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BSEB • Class 10 • विज्ञान • अध्याय 4

कार्बन एवं उसके यौगिक

कार्बन एक छोटा-सा परमाणु है, पर इसकी एक खास आदत इसे सबसे अलग बनाती है — यह अपने जैसे दूसरे कार्बन परमाणुओं से लंबी-लंबी श्रृंखलाएँ, शाखाएँ और छल्ले बना सकता है।

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कार्बन एवं उसके यौगिक — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में

पुस्तक: Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 10)  |  अध्याय 4  |  माध्यम: हिंदी

यह पृष्ठ Educational Galaxy के अपने मूल नोट्स हैं — किताब की नकल नहीं। यहाँ कोई आधिकारिक BSTBPC PDF नहीं दिया जाता है और यह पृष्ठ पाठ्यपुस्तक का विकल्प नहीं है।

कार्बन एवं उसके यौगिक के लिए लेबल वाला चित्र

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): कार्बन की श्रृंखला — एकल, द्वि और त्रि बंधन वाले हाइड्रोकार्बन के सरल चिह्न, लेबल चित्र पर ही छपे हैं। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है, किसी विशेष अणु का सटीक माप नहीं।

कार्बन एवं उसके यौगिक के लिए चित्र

रसोई में सिरका और सफ़ाई के सामान — कार्बन यौगिक रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हर जगह मिलते हैं।

इस अध्याय के बारे में

कार्बन एक छोटा-सा परमाणु है, पर इसकी एक खास आदत इसे सबसे अलग बनाती है — यह अपने जैसे दूसरे कार्बन परमाणुओं से लंबी-लंबी श्रृंखलाएँ, शाखाएँ और छल्ले बना सकता है। इसी आदत को श्रृंखलन कहते हैं। इसी वजह से कार्बन के यौगिकों की संख्या लाखों में है, जबकि दूसरे तत्वों के यौगिक इतने नहीं होते।

कार्बन ज़्यादातर सहसंयोजक बंधन बनाता है, यानी इलेक्ट्रॉन साझा करता है, न कि देता या लेता है। सहसंयोजक यौगिक आमतौर पर विद्युत के कुचालक होते हैं और उनके गलनांक-क्वथनांक कम होते हैं, क्योंकि उनके अणुओं के बीच आकर्षण कमज़ोर होता है। हीरा और ग्रेफाइट कार्बन के ही दो रूप हैं — हीरा बहुत कठोर होता है, ग्रेफाइट नरम और विद्युत का सुचालक।

हाइड्रोकार्बन केवल कार्बन और हाइड्रोजन से बने यौगिक हैं। संतृप्त हाइड्रोकार्बन में केवल एकल बंधन होते हैं, जैसे मेथेन और एथेन। असंतृप्त में द्वि या त्रि बंधन होते हैं, जैसे एथीन और एथाइन। क्रियात्मक समूह किसी यौगिक का वह हिस्सा है जो उसके गुण तय करता है — जैसे ऐल्कोहॉल में –OH, कार्बोक्सिलिक अम्ल में –COOH।

एथेनॉल एक सामान्य ऐल्कोहॉल है, जो पीने योग्य नहीं — इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। एथेनॉइक अम्ल सिरके का मुख्य घटक है। साबुन लंबे श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम लवण होते हैं; वे मैलेपन को पानी में घुलने लायक बनाकर कपड़े साफ़ करते हैं, पर कठोर जल में साबुन कम झाग देता है, जबकि अपमार्जक कठोर जल में भी काम करते हैं।

क्या सीखना है

सहसंयोजक बंधन, श्रृंखलन, संतृप्त-असंतृप्त हाइड्रोकार्बन, क्रियात्मक समूह, एथेनॉल-एथेनॉइक अम्ल के गुण, साबुन बनाम अपमार्जक।

मुख्य शब्द

  • सहसंयोजक बंधन (Covalent Bond) — इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बना बंधन।
  • श्रृंखलन (Catenation) — एक ही तत्व के परमाणुओं का आपस में लंबी श्रृंखला बनाना।
  • संतृप्त हाइड्रोकार्बन — केवल एकल बंधन वाले हाइड्रोकार्बन, जैसे ऐल्केन।
  • असंतृप्त हाइड्रोकार्बन — द्वि या त्रि बंधन वाले हाइड्रोकार्बन, जैसे ऐल्कीन, ऐल्काइन।
  • क्रियात्मक समूह (Functional Group) — यौगिक के गुण तय करने वाला परमाणु-समूह, जैसे –OH, –COOH।

याद रखें

  • कार्बन चार सहसंयोजक बंधन बनाता है — इसकी संयोजकता 4 होती है।
  • हीरा कठोर और कुचालक है; ग्रेफाइट नरम और सुचालक है — दोनों शुद्ध कार्बन हैं।
  • संतृप्त यौगिक सामान्यतः स्वच्छ ज्वाला से जलते हैं, असंतृप्त पीली, धुएँ वाली ज्वाला देते हैं।
  • साबुन कठोर जल में झाग कम देता है; अपमार्जक कठोर जल में भी प्रभावी रहता है।

परीक्षा टिप / सामान्य गलती

सामान्य गलती: हीरा और ग्रेफाइट को अलग-अलग तत्व समझ लेना। दोनों कार्बन के अपररूप हैं — फ़र्क सिर्फ़ परमाणुओं की व्यवस्था का है, इसलिए गुण अलग हैं।

Chart / Table: हाइड्रोकार्बन के प्रकार

बिंदुविवरणटिप्पणी
ऐल्केनकेवल एकल बंधनउदाहरण: मेथेन, एथेन
ऐल्कीनकम से कम एक द्वि बंधनउदाहरण: एथीन
ऐल्काइनकम से कम एक त्रि बंधनउदाहरण: एथाइन

अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)

  1. कार्बन इतने ज़्यादा यौगिक क्यों बनाता है?
    संकेत: श्रृंखलन और चार बंधन बनाने की क्षमता सोचें।
  2. हीरा कठोर और ग्रेफाइट नरम क्यों है?
    संकेत: परमाणुओं की व्यवस्था का फ़र्क देखें।
  3. मेथेन संतृप्त है या असंतृप्त? कारण दें।
    संकेत: उसके बंधनों की गिनती देखें।
  4. –OH समूह वाले यौगिक किस परिवार के हैं?
    संकेत: क्रियात्मक समूह की सूची याद करें।
  5. कठोर जल में साबुन की जगह अपमार्जक क्यों बेहतर है?
    संकेत: झाग बनने की शर्त सोचें।

प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers

  1. सहसंयोजक बंधन किसे कहते हैं?
    जब दो परमाणु इलेक्ट्रॉन साझा करके बंधन बनाते हैं, तो वह सहसंयोजक बंधन कहलाता है।
  2. श्रृंखलन क्या है?
    कार्बन परमाणुओं का आपस में जुड़कर लंबी श्रृंखला, शाखा या छल्ला बनाना श्रृंखलन है।
  3. संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में अंतर बताएँ।
    संतृप्त में केवल एकल बंधन होते हैं; असंतृप्त में द्वि या त्रि बंधन भी होते हैं।
  4. एथेनॉइक अम्ल कहाँ पाया जाता है?
    सिरके में — सिरका एथेनॉइक अम्ल का तनु विलयन होता है।
  5. साबुन मैल कैसे साफ़ करता है?
    साबुन का अणु एक सिरे से मैल से और दूसरे सिरे से पानी से जुड़ता है, जिससे मैल पानी में बह जाता है।

बोर्ड परीक्षा प्रश्न — Board-pattern अभ्यास प्रश्न

नीचे के प्रश्न बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर EG द्वारा बनाए गए अभ्यास प्रश्न हैं — ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।

  1. कार्बन की संयोजकता कितनी होती है और क्यों?
    4 — क्योंकि इसके बाहरी कोश में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं और यह चार साझा बंधन बनाता है।
  2. ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक क्यों है?
    ग्रेफाइट में परतों के बीच मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो आवेश ले जा सकते हैं।
  3. एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल में एक-एक अंतर लिखें।
    एथेनॉल में –OH समूह होता है और यह उदासीन-सा होता है; एथेनॉइक अम्ल में –COOH समूह होता है और यह अम्लीय होता है।
  4. अपमार्जक किस काम आता है?
    कठोर जल में भी झाग बनाकर कपड़े साफ़ करने में, जहाँ साबुन असर कम दिखाता है।
  5. दो असंतृप्त हाइड्रोकार्बन के नाम लिखें।
    एथीन और एथाइन।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।

अभ्यास — पुस्तक के प्रश्न (Extension)

नीचे के प्रश्न पुस्तक के अध्याय-अंत अभ्यास पर आधारित हैं। प्रश्नों को Educational Galaxy के अपने शब्दों में फिर से लिखा गया है और उत्तर भी EG के अपने शब्दों में हैं। समीकरण, सूत्र और संख्याएँ पुस्तक के अनुसार यथावत रखी गई हैं।

  1. एथेन का आणविक सूत्र C2H6 है। इसमें कितने सहसंयोजक आबंध हैं — (a) 6, (b) 7, (c) 8, (d) 9? उत्तर: विकल्प (b) 7 सही है। एथेन में एक कार्बन-कार्बन आबंध और छह कार्बन-हाइड्रोजन आबंध होते हैं — कुल 1 + 6 = 7 सहसंयोजक आबंध।
  2. ब्यूटेनॉन चतुर्थ-कार्बन यौगिक है, जिसका प्रकार्यात्मक समूह है — (a) कार्बोक्सिलिक अम्ल, (b) ऐल्डिहाइड, (c) कीटोन, (d) ऐल्कोहॉल? उत्तर: विकल्प (c) कीटोन सही है। 'ब्यूटेनॉन' नाम का '-ऑन' अंत ही बताता है कि उसका प्रकार्यात्मक समूह कीटोन (C=O, कार्बन श्रृंखला के बीच में) है।
  3. खाना बनाते समय यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही है तो इसका मतलब है — (a) भोजन पूरी तरह नहीं पका है, (b) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है, (c) ईंधन आर्द्र है, (d) ईंधन पूरी तरह से जल रहा है? उत्तर: विकल्प (b) सही है। अधूरे दहन में कार्बन के कण धुएँ के साथ निकलकर बर्तन की तली पर जम जाते हैं और उसे काला कर देते हैं — यह अपूर्ण दहन की पहचान है।
  4. CH3Cl में आबंध निर्माण का उपयोग कर सहसंयोजक आबंध की प्रकृति समझाइए। उत्तर: मेथिल क्लोराइड में कोई आयन नहीं बनता — कार्बन अपना एक इलेक्ट्रॉन हाइड्रोजन और क्लोरीन के साथ साझा करता है। इलेक्ट्रॉनों की इस साझेदारी से ही सहसंयोजक आबंध बनता है; इसमें इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण नहीं होता, इसलिए यह यौगिक विद्युत का कुचालक होता है और उसका गलनांक-हिमांक निम्न होता है।
  5. इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए — (a) एथेनॉइक अम्ल, (b) H2S, (c) प्रोपेनोन, (d) F2। उत्तर: (a) एथेनॉइक अम्ल CH3COOH — कार्बन-कार्बन एकल आबंध, एक कार्बन पर तीन H, दूसरे पर =O और –OH, हर परमाणु के बाहरी कोश में साझा इलेक्ट्रॉन बिंदुओं से दर्शाए जाते हैं। (b) H2S — सल्फर केंद्र में, दो H से दो एकल आबंध और सल्फर पर दो एकाकी युग्म। (c) प्रोपेनोन CH3COCH3 — बीच के कार्बन पर ऑक्सीजन से द्वि-आबंध और दोनों ओर मेथिल समूह। (d) F2 — दो फ्लुओरीन परमाणुओं के बीच एक साझा युग्म और प्रत्येक पर तीन एकाकी युग्म।
  6. समजातीय श्रेणी क्या है? उदाहरण के साथ समझाइए। उत्तर: कार्बनिक यौगिकों की वह श्रेणी जिसमें सभी सदस्यों का प्रकार्यात्मक समूह समान हो, क्रमागत सदस्यों के बीच –CH2– का अंतर हो और रासायनिक गुणधर्म लगभग समान हों, समजातीय श्रेणी कहलाती है। उदाहरण — ऐल्केन श्रेणी: मेथेन (CH4), एथेन (C2H6), प्रोपेन (C3H8) — हर अगला सदस्य पिछले से एक CH2 इकाई बड़ा है।
  7. भौतिक और रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल में आप कैसे अंतर करेंगे? उत्तर: भौतिक — एथेनॉल उदासीन गंध वाला द्रव है, एथेनॉइक अम्ल में तीखी सिरके जैसी गंध होती है। रासायनिक — एथेनॉइक अम्ल नीले लिटमस को लाल करता है और सोडियम कार्बोनेट से CO2 निकालता है, जबकि एथेनॉल न लिटमस बदलता है, न कार्बोनेट से गैस निकालता है। सोडियम धातु से दोनों हाइड्रोजन देते हैं, पर अम्ल की अभिक्रिया तेज़ होती है।
  8. जब साबुन को जल में डाला जाता है तो मिसेल का निर्माण क्यों होता है? क्या एथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में भी मिसेल का निर्माण होगा? उत्तर: साबुन के अणु में एक जलरागी (आयनिक) सिरा और एक जलविरागी (हाइड्रोकार्बन) पूँछ होती है। जल में पूँछें जल से बचकर अंदर की ओर सिमट जाती हैं और सिरे बाहर रहते हैं — इसी गोल गुच्छे को मिसेल कहते हैं। एथेनॉल में ऐसा नहीं होगा, क्योंकि एथेनॉल जल जैसा ध्रुवीय विलायक नहीं है — उसमें साबुन की पूँछ घुल जाती है, इसलिए मिसेल बनने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।
  9. कार्बन और उसके यौगिकों का उपयोग अधिकतर अनुप्रयोगों में ईंधन के रूप में क्यों किया जाता है? उत्तर: क्योंकि कार्बन यौगिकों के दहन से बड़ी मात्रा में ऊष्मा और प्रकाश निकलता है, वे आसानी से जलते हैं और उनके दहन उत्पाद (CO2 + जल) सामान्यतः हानिरहित होते हैं। पेट्रोल, डीज़ल, प्राकृतिक गैस, लकड़ी, कोयला — सब कार्बन यौगिक ही हैं।
  10. कठोर जल को साबुन से उपचारित करने पर झाग के निर्माण को समझाइए। उत्तर: कठोर जल में कैल्शियम और मैग्नीशियम आयन होते हैं। साबुन इन आयनों से मिलकर अघुलनशील सफ़ेद दही जैसा पदार्थ (स्कम) बना लेता है, जिससे साबुन झाग बनाने के बजाय उसी में खर्च हो जाता है। जब तक ये आयन समाप्त न हों, झाग नहीं बनता — इसलिए कठोर जल में साबुन से झाग देर से और कम बनता है।
  11. यदि आप लिटमस पत्र (लाल और नीला) से साबुन की जाँच करें तो आपका प्रेक्षण क्या होगा? उत्तर: लाल लिटमस नीला हो जाएगा और नीले लिटमस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि साबुन का विलयन क्षारीय होता है।
  12. हाइड्रोजनीकरण क्या है? इसका औद्योगिक अनुप्रयोग क्या है? उत्तर: उत्प्रेरक (निकेल) की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में हाइड्रोजन जोड़कर उसे संतृप्त बनाने की प्रक्रिया हाइड्रोजनीकरण है। इसका मुख्य औद्योगिक उपयोग वनस्पति तेलों से वनस्पति घी (डालडा) बनाना है — द्रव तेल में हाइड्रोजन जोड़कर उसे ठोस वसा में बदला जाता है।
  13. दिए गए हाइड्रोकार्बन C2H6, C3H8, C3H6, C2H2 और CH4 में किसमें संकलन (योगात्मक) अभिक्रिया होती है? उत्तर: C3H6 (प्रोपीन) और C2H2 (एथाइन) में, क्योंकि ये असंतृप्त हैं — इनमें द्वि-आबंध और त्रि-आबंध हैं, जिन पर हाइड्रोजन या हैलोजन जैसे परमाणु जुड़ सकते हैं। संतृप्त C2H6, C3H8 और CH4 में केवल प्रतिस्थापन अभिक्रिया होती है।
  14. मक्खन और खाना बनाने वाले तेल के बीच रासायनिक अंतर समझने के लिए एक परीक्षण बताइए। उत्तर: ब्रोमीन जल का परीक्षण कीजिए — तेल (असंतृप्त) में ब्रोमीन जल का भूरा रंग उड़ जाता है, क्योंकि ब्रोमीन द्वि-आबंध पर जुड़ जाता है। मक्खन (संतृप्त वसा) में ब्रोमीन जल का रंग बना रहता है, क्योंकि उसमें जुड़ने लायक द्वि-आबंध नहीं होते।
  15. साबुन की सफ़ाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाइए। उत्तर: साबुन का अणु दो सिरों वाला होता है — जलरागी सिरा जल से जुड़ता है और जलविरागी पूँछ तेल-मैल से। धोने पर पूँछें मैल की बूँद के चारों ओर घिरकर मिसेल बना लेती हैं, मैल जल में पायस (इमल्शन) के रूप में तैरने लगता है और फिर पानी के साथ धुलकर बाहर निकल जाता है।
परीक्षा टिप: पहले इस पृष्ठ के ‘याद रखें’ बिंदुओं को पक्का करें, फिर अभ्यास के प्रश्न स्वयं हल करके उत्तरों से मिलाएँ।
सार-संक्षेप — याद रखें
  • कार्बन चार सहसंयोजक बंधन बनाता है — इसकी संयोजकता 4 होती है।
  • हीरा कठोर और कुचालक है; ग्रेफाइट नरम और सुचालक है — दोनों शुद्ध कार्बन हैं।
  • संतृप्त यौगिक सामान्यतः स्वच्छ ज्वाला से जलते हैं, असंतृप्त पीली, धुएँ वाली ज्वाला देते हैं।
  • साबुन कठोर जल में झाग कम देता है; अपमार्जक कठोर जल में भी प्रभावी रहता है।