अम्ल, क्षारक एवं लवण
अप्ने शब्दों में: जो चीज़ खट्टी लगे और नीले litmus को लाल कर दे, उसे अम्ल कहते हैं — जैसे निंबू में citric acid, सिर्के में acetic acid. जो चीज़ छूने पर चिक्नी/सबुनी लगे और लाल lit
अम्ल, क्षारक एवं लवण — EG के अपने शब्दों में सार
Book: विज्ञान (BSEB, Class 10 Science) | Chapter 2 | Medium: हिंदी (English technical words साथ में)

चित्र (चित्र पर हिंदी लेबल लगे हैं): टेस्ट ट्यूबें में अलग रंग के घोल. Indicator का रंग बदलना ही बताता है कि घोल अम्ल है, क्षार है या उदासीन. रंग देख्कर सीधा नाम मत लगाओ — पेह्चान के लिए litmus या pH की जांच ज़रूरी होती है.
1. अम्ल और क्षार को पहचानना कैसे?
अप्ने शब्दों में: जो चीज़ खट्टी लगे और नीले litmus को लाल कर दे, उसे अम्ल कहते हैं — जैसे निंबू में citric acid, सिर्के में acetic acid. जो चीज़ छूने पर चिक्नी/सबुनी लगे और लाल litmus को नीला कर दे, उसे क्षार (base) कहते हैं — जैसे साबुन और धोने का soda का घोल. जो ना अम्ल हो ना क्षार, उसे उदासीन (neutral) कहते हैं — जैसे शुद्ध पानी.

चित्र: रसोई की चीज़ें — नींबू, सोडा पाउडर, साबुन और पानी। ये रोज़ की चीज़ें अम्ल-क्षार की पहचान समझने में मदद करती हैं; इस चित्र से किसी चीज़ का pH मान नहीं बताया जा रहा है।
2. Indicator क्या करता है?
Indicator एक ऐसी चीज़ है जो अप्ना रंग बदल्कर बताती है कि घोल कैसा है. Litmus सब्से मशहूर है: अम्ल में नीला litmus लाल, क्षार में लाल litmus नीला. हल्दी भी एक natural indicator है — क्षार में उसका रंग लाल-भुरा हो जाता है. गुड़हल (China rose) का रस भी अम्ल में गहरा गुलाबी और क्षार में हरा दिखता है. बोर्ड में अक्सर पूछा जाता है: कौनसा indicator किस घोल में क्या रंग देगा — इस्लिए रंग याद करने की बजाय एक छोटी टेबल खुद बनकर याद करो.
3. pH स्केल — एक line में समझ
pH एक 0 से 14 तक का स्केल है जो बताता है कि घोल कितना अम्ल या क्षार है. 7 मत्लब उदासीन. 7 से कम मत्लब अम्ल (जितना कम, उत्ना तेज़ अम्ल), 7 से ज़्यादा मत्लब क्षार. रोज़ का उदाहरण: हमारे पेट में hydrochloric acid होता है जो खना पचने में मदद करता है; जब ये ज़्यादा बने तो acidity होती है और उसके लिए antacid (एक हल्का क्षार) लिया जाता है, जो acid को उदासीन करता है.

चित्र: पाँच परखनलियों में रंगों का क्रम — लाल (तेज़ अम्ल) से हरा (उदासीन) होते हुए बैंगनी (तेज़ क्षार) तक। यह सूचक रंगों का सरल क्रम है, इस पर कोई संख्या नहीं लिखी है; pH मान पाठ में पढ़ें।
4. अम्ल + क्षार = लवण + पानी
जब अम्ल और क्षार मिलते हैं तो एक दूसरे को उदासीन कर देते हैं — इसे उदासीनीकरण (neutralisation) कहते हैं. इस्मे लवण (salt) और पानी बनता है. उदाहरण अप्ने शब्दों में: hydrochloric acid + sodium hydroxide → sodium chloride (खने वाला नमक) + पानी. यही सिद्धांत antacid, मिट्टी के pH को ठीक करने और कई factory processes में काम आता है.
5. रोज़ की ज़िंदगी के लवण — नाम और काम
- Baking soda (sodium hydrogen carbonate): cake-फुलने में, और acidity में antacid के रूप में.
- धोने का soda (sodium carbonate): कपड़े धोने और पानी की कठोरता दूर करने में.
- Bleaching powder (calcium oxychloride): पानी को साफ़ करने और कपड़ों को सफ़ेद करने में.
- Plaster of Paris (calcium sulphate hemihydrate): टूटी हड्डी पर plaster चधने और मूर्तियाँ बनने में — पानी मिलते ही ये जमकर सख्त हो जाता है.
6. गलतफ़हमियाँ जो बोर्ड में नुकसान करती हैं
एक: सब खट्टी चीज़ें तेज़ अम्ल नहीं होती — निंबू का रस हल्का अम्ल है, जबकि गंधक का acid बहुत तेज़ है. दो: सब क्षार खने लायक नहीं होते — साबुन का घोल क्षार है पर उसे पीना खतरनाक है. तीन: pH 7 से नीचे जाना मत्लब अम्ल बढ़ना, और 7 से ऊपर जाना मत्लब क्षार बढ़ना — उल्टा याद मत करो.
अभ्यास — खुद करके देखें
- नीला litmus लाल कब होगा और लाल litmus नीला कब? एक-एक उदाहरण दें.
- pH 3, pH 7 और pH 11 में से कौनसा घोल अम्ल है, कौनसा उदासीन, कौनसा क्षार?
- Acidity में antacid काम कैसे करता है? उदासीनीकरण के शब्दों में समझाएँ.
- Baking soda और धोने के soda में एक फ़रक और हर एक का एक काम लिखें.
- Plaster of Paris पानी मिलते ही सख्त क्यों हो जाता है? अप्ने शब्दों में लिखें.
याद रख्ने की ट्रिक: Litmus का नियम एक line में — "अम्ल लाल करता है, क्षार नीला" (नीले litmus के लिए उल्टा पढ़ो: अम्ल में नीला → लाल).
थोड़ा और समझ — pH को रोज़ से जोड़ो
pH को सिर्फ़ number मत समझो — इसे एक स्केल समझो जिस्मे 7 बीच का पॉइंट है. 7 से नीचे जाते ही घोल अम्ल की तरफ़ बध्ता है, और 7 से ऊपर जाते ही क्षार की तरफ़. इस्लिए दो घोलों की तुलना करते वक़्त सिर्फ़ ये मत देखो कि दोनों अम्ल हैं या दोनों क्षार — ये भी देखो कि कौनसा 7 से कितना दूर है, क्योंकि दूर वाला ज़्यादा तेज़ होगा. यही सोच acidity, मिट्टी की जांच और पानी की सफ़ाई वाले सवालों में काम आती है.
संबंधित चित्र

चित्र 1 (चित्र पर हिंदी लेबल लगे हैं): तीन flasks दिख रहे हैं — एक में नीली पत्ती, एक में लाल पत्ती, और साथ में एक निंबू और साबुन की तिकिया रखी है. ये बताता है कि पेह्चान के लिए सिर्फ़ रंग या खट्टा-मीथा स्वद काफ़ी नहीं — litmus जैसी जांच से ही पता चलता है कि घोल अम्ल है या क्षार. नोट: इस चित्र में पत्तियाँ फ़्लास्क के मुह पर लगी दिख रही हैं, घोल में दूबी हुई नहीं — इस्लिए इसे पेह्चान के साधनों का overview समझें.

चित्र 2 (चित्र पर हिंदी लेबल लगे हैं): पानी के गिलास में दो सफ़ेद गोलियाँ घुल रही हैं और बुलबुले उठ रहे हैं. ये उदासीनीकरण के विचार को दिखता है — एक हल्का क्षार, ज़्यादा acid को कम कर देता है. नोट: गोलियों पर कोई नाम या लेबल नहीं है, इस्लिए ये सिर्फ़ एक आम मिसाल है, किसी ख़ास दवा की फ़ोटो नहीं.
मुख्य शब्द / Key Terms
- अम्ल (Acid): जो घोल खट्टा हो और नीले litmus को लाल कर दे.
- क्षारक (Base): जो घोल छूने पर चिक्ना लगे और लाल litmus को नीला कर दे.
- उदासीन (Neutral): ना अम्ल, ना क्षार — जैसे शुद्ध पानी.
- सूचक (Indicator): जो चीज़ रंग बदल्कर बताएँ की घोल अम्ल है या क्षार.
- लिटमस (Litmus): सब्से मशहूर indicator, लाल और नीले रंग में मिलता है.
- pH: 0 से 14 तक का स्केल जो बताता है कि घोल कितना अम्ल या क्षार है.
- उदासीनीकरण (Neutralisation): अम्ल और क्षार का मिल्कर लवण और पानी बनना.
- लवण (Salt): अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से बनता हुआ पदर्थ.
- एंटासिड (Antacid): हल्का क्षार जो पेट के ज़्यादा acid को उदासीन करता है.
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris): Calcium sulphate hemihydrate — पानी मिलते ही जमकर सख्त हो जाता है.
याद रखें
- pH 7 = उदासीन, 7 से कम = अम्ल, 7 से ज़्यादा = क्षार.
- अम्ल में नीला litmus लाल होता है; क्षार में लाल litmus नीला होता है.
- हल्दी क्षार में लाल-भूरी हो जाती है — ये एक natural indicator है.
- अम्ल + क्षार → लवण + पानी — यही उदासीनीकरण है.
- हर खट्टी चीज़ तेज़ अम्ल नहीं होती, और हर क्षार खने लायक नहीं होता.
- Baking soda, धोने का soda, bleaching powder और Plaster of Paris — चारों के काम अलग-अलग याद रखो.
परीक्षा टिप / आम गलती
गलती: pH का उल्टा मत्लब याद कर लेना — जैसे pH कम होने को क्षार समझना. सही: pH जितना कम, अम्ल उत्ना तेज़; pH जितना ज़्यादा, क्षार उत्ना तेज़. Tip: 7 को बीच का खंबा समझो — नीचे अम्ल, ऊपर क्षार — और इसी पिक्चर से हर pH सवाल solve करो.
Important Questions — परीक्षा के लिए ज़रूरी प्रश्न
- Q: अम्ल और क्षार को litmus से कैसे पहचानोगे? Hint / Answer: अम्ल नीले litmus को लाल करता है, क्षार लाल litmus को नीला करता है.
- Q: हल्दी एक indicator कैसे काम करती है? Hint / Answer: क्षार में हल्दी का रंग लाल-भुरा हो जाता है, जबकि अम्ल में उसका रंग वैसा ही रहता है.
- Q: pH 2, pH 7 और pH 12 में से कौनसा सब्से तेज़ अम्ल है और कौनसा सब्से तेज़ क्षार? Hint / Answer: pH 2 सब्से तेज़ अम्ल (7 से सब्से दूर नीचे), pH 12 सब्से तेज़ क्षार (7 से सब्से दूर ऊपर).
- Q: पेट में ज़्यादा acid बनने पर antacid काम कैसे करता है? Hint / Answer: Antacid एक हल्का क्षार है जो acid से मिल्कर उसे उदासीन करता है — उदासीनीकरण.
- Q: अम्ल और क्षार की अभिक्रिया का सामान्य (general) रूप लिखें और एक उदाहरण दें. Hint / Answer: अम्ल + क्षार → लवण + पानी; जैसे hydrochloric acid + sodium hydroxide → sodium chloride + पानी.
- Q: Baking soda और धोने के soda में क्या फ़रक है? Hint / Answer: दोनों अलग लवण हैं — baking soda खना फुलने और antacid में काम आता है, धोने का soda कपड़े धोने और पानी की कठोरता दूर करने में.
- Q: Bleaching powder पानी साफ़ करने में क्यों use होता है? Hint / Answer: क्योंकि ये पानी को साफ़ करने और कीटाणु दूर करने के काम आता है (ऊपर के नोट्स के हिसाब से).
- Q: Plaster of Paris से टूटी हड्डी पर plaster क्यों चढ़ाया जाता है? Hint / Answer: क्योंकि पानी मिलते ही ये जमकर सख्त हो जाता है और हड्डी को सहारा देता है.
बोर्ड परीक्षा प्रश्न — बोर्ड-पैटर्न अभ्यास
ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
- एक घोल का pH 4 है और दूसरे का pH 9 है। कौनसा अम्ल है और दोनों में से तेज अम्ल कौनसा है? उत्तर: pH 4 वाला घोल अम्ल है और pH 9 वाला क्षार है। दोनों में तेज अम्ल pH 4 वाला ही है, क्योंकि pH जितना कम होगा, अम्ल उतना तेज होगा।
- प्याज को सूचक के रूप में कैसे पहचानते हैं कि घोल अम्ल है या क्षार? उत्तर: अम्ल में प्याज की गंध वैसी ही रहती है, जबकि क्षार में प्याज की गंध गायब हो जाती है या बदल जाती है। इसी से यह घ्राण सूचक (olfactory indicator) कहलाता है।
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सोडियम हाइड्रॉक्साइड की अभिक्रिया का प्रकार और दोनों उत्पादों के नाम लिखिए। उत्तर: यह उदासीनीकरण अभिक्रिया है। अम्ल और क्षार मिलकर लवण और पानी बनाते हैं, इसलिए उत्पाद सोडियम क्लोराइड और पानी हैं।
- खेत की मिट्टी बहुत अम्लीय हो गई है। किसान क्या मिला सकता है और इससे क्या होगा? उत्तर: किसान बुझा हुआ चूना या चूना (क्षार) मिला सकता है। क्षार मिट्टी के अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करके pH को उदासीन के करीब ले आता है।
- प्लास्टर ऑफ पेरिस पानी मिलते ही सख्त क्यों हो जाता है, पर बहुत तेज गर्म किया हुआ प्लास्टर क्यों नहीं जमता? उत्तर: प्लास्टर ऑफ पेरिस में क्रिस्टलन जल की आधी मात्रा होती है; पानी मिलने पर वह फिर से जिप्सम बनकर सख्त हो जाता है। बहुत तेज गर्म करने पर यह जल भी निकल जाता है और बचा हुआ पदार्थ जिप्सम नहीं बना पाता, इसलिए वह नहीं जमता।
अभ्यास — पुस्तक के प्रश्न (Extension)
नीचे के प्रश्न पुस्तक के अध्याय-अंत अभ्यास पर आधारित हैं। प्रश्नों को Educational Galaxy के अपने शब्दों में फिर से लिखा गया है और उत्तर भी EG के अपने शब्दों में हैं। समीकरण, सूत्र और संख्याएँ पुस्तक के अनुसार यथावत रखी गई हैं।
- कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है। उसका pH संभवतः क्या होगा — (a) 1, (b) 4, (c) 5, (d) 10? उत्तर: विकल्प (d) 10 सही है। लाल लिटमस का नीला होना क्षारीय प्रकृति की पहचान है, और क्षारीय विलयन का pH 7 से अधिक होता है — दिए विकल्पों में केवल 10 ही 7 से अधिक है।
- कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया करके एक गैस बनाता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है। उस विलयन में क्या होगा — (a) NaCl, (b) HCl, (c) LiCl, (d) KCl? उत्तर: विकल्प (b) HCl सही है। अंडे का कवच कैल्शियम कार्बोनेट का बना होता है; अम्ल उससे अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस देता है, और वही गैस चूने के पानी को दूधिया करती है।
- NaOH के 10 mL विलयन को HCl के 8 mL विलयन से पूरी तरह उदासीन किया जाता है। यदि उसी NaOH विलयन के 20 mL लिए जाएँ तो उसे उदासीन करने के लिए उसी HCl विलयन की कितनी मात्रा चाहिए होगी — (a) 4 mL, (b) 8 mL, (c) 12 mL, (d) 16 mL? उत्तर: विकल्प (d) 16 mL सही है। NaOH की मात्रा दोगुनी होने पर उसे उदासीन करने के लिए HCl की मात्रा भी दोगुनी, यानी 8 × 2 = 16 mL चाहिए।
- अपच (पेट की अम्लता) के उपचार के लिए किस औषधि का उपयोग होता है — (a) एंटीबायोटिक, (b) एनलजेसिक, (c) एंटैसिड, (d) एंटीसेप्टिक? उत्तर: विकल्प (c) एंटैसिड सही है। एंटैसिड एक दुर्बल क्षारक होता है जो पेट के अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करके जलन कम करता है।
- पहले शब्द-समीकरण और फिर संतुलित समीकरण लिखिए — (a) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल दानेदार जिंक से अभिक्रिया करता है, (b) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मैग्नीशियम पट्टी से अभिक्रिया करता है, (c) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल ऐलुमिनियम चूर्ण से अभिक्रिया करता है, (d) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लोहे के रेतन से अभिक्रिया करता है। उत्तर: (a) Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2; (b) Mg + 2HCl → MgCl2 + H2; (c) 2Al + 3H2SO4 → Al2(SO4)3 + 3H2; (d) Fe + 2HCl → FeCl2 + H2।
- ऐल्कोहॉल और ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन होता है, फिर भी उनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता। एक क्रियाकलाप द्वारा इसे सिद्ध कीजिए। उत्तर: अम्ल की पहचान यह है कि उसका जलीय विलयन हाइड्रोजन आयन (H+) बनाकर विद्युत चलाता है। ग्लूकोज़ या ऐल्कोहॉल के विलयन में विद्युत-परिपथ का बल्ब नहीं जलता, क्योंकि उनमें हाइड्रोजन आयन नहीं बनते — उनका हाइड्रोजन, ऑक्सीजन से सहसंयोजक बंधन में बँधा रहता है और आयन के रूप में अलग नहीं होता।
- आसुत जल विद्युत का चालक क्यों नहीं होता, जबकि वर्षा जल होता है? उत्तर: विद्युत चालन के लिए विलयन में आयन चाहिए। आसुत जल लगभग शुद्ध होता है, उसमें आयन न के बराबर होते हैं, इसलिए वह विद्युत नहीं चलाता। वर्षा जल वायुमंडल की गैसों और धूल के लवणों को घोल लेता है, जिससे उसमें आयन आ जाते हैं और वह विद्युत चलाने लगता है।
- जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता? उत्तर: अम्ल का अम्लीय व्यवहार उसके हाइड्रोजन आयनों से होता है, और ये आयन तभी बनते हैं जब अम्ल जल में घुले। शुष्क हाइड्रोजन क्लोराइड गैस में H+ आयन नहीं होते, इसलिए वह शुष्क नीले लिटमस का रंग भी नहीं बदलती।
- पाँच विलयन A, B, C, D, E की सार्वत्रिक सूचक से जाँच पर pH मान क्रमशः 4, 1, 11, 7 और 9 मिलते हैं। बताइए — (a) कौन-सा उदासीन है, (b) कौन-सा प्रबल क्षारीय है, (c) कौन-सा प्रबल अम्लीय है, (d) कौन-सा दुर्बल अम्लीय है, (e) कौन-सा दुर्बल क्षारीय है? pH मानों को हाइड्रोजन आयन सांद्रता के आरोही क्रम में भी लिखिए। उत्तर: (a) उदासीन — D (pH 7); (b) प्रबल क्षारीय — C (pH 11); (c) प्रबल अम्लीय — B (pH 1); (d) दुर्बल अम्लीय — A (pH 4); (e) दुर्बल क्षारीय — E (pH 9)। हाइड्रोजन आयन सांद्रता का आरोही क्रम pH के अवरोही क्रम के समान है — C < E < D < A < B।
- परखनली 'A' में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और 'B' में ऐसीटिक अम्ल (CH3COOH) लिया गया है। दोनों में समान लंबाई की मैग्नीशियम पट्टी डाली जाती है, अम्लों की मात्रा और सांद्रता भी समान है। किस परखनली में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगी और क्यों? उत्तर: परखनली 'A' में बुदबुदाहट अधिक तेज़ होगी, क्योंकि HCl एक प्रबल अम्ल है — वह पूरी तरह आयनित होकर अधिक H+ आयन देता है, इसलिए मैग्नीशियम से उसकी अभिक्रिया तेज़ होती है। ऐसीटिक अम्ल दुर्बल है, वह कम आयन देता है, इसलिए अभिक्रिया धीमी रहती है।
- ताज़े दूध का pH मान 6 होता है। दही बन जाने पर इसके pH मान में क्या परिवर्तन होगा? अपना उत्तर समझाइए। उत्तर: pH मान 6 से कम हो जाएगा, यानी दूध और अधिक अम्लीय हो जाएगा। दही जमने की प्रक्रिया में दूध की शर्करा लैक्टिक अम्ल में बदल जाती है, और अम्ल बढ़ने से pH घटता है।
- एक ग्वाला ताज़े दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है — (a) ताज़े दूध का pH 6 से बदलकर थोड़ा क्षारीय वह क्यों बना देता है, (b) इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है? उत्तर: (a) बेकिंग सोडा एक क्षारक है; वह दूध में बनने वाले अम्ल को उदासीन करता है, इसलिए pH 6 से ऊपर उठकर थोड़ा क्षारीय हो जाता है। (b) दही जमने के लिए अम्लीय वातावरण चाहिए; सोडा अम्ल को उदासीन करता रहता है, इसलिए लैक्टिक अम्ल के पर्याप्त बनने में अधिक समय लगता है और दही देर से जमता है।
- प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्रता-रोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए? व्याख्या कीजिए। उत्तर: प्लास्टर ऑफ पेरिस नमी से बहुत जल्दी अभिक्रिया करता है — वह जल सोखकर जिप्सम में बदल जाता है और जमकर कठोर हो जाता है। यदि वह खुले में नमी पा ले तो इस्तेमाल से पहले ही बेकार हो जाएगा, इसलिए उसे सूखे, बंद बर्तन में रखा जाता है।
- उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दीजिए। उत्तर: जब कोई अम्ल किसी क्षारक से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाता है, तो उसे उदासीनीकरण कहते हैं — इसमें दोनों की अम्लीयता और क्षारीयता समाप्त हो जाती है। उदाहरण — HCl + NaOH → NaCl + H2O; और पेट की अम्लता में एंटैसिड (क्षारक) का अम्ल को उदासीन करना।
- धोने का सोडा और बेकिंग सोडा के दो-दो प्रमुख उपयोग बताइए। उत्तर: धोने का सोडा — (1) कपड़ों की धुलाई और सफ़ाई में, (2) जल की स्थायी कठोरता दूर करने में। बेकिंग सोडा — (1) केक और पावरोटी फुलाने में (गर्म करने पर CO2 निकलती है), (2) अपच के उपचार में एंटैसिड के रूप में और अग्निशामक यंत्रों में।
- pH 7 = उदासीन, 7 से कम = अम्ल, 7 से ज़्यादा = क्षार.
- अम्ल में नीला litmus लाल होता है; क्षार में लाल litmus नीला होता है.
- हल्दी क्षार में लाल-भूरी हो जाती है — ये एक natural indicator है.
- अम्ल + क्षार → लवण + पानी — यही उदासीनीकरण है.
- हर खट्टी चीज़ तेज़ अम्ल नहीं होती, और हर क्षार खने लायक नहीं होता.
- Baking soda, धोने का soda, bleaching powder और Plaster of Paris — चारों के काम अलग-अलग याद रखो.

