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Bhautik Bhugol ke Siddhant • Class 11 Geography

Chapter 11: विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन

कोपेन ने दुनिया की जलवायु को पाँच अक्षरों में बाँट दिया — और आज वही जलवायु गर्म हो रही है।

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 11 • Geography • Book: Bhautik Bhugol ke Siddhant (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

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विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में

पुस्तक: Bhautik Bhugol ke Siddhant (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11)  |  अध्याय 11  |  माध्यम: हिंदी

यह पृष्ठ Educational Galaxy के अपने मूल नोट्स हैं — अध्याय का विषय-स्तरीय सार, किताब की नकल नहीं। यहाँ कोई आधिकारिक BSTBPC PDF नहीं दिया जाता है।

अध्याय का सार

जलवायु किसी स्थान के लंबे समय के औसत मौसम को कहते हैं, जबकि मौसम अल्पकालिक दशा है। कोपेन ने जलवायु को तापमान और वर्षा के आधार पर वर्गीकृत किया — उष्ण, शुष्क, समशीतोष्ण, शीत और ध्रुवीय समूह, जिनके उप-प्रकार अक्षरों से दिखाए जाते हैं।

जलवायु परिवर्तन में प्राकृतिक कारण (सौर परिवर्तन, ज्वालामुखी) और मानवीय कारण (ग्रीनहाउस गैसें, वन कटाव) दोनों हैं। ग्रीनहाउस प्रभाव से पृथ्वी गर्म रहती है, पर गैसों की अधिकता से वैश्विक तापन बढ़ रहा है — हिम पिघलना, समुद्र स्तर बढ़ना और मौसम की चरमता इसके संकेत हैं।

मुख्य बिंदु

तालिका / चार्ट — एक नज़र में

विषयमुख्य बात
कोपेनतापमान-वर्षा आधारित वर्गीकरण
ग्रीनहाउस प्रभावगैसों से ऊष्मा का रुकना
वैश्विक तापनऔसत तापमान में वृद्धि
परिणामहिम पिघलना, समुद्र स्तर, चरम मौसम
ध्यान दें

कोपेन की पद्धति आनुभविक (empirical) है — तापमान व वर्षा के आँकड़ों पर आधारित, न कि कारणों पर। जननिक पद्धति कारणों (वायु राशियाँ, पवनें) पर आधारित होती है।

सामान्य गलती

A प्रकार की जलवायु की अर्हक दशा 'सभी महीनों में उच्च वर्षा' नहीं है — वह Af उपप्रकार की है। A प्रकार की दशा है: सभी महीनों का औसत मासिक तापमान 18° सेल्सियस से अधिक।

परीक्षा टिप

भारतीय प्रायद्वीप का अधिकतर भाग कोपेन के अनुसार 'Am' (उष्ण कटिबंधीय मानसूनी) है। आर्द्र समूह: A-C-D-E (B शुष्क है, इसलिए बाहर)।

विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन

चित्र 1 (सामान्य चित्रण, किताब का चित्र नहीं): विश्व की जलवायु और परिवर्तन का सामान्य चित्रण — मरुस्थल, वन और हिम क्षेत्र। यह किताब का चित्र नहीं है।

जलवायु परिवर्तन की कड़ी

चित्र 2 (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): लेबल वाला प्रवाह चित्र: जलवायु परिवर्तन के परिणाम।

कोपेन जलवायु वर्गीकरण — A, B, C, D, E समूह

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): कोपेन के पाँच जलवायु समूह और उनके लक्षण — नया चित्र, लेबल चित्र पर ही छपे हैं।

विस्तृत नोट्स — अध्याय का पूरा सार

जलवायु का वर्गीकरण दो पद्धतियों से होता है: जननिक (genetic — कारणों पर आधारित, जैसे वायुराशियाँ और पवन-प्रणालियाँ) और आनुभविक (empirical — देखे गए आँकड़ों पर आधारित)। कोपेन की पद्धति आनुभविक है — उन्होंने तापमान और वर्षा के मासिक आँकड़ों से जलवायु को पाँच समूहों में बाँटा: A (उष्ण कटिबंधीय), B (शुष्क), C (शीतोष्ण/समशीतोष्ण), D (शीत हिम-वन) और E (ध्रुवीय)।

कोपेन के दो जलवायविक चर हैं: तापमान और वर्षा। A समूह की अर्हक दशा: सभी महीनों का औसत मासिक तापमान 18° सेल्सियस से अधिक। उपप्रकार: Af (सभी महीनों में उच्च वर्षा — विषुवतीय), Am (मानसूनी — छोटा शुष्क मौसम पर पर्याप्त वर्षा), Aw (सवाना — शीतकालीन शुष्क)। भारतीय प्रायद्वीप का अधिकतर भाग Am है। आर्द्र दशाओं का समूह A-C-D-E है (B शुष्क समूह बाहर रहता है)।

तापांतर: जिन जलवायुओं में तापांतर बहुत कम होता है, वे विषुवतीय (Af) जलवायुएँ हैं — वर्ष भर तापमान लगभग एक-सा रहता है, क्योंकि सूर्य की किरणें वर्ष भर लगभग सीधी पड़ती हैं और दिन-रात की लंबाई बराबर रहती है।

जलवायु परिवर्तन के कारण: सौर कलंकों में वृद्धि से सौर विकिरण बढ़ता है और पृथ्वी गर्म होती है (सौर कलंक अधिक → अधिक गर्मी)। ज्वालामुखी उद्गार से एयरोसॉल फैलते हैं जो सूर्य-प्रकाश को रोककर ठंडा करते हैं। पृथ्वी के कक्षीय परिवर्तन (मिलैंकोविच चक्र) लंबे समय में हिमयुग लाते हैं।

भूमंडलीय ऊष्मन: ग्रीनहाउस गैसें (कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, क्लोरोफ्लूरोकार्बन, ओज़ोन) सौर विकिरण के लिए पारदर्शी हैं पर पार्थिव विकिरण को रोकती हैं — इसलिए पृथ्वी गर्म होती है। 20वीं शताब्दी में औसत तापमान लगभग 0.6° सेल्सियस बढ़ा; सबसे अधिक तापन 1901–44 और 1977–99 में हुआ (प्रत्येक में 0.4° सेल्सियस)। सन् 1998 संभवतः न केवल 20वीं शताब्दी बल्कि पूरी सहस्राब्दि का सबसे गर्म वर्ष था (किताब के अनुसार)। क्योटो प्रोटोकॉल (1997) में देशों ने 1990 के उत्सर्जन स्तर से 2012 तक 5% कमी का संकल्प लिया।

Key Terms — मुख्य शब्द

  • मौसम: किसी समय की अल्पकालिक वायुमंडलीय दशा।
  • जलवायु: लंबे समय का औसत मौसम।
  • ग्रीनहाउस प्रभाव: गैसों द्वारा ऊष्मा रोककर पृथ्वी को गर्म रखना।
  • वैश्विक तापन: मानवीय कारणों से औसत तापमान बढ़ना।
  • कोपेन वर्गीकरण: जलवायु का तापमान-वर्षा आधारित वर्गीकरण।
  • आनुभविक वर्गीकरण: देखे गए आँकड़ों (तापमान, वर्षा) पर आधारित वर्गीकरण — कोपेन की पद्धति।
  • जननिक वर्गीकरण: कारणों (वायुराशियाँ, पवनें) पर आधारित वर्गीकरण।
  • ग्रीनहाउस गैस: सौर विकिरण के लिए पारदर्शी, पार्थिव विकिरण के लिए अपारदर्शी गैस — CO₂, मीथेन आदि।
  • क्योटो प्रोटोकॉल: 1997 का अंतर्राष्ट्रीय समझौता — ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी का संकल्प।
  • सौर कलंक: सूर्य की सतह के धब्बे — अधिक कलंक = अधिक सौर विकिरण = गर्मी।

Remember — याद रखें

  • मौसम और जलवायु का फर्क (समयावधि) ज़रूर लिखें।
  • ग्रीनहाउस प्रभाव स्वाभाविक भी है — समस्या उसकी अधिकता है।
  • कोपेन का आधार तापमान और वर्षा है, सिर्फ तापमान नहीं।
  • परिणामों में हिम, समुद्र स्तर और चरम घटनाएँ — तीनों लिखें।

Exam Tip / Common Mistake — परीक्षा टिप / सामान्य गलती

सामान्य गलती: ग्रीनहाउस प्रभाव को पूरी तरह हानिकारक बताना। उत्तर में संतुलन की बात लिखें — अधिकता ही समस्या है।

अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)

  1. मौसम और जलवायु में क्या अंतर है?
    संकेत: समयावधि के बारे में सोचें।
  2. कोपेन वर्गीकरण किस पर आधारित है?
    संकेत: तापमान और वर्षा के बारे में सोचें।
  3. ग्रीनहाउस प्रभाव क्या है?
    संकेत: ऊष्मा रुकने के बारे में सोचें।
  4. वैश्विक तापन के दो परिणाम बताइए।
    संकेत: हिम और समुद्र स्तर के बारे में सोचें।
  5. मानवीय कारण कौन से हैं?
    संकेत: गैसों और वन कटाव के बारे में सोचें।

प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers

  1. मौसम और जलवायु में क्या अंतर है?
    मौसम किसी समय की अल्पकालिक दशा है; जलवायु लंबे समय (लगभग 30 वर्ष) का औसत है।
  2. कोपेन वर्गीकरण का आधार क्या है?
    तापमान और वर्षा — इन्हीं से उष्ण, शुष्क, समशीतोष्ण, शीत और ध्रुवीय समूह बने हैं।
  3. ग्रीनहाउस प्रभाव क्या है?
    वायुमंडलीय गैसें पृथ्वी से उठती ऊष्मा को रोककर उसे गर्म रखती हैं; यह प्राकृतिक प्रक्रिया जीवन के लिए ज़रूरी है।
  4. वैश्विक तापन क्यों चिंता है?
    मानवीय गैसों की अधिकता से औसत तापमान बढ़ रहा है, जिससे हिम पिघल रहा है और समुद्र स्तर बढ़ रहा है।
  5. जलवायु परिवर्तन के प्राकृतिक कारण क्या हैं?
    सौर विकिरण में बदलाव और बड़े ज्वालामुखी उद्गार, जिनसे वायुमंडल में कण फैलते हैं।

पुस्तक के अभ्यास — Extension Q&A

नीचे के प्रश्न पुस्तक के अभ्यास (अभ्यास) के प्रश्नों पर आधारित हैं — प्रश्नों को EG के शब्दों में ढाला गया है, उत्तर मूल रूप से लिखे गए हैं।

  1. बहुविकल्पीय (i): कोपेन के A प्रकार की जलवायु के लिए कौन-सी दशा अर्हक है?
    सभी महीनों का औसत मासिक तापमान 18° सेल्सियस से अधिक — विकल्प (ग)। 'सभी महीनों में उच्च वर्षा' Af उपप्रकार की दशा है, पूरे A समूह की नहीं।
  2. बहुविकल्पीय (ii): कोपेन की पद्धति को किस रूप में व्यक्त किया जा सकता है?
    आनुभविक — विकल्प (घ)। कोपेन ने तापमान व वर्षा के देखे गए आँकड़ों से वर्गीकरण किया, कारणों से नहीं; इसलिए यह आनुभविक (empirical) पद्धति है।
  3. बहुविकल्पीय (iii): भारतीय प्रायद्वीप के अधिकतर भागों को कोपेन के अनुसार कैसे वर्गीकृत किया जाएगा?
    'Am' — विकल्प (घ)। उष्ण कटिबंधीय मानसूनी जलवायु — छोटा शुष्क मौसम, पर मानसून से पर्याप्त वर्षा। Af विषुवतीय, BSh अर्ध-शुष्क और Cfb समशीतोष्ण समुद्री हैं।
  4. बहुविकल्पीय (iv): कौन-सा साल विश्व का सबसे गर्म साल माना गया है?
    1998 — विकल्प (ख)। किताब के अनुसार 1998 संभवतः न केवल 20वीं शताब्दी बल्कि पूरी सहस्राब्दि का सबसे गर्म वर्ष था।
  5. बहुविकल्पीय (v): चार जलवायु समूहों में से कौन आर्द्र दशाओं को प्रदर्शित करता है?
    A-C-D-E — विकल्प (ख)। B शुष्क समूह है, इसलिए आर्द्र समूह में नहीं आता; A, C, D, E सभी में पर्याप्त वर्षा होती है।
  6. लघु उत्तरीय (क): कोपेन ने जलवायु वर्गीकरण के लिए किन दो जलवायविक चरों का प्रयोग किया है?
    तापमान और वर्षा। इन्हीं के मासिक औसत आँकड़ों से उन्होंने पाँच समूह (A–E) और उनके उपप्रकार बनाए।
  7. लघु उत्तरीय (ख): जननिक प्रणाली आनुभविक प्रणाली से किस प्रकार भिन्न है?
    जननिक प्रणाली जलवायु के कारणों (वायुराशियाँ, पवन-प्रणालियाँ, महासागरीय धाराएँ) पर आधारित है; आनुभविक प्रणाली देखे गए परिणामों (तापमान व वर्षा के आँकड़ों) पर आधारित है। कोपेन की आनुभविक है।
  8. लघु उत्तरीय (ग): किस प्रकार की जलवायुओं में तापांतर बहुत कम होता है?
    विषुवतीय (Af) जलवायुओं में। सूर्य वर्ष भर लगभग सीधा चमकता है, दिन-रात बराबर रहते हैं, इसलिए मासिक तापमान में अंतर बहुत कम होता है।
  9. लघु उत्तरीय (घ): सौर कलंकों में वृद्धि होने पर किस प्रकार की जलवायविक दशाएँ प्रचलित होंगी?
    गर्म दशाएँ। सौर कलंक अधिक होने पर सौर विकिरण बढ़ जाता है, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ता है और जलवायु गर्म हो जाती है।
  10. दीर्घ उत्तरीय (क): A एवं B प्रकार की जलवायुओं की जलवायविक दशाओं की तुलना करें।
    A (उष्ण कटिबंधीय): सभी महीनों का औसत तापमान 18° सेल्सियस से अधिक; वर्षा पर्याप्त से अधिक (Af में वर्ष भर, Am में मानसूनी, Aw में ग्रीष्मकालीन)। वनस्पति: सदाबहार वन (Af), मानसूनी वन (Am), सवाना घास (Aw)। B (शुष्क): वाष्पीकरण वर्षा से अधिक; उपप्रकार BWh (उष्ण मरुस्थल — सहारा), BWk (शीत मरुस्थल — गोबी), BSh/BSk (अर्ध-शुष्क स्टेपी)। वनस्पति: काँटेदार झाड़ियाँ, छोटी घास; तापांतर अधिक, विशेषकर मरुस्थलों में।
  11. दीर्घ उत्तरीय (ख): C तथा E प्रकार की जलवायु में आप किस प्रकार की वनस्पति पाएँगे?
    C (शीतोष्ण/समशीतोष्ण): सबसे ठंडे महीने का औसत तापमान हिमांक से अधिक पर 18° सेल्सियस से कम। वनस्पति: चौड़ी पत्ती वाले सदाबहार व पर्णपाती वन (Cfa, Cfb), भूमध्यसागरीय झाड़ियाँ (Cs — जैतून, अंगूर)। E (ध्रुवीय): सबसे गर्म महीने का औसत तापमान भी 10° सेल्सियस से कम। वनस्पति: टुंड्रा — काई, लाइकेन, छोटी झाड़ियाँ; वृक्ष नहीं उगते; हिम-आवरण (EF) में तो वनस्पति लगभग नहीं होती।
  12. दीर्घ उत्तरीय (ग): ग्रीनहाउस गैसों से आप क्या समझते हैं? सूची तैयार करें।
    ग्रीनहाउस गैसें सौर (लघु तरंग) विकिरण के लिए पारदर्शी होती हैं पर पार्थिव (दीर्घ तरंग) विकिरण को अवशोषित करके रोक लेती हैं — जैसे काँच के घर में गर्मी रुक जाती है। सूची: कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂ — जीवाश्म ईंधन, वन-कटाई से), मीथेन (CH₄ — धान के खेत, पशु, दलदल से), नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O — उर्वरक से), क्लोरोफ्लूरोकार्बन (CFC — रेफ्रिजरेटर, स्प्रे से), ओज़ोन (O₃ — निचले वायुमंडल में)। इनकी वृद्धि से भूमंडलीय ऊष्मन हो रहा है।

बोर्ड पैटर्न — Board-pattern Q&A

बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर आधारित अभ्यास प्रश्न (पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं)।

  1. कोपेन के पाँच जलवायु समूहों के नाम व एक-एक लक्षण लिखिए।
    A उष्ण (18° से अधिक), B शुष्क (वाष्पीकरण > वर्षा), C शीतोष्ण (शीत महीना हिमांक से ऊपर), D शीत हिम-वन (शीत महीना हिमांक से नीचे), E ध्रुवीय (कोष्ण महीना 10° से नीचे)।
  2. आनुभविक और जननिक वर्गीकरण में अंतर लिखिए।
    आनुभविक: आँकड़ों पर आधारित (कोपेन)। जननिक: कारणों पर आधारित (वायुराशियाँ, पवनें)।
  3. A समूह की अर्हक दशा लिखिए और Af, Am, Aw में अंतर लिखिए।
    A: सभी महीनों का औसत तापमान 18° से अधिक। Af: वर्ष भर वर्षा; Am: छोटा शुष्क मौसम, मानसूनी वर्षा; Aw: शीतकालीन शुष्क, ग्रीष्मकालीन वर्षा।
  4. ग्रीनहाउस प्रभाव किसे कहते हैं? दो ग्रीनहाउस गैसों के नाम लिखिए।
    ग्रीनहाउस गैसों द्वारा पार्थिव विकिरण को रोककर पृथ्वी को गर्म रखना। गैसें: CO₂, मीथेन (या N₂O, CFC)।
  5. क्योटो प्रोटोकॉल का उद्देश्य लिखिए।
    ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित करना — देशों ने 1990 के स्तर से 2012 तक 5% कमी का संकल्प लिया।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।

Recap — सार

कोपेन = आनुभविक; चर: तापमान व वर्षा। A: सभी महीने 18° से अधिक; भारत अधिकतर Am; आर्द्र समूह A-C-D-E। तापांतर सबसे कम: Af। सौर कलंक अधिक = गर्मी। ग्रीनहाउस गैसें: CO₂, मीथेन, N₂O, CFC, O₃। 1998 = सबसे गर्म वर्ष (किताब); क्योटो: 1990 से 5% कमी।