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Class 9 • Mathematics • Ganit

Chapter 3: निर्देशांक ज्यामिति

कार्तीय समतल, चतुर्थांश, भुज-कोटि और बिंदुओं का अंकन।

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 9 • Mathematics • Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

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निर्देशांक ज्यामिति — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में

पुस्तक: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 9)  |  अध्याय 3  |  माध्यम: हिंदी

यह पृष्ठ Educational Galaxy के अपने मूल नोट्स हैं — किताब की नकल नहीं। यहाँ कोई आधिकारिक BSTBPC PDF नहीं दिया जाता है और यह पृष्ठ पाठ्यपुस्तक का विकल्प नहीं है।

निर्देशांक ज्यामिति के लिए लेबल वाला चित्र

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): कार्तीय समतल, अक्ष और चतुर्थांश — लेबल चित्र पर ही छपे हैं। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है।

निर्देशांक ज्यामिति के लिए चित्र

कक्षा में बड़े ग्रिड बोर्ड पर बिंदु अंकित करते छात्र — निर्देशांक ज्यामिति मानचित्र की भाषा है।

निर्देशांक ज्यामिति के लिए नया लेबल वाला चित्र

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): कार्तीय समतल में बिंदु (3, 2) और चतुर्थांशों के चिह्न।

इस अध्याय के बारे में

निर्देशांक ज्यामिति में समतल के हर बिंदु को दो संख्याओं (x, y) से पहचाना जाता है। x-अक्ष क्षैतिज रेखा है, y-अक्ष ऊर्ध्वाधर रेखा है, और दोनों जहाँ मिलती हैं वह मूलबिंदु (0, 0) है। दोनों अक्ष समतल को चार चतुर्थांशों में बाँटते हैं।

किसी बिंदु का भुज (x-निर्देशांक) बताता है कि वह y-अक्ष से कितनी दूर है, और कोटि (y-निर्देशांक) बताता है कि वह x-अक्ष से कितनी दूर है। चिह्नों से चतुर्थांश पता चलता है — प्रथम में (+, +), द्वितीय में (−, +), तृतीय में (−, −) और चतुर्थ में (+, −)।

बिंदु अंकित करना इस अध्याय का बुनियादी कौशल है: पहले x की ओर चलें, फिर y की ओर। अक्षों पर स्थित बिंदुओं का एक निर्देशांक शून्य होता है।

क्या सीखना है

कार्तीय समतल, चतुर्थांश, भुज-कोटि और बिंदुओं का अंकन।

मुख्य शब्द

  • मूलबिंदु (Origin) — (0, 0) — दोनों अक्षों का प्रतिच्छेद बिंदु।
  • भुज (Abscissa) — बिंदु का x-निर्देशांक।
  • कोटि (Ordinate) — बिंदु का y-निर्देशांक।
  • चतुर्थांश (Quadrant) — अक्षों से बने समतल के चार भाग।
  • x-अक्ष / y-अक्ष — क्षैतिज / ऊर्ध्वाधर निर्देशांक अक्ष।

याद रखें

  • बिंदु लिखते समय पहले x, फिर y लिखते हैं — (x, y)।
  • x-अक्ष पर कोटि शून्य होती है, y-अक्ष पर भुज शून्य होता है।
  • चिह्नों से चतुर्थांश पहचानें, दूरी से नहीं।
  • मूलबिंदु के निर्देशांक (0, 0) होते हैं।

परीक्षा टिप / सामान्य गलती

सामान्य गलती: (3, 2) और (2, 3) को एक ही बिंदु समझ लेना। क्रम बदलने से बिंदु बदल जाता है — पहला भुज है, दूसरा कोटि।

Chart / Table: चतुर्थांश और चिह्न

बिंदुविवरणटिप्पणी
प्रथम(+, +)दायाँ-ऊपर
द्वितीय(−, +)बायाँ-ऊपर
तृतीय(−, −)बायाँ-नीचे
चतुर्थ(+, −)दायाँ-नीचे

अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)

  1. बिंदु (−3, 4) किस चतुर्थांश में है?
    संकेत: चिह्न (−, +) देखें।
  2. बिंदु (0, −5) किस अक्ष पर है?
    संकेत: भुज शून्य है, इसका अर्थ देखें।
  3. बिंदु (4, −2) अंकित करने के चरण बताएँ।
    संकेत: पहले x, फिर y की ओर चलें।
  4. (−2, −3) और (3, −3) किन चतुर्थांशों में हैं?
    संकेत: दोनों के चिह्न अलग-अलग देखें।
  5. x-अक्ष पर स्थित किसी बिंदु की कोटि क्या होती है?
    संकेत: अक्ष पर दूरी शून्य होती है।

प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers

  1. कार्तीय समतल किसे कहते हैं?
    दो परस्पर लंब अक्षों — x-अक्ष और y-अक्ष — से बना समतल कार्तीय समतल कहलाता है। इसके हर बिंदु को (x, y) से दर्शाते हैं।
  2. बिंदु (2, −5) किस चतुर्थांश में है और क्यों?
    चतुर्थ चतुर्थांश में, क्योंकि भुज धनात्मक और कोटि ऋणात्मक है — (+, −) चतुर्थ चतुर्थांश का चिह्न है।
  3. भुज और कोटि में क्या अंतर है?
    भुज x-निर्देशांक है — y-अक्ष से दूरी; कोटि y-निर्देशांक है — x-अक्ष से दूरी।
  4. बिंदु (0, 7) कहाँ स्थित है?
    y-अक्ष पर, क्योंकि इसका भुज शून्य है।
  5. मूलबिंदु के निर्देशांक क्या हैं?
    (0, 0)।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।

Recap — याद रखने वाली बातें
  • बिंदु लिखते समय पहले x, फिर y लिखते हैं — (x, y)।
  • x-अक्ष पर कोटि शून्य होती है, y-अक्ष पर भुज शून्य होता है।
  • चिह्नों से चतुर्थांश पहचानें, दूरी से नहीं।
  • मूलबिंदु के निर्देशांक (0, 0) होते हैं।
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