी के ऊष्मा बजट का संक्षिप्त हिसाब 100 इकाई के आधार पर लिखिए।
    100 में से 35 परावर्तित (एल्बिडो), 14 वायुमंडल में अवशोषित, 51 धरातल पर अवशोषित; धरातल से 51 पार्थिव विकिरण के रूप में वापस — कुल आना = कुल जाना।
  3. वायुमंडल सूर्य से सीधे क्यों नहीं गर्म होता?
    क्योंकि वायुमंडल लघु तरंग सौर विकिरण के लिए लगभग पारदर्शी है। धरातल गर्म होकर लंबी तरंग पार्थिव विकिरण छोड़ता है, जो वायुमंडल द्वारा अवशोषित होता है — इसीलिए वायुमंडल नीचे से गर्म होता है।
  4. एल्बिडो किसे कहते हैं? हिम-क्षेत्रों का एल्बिडो अधिक क्यों होता है?
    परावर्तित दृश्य प्रकाश का प्रतिशत। हिम सफ़ेद और चिकना होता है, इसलिए अधिकांश प्रकाश परावर्तित कर देता है — एल्बिडो अधिक।
  5. वार्षिक तापांतर तटीय क्षेत्रों में कम और महाद्वीपीय भीतरी भागों में अधिक क्यों होता है?
    समुद्र धीरे-धीरे गर्म व ठंडा होता है (समकारी प्रभाव), इसलिए तटों पर तापांतर कम। भीतरी भागों में स्थल तेजी से गर्म व ठंडा होता है, इसलिए तापांतर अधिक।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।

Recap — सार

सूर्यातप = आने वाला सौर विकिरण; 21 जून को कर्क पर सीधी किरणें। ऊष्मा बजट: 100 में से 35 परावर्तित, 65 अवशोषित; आना = जाना। वायुमंडल पार्थिव (लंबी तरंग) विकिरण से गर्म होता है। मिलान: सूर्यातप-स, एल्बिडो-द, समताप रेखा-ब, वार्षिक तापांतर-अ। साइबेरिया = सर्वाधिक तापांतर।