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Deepakam • पाठ 8

Chapter 8: पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्

देखो भारत का मनोहर उत्तर-पूर्वी कोना — सप्तभगिनी और एक भ्राता।

Original notes — ready CBSE (NCERT, English Medium) • Class 8 • Sanskrit • Book: Deepakam

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पाठ का सार — EG के अपने शब्दों में

भारत के पूर्वोत्तर भाग में आठ राज्य स्थित हैं — अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा और सिक्किम। ये राज्य केवल स्थान-विशेष के कारण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विविधता के कारण विशेष महत्त्व रखते हैं। इन प्रदेशों का प्राकृतिक सौन्दर्य, समुदायों की विविधता और भौगोलिक-पर्यावरणीय वैचित्र्य देश के अन्य भागों से अलग है। पर्वतों और नदियों से सुशोभित ये राज्य पूर्वी हिमालय-श्रेणियों और पटकाई-नाग पर्वत-प्रदेश में स्थित हैं। इनमें बराक और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियाँ बहती हैं और पर्वत-श्रेणियाँ, पीठ-स्थल, निम्न पर्वत और उपत्यकाएँ इस भूभाग को भू-वैविध्य देती हैं। प्राकृतिक सम्पदाओं से समृद्ध यह प्रदेश पूर्व-दक्षिण-पूर्व एशिया का द्वार है।

कक्षा-संवाद — अध्यापिका छात्रों से पूछती हैं कि देश में कितने राज्य हैं। एक छात्रा बताती है कि उसकी बहन के अनुसार देश में अट्ठाईस राज्य और आठ केन्द्रशासित प्रदेश हैं। अध्यापिका कहती हैं — यह सही है, और इन्हीं में आठ राज्यों का एक समूह है जो “सप्तभगिनी और एक भ्राता” के नाम से प्रसिद्ध है। छात्र आश्चर्य से पूछते हैं कि ऐसा क्यों कहा जाता है। अध्यापिका बताती हैं कि यह प्रयोग प्रतीकात्मक है — सम्भवतः सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्यों की समानता और भौगोलिक वैशिष्ट्य के कारण ये इस उपाधि से प्रसिद्ध हुए। फिर वे एक श्लोक सुनाती हैं जिसका भाव है — सात राज्यों का समूह भगिनी-सप्तक माना गया है और उससे युक्त छोटा भ्राता सिक्किम के नाम से विश्रुत है। इस प्रकार भ्राता सिक्किम सहित सात भगिनियाँ हैं — अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिज़ोरम, मेघालय, नागालैण्ड और त्रिपुरा। क्षेत्रफल में ये छोटे हैं, फिर भी गुण और गौरव की दृष्टि से बहुत बड़े प्रतीत होते हैं।

इतिहास और संस्कृति — अध्यापिका बताती हैं कि भ्राता सहित ये सात भगिनियाँ अपने प्राचीन इतिहास में प्रायः स्वाधीन ही देखी गई हैं; किसी शासक ने इन्हें अपने अधीन नहीं किया। विविध संस्कृतियों वाली भारतभूमि में इन भ्राता-भगिनियों की संस्कृति महत्त्व बढ़ाने वाली है। यह प्रदेश जनजाति-बहुल है — गारो, खासी, नागा, मिज़ो, लेप्चा जैसी बहुत-सी जनजातियाँ यहाँ निवास करती हैं। यहाँ के लोग शरीर से ऊर्जस्वी हैं, बहुत-सी भाषाओं से समन्वित हैं, पर्व-परम्पराओं से परिपूर्ण हैं और अपनी लीला-कलाओं में निष्णात हैं। पर्वत, वृक्ष और पुष्प जैसी प्राकृतिक सम्पदाओं से ये राज्य समृद्ध हैं और भारत-वृक्ष में पुष्प-स्तबक के समान विराजते हैं।

वंश (बाँस) और हस्तशिल्प — इस प्रदेश में वंश-वृक्षों के वनों की प्रचुरता है। आवस्त्र और आभूषणों से लेकर गृह-निर्माण तक प्रायः वंश-वृक्ष से बनी वस्तुओं का उपयोग किया जाता है। वंश-उद्योग अब अन्तरराष्ट्रीय ख्याति पा रहा है। पाठ के अन्त में परियोजना-कार्य दिया गया है — मानचित्र दिखाना, संस्कृत में किसी राज्य का पाँच वाक्यों में विवरण लिखना और विद्यालय में उत्तर-पूर्व संस्कृति-दिवस का आयोजन करना, जिसमें विविध राज्यों के परिधान, नृत्य, भोजन और वेशभूषा प्रस्तुत हों और सम्पूर्ण कार्यक्रम संस्कृत-संवाद के माध्यम से ही किया जाए।

Labelled diagram for पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): हरे पहाड़, चाय बागान, नदी और पहाड़ी घर। उत्तर-पूर्व भारत की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।

Illustration for पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्

नदी घाटी, बाँस के घर और नावें। उत्तर-पूर्व की सामान्य तस्वीर।

मुख्य शब्द — शब्दार्थ

शब्दअर्थ
ऐशान्यम् कोणम्उत्तर-पूर्वी कोना
सप्तभगिन्यःसात बहनें (सात राज्य)
प्रतीकात्मकःप्रतीक के रूप में
भू-वैविध्यम्भूमि की विविधता
जनजातिबहुलःजनजातियों से भरा हुआ
वंशवृक्षःबाँस का वृक्ष
हस्तशिल्पम्हाथ की कारीगरी
पुष्प-स्तबकःफूलों का गुच्छा
उपत्यकाघाटी
पीठस्थलम्पठार

आठ राज्य — एक नज़र में

समूहराज्य
सप्तभगिनी (7)अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा
भ्राता (1)सिक्किम
कुलआठ राज्य — भारत के पूर्वोत्तर भाग में
प्रमुख नदियाँबराक, ब्रह्मपुत्र
पर्वत-प्रदेशपूर्वी हिमालय-श्रेणियाँ, पटकाई-नाग पर्वत-प्रदेश

व्याकरण और अभ्यास-प्रकार — इस पाठ से

विपरीतार्थक और समानार्थक: वाक्य से किसी पद का विपरीतार्थक पद पहचानो — जैसे प्राचुर्य वाले वाक्य से अल्पता का विपरीतार्थक पद मिलता है। इसी प्रकार किसी क्रियापद का समानार्थक पद वाक्य के अर्थ से पहचानो, जैसे सन्ति का समानार्थक।

विशेष्य-विशेषण मेलन: विशेषण-पदों का विशेष्य-पदों से उचित मेलन करो। मेलन करते समय लिङ्ग, वचन और विभक्ति तीनों का मेल देखो — विशेषण अपने विशेष्य का अनुसरण करता है।

पट्टिका से रिक्त स्थान: पट्टिका से पद चुनकर रिक्त स्थान भरो। पद चुनते समय वाक्य का अर्थ और व्याकरण दोनों की जाँच करो।

परीक्षा टिपआठ राज्यों के नाम क्रम से याद रखो और यह भी कि सिक्किम “भ्राता” है, भगिनी नहीं। उत्तर में सात + एक का विभाजन स्पष्ट लिखो।
सामान्य गलती“सप्तभगिनी” में सिक्किम को गिन लेना। सप्तभगिनी सात हैं; सिक्किम के साथ कुल आठ होते हैं।

अभ्यास — स्वयं करके देखो

  1. पूर्वोत्तर के आठ राज्य कौन-से हैं?
    संकेत: सात भगिनी + एक भ्राता के रूप में गिनो।
  2. “सप्तभगिनी एक भ्राता” नाम क्यों पड़ा?
    संकेत: प्रतीकात्मक प्रयोग, सांस्कृतिक समानता और भौगोलिक वैशिष्ट्य की बात सोचो।
  3. एक पद का विपरीतार्थक और एक का समानार्थक लिखो।
    संकेत: वाक्य का अर्थ पढ़ो, फिर उल्टा और समान अर्थ वाला पद चुनो।
  4. एक विशेषण का उसके विशेष्य से मेलन करो।
    संकेत: लिङ्ग, वचन और विभक्ति का मेल देखो।
  5. पट्टिका से एक रिक्त स्थान भरो।
    संकेत: वाक्य के अर्थ से सही पद पहचानो।

प्रश्न और उत्तर

  1. भारत के पूर्वोत्तर भाग में कौन-से आठ राज्य हैं?
    अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा और सिक्किम — ये आठ राज्य पूर्वोत्तर भाग में स्थित हैं।
  2. इन राज्यों का विशेष महत्त्व किस कारण है?
    केवल स्थान के कारण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक-ऐतिहासिक विविधता, प्राकृतिक सौन्दर्य, समुदायों की विविधता और भौगोलिक-पर्यावरणीय वैचित्र्य के कारण।
  3. यह प्रदेश किसका द्वार कहलाता है?
    प्राकृतिक सम्पदाओं से समृद्ध यह प्रदेश पूर्व-दक्षिण-पूर्व एशिया का द्वार कहलाता है।
  4. इस प्रदेश की जनजातियों और कलाओं के बारे में क्या बताया गया है?
    यह जनजाति-बहुल प्रदेश है — गारो, खासी, नागा, मिज़ो, लेप्चा जैसी जनजातियाँ यहाँ रहती हैं। यहाँ के लोग ऊर्जस्वी, बहुभाषी, पर्व-परम्पराओं से परिपूर्ण और अपनी कलाओं में निष्णात हैं।
  5. वंश-वृक्ष का इस प्रदेश में क्या महत्त्व है?
    वंश-वृक्षों की प्रचुरता है; वस्त्र-आभूषण से लेकर गृह-निर्माण तक वंश-निर्मित वस्तुओं का उपयोग होता है और वंश-उद्योग अन्तरराष्ट्रीय ख्याति पा रहा है।

विस्तार — और गहराई से

  1. मानचित्र पर आठ राज्यों को दिखाओ।
    भारत के मानचित्र पर पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को चिह्नित करो और प्रत्येक का नाम संस्कृत में लिखो।
  2. किसी एक राज्य का संस्कृत में पाँच वाक्यों में विवरण लिखो।
    राज्य का स्थान, एक नदी या पर्वत, एक जनजाति या कला, एक विशेषता और एक निष्कर्ष — पाँच वाक्य लिखो।
  3. विद्यालय में “उत्तर-पूर्व संस्कृति-दिवस” की योजना बनाओ।
    परिधान, नृत्य, भोजन और वेशभूषा की प्रस्तुतियाँ रखो और सम्पूर्ण कार्यक्रम संस्कृत-संवाद में करने की योजना लिखो।
  4. “क्षेत्रफल में छोटे, गुण-गौरव में बड़े” — इस बात को अपने शब्दों में समझाओ।
    आकार छोटा होने पर भी संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सम्पदा से इन राज्यों का गौरव बड़ा है — इस भाव को उदाहरण सहित लिखो।
  5. अपने राज्य की तुलना पूर्वोत्तर के किसी राज्य से करो।
    एक समानता (जैसे नदी या पर्व) और एक भिन्नता (जैसे भाषा या वेशभूषा) लिखो।
पुनरावलोकन — Recap
  • आठ राज्य: 7 भगिनी + भ्राता सिक्किम; नदियाँ बराक-ब्रह्मपुत्र; पर्वत पूर्वी हिमालय, पटकाई-नाग।
  • विशेषता: सांस्कृतिक-ऐतिहासिक विविधता, जनजाति-बहुलता, बाँस-हस्तशिल्प।
  • व्याकरण: विपरीतार्थक, समानार्थक, विशेष्य-विशेषण मेलन, पट्टिका से रिक्त स्थान।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।