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अध्याय 1: माँ, कह एक कहानी

Original notes — ready CBSE (NCERT, English Medium) • Class 7 • Hindi • Book: Malhar

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कविता • मैथिलीशरण गुप्त (1886–1964) — ‘यशोधरा’ से

माँ यशोधरा अपने बेटे राहुल को उसके पिता सिद्धार्थ की कहानी सुनाती हैं — घायल हंस, आखेटक और न्याय का प्रश्न।

माँ, कह एक कहानी — EG के अपने शब्दों में सार

पुस्तक: Malhar (CBSE, कक्षा 7)  |  अध्याय 1  |  माध्यम: Hindi

Labelled diagram for माँ, कह एक कहानी

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): माँ बच्चे को कहानी सुनाती हुई। पाठ के भाव की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।

Illustration for माँ, कह एक कहानी

कहानी सुनते-सुनते सपनों की दुनिया। ममता और कल्पना की सामान्य तस्वीर।

पाठ के बारे में

यह कविता माँ और बेटे के बीच संवाद के रूप में रची गई है। छोटा बच्चा माँ से हठ करता है कि वह उसे एक कहानी सुनाए, और माँ उसे उसके पिता की कहानी सुनाने लगती है। कविता में यह स्पष्ट नहीं लिखा गया है कि कौन-सा कथन किसने कहा है — पाठक को संवाद से ही पहचानना होता है।

कहानी इस प्रकार है: एक दिन बड़े सवेरे पिता उपवन में टहल रहे थे। वहाँ फूल खिले थे, ओस की बूँदें झिलमिला रही थीं, हल्की हवा बह रही थी और पानी लहरा रहा था। पक्षी मधुर स्वर में गा रहे थे। तभी एक हंस ऊपर से गिर पड़ा — वह तेज़ तीर से घायल हो गया था और उसके पंख को हानि पहुँची थी।

पिता ने चौंककर घायल हंस को उठाया, मानो उसे नया जीवन मिल गया। इतने में आखेटक (शिकारी) आ पहुँचा और उसने घायल पक्षी को माँग लिया, क्योंकि वह उसका शिकार था। पिता पक्षी के रक्षक बने और आखेटक ने हठ ठान ली। दयालु और निर्दयी के बीच विवाद हुआ, दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे और बात न्यायालय तक पहुँच गई।

माँ कहानी को यहीं रोककर बेटे से पूछती है — राहुल, तुम ही निर्णय करो, न्याय किसका पक्ष लेता है? निर्भय होकर कह दो, जीत किसकी होनी चाहिए? बेटा उत्तर देता है कि जो निरपराध को मारे, उसे दूसरा क्यों न बचाए? रक्षक पर भक्षक को वरीयता कैसे दी जा सकती है? न्याय दया का दानी है, अर्थात न्याय में दया मिली होती है। माँ प्रसन्न होकर कहती है कि तुमने कहानी को समझ लिया है।

पाठ की पहचान यह है कि इसमें माँ, पुत्र और पिता कौन हैं — माँ यशोधरा हैं, जो राजकुमारी और सिद्धार्थ की पत्नी थीं; पिता सिद्धार्थ हैं, जो बाद में गौतम बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुए; और पुत्र उन्हीं के बेटे राहुल हैं। कविता में संवादात्मक शैली और प्रकृति का वर्णनात्मक चित्रण दोनों मिलते हैं।

कहानी का क्रम

  1. बच्चा माँ से कहानी सुनाने की हठ करता है; माँ पिता की कहानी सुनाना शुरू करती है।
  2. उपवन में सवेरे का सुंदर वर्णन — फूल, ओस, हवा, पानी और पक्षियों का गान।
  3. तीर से घायल हंस का गिरना; पिता का उसे उठाकर बचाना।
  4. आखेटक का आना और घायल पक्षी को माँगना; रक्षक और भक्षक के बीच विवाद।
  5. विवाद का न्यायालय तक पहुँचना; माँ का बेटे से निर्णय पूछना।
  6. बेटे का निर्णय — न्याय रक्षक का पक्ष लेता है, क्योंकि न्याय दया से जुड़ा है।

मुख्य शब्द

  • आखेटक — शिकार करने वाला, शिकारी।
  • खग — पक्षी।
  • तात — पिता।
  • सदय — दयालु; निर्दय — दया से रहित, कठोर।
  • उभय आग्रही — दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए।
  • भक्षक — मारने/खाने वाला; रक्षक — बचाने वाला।
  • चेटी — सेविका (यहाँ बच्चे की देखभाल करने वाली)।

याद रखें

  • कविता ‘यशोधरा’ काव्य-कृति से ली गई है; कवि मैथिलीशरण गुप्त हैं।
  • माँ = यशोधरा, पुत्र = राहुल, पिता = सिद्धार्थ (बाद में गौतम बुद्ध)।
  • हंस तीर से घायल होकर गिरा था; पिता ने उसे बचाया, आखेटक ने माँगा।
  • विवाद न्यायालय तक गया; निर्णय बेटे से पूछा गया।
  • बेटे का निर्णय: न्याय दया का साथ देता है, रक्षक का पक्ष लेता है।
ध्यान दोकविता में कई पंक्तियाँ दो बार आती हैं, जैसे ‘राजा था या रानी?’ और ‘लहराता था पानी?’ — यह दोहराव माँ-बेटे के संवाद को स्पष्ट करता है और कविता का सौंदर्य बढ़ाता है।
सामान्य गलतीकेवल ‘माँ की कहानी’ लिखना अधूरा है। परीक्षा में बताओ कि कहानी किसकी है (सिद्धार्थ की), विवाद किसके बीच हुआ (रक्षक और भक्षक के बीच) और निर्णय क्या था (न्याय दया का दानी है)।

तालिका: पात्र और उनकी भूमिका

विषयविवरण
माँ (यशोधरा)कहानी सुनाने वाली; अंत में बेटे से निर्णय पूछती है
पुत्र (राहुल)कहानी सुनने वाला; न्याय का निर्णय सुनाता है
पिता (सिद्धार्थ)उपवन में घायल हंस के रक्षक
आखेटकहंस का शिकारी; पक्षी पर अपना अधिकार जताता है
घायल हंसविवाद का केंद्र; दया और न्याय की परीक्षा

अभ्यास — स्वयं करके देखो

  1. कविता में माँ, पुत्र और पिता कौन-कौन हैं? पहचानकर लिखो।
    संकेत: यशोधरा, राहुल और सिद्धार्थ के नाम याद करो।
  2. हंस कैसे घायल हुआ और पिता ने क्या किया?
    संकेत: उपवन, तीर और बचाने की घटना को क्रम से लिखो।
  3. रक्षक और भक्षक के बीच विवाद क्यों हुआ?
    संकेत: दोनों के अपने-अपने दावे सोचो।
  4. माँ ने कहानी बीच में रोककर बेटे से निर्णय क्यों पूछा?
    संकेत: सोचो — निर्णय लेने की सीख क्या है?
  5. कविता की कोई एक पंक्ति अपने शब्दों में अनुच्छेद के रूप में लिखो।
    संकेत: पहले भाव समझो, फिर अपने शब्दों में लिखो।

प्रश्न और उत्तर

  1. कविता किस काव्य-कृति से ली गई है और इसके कवि कौन हैं?
    यह कविता मैथिलीशरण गुप्त की काव्य-कृति ‘यशोधरा’ से ली गई है। इसमें माँ यशोधरा और बेटे राहुल के बीच संवाद है।
  2. उपवन में सवेरे का कैसा दृश्य था?
    उपवन में रंग-बिरंगे फूल खिले थे, ओस की बूँदें झिलमिला रही थीं, हल्के झोंके बह रहे थे, पानी लहरा रहा था और पक्षी मधुर स्वर में गा रहे थे।
  3. आखेटक और पिता के बीच तर्क-वितर्क क्यों हुआ?
    आखेटक घायल हंस को अपना शिकार मानकर माँग रहा था, जबकि पिता ने उसे बचाया था और वे उसके रक्षक थे। दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े थे, इसलिए विवाद हुआ और बात न्यायालय तक पहुँची।
  4. राहुल ने न्याय के बारे में क्या निर्णय सुनाया?
    राहुल ने कहा कि जो निरपराध को मारे, उसे दूसरा क्यों न बचाए; रक्षक पर भक्षक को वरीयता नहीं दी जा सकती। न्याय दया का दानी है, अर्थात न्याय दया के साथ होता है।
  5. कविता का मुख्य संदेश क्या है?
    कविता का संदेश है कि सच्चा न्याय दया से अलग नहीं होता। निरपराध की रक्षा करना ही न्याय है, और कहानी सुनाने के साथ-साथ सोचने और निर्णय लेने की सीख भी दी गई है।

विस्तार — NCERT अभ्यासों से

  1. पंक्तियों का अर्थ बताओ — ‘हुआ विवाद सदय-निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में।’
    इसका अर्थ है कि दयालु और निर्दयी व्यक्ति के बीच झगड़ा हुआ और दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए थे। कोई भी अपनी बात से पीछे हटने को तैयार नहीं था।
  2. कविता की विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान करो — संवाद, तुक, पुनरुक्ति, विपरीतार्थक शब्द।
    संवाद — माँ और बेटे की बातचीत पूरी कविता में है। तुक — पंक्तियों के अंतिम शब्दों की ध्वनि मिलती-जुलती है। पुनरुक्ति — ‘राजा था या रानी?’ जैसी पंक्तियाँ दो बार आती हैं। विपरीतार्थक — ‘सदय-निर्दय’ और ‘कोमल-कठिन’ साथ-साथ आए हैं।
  3. विराम चिह्नों के काम बताओ — अल्प विराम, पूर्ण विराम, उद्धरण चिह्न, प्रश्नवाचक और विस्मयादिबोधक।
    अल्प विराम (,) थोड़ा रुकने, पूर्ण विराम (।) अधिक रुकने का संकेत देता है। उद्धरण चिह्न (“ ”) बताते हैं कि कथन किसने कहा है। प्रश्नवाचक (?) प्रश्न और विस्मयादिबोधक (!) आश्चर्य या भाव की तीव्रता दर्शाता है।
  4. पहेलियाँ बूझो — (1) नानी की बेटी, मामा की बहन कौन? (2) आसमान में उड़-उड़ जाए, पर फैलाकर सैर करे, दो पर और दो पैर हों, वह कौन?
    (1) माँ। (2) हंस (पक्षी)। तीसरी पहेली — बागों में सुगंध फैलाए, फूल-फूल में बसे और हवा में घुल-मिल जाए — उसका उत्तर सुगंध है।
  5. कहानी सुनाने के बीच में प्रश्न पूछना सही है या नहीं? अपने मत का कारण दो।
    सही है, क्योंकि प्रश्न सुनने वाले को सोचने पर मजबूर करता है और कहानी केवल सुनना नहीं रह जाती, बल्कि समझना भी बन जाती है। माँ ने भी यही किया — उन्होंने बेटे से निर्णय पूछकर उसे सोचने का अवसर दिया।
  6. यदि तुम उपवन में होते तो घायल हंस की सहायता के लिए क्या करते? और न्याय कैसे करते?
    उत्तर अपने शब्दों में होगा, पर उसका आधार यही होना चाहिए: घायल की सहायता करना, उसे सुरक्षित स्थान पर रखना, और निर्णय में दया को स्थान देना — क्योंकि रक्षा करना मारने से बड़ा धर्म है।
पुनरावलोकन — एक नज़र में
  • कवि: मैथिलीशरण गुप्त; स्रोत: ‘यशोधरा’।
  • पात्र: माँ यशोधरा, पुत्र राहुल, पिता सिद्धार्थ।
  • घटना: घायल हंस — रक्षक बनाम भक्षक का विवाद — न्यायालय।
  • निर्णय: न्याय दया का दानी है; न्याय रक्षक का पक्ष लेता है।
  • शैली: संवादात्मक + वर्णनात्मक; दोहराव और तुक कविता की विशेषताएँ।
  • भाषा-बिंदु: विराम चिह्नों के कार्य; पद को अनुच्छेद में बदलना।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।