Chapter 2: रैखिक बहुपदों का परिचय
रैखिक बहुपद सबसे सरल बीजगणित है — एक चर, घात 1 — फिर भी उसका आलेख एक सीधी रेखा होती है, जिसकी ढाल एक कहानी कहती है।
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 9 • Mathematics • Book: Ganita Manjari — Part 1 (NEP Mirror, Hindi)
रैखिक बहुपदों का परिचय — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
पुस्तक: Ganita Manjari — Part 1 (BSEB, Class 9) | अध्याय 2 | माध्यम: हिंदी
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चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): एक रैखिक बहुपद का आलेख एक सीधी रेखा के रूप में, जो x-अक्ष को अपने शून्यक पर और y-अक्ष को अपने अचर पद पर काटती है। चित्र के सभी लेबल हिंदी में छपे हैं।

एक सरल बीजीय व्यंजक के साथ काम करता विद्यार्थी — बहुपदों की दुनिया में पहला कदम।
इस अध्याय के बारे में
बहुपद वह व्यंजक है जो किसी चर और संख्याओं से जोड़, घटाव और गुणा की सहायता से बनता है। ‘रैखिक’ का अर्थ है कि चर की सबसे बड़ी घात 1 है — कोई पद वर्ग या घन नहीं होता। इसलिए 3x + 5, x − 7 और 2x सभी एक चर वाले रैखिक बहुपद हैं, जबकि x² + 3x रैखिक नहीं है। हर रैखिक बहुपद की बनावट सरल होती है: x वाला एक पद और एक अचर पद। x के सामने की संख्या को उसका गुणांक कहते हैं।
चर का वह मान जो बहुपद को शून्य बना दे, उसका शून्यक कहलाता है। जैसे x − 4 का शून्यक 4 है, क्योंकि x = 4 रखने पर मान 0 हो जाता है। रैखिक बहुपद बीजगणित की नींव हैं। जब आप उनके पद पढ़ना, शून्यक निकालना और उन्हें जोड़ना-घटाना सीख जाते हैं, तो सर्वसमिकाओं, समीकरणों और आलेखों के लिए तैयार हो जाते हैं, जो सब इन्हीं सरल व्यंजकों से आगे बढ़ते हैं।
यह अध्याय यह भी देखता है कि रैखिक बहुपद किस तरह स्थिर गति से बढ़ने वाले प्रतिरूपों का वर्णन करते हैं। जब कोई राशि हर कदम पर समान मात्रा से बढ़ती है, तो उसके मान एक रैखिक प्रतिरूप बनाते हैं और संगत बहुपद का आलेख एक सीधी रेखा होता है। उस रेखा की ढलान ही उसकी ढाल है: y = ax + b में संख्या a ढाल है, और यही एक कदम से अगले कदम तक का स्थिर अंतर है। धनात्मक ढाल का अर्थ है स्थिर वृद्धि, ऋणात्मक ढाल का अर्थ है स्थिर कमी।
ढाल यह भी तय करती है कि रेखाएँ समांतर हैं या नहीं। समान ढाल वाली लेकिन अलग-अलग अंतःखंड वाली दो रेखाएँ कभी नहीं मिलतीं — वे समांतर चलती हैं। और अंतःखंड b वह स्थान है जहाँ रेखा y-अक्ष को काटती है।
क्या सीखना है
- रैखिक बहुपद को पहचानना, उसके पदों और गुणांक का नाम बताना और उसका शून्यक निकालना।
- y = ax + b से रेखा की ढाल और अंतःखंड पढ़ना।
- ढाल के चिह्न से वृद्धि और कमी में अंतर करना।
- समान ढाल से समांतर रेखाओं को पहचानना।
मुख्य शब्द
- बहुपद — चरों और अचरों से जोड़, घटाव और गुणा से बना व्यंजक, जिसमें चर की घातें पूर्ण संख्याएँ होती हैं।
- रैखिक बहुपद — वह बहुपद जिसकी चर की सबसे बड़ी घात 1 हो, जैसे 3x + 5।
- गुणांक — किसी पद में चर से गुणा की गई संख्या, जैसे 3x में 3।
- अचर पद — बहुपद का वह पद जिसमें कोई चर न हो, जैसे 3x + 5 में 5।
- शून्यक — चर का वह मान जो बहुपद को शून्य के बराबर कर दे।
- ढाल — रेखा y = ax + b में संख्या a: x में 1 की वृद्धि पर y में कितना परिवर्तन होता है। यह रैखिक प्रतिरूप का स्थिर अंतर है।
- रैखिक संबंध — ऐसा संबंध जिसमें एक राशि के निश्चित परिवर्तन पर दूसरी राशि में स्थिर परिवर्तन हो; इसका आलेख सीधी रेखा होता है।
याद रखें
- रैखिक का अर्थ है: चर की सबसे बड़ी घात 1 है।
- x में रैखिक बहुपद का अधिकतम एक शून्यक होता है।
- ax + b का शून्यक −b/a है (जब a शून्य न हो)।
- x², 1/x और √x वाले पद बहुपद में नहीं आ सकते।
- y = ax + b में a ढाल है और b y-अंतःखंड है (x = 0 पर मान)।
- समान ढाल और अलग-अलग अंतःखंड वाली रेखाएँ समांतर होती हैं।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: x² + 2x को सिर्फ इसलिए रैखिक कह देना कि वह ‘सरल दिखता’ है। पहले सबसे बड़ी घात देखें — यदि कोई घात 2 या अधिक है, तो वह रैखिक नहीं है।
चार्ट / तालिका: रैखिक है या नहीं? — उदाहरण
| व्यंजक | विवरण |
|---|---|
| 2x + 9 | रैखिक — x की सबसे बड़ी घात 1 है |
| 5 − x | रैखिक — यह −x + 5 के समान है |
| x² + 3 | रैखिक नहीं — सबसे बड़ी घात 2 है |
| 7 (अचर) | सामान्य अर्थ में रैखिक नहीं — कोई चर पद नहीं, घात 0 है |
| 3x + 1/x | बहुपद ही नहीं — 1/x पूर्ण-संख्या घात नहीं है |
हल की गई विधि: रेखा की ढाल, अंतःखंड और शून्यक
- p(x) = 2x − 6 लें। इसका शून्यक 2x − 6 = 0 से मिलता है, इसलिए x = 3।
- इसे y = 2x − 6 लिखें। x का गुणांक 2 है, इसलिए ढाल 2 है: x में हर 1 कदम पर y 2 बढ़ता है।
- अचर पद −6 है, इसलिए रेखा y-अक्ष को −6 पर काटती है।
- जाँच: x = 3 पर y = 2 × 3 − 6 = 0, जो शून्यक है — आलेख x-अक्ष को ठीक वहीं काटता है।
अभ्यास (स्वयं करके देखें)
- क्या 4x − 11 एक रैखिक बहुपद है? कारण दें।
संकेत: x की सबसे बड़ी घात देखें। - 7 − 2x में x का गुणांक और अचर पद निकालें।
संकेत: इसे −2x + 7 के रूप में लिखें। - बहुपद x + 8 का शून्यक निकालें।
संकेत: x + 8 = 0 हल करें। - 5x − 15 का शून्यक निकालें।
संकेत: 5x − 15 = 0 हल करें। - एक रैखिक बहुपद लिखें जिसका शून्यक −3 हो।
संकेत: ऐसा बहुपद चाहिए जो x = −3 पर 0 हो जाए।
प्रश्न और उत्तर
- बहुपद रैखिक कब होता है?
जब उसके चर की सबसे बड़ी घात 1 हो। जैसे 3x + 5 रैखिक है, लेकिन x² + 5 नहीं है। - रैखिक बहुपद की घात क्या होती है?
इसकी घात 1 होती है, क्योंकि घात का अर्थ है चर की सबसे बड़ी घात, और यहाँ वह 1 है। - 2x + 6 का शून्यक निकालें।
2x + 6 = 0 रखें। तब 2x = −6, इसलिए x = −3। शून्यक −3 है। - क्या रैखिक बहुपद के दो शून्यक हो सकते हैं?
नहीं। ax + b (a शून्य नहीं) का ठीक एक शून्यक होता है, −b/a। - क्या 9 एक बहुपद है? क्या वह रैखिक है?
हाँ, 9 एक अचर बहुपद है, लेकिन वह रैखिक नहीं है — रैखिक बहुपद में घात 1 वाला चर पद होना चाहिए, और इसकी घात 0 है, 1 नहीं।
विस्तार प्रश्न
- y = 2x − 1 की ढाल और y-अंतःखंड निकालें।
ढाल 2, y-अंतःखंड −1। - 3x − 6 का शून्यक निकालें।
3x − 6 = 0 से x = 2। - क्या y = 2x + 3 एक रैखिक संबंध है? इसकी ढाल और अंतःखंड क्या हैं?
हाँ — ढाल 2, अंतःखंड 3। - क्या रेखाएँ y = 2x + 1 और y = 2x − 5 समांतर हैं? कारण दें।
हाँ। दोनों की ढाल 2 है लेकिन अंतःखंड अलग हैं, इसलिए वे कभी नहीं मिलतीं। - क्या y = −3x + 2 वृद्धि दिखाता है या कमी? क्यों?
कमी, क्योंकि इसकी ढाल −3 ऋणात्मक है: x बढ़ने पर y घटता है। - p(x) = 2x + 5 के लिए p(3) निकालें।
p(3) = 2 × 3 + 5 = 11।
रैखिक का अर्थ है घात 1। शून्यक वह मान है जो बहुपद को शून्य कर दे, ढाल वृद्धि की दर बताती है और समान ढाल वाली रेखाएँ समांतर होती हैं।
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