धातु एवं अधातु
अप्ने शब्दों में: धातु चमकदार होते हैं, उन्हें पीटकर पतली चादर बनाई जा सकती है (malleability), खींचकर तार बनाया जा सकता है (ductility), और वो गर्मी और बिज्ली के अच्छे चालक होते हैं
धातु एवं अधातु — EG के अपने शब्दों में सार
Book: विज्ञान (BSEB, Class 10 Science) | Chapter 3 | Medium: हिंदी (English technical words साथ में)

चित्र (चित्र पर हिंदी लेबल लगे हैं): धातु की रोज़ की चीज़ें — ताँबा का तार (बिज्ली के लिए), लोहे की कील (मज़्बूती के लिए), पतली पत्ती और सोने की plate (चमक और पतला होने की मिसाल). हर चीज़ धातु के एक गुन को दिखती है.
1. धातु और अधातु में बुनियादी फ़रक
अप्ने शब्दों में: धातु चमकदार होते हैं, उन्हें पीटकर पतली चादर बनाई जा सकती है (malleability), खींचकर तार बनाया जा सकता है (ductility), और वो गर्मी और बिज्ली के अच्छे चालक होते हैं — जैसे लोहा, ताँबा, aluminium, सोना. अधातु इसके उल्टे होते हैं: ना चमक, ना तार, ना अच्छा चालक — जैसे oxygen, carbon, गंधक. एक अपवाद याद रखो: graphite (carbon का एक रूप) अधातु होकर भी बिज्ली चलता है, इस्लिए पेंसिल की lead में use होता है.

चित्र: धातु को तार में खींचा जा सकता है और पतली चादर में पीटा जा सकता है — धातुओं के इन्हीं दो गुणों का सरल चित्र। चित्र में हथौड़ा नहीं, सिर्फ बने हुए तार और चादर दिखाए गए हैं।
2. धातु oxygen, पानी और अम्ल से कैसे react करते हैं?
धातु oxygen से मिल्कर अप्ने oxide बनते हैं — ज़्यदतर धातु-oxide क्षार (basic) होते हैं. पानी से कुछ धातु तेज़ react करते हैं (sodium, potassium — इतने तेज़ की आग लग सकती है, इस्लिए kerosene में रखे जाते हैं), कुछ धीरे (लोहा, ताँबा पानी से आम तौर पर सीधा react नहीं करते). अम्ल से धातु hydrogen गैस छोड़ते हैं — जैसे zinc + dilute hydrochloric acid → zinc chloride + hydrogen. यही hydrogen गैस वाली परख बोर्ड में अक्सर आती है: गैस के पास जल्ती तीली ले जाने पर "पोप" की आवाज़ होती है.
3. क्रियाशीलता श्रेनी (Reactivity Series) — याद करने का तरीका
इस श्रेनी का मत्लब सिंपल है: जो धातु ऊपर है, वो नीचे वाली धातु को उसके लवण के घोल से बहर निकाल सकता है, उल्टा नहीं. उदाहरण: लोहा, ताँबा के sulphate घोल से ताँबा निकाल सकता है, पर ताँबा लोहे के घोल से लोहा नहीं निकाल सकता. इसी से displacement reactions समझ आते हैं. पूरी श्रेनी रटने की बजाय ये नियम याद रखो: "ऊपर वाला, नीचे वाले को हटाता है."
4. धातु कैसे निकले जाते हैं? (एक line का सफ़र)
खनिज (mineral) → अयस्क (ore, जिस्मे धातु काफ़ी मात्रा में हो) → साफ़ करना (enrichment) → oxide बनना → अपचयन (reduction, oxygen हटाना) → शुद्ध धातु → शोधन (refining). इस सफ़र में carbon या बिज्ली (electrolysis) का use होता है — जो धातु ज़्यादा क्रियाशील है, उसे बिज्ली से निकला जाता है (जैसे aluminium), कम क्रियाशील को carbon से (जैसे लोहा, zinc).
5. जंग और मिश्रा-धातु (Alloys) — रोज़ के उदाहरण
जंग (Corrosion): लोहे पर हवा और नमी से भूरी परत जमना. रोक्ने के तरीके: रंग-पोथ, तेल लगना, galvanisation (जस्ता/zinc की परत चधना). मिश्रा-धातु: दो या ज़्यादा धातुओं (या धातु + अधातु) का मिश्रण, जो अकेले धातु से ज़्यादा मज़बूत या जंग-रोधी होता है. उदाहरण: पीतल (ताँबा + जस्ता), काँसा (ताँबा + tin), steel (लोहा + carbon — शुद्ध लोहे से ज़्यादा सख्त).

चित्र: रोज़ की धातु की चीज़ें — चम्मच, कीलें, ताँबे की वस्तु और अँगूठी। यह चित्र धातुओं की चमक और उपयोग दिखाता है, किसी धातु की शुद्धता का दावा नहीं करता।
अभ्यास — खुद करके देखें
- धातु के 4 गुन लिखें, हर गुन का एक रोज़ का उदाहरण दें.
- Zinc को dilute acid में डालने पर कौनसी गैस निकलेगी और उसे कैसे पहचानोगे?
- लोहा, ताँबा के घोल से ताँबा क्यों निकाल सकता है, उल्टा क्यों नहीं? क्रियाशीलता के नियम से समझाएँ.
- Galvanisation क्या है और ये लोहे को जंग से कैसे बचता है?
- Steel शुद्ध लोहे से क्यों बेहतर है? एक काम बताएँ जहाँ steel ही use होता है.
याद रख्ने की ट्रिक: धातु = चमक + तार + चादर + चालक. इन चर शब्दों से हर definition शुरू करो, फिर उदाहरण जोड़ो.
थोड़ा और समझ — क्रियाशीलता का नियम काम में कैसे आता है?
क्रियाशीलता श्रेनी को एक सीधी समझो: ऊपर वाली धातु नीचे वाली से ज़्यादा क्रियाशील है. जब कोई धातु किसी दूसरी धातु के लवण के घोल में डाली जाती है, तो सिर्फ़ ये देखो कि कौन ऊपर है — ऊपर वाली, नीचे वाली को बहर निकाल देगी. यही एक नियम displacement, extraction और जंग से बचाव — तीनों जगह काम आता है, इस्लिए पूरी list रटने की बजाय इस नियम को पक्का कर लो.
संबंधित चित्र

चित्र 1 (चित्र पर हिंदी लेबल लगे हैं): पत्थर के खंबों के बीच एक लोहे का gate है और ऊपर से बारिश की बूंदें गिर रही हैं, पर gate पर जंग नज़र नहीं आता. ये galvanisation के विचार को दिखता है — सुरक्षा की परत के साथ लोहा बारिश में भी जल्दी जंग नहीं पकड़ता. नोट: सुरक्षा वाली zinc की परत अलग से दिखाई नहीं देती, ये सिर्फ़ उसका असर दिखता है.

चित्र 2 (चित्र पर हिंदी लेबल लगे हैं): बाईं तरफ़ ताँबा के तार का गोल चक्कर है, बीच में हथौड़े से पीटी हुई धातु की पतली पत्ती है, और दाईं तरफ़ एक चमकदार धातु की छड़ है. ये तीनों चीज़ें धातु के तीन गुन दिखती हैं — तार बन सक्ना (ductility), पतली चादर बन सक्ना (malleability) और चमक.
मुख्य शब्द / Key Terms
- धातु (मेतल): चमकदार, तार और चादर बनने वाला, गर्मी-बिज्ली का चालक पदर्थ.
- अधातु (नों-मेतल): ना चमक, ना तार, ना अच्छा चालक — धातु के उल्टे गुन वाला पदर्थ.
- तन्यता (Ductility): धातु को खींचकर तार बनने का गुन.
- आघातवर्ध्यता (Malleability): धातु को पीटकर पतली चादर बनने का गुन.
- क्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series): धातुओं को उनकी क्रियाशीलता के क्रम में लगने वाली श्रेनी.
- विस्थापन (Displacement): ज़्यादा क्रियाशील धातु का कम क्रियाशील धातु को उसके घोल से बहर निकल्ना.
- अयस्क (Ore): वो खनिज जिस्मे धातु काफ़ी मात्रा में हो और निकल्ना फ़ायदेमंद हो.
- अपचयन (Reduction): Oxide से oxygen हतकर धातु पाना.
- गैल्वेनीकरण (Galvanisation): लोहे पर जस्ता (zinc) की परत चधना, जंग से बचने के लिए.
- मिश्रधातु (Alloy): दो या ज़्यादा धातुओं (या धातु + अधातु) का मिश्रण.
याद रखें
- धातु = चमक + तार + चादर + चालक — ये चर गुन पेह्चान हैं.
- Graphite अधातु होकर भी बिज्ली चलता है — ये अपवाद याद रखो.
- क्रियाशीलता में ऊपर वाली धातु, नीचे वाली को उसके घोल से बहर निकाल्ती है.
- Sodium और potassium पानी से इतने तेज़ react करते हैं कि उन्हें kerosene में रखा जाता है.
- धातु + dilute acid → लवण + hydrogen गैस; hydrogen की परख "पोप" आवाज़ से होती है.
- ज़्यादा क्रियाशील धातु बिज्ली (electrolysis) से, कम क्रियाशील carbon से निकली जाती है.
- पीतल = ताँबा + जस्ता, काँसा = ताँबा + tin, steel = लोहा + carbon.
परीक्षा टिप / आम गलती
गलती: reactivity series को उल्टा पढ़ना — ये समझना की नीचे वाली धातु, ऊपर वाली को बहर निकाल देगी. सही: हमेशा ऊपर वाली जीत्ती है. Tip: displacement सवाल में पहले दोनों धातुओं की position compare करो, फिर answer लिखो — position याद ना हो तो लोहा-ताँबा वाला उदाहरण याद करो: लोहा, ताँबा को निकाल्ता है, उल्टा नहीं.
Important Questions — परीक्षा के लिए ज़रूरी प्रश्न
- Q: धातु और अधातु के 4 फ़रक लिखें, हर एक का एक उदाहरण दें. Hint / Answer: चमक, तार, चादर, चालक — धातु में ये सब होते हैं, अधातु में नहीं (graphite अपवाद है).
- Q: Graphite अधातु होकर भी बिज्ली क्यों चलता है, और इसका क्या फ़ायदा है? Hint / Answer: ये carbon का एक ख़ास रूप है जो बिज्ली चलता है, इस्लिए पेंसिल की lead और electrodes में use होता है.
- Q: Zinc को dilute hydrochloric acid में डालने पर कौनसी गैस निकलेगी और उसे कैसे पहचानोगे? Hint / Answer: Hydrogen गैस; जल्ती तीली पास ले जाने पर "पोप" की आवाज़ होती है.
- Q: Sodium को पानी में सीधा क्यों नहीं डालते? Hint / Answer: क्योंकि ये पानी से बहुत तेज़ react करता है, आग लग सकती है — इस्लिए kerosene में रखा जाता है.
- Q: लोहा, ताँबा के sulphate घोल से ताँबा निकाल सकता है, पर ताँबा लोहे के घोल से लोहा क्यों नहीं निकाल सकता? Hint / Answer: क्योंकि लोहा क्रियाशीलता श्रेनी में ताँबा से ऊपर है — ऊपर वाला ही नीचे वाले को हटाता है.
- Q: अयस्क और खनिज में क्या फ़रक है? Hint / Answer: हर अयस्क खनिज होता है, पर हर खनिज अयस्क नहीं — अयस्क में धातु इतनी मात्रा में हो की निकल्ना फ़ायदेमंद हो.
- Q: Aluminium को carbon से क्यों नहीं निकला जाता? Hint / Answer: क्योंकि ये बहुत ज़्यादा क्रियाशील है, इस्लिए उसे बिज्ली (electrolysis) से निकला जाता है.
- Q: Galvanisation लोहे को जंग से कैसे बचता है? Hint / Answer: Zinc की परत लोहे को हवा और नमी से सीधा मिलने नहीं देती, इस्लिए जंग नहीं लगता.
- Q: Steel शुद्ध लोहे से क्यों बेहतर है? Hint / Answer: Steel (लोहा + carbon) शुद्ध लोहे से ज़्यादा सख्त और मज़बूत होता है, इस्लिए पुल, building और बर्तन में use होता है.
बोर्ड परीक्षा प्रश्न — बोर्ड-पैटर्न अभ्यास
ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
- ऐलुमिनियम क्रियाशील धातु होकर भी खाने की पन्नी (foil) बनाने में क्यों काम आता है? उत्तर: ऐलुमिनियम की सतह पर तुरंत ऐलुमिनियम ऑक्साइड की पतली मजबूत परत बन जाती है जो नीचे की धातु को बचा लेती है। साथ ही यह हल्का और आघातवर्ध्य है, इसलिए इसे पतली पन्नी में पीटा जा सकता है।
- ताँबे को जिंक सल्फेट के घोल में डालने पर कुछ नहीं होता। क्रियाशीलता श्रेणी से समझाइए। उत्तर: कोई धातु केवल अपने से नीचे वाली धातु को उसके लवण के घोल से बाहर निकाल सकती है। ताँबा जिंक से नीचे है, इसलिए वह जिंक को बाहर नहीं निकाल सकता।
- ठोस आयनिक यौगिक बिजली क्यों नहीं चलाता, पर पिघला हुआ वही यौगिक क्यों चलाता है? उत्तर: ठोस में आवेशित आयन अपनी जगह पर बंधे होते हैं और हिल नहीं सकते। पिघलने पर आयन आजाद होकर गति कर सकते हैं और विद्युत आवेश ले जा सकते हैं।
- ऐलुमिनियम को उसके अयस्क से कार्बन से गर्म करके क्यों नहीं निकाला जाता, बल्कि विद्युत अपघटन से निकाला जाता है? उत्तर: ऐलुमिनियम क्रियाशीलता श्रेणी में बहुत ऊपर है, इसलिए कार्बन उसके यौगिकों का अपचयन नहीं कर पाता — धातु ऑक्सीजन को बहुत मजबूती से पकड़े रहती है। विद्युत अपघटन ही इतनी ऊर्जा दे पाता है कि धातु अलग हो सके।
- शुद्ध सोना गहनों के लिए बहुत नरम होता है, इसलिए 22 कैरेट सोना काम में लिया जाता है। इसके पीछे का सिद्धांत लिखिए। उत्तर: शुद्ध सोने में थोड़ी मात्रा में दूसरी धातु, आमतौर पर ताँबा, मिलाकर मिश्रधातु बनाई जाती है। मिश्रधातु शुद्ध सोने से कठोर और मजबूत होती है, इसलिए गहना रोज के उपयोग में अपना आकार बनाए रखता है।
अभ्यास — पुस्तक के प्रश्न (Extension)
नीचे के प्रश्न पुस्तक के अध्याय-अंत अभ्यास पर आधारित हैं। प्रश्नों को Educational Galaxy के अपने शब्दों में फिर से लिखा गया है और उत्तर भी EG के अपने शब्दों में हैं। समीकरण, सूत्र और संख्याएँ पुस्तक के अनुसार यथावत रखी गई हैं।
- निम्न में से कौन-सा युगल विस्थापन अभिक्रिया दर्शाता है — (a) NaCl विलयन और कॉपर धातु, (b) MgCl2 विलयन और ऐलुमिनियम धातु, (c) FeSO4 विलयन और सिल्वर धातु, (d) AgNO3 विलयन और कॉपर धातु? उत्तर: विकल्प (d) सही है। कॉपर, सिल्वर से अधिक क्रियाशील है, इसलिए वह सिल्वर नाइट्रेट विलयन से सिल्वर को विस्थापित कर देता है। अन्य युगलों में धातु, विलयन की धातु से कम क्रियाशील है, इसलिए विस्थापन नहीं होगा।
- लोहे के फ्राइंग पैन को जंग से बचाने के लिए कौन-सी विधि उपयुक्त है — (a) ग्रीज़ लगाकर, (b) पेंट लगाकर, (c) जिंक की परत चढ़ाकर, (d) उपरोक्त सभी? उत्तर: विकल्प (d) उपरोक्त सभी सही है। ग्रीज़, पेंट और जिंक की परत — तीनों ही लोहे की सतह को हवा और नमी से अलग कर देती हैं, जिससे जंग नहीं लगता।
- कोई धातु ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके उच्च गलनांक वाला यौगिक बनाती है जो जल में विलेय है। वह तत्व क्या हो सकता है — (a) कैल्शियम, (b) कार्बन, (c) सिलिकन, (d) लोहा? उत्तर: विकल्प (a) कैल्शियम सही है। कैल्शियम ऑक्साइड एक आयनिक यौगिक है — उसका गलनांक उच्च होता है और वह जल में घुलकर क्षारीय विलयन बनाता है। कार्बन और सिलिकन अधातु हैं, और लोहे का ऑक्साइड जल में विलेय नहीं है।
- खाद्य पदार्थ के डिब्बों पर जिंक की बजाय टिन का लेप होता है, क्योंकि — (a) टिन की अपेक्षा जिंक महँगा है, (b) टिन की अपेक्षा जिंक का गलनांक अधिक है, (c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है, (d) टिन की अपेक्षा जिंक कम अभिक्रियाशील है? उत्तर: विकल्प (c) सही है। जिंक, टिन से अधिक अभिक्रियाशील है — वह खाद्य पदार्थों के अम्लों से अभिक्रिया करके उन्हें दूषित कर सकता है, इसलिए डिब्बों पर कम क्रियाशील टिन का लेप चढ़ाया जाता है।
- आपको एक हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार और स्विच दिया गया है — (a) इनका उपयोग करके धातुओं और अधातुओं के नमूनों में विभेद कैसे करेंगे, (b) इन परीक्षणों की उपयोगिता का आकलन कीजिए। उत्तर: (a) हथौड़े से पीटकर देखिए — धातु पतली चादर में फैल जाती है (आघातवर्ध्य), अधातु टूटकर चूर हो जाती है। बैटरी-बल्ब-तार-स्विच का परिपथ बनाकर नमूने को उसमें जोड़िए — धातु से बल्ब जल उठेगा (विद्युत चालक), अधातु से नहीं (ग्रेफाइट अपवाद है)। (b) ये परीक्षण सरल और प्रत्यक्ष हैं, पर पूर्ण नहीं — जैसे ग्रेफाइट अधातु होकर भी विद्युत चलाता है, इसलिए किसी एक परीक्षण पर ही निष्कर्ष नहीं टिकाना चाहिए।
- उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं? दो उदाहरण दीजिए। उत्तर: जो ऑक्साइड अम्ल और क्षारक दोनों से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, उन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं। उदाहरण — ऐलुमिनियम ऑक्साइड (Al2O3) और जिंक ऑक्साइड (ZnO)।
- दो धातुओं के नाम बताइए जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देंगी, और दो धातुएँ जो ऐसा नहीं कर सकतीं। उत्तर: विस्थापित करने वाली — मैग्नीशियम (Mg) और जिंक (Zn), क्योंकि वे हाइड्रोजन से अधिक क्रियाशील हैं। विस्थापित न करने वाली — कॉपर (Cu) और सिल्वर (Ag), क्योंकि वे हाइड्रोजन से कम क्रियाशील हैं, इसलिए तनु अम्ल से हाइड्रोजन गैस नहीं निकाल सकतीं।
- किसी धातु M के विद्युत अपघटनी परिष्करण में आप ऐनोड, कैथोड और विद्युत अपघट्य किसे बनाएँगे? उत्तर: ऐनोड — उसी धातु M की अशुद्ध छड़; कैथोड — उसी धातु M की शुद्ध पतली पत्ती; विद्युत अपघट्य — धातु M के किसी लवण का विलयन। धारा प्रवाहित करने पर अशुद्ध ऐनोड घुलता है और शुद्ध धातु कैथोड पर जम जाती है।
- प्रत्यूष ने सल्फर चूर्ण को स्पैचुला में लेकर गर्म किया और चित्र के अनुसार एक परखनली को उल्टा करके उत्सर्जित गैस को एकत्र किया — (a) इस गैस की क्रिया सूखे लिटमस पत्र पर और आर्द्र लिटमस पत्र पर क्या होगी, (b) उपरोक्त अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए। उत्तर: (a) सल्फर जलकर सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) गैस बनाता है। सूखे लिटमस पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता, पर आर्द्र (गीले) नीले लिटमस पर यह अम्लीय प्रभाव दिखाकर उसे लाल कर देता है, क्योंकि नमी में वह सल्फ्यूरस अम्ल बनाती है। (b) S + O2 → SO2; SO2 + H2O → H2SO3।
- लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताइए। उत्तर: (1) पेंट, तेल या ग्रीज़ की परत चढ़ाकर लोहे को हवा और नमी से अलग कर देना। (2) जिंक की परत चढ़ाना (यशदलेपन) — जिंक खुद पहले उपचयित होकर लोहे की रक्षा करता है।
- ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातुएँ कैसा ऑक्साइड बनाती हैं? उत्तर: अधातुएँ ऑक्सीजन से मिलकर सामान्यतः अम्लीय ऑक्साइड बनाती हैं, जैसे सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड — ये जल में घुलकर अम्ल बनाते हैं। कुछ अधातु ऑक्साइड उदासीन भी होते हैं, जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रस ऑक्साइड।
- कारण बताइए — (a) प्लैटिनम, सोना और चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता है, (b) सोडियम, पोटैशियम और लीथियम को तेल के अंदर संग्रहीत किया जाता है, (c) ऐलुमिनियम अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, फिर भी इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने में किया जाता है, (d) निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट और सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है। उत्तर: (a) ये धातुएँ बहुत कम क्रियाशील हैं — हवा और नमी से इन पर जंग या धब्बे नहीं पड़ते, इसलिए इनकी चमक बनी रहती है। (b) ये धातुएँ हवा और नमी से इतनी तेज़ी से अभिक्रिया करती हैं कि आग तक लग सकती है; तेल उन्हें हवा से अलग रखता है। (c) ऐलुमिनियम की सतह पर तुरंत ऐलुमिनियम ऑक्साइड की मज़बूत, अघुलनशील परत जम जाती है जो आगे की अभिक्रिया रोक देती है। (d) कार्बोनेट और सल्फाइड अयस्कों का सीधे अपचयन कठिन होता है; उन्हें ऑक्साइड में बदलने के बाद कार्बन से अपचयित करके धातु पाना आसान हो जाता है।
- आपने ताँबे के मलीन बर्तन को नींबू या इमली के रस से साफ़ करते अवश्य देखा होगा। यह खट्टे पदार्थ बर्तन को साफ़ करने में क्यों प्रभावी हैं? उत्तर: ताँबे के बर्तन पर जमी मलीन परत मूलतः बेसिक कॉपर कार्बोनेट होती है, जो क्षारीय प्रकृति की है। नींबू या इमली का खट्टा रस अम्लीय होता है — अम्ल इस क्षारीय परत को उदासीन करके घुलनशील लवण में बदल देता है, जिससे परत हट जाती है और ताँबा फिर चमक उठता है।
- रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं और अधातुओं में विभेद कीजिए। उत्तर: धातुएँ सामान्यतः क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं, तनु अम्लों से हाइड्रोजन विस्थापित करती हैं और विद्युत-धनात्मक होती हैं (इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाती हैं)। अधातुएँ सामान्यतः अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाती हैं, तनु अम्लों से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करतीं और विद्युत-ऋणात्मक होती हैं (इलेक्ट्रॉन ग्रहणकर ऋणायन बनाती हैं)।
- एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर जाता है और पुराने, मलीन सोने के आभूषणों में पहले जैसी चमक पैदा करने का ढोंग रचता है। एक महिला बिना संदेह किए अपने सोने के कंगन उसे देती है, जिसे वह एक विशेष विलयन में डाल देता है। कंगन नए की तरह चमकने लगते हैं, लेकिन उनका वज़न अत्यंत कम हो जाता है। जासूस की तरह बताइए कि उस विलयन की प्रकृति क्या हो सकती है। उत्तर: वह विलयन अम्लराज (ऐक्वा रेजिया) जैसा प्रबल अम्लीय विलयन रहा होगा — सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का मिश्रण। सोना सामान्य अम्लों में नहीं घुलता, पर अम्लराज उसे घोल लेता है। इसी से कंगन की ऊपरी मलीन परत के साथ-साथ सोने की एक परत भी घुल गई — चमक तो आ गई, पर वज़न घट गया।
- गर्म जल का टैंक बनाने में ताँबे का उपयोग होता है, परंतु इस्पात (लोहे की मिश्रातु) का नहीं। इसका कारण बताइए। उत्तर: ताँबा ऊष्मा का उत्तम चालक है, जंग नहीं खाता और गर्म जल से अभिक्रिया नहीं करता, इसलिए टैंक का जल जल्दी और सुरक्षित गर्म होता है। इस्पात ऊष्मा का अपेक्षाकृत कम चालक है और लंबे समय तक गर्म जल के संपर्क में उस पर जंग लगने का खतरा रहता है, इसलिए वह इस काम के लिए उपयुक्त नहीं है।
- धातु = चमक + तार + चादर + चालक — ये चर गुन पेह्चान हैं.
- Graphite अधातु होकर भी बिज्ली चलता है — ये अपवाद याद रखो.
- क्रियाशीलता में ऊपर वाली धातु, नीचे वाली को उसके घोल से बहर निकाल्ती है.
- Sodium और potassium पानी से इतने तेज़ react करते हैं कि उन्हें kerosene में रखा जाता है.
- धातु + dilute acid → लवण + hydrogen गैस; hydrogen की परख "पोप" आवाज़ से होती है.
- ज़्यादा क्रियाशील धातु बिज्ली (electrolysis) से, कम क्रियाशील carbon से निकली जाती है.
- पीतल = ताँबा + जस्ता, काँसा = ताँबा + tin, steel = लोहा + carbon.

