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Class 8 • Science • Vigyan-3 (BSEB)

Chapter 8: दाब और बल का आपसी सम्बन्ध

दाब की परिभाषा और सूत्र, दैनिक जीवन में दाब, तरलों का सभी दिशाओं में दाब, उत्प्लावन बल, मैनोमीटर और वायुमंडलीय दाब — पुस्तक के क्रियाकलापों सहित।

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 8 • Science • Book: Vigyan-3 (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

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दाब और बल का आपसी सम्बन्ध — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में

पुस्तक: Vigyan-3 (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 8)  |  अध्याय 8  |  माध्यम: हिंदी

यह पृष्ठ Educational Galaxy के अपने मूल नोट्स हैं — किताब की नकल नहीं। यहाँ कोई आधिकारिक BSTBPC PDF नहीं दिया जाता है और ये नोट्स पाठ्यपुस्तक का स्थान नहीं लेते।

दाब और बल का आपसी सम्बन्ध के लिए लेबल वाला चित्र

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): दाब का सरलीकृत चित्र — लेबल चित्र पर ही छपे हैं। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है।

दाब और बल का आपसी सम्बन्ध के लिए चित्र

बाँध में पानी का सामान्य चित्र — नीचे दीवार मोटी दिखती है।

अध्याय का सार

आपने रस्सी से बुनी खाट अवश्य देखा होगा। आप जब खाट पर सोते हैं तथा खाट पर (रस्सी पर) खड़े होते हैं तो दोनों स्थितियों में अन्तर का अनुभव करते हैं — ऐसे क्यों होता है? आपने खाट (रस्सी/नेवार से बुनी) पर लेटकर, बैठकर या खड़े होकर देखा होगा — जब आप खाट पर सोये रहते हैं तो रस्सी कुछ नीचे दब जाती है पर, जब आप खड़े हो जाते हैं तो रस्सी बहुत ज़्यादा दब जाती है — ऐसा क्यों होता है? आपके शरीर के भार को खाट की रस्सियाँ तन कर ऊपर की ओर उठाती हैं; आपका भार दोनों स्थितियों में समान है — पर ध्यान दें, पहली स्थिति (क) में आपके शरीर के क्षेत्रफल पर पूरा भार लग रहा है, स्थिति (ख) में सिर्फ़ पैरों के क्षेत्रफल पर वही भार लगता है। अतः अगर प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगते बल का परिकलन किया जाय तो एक भौतिक राशि जो दबाने की क्रिया को निरूपित करती है परिभाषित की जा सकती है — उसे भौतिकी में 'दाब' कहते हैं।

दाब = कुल लगता हुआ बल (न्यूटन में) / संपर्क क्षेत्रफल (मी² में)। दाब की माप न्यूटन प्रति वर्ग मीटर में कर सकते हैं — इस इकाई को पास्कल कहा जाता है। दाब के व्यंजक में क्षेत्रफल हर (Denominator) में होता है — क्षेत्रफल बढ़ाकर दाब का मान घटाया जाता है; विपरीत अवस्था में यदि बल का मान बराबर हो तो सम्पर्क क्षेत्र घटाने पर दाब का मान बढ़ जाता है। कील या खूँटी के नुकीले सिरे का क्षेत्रफल इसके शरीर की अपेक्षा बहुत कम होती है — इसीलिए वही बल कील को तख्ते आदि में ठोकने के लिए पर्याप्त दाब उत्पन्न कर देता है।

1. दैनिक जीवन में दाब के उदाहरण

हमारे दैनिक जीवन में दाब के अनेक उदाहरण मिल जाएँगे — खाना बनाने के लिए प्रेशर कुकर का प्रयोग किया जाता है; चिकित्सा विज्ञान में दाब का प्रयोग होता है; सूई द्वारा दवा का प्रयोग इसका एक अच्छा उदाहरण है; वाहन में एयर ब्रेक का प्रयोग किया जाता है; साइकिल का टायर, कार की टायर से पतली होती है; कार की टायर, बस ट्रकों के टायर से पतली होती है, बड़े वाहन जैसे बस, ट्रक आदि में पीछे का चक्का जोड़ा में लगाया जाता है; सैनिकों के द्वारा उपयोग में लाए जानेवाले तोप के पहियों पर इस्पात की पट्टी (बेल्ट) चढ़ी होती है; खेतों में काम आने वाले ट्रैक्टर का चक्का बहुत बड़ा और चौड़ा बनाया जाता है; ऊँचे भवन के नींव गहरे एवं चौड़े बनाए जाते हैं। अब आपको समझने में सरलता होगी कि क्यों सूई की नोक नुकीली बनाई जाती है जबकि ब्लेड तथा चाकू की धार तेज़? आप यह भी बता सकते हैं कि जानवरों के खुर चौड़े क्यों होते हैं? क्या आप बता सकते हैं कि कुली बोझ ढोने के लिए सिर पर चौड़ा मुरेठा क्यों बाँधते हैं? अब आप बता सकते हैं कि काटने, सुराख करनेवाले औज़ारों के किनारे सदैव तीक्ष्ण क्यों होते हैं? सर्कस के खेल में शरीर पर हाथी गुज़ारने के लिए व्यक्ति चौड़े तख्ते का प्रयोग क्यों करता है या दल-दलवाले स्थान पर चलने के लिए चौड़े तख्ते का प्रयोग क्यों किया जाता है? उत्तर एक ही सिद्धांत में है — क्षेत्रफल बढ़ा दो तो दाब घट जाता है, क्षेत्रफल घटा दो तो दाब बढ़ जाता है।

2. द्रव तथा गैसों द्वारा लगाया गया दाब

द्रव तथा गैस तरल पदार्थ हैं; सबसे सामान्य द्रव जल है; वायु गैसों, धूलकण आदि के मिश्रण हैं; तरल पदार्थों का एक सामान्य गुण होता है कि वे बहते हैं — द्रव उच्च स्तर से निम्न स्तर की ओर बहते हैं जबकि गैसों का बहाव सभी दिशाओं में होता है। ब्लेज़ पास्कल, एक फ्रांसीसी वैज्ञानिक ने प्रायोगिक रूप से सिद्ध किया कि तरल पदार्थ सभी दिशाओं में एक समान दाब आरोपित करते हैं। ठोसों में दाब, भार के कारण नीचे की ओर लगता है, जबकि तरल पदार्थों द्वारा दाब नीचे, ऊपर एवं तिरछी (बगल) दिशाओं में आरोपित होते हैं। क्रियाकलाप-1: एक कठोर रबड़ की गेंद (लॉन टेनिस) लेते हैं; इसमें सूई की सहायता से छोटे-छोटे बहुत से छिद्र हर तरफ़ कर देते हैं; इसे दबाकर इसके अन्दर की वायु निकाल देते हैं; इसके बाद जल से भरे बाल्टी के अन्दर डुबाते हैं; गेंद से दाब हटाते ही जल छिद्रों से अन्दर चली जाती है; गेंद को जल से बाहर निकाल लेते हैं; गेंद के अन्दर जल भर जाता है; अँगूठा एवं तर्जनी के बीच गेंद को पकड़कर दबाने से सभी छिद्रों से जल बाहर निकलनी शुरू हो जाती है। अब एक अन्य रबड़ की गेंद लेते हैं; इसमें सूई से छिद्र कर देते हैं; इसमें वायु पम्प से वायु भरते हैं तो सभी छिद्रों से वायु निकलने लगती है — इस प्रकार आपने देखा कि तरल पदार्थ सभी दिशाओं में छिद्र पर दाब आरोपित करते हैं जिससे छिद्र से होकर जल या हवा बाहर निकलनी शुरू हो जाती है।

3. द्रव में नीचे, बगल और ऊपर की ओर दाब

द्रव में नीचे की ओर दाब: एक परखनली लीजिए — परखनली दोनों छोर पर खुली होनी चाहिए; परखनली के एक छोर को गुब्बारे की रबड़ से बाँध दीजिए; अब आप इस परखनली में थोड़ा जल उड़ेलिए — क्या रबड़ की शीट थोड़ा फैल जाती है? पाइप में जल स्तंभ की ऊँचाई को भी नोट कीजिए; पाइप में थोड़ा जल और उड़ेलिए; रबड़ शीट के फुलाव तथा पाइप में जल स्तंभ की ऊँचाई को पुनः नोट कीजिए; इस प्रक्रिया को कई बार जल की अलग-अलग मात्रा लेकर दोहराइए — क्या आप रबड़ शीट के फुलाव तथा पाइप के पानी के स्तंभ की ऊँचाई में कुछ सम्बंध देख पाते हैं? (जल स्तंभ जितना ऊँचा, रबड़ का फुलाव उतना अधिक — अर्थात् दाब गहराई के साथ बढ़ता है।) द्रव द्वारा बगल की ओर दाब लगाना: जल रखनेवाली प्लास्टिक की एक बोतल लीजिए; इस बोतल में तीन छिद्र चित्रानुसार कर देते हैं; इस बोतल में जल डालते हैं; जल बोतल को छिद्रों से गिरने लगती है — ऊपर के छिद्र से जल बोतल के सबसे नज़दीक, बीचवाले छिद्र से कुछ अधिक दूर तथा नीचेवाले छिद्र से जल बोतल से सबसे दूर गिरती है; इससे क्या निष्कर्ष निकलता है? जल बोतल की दीवार पर दाब लगाती है; जल की गहराई पर दाब का मान निर्भर करता है। क्रियाकलाप-2: एक बाल्टी लीजिए, उसमें जल भर दीजिए; जल या द्रव द्वारा ऊपर की ओर लगानेवाले धक्का को उत्प्लावन बल कहते हैं; अब एक खाली मग लीजिए, इसे उलटाकर जल से भरे बाल्टी में डालिए — मग को जल द्वारा उत्प्लावन बल के कारण ऊपर की ओर धक्का देने का अनुभव कीजिए। जल के द्वारा जब ऊपर की ओर उत्प्लावन बल लगाया जाता है तो इससे तैराकों को जल के ऊपर तैरने में सुविधा होती है; जलीय जीव भी इस बल के कारण जल में तैरते हैं। क्या आप जानते हैं कि जब द्रव या गैस में किसी पदार्थ को डुबोया जाता है तो इसके द्वारा डूबी हुई वस्तु पर एक ऊपर की ओर थ्रस्ट (धक्का) आरोपित किया जाता है — यह घटना उत्प्लावकता कहलाती है।

4. द्रव से दाब — मैनोमीटर

हम जानते हैं द्रव सभी दिशाओं में दाब आरोपित करते हैं; इसकी जाँच के लिए एक साधारण दाबमापी का हम प्रयोग कर सकते हैं जिसे मैनोमीटर कहा जाता है; मैनोमीटर को सरलतापूर्वक तैयार किया जा सकता है। मैनोमीटर को बनाने हेतु आवश्यक सामग्री — एक U आकार का ग्लास ट्यूब, एक प्लास्टिक का कीप, गुब्बारे का एक छोटा टुकड़ा, धागे का छोटा टुकड़ा, रबड़। प्रक्रिया: एक U आकार की नली लीजिए, जिसका दोनों सिरा खुला होता है; U नली को किसी बोर्ड पर लगा देते हैं; U नली पर मध्य से निश्चित दूरी पर दोनों नली को अशांकित कर देते हैं; U नली में कुछ रंगीन जल भर देते हैं; U नली के दोनों बाँहों पर जल के चिह्न के स्तर को नोट कर लेते हैं; एक प्लास्टिक की कीप लीजिए, इसके बड़ेवाले मुँह पर बैलून की झिल्ली को बाँध देते हैं; कीप की पतली नली में रबड़ की नली लगा दीजिए; इस रबड़ की नली का दूसरा छोर U नली के बाँह में लगा दीजिए — इस प्रकार मैनोमीटर उपयोग के लिए बनकर तैयार हो गया। कीप की झिल्ली पर ऊपर की ओर दाब लगाने से कीप के अन्दर की वायु पर दाब लगता है; वायु संपीडित होकर U नली के रंगीन जल पर दबाव डालती है; U नली के दूसरी बाँह का रंगीन जल बाँह में ऊपर चढ़ जाता है; इसी प्रकार झिल्ली को नीचे खींचने पर नली में रंगीन जल नीचे गिर जाता है — इस प्रकार द्रव से दाब की माप की जा सकती है। क्या आप जान सकते हैं कि कीप में लगी झिल्ली का कार्य क्या है? (झिल्ली दाब को वायु तक पहुँचाती है — दाब लगने पर झिल्ली दबती है और अन्दर की वायु संपीडित होकर U-नली के जल-स्तर को बदल देती है।)

5. वायु, वायुमंडल और वायुमंडलीय दाब

वायु हमारे चारों ओर है; वायु पृथ्वी को घेरे हुए है; पृथ्वी के चारों ओर वायु के ऐसे आवरण को वायुमंडल कहते हैं; वायुमंडल का फैलाव पृथ्वी से लगभग 800 कि.मी. से ऊपर तक है; वायु स्थान घेरती है; वायु में भार होता है; इस कारण वायु दाब डालती है। वायु भार में हल्की होती है लेकिन हमारे सिर के ऊपर वायु की बड़ी मात्रा होती है जिस कारण से इसके द्वारा अत्यधिक दाब आरोपित किया जाता है — इस दाब को यद्यपि हम अनुभव नहीं करते हैं। जर्मनी के वैज्ञानिक ऑटो हान ज्यूरीक ने वायु दाब की विशालता का प्रयोग धातुओं के कटोरा को लेकर दिखाया था — दोनों कटोरों को लेकर एक गोला बनाया गया; कटोरों से वायु सूचक पम्प द्वारा वायु निकालती गई जब कटोरों को अलग करने के लिए आठ-आठ घोड़ों के द्वारा दोनों कटोरों को दोनों ओर से खींचने पर ही अलग किया जा सका। क्रियाकलाप-3: एक टीन का बड़ा डब्बा या कंटेनर लीजिए; इस टीन के कंटेनर का मुँह खोलकर उसमें थोड़ा जल भर दीजिए; जल भरे कंटेनर को इतना गर्म कीजिए कि कंटेनर के अन्दर जलवाष्प द्वारा वायु बाहर निकल जाए; अब कंटेनर के खुले मुँह को ढक्कन से बन्द कर दीजिए; कंटेनर को गर्म करना बन्द कर दीजिए; बन्द कंटेनर को आग से अलग हटाकर रखिए; इस पर कुछ ठण्डा जल डालिए — ठण्डा जल डालने पर कंटेनर के अन्दर की जलवाष्प संघनित होकर जल में बदल जाती है; जल के ऊपर वायु शून्य की स्थिति उत्पन्न हो जाती है; वायुमंडलीय दाब कंटेनर की दीवार पर दबाव डालने लगती है जिससे कंटेनर कई स्थानों पर पिचक जाती है।

वायुमंडलीय दाब का परिमाण: एक 15 सेमी × 15 सेमी क्षेत्रफल तथा वायुमंडल की ऊँचाई के बराबर ऊँचाई के स्तंभ में वायु का भार लगभग 225 कि.ग्रा. द्रव्यमान के किसी पिंड के भार के बराबर होता है। इस भार के नीचे हम दबकर चिपक क्यों नहीं जाते? इसका कारण है कि हमारे या किसी प्राणी के अन्दर का दाब भी वायुमंडलीय दाब के बराबर है — यह बाहर के दाब को निरस्त कर देता है। पुस्तक के अनुसार: पृथ्वी पर समुद्र तल वायुमंडलीय दाब का मान 100 KPa होता है; एक वायुमंडलीय दाब का मान लगभग 1 किग्रा प्रति वर्ग सेमी होता है।

बल बनाम दाब — सबसे पूछा जानेवाला अंतर

बल पूर्ण धक्का है, जबकि दाब इकाई क्षेत्र पर लगनेवाला बल है। इसीलिए समान बल से कील (छोटा क्षेत्र) लकड़ी में घुस जाती है, परन्तु वही बल चौड़े तख्ते पर फैल जाए तो दाब घट जाता है — सर्कस में हाथी के नीचे चौड़ा तख्ता और दलदल में चौड़े तख्ते इसी सिद्धांत पर काम करते हैं।

तरल हर दिशा में दाब डालता है — ठोस नहीं

ठोसों में दाब भार के कारण केवल नीचे की ओर लगता है, परन्तु तरल (द्रव व गैस) नीचे, ऊपर और बगल — सभी दिशाओं में समान दाब आरोपित करते हैं। छिद्रवाली गेंद का प्रयोग और बोतल के तीन छिद्रों का प्रयोग इसी को सिद्ध करते हैं।

परीक्षा टिप

दाब का सूत्र (बल ÷ क्षेत्रफल), इकाई पास्कल (न्यूटन/मी²), गहराई के साथ दाब बढ़ना, उत्प्लावन बल, मैनोमीटर की बनावट और वायुमंडलीय दाब के दो प्रयोग (ऑटो हान ज्यूरीक के गोले, टीन का डब्बा पिचकना) — ये इस अध्याय के सबसे पूछे जानेवाले बिंदु हैं।

What you should learn — तुम्हें क्या सीखना चाहिए

दाब का सूत्र और इकाई, क्षेत्रफल-दाब संबंध, तरलों के सभी दिशाओं में दाब, उत्प्लावन बल और वायुमंडलीय दाब के प्रमाणों को समझें।

Key Terms — मुख्य शब्द

  • दाब (Pressure) — प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगनेवाला बल; दाब = बल ÷ क्षेत्रफल।
  • पास्कल (Pascal) — दाब की इकाई; 1 पास्कल = 1 न्यूटन/मी²।
  • न्यूटन (Newton) — बल की इकाई।
  • तरल (Fluids) — बहनेवाले पदार्थ; द्रव व गैस दोनों तरल हैं।
  • उत्प्लावन बल — द्रव/गैस द्वारा डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर लगाया जानेवाला धक्का।
  • उत्प्लावकता (Buoyancy) — डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर थ्रस्ट लगने की घटना।
  • मैनोमीटर (Manometer) — द्रव के दाब की जाँच/माप के लिए साधारण दाबमापी (U-नली + कीप + झिल्ली)।
  • वायुमंडल — पृथ्वी के चारों ओर वायु का आवरण (लगभग 800 कि.मी. ऊपर तक)।
  • वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure) — सिर के ऊपर वायु की बड़ी मात्रा द्वारा लगाया जानेवाला दाब; समुद्र तल पर लगभग 100 KPa, अर्थात् लगभग 1 किग्रा प्रति वर्ग सेमी।

Remember — याद रखें

  • प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगनेवाले बल को दाब कहते हैं।
  • दाब का मात्रक न्यूटन/मी² है जिसे पास्कल कहा जाता है।
  • बड़े क्षेत्रफल पर बल लगाने से दाब का मान घट जाता है।
  • नुकीली कील या तेज़ चाकू जिसके सिरे चौड़े होते हैं — नोंक तथा धार पर दाब का मान बढ़ा देते हैं। (पुस्तक के शब्दों में: नुकीला सिरा/तेज़ धार दाब बढ़ाती है।)
  • बल पूर्ण धक्का है जबकि दाब इकाई क्षेत्र पर लगनेवाला बल है।
  • ठोसों में दाब का मान नीचे की ओर होता है।
  • तरल में दाब सभी दिशाओं में आरोपित होता है।
  • द्रव तथा गैस बर्तन की दीवारों पर दाब आरोपित करते हैं; वायुमंडल दबाव डालता है।
  • पृथ्वी पर समुद्र तल वायुमंडलीय दाब का मान 100 KPa होता है।
  • एक वायुमंडलीय दाब का मान लगभग 1 किग्रा प्रति वर्ग सेमी होता है।

Exam Tip / Common Mistake — परीक्षा टिप / सामान्य गलती

सामान्य गलती: 'क्षेत्रफल घटाने पर दाब घटता है' लिखना — पुस्तक के अनुसार क्षेत्रफल घटाने पर दाब बढ़ता है (क्षेत्रफल हर में होता है)। दूसरी गलती: ठोस और तरल के दाब को एक जैसा बताना — ठोस का दाब केवल नीचे की ओर, तरल का सभी दिशाओं में होता है।

Chart / Table: दाब — कहाँ, कितना, किस दिशा में

स्थितिदाब की दिशामुख्य बात
ठोस (भार के कारण)केवल नीचे की ओरखाट की रस्सी: खड़े होने पर पैरों के छोटे क्षेत्र पर वही भार → अधिक दाब
तरल (द्रव व गैस)सभी दिशाओं में समानछिद्रवाली गेंद: सभी छिद्रों से जल/हवा निकलती है (पास्कल)
द्रव में गहराईगहराई के साथ बढ़ता हैबोतल के तीन छिद्र: नीचेवाला छिद्र सबसे दूर तक फेंकता है
द्रव में डूबी वस्तुऊपर की ओर (उत्प्लावन बल)तैराक व जलीय जीव इसी बल से तैरते हैं
वायुमंडलीय दाबसभी ओर सेशरीर के अन्दर का दाब बराबर होने से हम दबते नहीं; गोले व टीन के प्रयोग इसके प्रमाण हैं

अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)

  1. दाब किसे कहते हैं? दाब का सूत्र और इकाई लिखिए।
    संकेत: बल ÷ क्षेत्रफल, पास्कल सोचें।
  2. खाट पर लेटने की अपेक्षा खड़े होने पर रस्सी अधिक क्यों दब जाती है?
    संकेत: भार समान, क्षेत्रफल अलग सोचें।
  3. सूई की नोक नुकीली और चाकू की धार तेज़ क्यों होती है?
    संकेत: छोटा क्षेत्रफल → अधिक दाब सोचें।
  4. तरल पदार्थ सभी दिशाओं में दाब कैसे आरोपित करते हैं? गेंद वाले प्रयोग से समझाइए।
    संकेत: सभी छिद्रों से जल/हवा निकलना सोचें।
  5. वायुमंडलीय दाब हमें क्यों नहीं दबाता? दो प्रयोगों के नाम लिखिए जो इसका प्रमाण देते हैं।
    संकेत: शरीर के अन्दर का बराबर दाब; गोले व टीन के प्रयोग सोचें।

प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers

  1. दाब क्या है? बल और दाब में क्या अंतर है?
    प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगनेवाले बल को दाब कहते हैं — दाब = कुल बल ÷ संपर्क क्षेत्रफल, इकाई न्यूटन/मी² अर्थात् पास्कल। बल पूर्ण धक्का है, जबकि दाब इकाई क्षेत्र पर लगनेवाला बल है — इसीलिए समान बल छोटे क्षेत्र पर अधिक दाब और बड़े क्षेत्र पर कम दाब पैदा करता है।
  2. द्रव में गहराई के साथ दाब कैसे बदलता है? बोतल के प्रयोग से समझाइए।
    जल की गहराई पर दाब का मान निर्भर करता है — गहराई बढ़ने पर दाब बढ़ता है। बोतल में तीन छिद्र करने पर ऊपर के छिद्र से जल सबसे नज़दीक, बीचवाले से कुछ दूर और नीचेवाले से सबसे दूर गिरता है, क्योंकि नीचे दाब अधिक होता है।
  3. उत्प्लावन बल क्या है? तैराकों को इससे क्या सुविधा होती है?
    द्रव/गैस द्वारा डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर लगाया जानेवाला धक्का उत्प्लावन बल कहलाता है; इस घटना को उत्प्लावकता कहते हैं। इसी बल के कारण तैराकों को जल के ऊपर तैरने में सुविधा होती है और जलीय जीव जल में तैरते हैं।
  4. मैनोमीटर कैसे बनाया जाता है और वह दाब कैसे मापता है?
    U आकार की नली (दोनों सिरे खुले) को बोर्ड पर लगाकर उसमें रंगीन जल भरा जाता है; प्लास्टिक की कीप के चौड़े मुँह पर बैलून की झिल्ली बाँधकर उसकी पतली नली से रबड़ की नली जोड़कर U-नली की एक बाँह से जोड़ा जाता है। झिल्ली पर दाब लगाने से कीप की वायु संपीडित होकर U-नली के रंगीन जल को दूसरी बाँह में ऊपर चढ़ा देती है; झिल्ली नीचे खींचने पर जल-स्तर नीचे गिरता है — इसी से द्रव के दाब की माप होती है।
  5. वायुमंडलीय दाब का परिमाण कितना है और हम उससे क्यों नहीं दबते?
    15 सेमी × 15 सेमी क्षेत्रफल के वायुमंडलीय स्तंभ में वायु का भार लगभग 225 कि.ग्रा. द्रव्यमान के पिंड के भार के बराबर होता है; समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग 100 KPa (लगभग 1 किग्रा प्रति वर्ग सेमी) होता है। हम इसलिए नहीं दबते क्योंकि हमारे शरीर के अन्दर का दाब भी वायुमंडलीय दाब के बराबर है — यह बाहर के दाब को निरस्त कर देता है।

Extension — पुस्तक के अभ्यास के प्रश्न-प्रकार

अभ्यास 1 — एक शब्द में उत्तर:

  1. पृथ्वी द्वारा सभी वस्तुओं पर लगाया गया आकर्षण बल — गुरुत्व बल।
  2. इकाई क्षेत्रफल पर कार्य करनेवाला बल — दाब।
  3. तरल द्वारा ऊपरमुखी दाब — उत्प्लावन बल।
  4. वह बल जो वस्तु को जल में तैरते हुए रखती है — उत्प्लावन बल।
  5. इकाई क्षेत्र पर लगनेवाला वायु दाब — वायुमंडलीय दाब।

अभ्यास 2 — खाली स्थानों को भरिए:

  1. ठोस द्वारा केवल नीचे की दिशा में दाब आरोपित किया जाता है।
  2. वायु द्वारा आरोपित दाब का मान सभी दिशा में होता है।
  3. द्रव द्वारा आरोपित दाब सभी दिशा में होता है।
  4. दाब की इकाई पास्कल है।
  5. जल की गहराई में दाब का मान बढ़ता होता है।

अभ्यास 3 — सही/गलत पहचानिए:

  1. ठोसों द्वारा दाब उसके भार के कारण होता है। — सही।
  2. द्रव में गहराई के साथ दाब का मान बढ़ता है। — सही।
  3. वायु में भार होता है। — सही।
  4. क्षेत्रफल का मान घटाने पर दाब का मान घटता है। — गलत (क्षेत्रफल घटाने पर दाब बढ़ता है)।

अभ्यास 4–9 (विस्तृत उत्तर, संकेत सहित):

  1. बल एवं दाब में क्या अंतर होता है? — बल पूर्ण धक्का है; दाब इकाई क्षेत्र पर लगनेवाला बल है (सूत्र व इकाई सहित ऊपर देखें)।
  2. आप पिन को नुकीला क्यों बनाते हैं? — नुकीले सिरे का क्षेत्रफल बहुत कम होता है, इसलिए वही बल पर्याप्त दाब उत्पन्न कर पिन को घुसा देता है।
  3. आप अपने सिर पर कितना वायु के भार को ढो रहे हैं अगर आप के सिर का क्षेत्रफल 100 वर्ग सेमी है? — एक वायुमंडलीय दाब लगभग 1 किग्रा प्रति वर्ग सेमी है, इसलिए 100 वर्ग सेमी पर लगभग 100 किग्रा के बराबर भार — परन्तु शरीर के अन्दर का बराबर दाब इसे निरस्त कर देता है, इसलिए हम इसे महसूस नहीं करते।
  4. पर्वतारोही को पर्वत के ऊपर चढ़ने में साँस लेने में कठिनाइयों का सामना क्यों करना पड़ता है? — ऊँचाई पर सिर के ऊपर वायु की मात्रा कम हो जाती है, इसलिए वायुमंडलीय दाब कम हो जाता है (पुस्तक के सिद्धांत से तर्क: दाब वायु के भार/स्तंभ से आता है)।
  5. पास्कल ने कैसे दर्शाया कि द्रव सभी दिशाओं में दाब आरोपित करते हैं? — छिद्रवाली गेंद के प्रयोग से: दबाने पर सभी छिद्रों से जल निकलता है, हवा भरने पर सभी छिद्रों से हवा निकलती है।
  6. आप किसी स्थान पर वायुदाब कैसे निकालेंगे? एक साधारण वायु दाब मापी निर्माण एवं क्रियाविधि का वर्णन कीजिए। — मैनोमीटर की बनावट व क्रियाविधि ऊपर देखें (U-नली, रंगीन जल, कीप-झिल्ली)।

परियोजना (कार्य-रूप में): हाथ में एक गेंद लीजिए; इसे ऊपर की ओर उछालिए; गेंद ऊपर की ओर जाती है — बताइए कि ऊपर जाती गेंद पर कौन-कौन बल कार्य कर रहे हैं? गेंद जब महत्तम ऊँचाई पर पहुँच जाती है तो इस पर कौन-कौन से बल कार्य करते हैं? गेंद जब पृथ्वी पर गिरकर रुक जाती है तो इस पर कौन-कौन से बल कार्य करते हैं? परियोजना कार्य समूह बनाकर कीजिए तथा इसकी प्रस्तुति समूहवार वर्ग में कीजिए।

Recap — दाब और बल का आपसी सम्बन्ध
  • दाब = बल ÷ क्षेत्रफल; इकाई पास्कल (न्यूटन/मी²); क्षेत्रफल ↑ → दाब ↓; क्षेत्रफल ↓ → दाब ↑।
  • ठोस का दाब केवल नीचे; तरल का दाब सभी दिशाओं में समान (पास्कल); गहराई के साथ द्रव-दाब बढ़ता है।
  • उत्प्लावन बल: डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर धक्का; मैनोमीटर: U-नली + कीप-झिल्ली से द्रव-दाब की माप।
  • वायुमंडलीय दाब: समुद्र तल पर ~100 KPa (~1 किग्रा/सेमी²); शरीर के अन्दर का बराबर दाब इसे निरस्त करता है।

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