Educational Galaxy shield logo

Educational Galaxy

LEARN • THINK • SPEAK • GROW

कक्षा 8 • विज्ञान • क्यूरियॉसिटी — NEP Mirror (Hindi) (BSEB)

अध्याय 6: दाब, हवाएँ, तूफ़ान और चक्रवात

दाब = बल ÷ क्षेत्रफल — इसी एक सूत्र से हवा का बहना, आँधी का उठना और चक्रवात का घूमना समझा जा सकता है।

मूल नोट्स — तैयार बिहार बोर्ड — BSEB (हिंदी माध्यम) • कक्षा 8 • विज्ञान • पुस्तक: क्यूरियॉसिटी — NEP Mirror (Hindi)

प्रिंट से आप ब्राउज़र से PDF के रूप में सहेज सकते हैं। यह पाठ्यपुस्तक का PDF नहीं है।

अध्याय 6: दाब, हवाएँ, तूफ़ान और चक्रवात — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में

पुस्तक: क्यूरियॉसिटी (NEP Mirror — हिंदी संस्करण) (BSEB, कक्षा 8)  |  अध्याय 6  |  माध्यम: हिंदी

यह पृष्ठ NCERT की NEP पुस्तक के Educational Galaxy नोट्स का हिंदी संस्करण है, जो बिहार बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। बिहार बोर्ड द्वारा इस पुस्तक को निर्धारित किए जाने का दावा नहीं किया जाता।

यह पृष्ठ Educational Galaxy के अपने मूल नोट्स हैं — किताब की नकल नहीं। यहाँ कोई आधिकारिक NCERT/BSTBPC PDF नहीं दिया जाता है और ये नोट्स पाठ्यपुस्तक का स्थान नहीं लेते।

दाब, हवाएँ, तूफ़ान और चक्रवात के लिए लेबल वाला चित्र

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): दाब से चक्रवात तक का चित्र — उच्च/निम्न दाब, हवा की दिशा और चक्रवात की आँख, लेबल चित्र पर ही छपे हैं।

दाब, हवाएँ, तूफ़ान और चक्रवात के लिए चित्र

चक्रवात की चेतावनी समझता परिवार — सामान्य चित्र।

अध्याय का सार

दाब किसी सतह पर प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला बल है: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल। इसीलिए नुकीली कील आसानी से घुस जाती है (क्षेत्रफल कम, दाब अधिक) और चौड़े जूते बर्फ़ पर कम धँसते हैं (क्षेत्रफल अधिक, दाब कम)। वायुमंडलीय दाब वायु के भार से पैदा होता है।

हवा हमेशा उच्च दाब क्षेत्र से निम्न दाब क्षेत्र की ओर बहती है। सूर्य की गर्मी से किसी क्षेत्र की वायु गरम होकर ऊपर उठती है — वहाँ निम्न दाब बनता है और आस-पास की ठंडी वायु वहाँ बह आती है। यही हवा का जन्म है। जब यह प्रक्रिया तेज़ और विशाल हो जाए तो आँधी, तड़ित-झंझा और चक्रवात बनते हैं।

1. दाब: क्षेत्रफल पर फैला बल

दाब का मात्रक पास्कल है। द्रवों में दाब सभी दिशाओं में समान रूप से लगता है और गहराई के साथ बढ़ता है — इसीलिए बाँध नीचे से मोटे बनाए जाते हैं। वायुदाबमापी से वायुमंडलीय दाब मापा जाता है।

2. हवा कैसे जन्म लेती है: दाब का अंतर

दिन में स्थल समुद्र से तेज़ गरम होता है — स्थल की वायु ऊपर उठती है, समुद्र की ठंडी वायु स्थल की ओर बहती है (समुद्री समीर)। रात में उल्टा होता है (स्थलीय समीर)। मानसून भी इसी बड़े पैमाने के दाब-अंतर से चलता है।

3. तूफ़ान, तड़ित-झंझा और बिजली

तेज़ गरम वायु के ऊपर उठने और ठंडी वायु के नीचे आने से बादलों में आवेश अलग-अलग हो जाते हैं — ऊपर धनात्मक, नीचे ऋणात्मक। जब आवेश का अंतर बहुत बढ़ जाता है तो बिजली चमकती है (तड़ित) और गरज सुनाई देती है। तड़ित के समय खुले मैदान, पेड़ और धातु की वस्तुओं से दूर रहें।

4. चक्रवात: आँख और उसके चारों ओर का तूफ़ान

चक्रवात निम्न दाब केंद्र के चारों ओर घूमती विशाल वायु-प्रणाली है। उसके केंद्र में शांत 'आँख' होती है, जिसके चारों ओर सबसे तेज़ हवाएँ और भारी वर्षा होती है। चक्रवात की चेतावनी मिलने पर सुरक्षित स्थान पर जाएँ, बिजली के खंभों और कमज़ोर छतों से दूर रहें।

मुख्य बात

हवा हमेशा उच्च दाब से निम्न दाब की ओर बहती है — दिशा इसी नियम से तय होती है।

सावधानी

तड़ित के समय पेड़ के नीचे खड़े होना खतरनाक है — पेड़ बिजली का सबसे आसान रास्ता बन जाता है।

परीक्षा टिप

दाब के प्रश्न में सूत्र अवश्य लिखें: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, मात्रक पास्कल।

तुम्हें क्या सीखना चाहिए

दाब का सूत्र; हवा का जन्म; तड़ित-झंझा; चक्रवात की संरचना और सुरक्षा।

मुख्य शब्द

  • दाब — प्रति इकाई क्षेत्रफल पर बल; दाब = बल ÷ क्षेत्रफल।
  • पास्कल — दाब का मात्रक।
  • वायुमंडलीय दाब — वायु के भार से लगने वाला दाब।
  • समुद्री समीर — दिन में समुद्र से स्थल की ओर बहने वाली हवा।
  • स्थलीय समीर — रात में स्थल से समुद्र की ओर बहने वाली हवा।
  • तड़ित-झंझा — बिजली और गरज वाला तूफ़ान।
  • चक्रवात — निम्न दाब केंद्र के चारों ओर घूमती विशाल वायु-प्रणाली।
  • आँख — चक्रवात के केंद्र का शांत क्षेत्र।

याद रखें

  • दाब = बल ÷ क्षेत्रफल; मात्रक पास्कल।
  • हवा: उच्च दाब → निम्न दाब।
  • द्रवों में दाब गहराई के साथ बढ़ता है।
  • तड़ित: बादलों में आवेशों का अलगाव।
  • चक्रवात की आँख शांत, चारों ओर तेज़ हवा।

परीक्षा टिप / सामान्य गलती

सामान्य गलती: हवा की दिशा उल्टी लिख देना। हवा हमेशा उच्च दाब से निम्न दाब की ओर बहती है, कभी उल्टी नहीं।

चार्ट / तालिका: दाब से चक्रवात तक

विषयविवरण
दाबबल ÷ क्षेत्रफल; क्षेत्रफल कम → दाब अधिक
हवा का जन्मदाब-अंतर से बहाव
समुद्री/स्थलीय समीरदिन/रात का दाब-अंतर
तड़ित-झंझाआवेश-अलगाव → बिजली + गरज
चक्रवातनिम्न दाब केंद्र + घूमती हवा + शांत आँख

हल विधि: हवा से चक्रवात तक, क्रम में

1. सूर्य की गर्मी से वायु ऊपर उठती है। 2. निम्न दाब क्षेत्र बनता है। 3. आस-पास की वायु वहाँ बह आती है — हवा। 4. नमी और घूर्णन से तूफ़ान बढ़ता है। 5. विशाल घूमती प्रणाली चक्रवात बन जाती है।

स्वयं जाँच

  1. दाब का सूत्र और मात्रक लिखिए।
  2. दिन में समुद्री समीर क्यों बहती है?
  3. चक्रवात की आँख क्या है?

अभ्यास (स्वयं करके देखें)

  1. दाब का सूत्र क्या है?
    संकेत: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल।
  2. कील नुकीली क्यों बनाई जाती है?
    संकेत: क्षेत्रफल कम होने से दाब अधिक लगता है।
  3. हवा किस दिशा में बहती है?
    संकेत: उच्च दाब से निम्न दाब की ओर।
  4. तड़ित के समय क्या नहीं करना चाहिए?
    संकेत: पेड़ के नीचे खड़े नहीं होना चाहिए।
  5. बाँध नीचे से मोटे क्यों बनाए जाते हैं?
    संकेत: क्योंकि जल का दाब गहराई के साथ बढ़ता है।

प्रश्न और उत्तर

  1. दाब किसे कहते हैं?
    प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला बल; दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, मात्रक पास्कल।
  2. हवा कैसे बनती है?
    गरम वायु ऊपर उठने से निम्न दाब बनता है और आस-पास की ठंडी वायु वहाँ बह आती है — यही हवा है।
  3. समुद्री समीर और स्थलीय समीर में क्या अंतर है?
    दिन में समुद्र से स्थल की ओर समुद्री समीर; रात में स्थल से समुद्र की ओर स्थलीय समीर बहती है।
  4. तड़ित क्यों चमकती है?
    बादलों में धनात्मक और ऋणात्मक आवेश अलग-अलग हो जाते हैं; अंतर बहुत बढ़ने पर आवेश का प्रवाह बिजली के रूप में दिखता है।
  5. चक्रवात की आँख क्या है?
    चक्रवात के केंद्र का शांत क्षेत्र, जिसके चारों ओर सबसे तेज़ हवाएँ और भारी वर्षा होती है।

विस्तार प्रश्न

  1. मानसून को दाब-अंतर से कैसे समझाएँगे? दो पंक्तियों में लिखिए।
  2. चक्रवात की चेतावनी मिलने पर आपके परिवार को क्या-क्या करना चाहिए? सूची बनाइए।
पुनरावलोकन — एक नज़र में
  • दाब = बल ÷ क्षेत्रफल।
  • हवा उच्च से निम्न दाब की ओर बहती है।
  • तड़ित आवेश-अलगाव से; चक्रवात की आँख शांत होती है।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।