Chapter 12: महासागरीय जल
पृथ्वी नीला ग्रह है — पर उसका जल एक-सा नहीं: कहीं गर्म, कहीं ठंडा, कहीं खारा, कहीं कम खारा।
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 11 • Geography • Book: Bhautik Bhugol ke Siddhant (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
महासागरीय जल — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
पुस्तक: Bhautik Bhugol ke Siddhant (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11) | अध्याय 12 | माध्यम: हिंदी
यह पृष्ठ Educational Galaxy के अपने मूल नोट्स हैं — अध्याय का विषय-स्तरीय सार, किताब की नकल नहीं। यहाँ कोई आधिकारिक BSTBPC PDF नहीं दिया जाता है।
अध्याय का सार
महासागर पृथ्वी की सतह का लगभग 71% घेरते हैं। महासागरीय जल का तापमान भूमध्य रेखा पर अधिक और ध्रुवों की ओर कम होता है; सतह गर्म और गहराई ठंडी होती है। लवणता (salinity) समुद्र के जल में घुले लवणों की मात्रा है — औसत लगभग 35 प्रति हज़ार।
लवणता वाष्पीकरण अधिक होने पर बढ़ती है और नदियों के मीठे जल मिलने पर घटती है। इसलिए उष्ण मरुस्थलीय क्षेत्रों के पास समुद्र अधिक खारे होते हैं, और नदी-मुहानों के पास कम। महासागरीय जल का घनत्व तापमान और लवणता दोनों से तय होता है।
मुख्य बिंदु
- तापमान: भूमध्य रेखा पर अधिक, ध्रुवों पर कम; गहराई के साथ घटता है।
- लवणता: औसत 35‰; वाष्पीकरण से बढ़ती, मीठे जल से घटती है।
- घनत्व: ठंडा और खारा जल भारी, गर्म और कम खारा जल हल्का।
तालिका / चार्ट — एक नज़र में
| विषय | मुख्य बात |
|---|---|
| तापमान | सतह पर अधिक, गहराई में कम |
| लवणता | औसत लगभग 35 प्रति हज़ार |
| अधिक लवणता | अधिक वाष्पीकरण वाले क्षेत्र |
| कम लवणता | नदी-मुहाने, अधिक वर्षा |
लवणता प्रति 1,000 ग्राम समुद्री जल में घुले नमक की मात्रा (ग्राम) से व्यक्त की जाती है — औसत लगभग 35 प्रति हज़ार।
महासागरीय गभीर (deep) लघु उच्चावच आकृति नहीं है — वह बृहत् (major) आकृति है। लघु आकृतियाँ हैं: समुद्री टीला, निमग्न द्वीप (गुयॉट), प्रवाल द्वीप।
सबसे छोटा महासागर आर्कटिक है। महाद्वीपीय ढाल की औसत गहराई 200–2,000 मीटर के बीच होती है।

चित्र 1 (सामान्य चित्रण, किताब का चित्र नहीं): महासागरीय जल का सामान्य चित्रण — गर्म सतह, ठंडी गहराई और नदी-मुहाना। यह किताब का चित्र नहीं है।

चित्र 2 (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): लेबल वाला प्रवाह चित्र: महासागरीय जल के गुण।

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): महासागरीय जल का ऊर्ध्वाधर तापमान व लवणता वितरण — नया चित्र, लेबल चित्र पर ही छपे हैं।
विस्तृत नोट्स — अध्याय का पूरा सार
पृथ्वी को नीला ग्रह कहते हैं, क्योंकि उसके धरातल का लगभग 71% भाग जल से ढका है और अंतरिक्ष से वह नीला दिखता है। जलीय चक्र के भाग हैं: वाष्पीकरण, संघनन, वर्षण, अपवाह, अंतःस्रवण — जलयोजन (hydration) जलीय चक्र का भाग नहीं है, वह रासायनिक अपक्षय की प्रक्रिया है।
महासागरीय नितल का उच्चावच: महाद्वीपीय सीमांत (मग्नतट + मग्नढाल + महाद्वीपीय उभार), गहरे सागरीय मैदान, महासागरीय कटक, गभीर (खाई) और द्वीपीय चाप। महाद्वीपीय ढाल की औसत गहराई 200–2,000 मीटर के बीच होती है। लघु आकृतियाँ: समुद्री टीला (seamount), निमग्न द्वीप/गुयॉट (समतल शीर्ष वाला टीला), प्रवाल द्वीप (atoll)। गभीर बृहत् आकृति है, लघु नहीं।
महासागरों के सबसे गहरे गर्त: प्रशांत — मेरियाना (चैलेंजर डीप, लगभग 11,022 मीटर); अटलांटिक — प्यूर्टो रिको; हिंद — जावा (सुंडा); आर्कटिक — यूरेशियन बेसिन। महासागरीय जल का तापमान: विषुवत् पर अधिक, ध्रुवों की ओर घटता है; गहराई के साथ भी घटता है।
तापप्रवणता (thermocline) वह परत है जहाँ गहराई के साथ तापमान तेजी से घटता है। समुद्र में नीचे जाने पर तीन परतें मिलती हैं: (1) ऊपरी गर्म परत (मिश्रित परत), (2) तापप्रवणता परत (तेज़ गिरावट), (3) गहरी ठंडी परत (लगभग एक-सा कम तापमान)। गहराई के साथ तापमान में भिन्नता का कारण: सूर्य की गर्मी केवल ऊपरी परत तक पहुँचती है; गहरा जल ठंडा रहता है।
लवणता: प्रति 1,000 ग्राम समुद्री जल में घुले नमक की मात्रा (ग्राम)। औसत 35 प्रति हज़ार। लवणता को प्रभावित करने वाले कारक: वाष्पीकरण (बढ़ाता है), वर्षा व नदियों का जल (घटाता है), हिम का पिघलना/जमना। गहराई के साथ लवणता बढ़ती है और हैलोक्लाइन क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ती है; अधिक लवणता वाला जल घना होकर नीचे बैठता है — इससे स्तरीकरण होता है।
- नीला ग्रह: 71% जल; जलीय चक्र में जलयोजन नहीं आता।
- महाद्वीपीय ढाल: 200–2,000 मीटर गहराई।
- लघु आकृतियाँ: टीला, गुयॉट, प्रवाल द्वीप; गभीर = बृहत्।
- लवणता: प्रति 1,000 ग्राम में ग्राम; औसत 35 प्रति हज़ार।
- सबसे छोटा महासागर: आर्कटिक।
Key Terms — मुख्य शब्द
- लवणता: समुद्री जल में घुले लवणों की मात्रा (प्रति हज़ार)।
- महासागरीय तापमान: जल का ताप; गहराई और अक्षांश से बदलता है।
- घनत्व: प्रति इकाई आयतन द्रव्यमान; ठंडा-खारा जल भारी।
- तापीय परत: सतह की गर्म परत और गहरी ठंडी परत का अंतर।
- वाष्पीकरण: जल का वाष्प बनना; लवण पीछे रह जाते हैं।
- महाद्वीपीय सीमांत: महाद्वीप का समुद्र में डूबा किनारा — मग्नतट, मग्नढाल, उभार सहित।
- तापप्रवणता: वह परत जहाँ गहराई के साथ तापमान तेजी से घटता है।
- हैलोक्लाइन: वह परत जहाँ गहराई के साथ लवणता तेजी से बढ़ती है।
- निमग्न द्वीप (गुयॉट): समतल शीर्ष वाला समुद्री टीला — कभी द्वीप था, अब डूबा हुआ।
- प्रवाल द्वीप (एटॉल): वलयाकार प्रवाल-भित्ति वाला द्वीप — बीच में लैगून।
Remember — याद रखें
- 35‰ का आंकड़ा याद रखें — प्रतिशत नहीं, प्रति हज़ार है।
- लवणता के कारण में वाष्पीकरण और मीठा जल — दोनों लिखें।
- गहराई के साथ तापमान घटता है, बढ़ता नहीं।
- घनत्व के लिए तापमान + लवणता दोनों ज़रूरी हैं।
Exam Tip / Common Mistake — परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: लवणता को प्रतिशत में लिख देना। उत्तर में 'प्रति हज़ार (‰)' स्पष्ट लिखें।
अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)
- महासागर पृथ्वी का कितना भाग घेरते हैं?
संकेत: 71% के बारे में सोचें। - लवणता किसे कहते हैं?
संकेत: घुले लवणों के बारे में सोचें। - औसत लवणता कितनी है?
संकेत: 35 प्रति हज़ार के बारे में सोचें। - लवणता कहाँ अधिक होती है?
संकेत: वाष्पीकरण वाले क्षेत्रों के बारे में सोचें। - गहराई के साथ तापमान कैसा बदलता है?
संकेत: घटने के बारे में सोचें।
प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers
- महासागर कितना क्षेत्र घेरते हैं?
पृथ्वी की सतह का लगभग 71%। - लवणता क्या है?
समुद्री जल में घुले लवणों की मात्रा, जिसे प्रति हज़ार (‰) में मापते हैं; औसत लगभग 35‰ है। - लवणता कहाँ अधिक होती है?
जहाँ वाष्पीकरण अधिक और वर्षा कम होती है — जैसे उष्ण मरुस्थलीय तटों के पास। - नदी-मुहानों पर लवणता कम क्यों होती है?
क्योंकि नदियों का मीठा जल समुद्री जल को पतला कर देता है। - घनत्व किस पर निर्भर है?
तापमान और लवणता दोनों पर — ठंडा और अधिक खारा जल भारी होता है।
पुस्तक के अभ्यास — Extension Q&A
नीचे के प्रश्न पुस्तक के अभ्यास (अभ्यास) के प्रश्नों पर आधारित हैं — प्रश्नों को EG के शब्दों में ढाला गया है, उत्तर मूल रूप से लिखे गए हैं।
- बहुविकल्पीय (i): उस तत्त्व की पहचान करें जो जलीय चक्र का भाग नहीं है।
जलयोजन — विकल्प (ग)। वाष्पीकरण, वर्षण और संघनन जलीय चक्र के भाग हैं; जलयोजन रासायनिक अपक्षय की प्रक्रिया है, जल चक्र की नहीं। - बहुविकल्पीय (ii): महाद्वीपीय ढाल की औसत गहराई किनके बीच होती है?
200–2,000 मीटर — विकल्प (ग)। मग्नतट 200 मीटर तक, फिर ढाल तेजी से गहरा होता है और 2,000 मीटर के आसपास गहरे मैदान से मिलता है। - बहुविकल्पीय (iii): कौन-सी लघु उच्चावच आकृति महासागरों में नहीं पाई जाती है?
महासागरीय गभीर — विकल्प (ख)। गभीर बृहत् (major) आकृति है, लघु नहीं; समुद्री टीला, प्रवाल द्वीप और निमग्न द्वीप लघु आकृतियाँ हैं। - बहुविकल्पीय (iv): लवणता को प्रति समुद्री जल में घुले नमक की कितनी मात्रा से व्यक्त किया जाता है?
1,000 ग्राम — विकल्प (ग)। लवणता = प्रति 1,000 ग्राम समुद्री जल में नमक के ग्राम; औसत लगभग 35 प्रति हज़ार। - बहुविकल्पीय (v): सबसे छोटा महासागर कौन-सा है?
आर्कटिक महासागर — विकल्प (ग)। प्रशांत सबसे बड़ा, अटलांटिक दूसरा, हिंद तीसरा; आर्कटिक सबसे छोटा और सबसे उथला है। - लघु उत्तरीय (क): हम पृथ्वी को नीला ग्रह क्यों कहते हैं?
क्योंकि पृथ्वी के धरातल का लगभग 71% भाग महासागरों से ढका है और अंतरिक्ष से देखने पर जल के कारण पृथ्वी नीली दिखती है। - लघु उत्तरीय (ख): महाद्वीपीय सीमांत क्या होता है?
महाद्वीप का वह भाग जो समुद्र में डूबा होता है — इसमें महाद्वीपीय मग्नतट (200 मीटर तक), महाद्वीपीय ढाल (200–2,000 मीटर) और महाद्वीपीय उभार आते हैं। यही महाद्वीप और गहरे महासागर के बीच का संक्रमण क्षेत्र है। - लघु उत्तरीय (ग): विभिन्न महासागरों के सबसे गहरे गर्तों की सूची बनाइए।
प्रशांत: मेरियाना गर्त (चैलेंजर डीप)। अटलांटिक: प्यूर्टो रिको गर्त। हिंद: जावा (सुंडा) गर्त। आर्कटिक: यूरेशियन बेसिन। - लघु उत्तरीय (घ): तापप्रवणता क्या है?
महासागर में वह परत जहाँ गहराई के साथ तापमान तेजी से घटता है — ऊपरी गर्म मिश्रित परत और गहरी ठंडी परत के बीच का संक्रमण क्षेत्र। - लघु उत्तरीय (ङ): समुद्र में नीचे जाने पर आप ताप की किन परतों का सामना करेंगे? गहराई के साथ तापमान में भिन्नता क्यों आती है?
तीन परतें: ऊपरी गर्म परत, तापप्रवणता परत (तेज़ गिरावट), गहरी ठंडी परत। भिन्नता का कारण: सूर्य की गर्मी केवल ऊपरी कुछ सौ मीटर तक पहुँचती है; गहरा जल सूर्य से गर्म नहीं होता, इसलिए ठंडा रहता है। - लघु उत्तरीय (च): समुद्री जल की लवणता क्या है?
प्रति 1,000 ग्राम समुद्री जल में घुले हुए नमक की मात्रा (ग्राम में)। औसत लगभग 35 प्रति हज़ार है; वाष्पीकरण से बढ़ती है, वर्षा व नदी-जल से घटती है। - दीर्घ उत्तरीय (क): जलीय चक्र के विभिन्न तत्त्व किस प्रकार अंतर-संबंधित हैं?
महासागरों से वाष्पीकरण होता है, जलवाष्प वायुमंडल में जाती है, संघनन से मेघ बनते हैं, वर्षण से जल धरातल पर लौटता है — कुछ अपवाह से नदियों द्वारा समुद्र में लौटता है, कुछ अंतःस्रवण से भूमिगत जल बनता है, कुछ हिम के रूप में जमा रहता है। हर तत्त्व दूसरे से जुड़ा है: वाष्पीकरण के बिना मेघ नहीं, मेघ के बिना वर्षा नहीं, वर्षा के बिना अपवाह नहीं — यही चक्र निरंतर चलता है। - दीर्घ उत्तरीय (ख): महासागरों के तापमान वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों का परीक्षण कीजिए।
अक्षांश: विषुवत् पर अधिक सूर्यातप, ध्रुवों पर कम — इसलिए तापमान विषुवत् से ध्रुव की ओर घटता है। पवनें: गर्म वायु को एक क्षेत्र से दूसरे में ले जाती हैं। महासागरीय धाराएँ: गर्म धाराएँ तापमान बढ़ाती हैं, ठंडी घटाती हैं। निकटवर्ती स्थल: स्थल से घिरे समुद्र (जैसे भूमध्य) अधिक गर्म होते हैं। गहराई: सूर्य की गर्मी केवल ऊपरी परत तक — गहराई के साथ तापमान घटता है।
बोर्ड पैटर्न — Board-pattern Q&A
बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर आधारित अभ्यास प्रश्न (पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं)।
- पृथ्वी को नीला ग्रह क्यों कहते हैं?
धरातल का लगभग 71% जल से ढका है; अंतरिक्ष से पृथ्वी नीली दिखती है। - महासागरीय नितल की बृहत् आकृतियों के नाम लिखिए।
महाद्वीपीय सीमांत, गहरे सागरीय मैदान, महासागरीय कटक, गभीर (खाई), द्वीपीय चाप। - लवणता को प्रभावित करने वाले तीन कारक लिखिए।
वाष्पीकरण (बढ़ाता है), वर्षा व नदी-जल (घटाता है), हिम का जमना/पिघलना। - तापप्रवणता और हैलोक्लाइन में अंतर लिखिए।
तापप्रवणता: तापमान की तेज़ गिरावट वाली परत। हैलोक्लाइन: लवणता की तेज़ वृद्धि वाली परत। - गहराई के साथ लवणता क्यों बढ़ती है?
सतह पर वर्षा व नदी-जल लवणता घटाते हैं; गहराई में जल का हास/वृद्धि नहीं होती और घना (अधिक लवणीय) जल नीचे बैठता है — इसलिए गहराई के साथ लवणता बढ़ती है।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।
नीला ग्रह (71% जल); जलयोजन जलीय चक्र का भाग नहीं। ढाल: 200–2,000 मीटर। लघु: टीला, गुयॉट, प्रवाल द्वीप (गभीर = बृहत्)। लवणता: प्रति 1,000 ग्राम, औसत 35‰। ताप: ऊपरी गर्म → तापप्रवणता → गहरी ठंडी। सबसे छोटा महासागर: आर्कटिक।

