Chapter 2: हमारी पृथ्वी के अंदर
पृथ्वी की तीन परतें, शैलों के तीन प्रकार और शैल चक्र — अंदर की दुनिया की सरल कहानी।
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Social Science • Book: Hamara Paryavaran (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)
हमारी पृथ्वी के अंदर — EG's own notes, in simple Hindi
Book: Hamara Paryavaran (Nayi pustak — 2025 ke baad wali) | Chapter 2 | Medium: Hindi
ये Educational Galaxy के अपने मूल notes हैं, पाठ्यपुस्तक नहीं, और यहाँ कोई आधिकारिक textbook PDF नहीं दिया जाता है।

Diagram (labels are printed on the image): पृथ्वी की परतें — भूपर्पटी, मैंटल और क्रोड। सामान्य तस्वीर, पुस्तक का चित्र नहीं।

शैलों और खनिजों की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।
इस अध्याय के बारे में
हम पृथ्वी की सतह पर रहते हैं, लेकिन उसके अंदर भी एक पूरी दुनिया है। पृथ्वी की तीन परतें हैं। सबसे ऊपर भूपर्पटी है — यह ठोस परत है जिस पर हम रहते हैं, और तीनों परतों में सबसे पतली है। इसके नीचे मैंटल है, जो बहुत मोटा है और जिसमें सिलिका तथा मैग्नीशियम जैसे पदार्थ अधिक पाए जाते हैं। सबसे अंदर क्रोड है, जो मुख्य रूप से निकल और लोहे से बना है। जैसे-जैसे हम अंदर जाते हैं, तापमान और दबाव बढ़ता जाता है।
हम पृथ्वी के केंद्र तक नहीं जा सकते। इसका कारण यह है कि अंदर का तापमान और दबाव इतना अधिक है कि न तो मनुष्य वहाँ पहुँच सकता है और न ही कोई मशीन वहाँ काम कर सकती है। वैज्ञानिक पृथ्वी के अंदर के बारे में भूकंप की तरंगों, ज्वालामुखी से निकलने वाले पदार्थों और खानों से मिली जानकारी के आधार पर जानते हैं।
पृथ्वी की पर्पटी शैलों से बनी है। शैल खनिजों का एक ठोस मिश्रण है — जैसे ग्रेनाइट एक शैल है जो कई खनिजों से मिलकर बना है। खनिज प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला ऐसा पदार्थ है जिसका एक निश्चित रासायनिक संघटन होता है। शैलों के तीन मुख्य प्रकार हैं। आग्नेय शैल पिघले हुए मैग्मा के ठंडा होकर जमने से बनती है। अवसादी शैल नदियों और हवाओं द्वारा लाए गए अवसाद के परतों में जमने और दबने से बनती है। कायांतरित शैल तब बनती है जब किसी शैल पर बहुत अधिक ताप और दबाव पड़ने से उसका रूप बदल जाता है।
आग्नेय शैल के भी दो प्रकार हैं। जब मैग्मा पृथ्वी के अंदर ही धीरे-धीरे ठंडा होता है तो बड़े क्रिस्टल वाली अंतर्भेदी शैल बनती है, जैसे ग्रेनाइट। जब लावा सतह पर आकर जल्दी ठंडा होता है तो छोटे क्रिस्टल वाली बहिर्भेदी शैल बनती है, जैसे बेसाल्ट। अवसादी शैलों में जीवाश्म पाए जाते हैं, क्योंकि जीवों के अवशेष अवसाद की परतों में दबकर सुरक्षित रह जाते हैं। कायांतरित शैल का प्रसिद्ध उदाहरण है चूना पत्थर का संगमरमर में बदलना — ताप और दबाव चूना पत्थर को कठोर, चमकीले संगमरमर में बदल देते हैं।
शैलें लगातार एक-दूसरे में बदलती रहती हैं — इसी चक्र को शैल चक्र कहते हैं। आग्नेय शैल टूटकर अवसाद बनाती है, अवसाद से अवसादी शैल बनती है, और ताप-दबाव से कोई भी शैल कायांतरित हो सकती है। पिघलने पर शैलें फिर मैग्मा बन जाती हैं। शैलें हमारे जीवन में बहुत काम आती हैं — मकान और सड़कें बनाने में, औज़ार और मूर्तियाँ बनाने में, और कोयला जैसे ईंधन के रूप में।
क्या सीखना है (What you should learn)
- पृथ्वी की तीन परतों के नाम और उनकी विशेषताएँ बताना।
- शैल और खनिज में अंतर करना।
- आग्नेय, अवसादी और कायांतरित शैलों को बनने की प्रक्रिया सहित समझाना।
- बहिर्भेदी और अंतर्भेदी आग्नेय शैलों में अंतर करना (ठंडा होने की जगह और क्रिस्टल का आकार)।
- शैल चक्र को क्रम से समझाना।
- बताना कि हम पृथ्वी के केंद्र तक क्यों नहीं जा सकते।
मैग्मा जितनी धीरे ठंडा होता है, क्रिस्टल उतने ही बड़े बनते हैं। इसलिए अंदर धीरे ठंडा होने वाला ग्रेनाइट बड़े क्रिस्टल वाला होता है, और सतह पर जल्दी ठंडा होने वाला बेसाल्ट छोटे क्रिस्टल वाला। क्रिस्टल देखकर ही पता चल जाता है कि शैल कहाँ ठंडी हुई थी।
जीवाश्म केवल अवसादी शैलों में मिलते हैं, आग्नेय या कायांतरित में नहीं। कारण: जीवों के अवशेष नरम अवसाद की परतों में दबकर सुरक्षित रहते हैं, जबकि पिघला मैग्मा या भारी ताप-दबाव उन्हें नष्ट कर देता है।
मुख्य शब्द (Key Terms)
- भूपर्पटी (Crust) — पृथ्वी की सबसे ऊपरी, ठोस और सबसे पतली परत।
- मैंटल (Mantle) — भूपर्पटी के नीचे की मोटी परत; इसमें सिलिका और मैग्नीशियम अधिक हैं।
- क्रोड (Core) — पृथ्वी की सबसे अंदर की परत; मुख्य रूप से निकल और लोहे से बनी है।
- शैल (Rock) — खनिजों का ठोस मिश्रण; पृथ्वी की पर्पटी शैलों से बनी है।
- खनिज (Mineral) — प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला पदार्थ जिसका निश्चित रासायनिक संघटन होता है।
- आग्नेय शैल — पिघले मैग्मा के ठंडा होकर जमने से बनी शैल।
- अवसादी शैल — अवसाद के परतों में जमने और दबने से बनी शैल; इसमें जीवाश्म मिलते हैं।
- कायांतरित शैल — ताप और दबाव से रूप बदली हुई शैल, जैसे संगमरमर।
- मैग्मा / लावा — पृथ्वी के अंदर का पिघला पदार्थ मैग्मा है; सतह पर आने पर यही लावा कहलाता है।
- शैल चक्र — शैलों का एक प्रकार से दूसरे प्रकार में बदलते रहने का निरंतर चक्र।
याद रखें (Remember)
- तीन परतें: भूपर्पटी (सबसे पतली) → मैंटल → क्रोड (निकल + लोहा)।
- तीन शैल: आग्नेय (मैग्मा से), अवसादी (अवसाद से), कायांतरित (ताप-दबाव से)।
- अंतर्भेदी = अंदर धीरे ठंडी, बड़े क्रिस्टल; बहिर्भेदी = बाहर जल्दी ठंडी, छोटे क्रिस्टल।
- चूना पत्थर → संगमरमर (कायांतरण का उदाहरण)।
- केंद्र तक नहीं जा सकते — तापमान और दबाव बहुत अधिक है।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती (Exam Tip / Common Mistake)
सामान्य गलती: शैल और खनिज को एक ही समझना, या बहिर्भेदी/अंतर्भेदी को उल्टा लिखना। याद रखें — शैल कई खनिजों का मिश्रण है; खनिज एक ही पदार्थ है। ‘अंतः’ का अर्थ है अंदर (धीरे ठंडी, बड़े क्रिस्टल), ‘बहिः’ का अर्थ है बाहर (जल्दी ठंडी, छोटे क्रिस्टल)।
Chart / Table: पृथ्वी की परतें
| परत | स्थिति | मुख्य पदार्थ |
|---|---|---|
| भूपर्पटी | सबसे ऊपर, सबसे पतली | ठोस शैलें |
| मैंटल | बीच की मोटी परत | सिलिका, मैग्नीशियम |
| क्रोड | सबसे अंदर | निकल, लोहा |
Table: शैलों के प्रकार
| प्रकार | कैसे बनती है | उदाहरण |
|---|---|---|
| आग्नेय | मैग्मा के ठंडा होकर जमने से | ग्रेनाइट, बेसाल्ट |
| अवसादी | अवसाद की परतों के दबने से | बलुआ पत्थर, चूना पत्थर |
| कायांतरित | ताप और दबाव से रूप बदलने से | संगमरमर, स्लेट |
अभ्यास (Practice set — try it yourself)
- पृथ्वी की तीन परतों के नाम क्रम से लिखिए और बताइए कि कौन-सी सबसे पतली है।
Hint: सोचें — ऊपर से अंदर की ओर। - शैल और खनिज में क्या अंतर है? एक-एक उदाहरण दीजिए।
Hint: सोचें — मिश्रण बनाम एक पदार्थ। - ग्रेनाइट और बेसाल्ट दोनों आग्नेय शैलें हैं, फिर भी उनके क्रिस्टल अलग क्यों होते हैं?
Hint: सोचें — ठंडा होने की जगह और गति। - शैल चक्र को अपने शब्दों में चार चरणों में समझाइए।
Hint: सोचें — टूटना, जमना, बदलना, पिघलना। - शैलों के तीन उपयोग अपने घर या गाँव से जोड़कर लिखिए।
Hint: सोचें — मकान, सड़क, बर्तन या ईंधन।
प्रश्न और उत्तर (Questions with Answers)
- पृथ्वी की तीन परतें क्या हैं?
भूपर्पटी, मैंटल और क्रोड। भूपर्पटी सबसे ऊपर की ठोस और सबसे पतली परत है, मैंटल बीच की मोटी परत है, और क्रोड सबसे अंदर की परत है जो निकल और लोहे से बनी है। - शैल क्या है?
शैल खनिजों का एक ठोस मिश्रण है। पृथ्वी की पर्पटी शैलों से ही बनी है, और एक ही शैल में कई खनिज मिले हो सकते हैं। - तीन प्रकार की शैलों के नाम लिखिए।
आग्नेय शैल, अवसादी शैल और कायांतरित शैल। - बहिर्भेदी एवं अंतर्भेदी शैल का निर्माण कैसे होता है?
जब मैग्मा पृथ्वी के अंदर धीरे-धीरे ठंडा होता है तो बड़े क्रिस्टल वाली अंतर्भेदी शैल (जैसे ग्रेनाइट) बनती है। जब लावा सतह पर आकर जल्दी ठंडा होता है तो छोटे क्रिस्टल वाली बहिर्भेदी शैल (जैसे बेसाल्ट) बनती है। - कायांतरित शैल क्या है?
जब किसी शैल पर बहुत अधिक ताप और दबाव पड़ता है तो उसका रूप बदल जाता है; इस बदली हुई शैल को कायांतरित शैल कहते हैं। उदाहरण: चूना पत्थर से बना संगमरमर।
महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions)
- शैल चक्र से आप क्या समझते हैं?
शैलों का एक प्रकार से दूसरे प्रकार में निरंतर बदलते रहना शैल चक्र है — आग्नेय शैल टूटकर अवसाद बनाती है, अवसाद से अवसादी शैल बनती है, ताप-दबाव से कायांतरित शैल बनती है, और पिघलने पर फिर मैग्मा बन जाता है। - शैलों का क्या उपयोग है?
शैलों से मकान, सड़कें और पुल बनते हैं, मूर्तियाँ और औज़ार बनते हैं, और कोयला जैसी शैलें ईंधन के काम आती हैं। - कारण बताइए: हम पृथ्वी के केंद्र तक क्यों नहीं जा सकते?
क्योंकि जैसे-जैसे अंदर जाते हैं, तापमान और दबाव बहुत अधिक बढ़ जाता है। इतनी गर्मी और दबाव में न मनुष्य जीवित रह सकता है, न कोई मशीन काम कर सकती है। - कारण बताइए: अवसादी शैल अवसाद से क्यों बनती है?
नदियाँ और हवाएँ चट्टानों के टूटे कणों (अवसाद) को बहाकर ले जाती हैं और परतों में जमा करती हैं। ऊपर की परतों के दबाव से ये परतें कठोर होकर अवसादी शैल बन जाती हैं। - कारण बताइए: चूना पत्थर संगमरमर में क्यों बदलता है?
जब चूना पत्थर पर पृथ्वी के अंदर बहुत अधिक ताप और दबाव पड़ता है, तो उसके क्रिस्टल पुनः व्यवस्थित होकर कठोर, चमकीला संगमरमर बना देते हैं — यही कायांतरण है।
अतिरिक्त अभ्यास — NCERT अभ्यास के प्रकार
- रिक्त स्थान भरिए: क्रोड मुख्य रूप से ______ और ______ से बना है।
निकल और लोहा। - सही या गलत, कारण सहित: ‘सभी शैलों में जीवाश्म पाए जाते हैं।’
गलत। जीवाश्म केवल अवसादी शैलों में मिलते हैं, क्योंकि पिघला मैग्मा और भारी ताप-दबाव जीवों के अवशेष नष्ट कर देते हैं। - मिलान कीजिए: (क) ग्रेनाइट — (i) अवसादी; (ख) बलुआ पत्थर — (ii) अंतर्भेदी आग्नेय; (ग) संगमरमर — (iii) कायांतरित।
(क)-(ii), (ख)-(i), (ग)-(iii)। - बताइए कि बेसाल्ट के क्रिस्टल ग्रेनाइट से छोटे क्यों होते हैं?
क्योंकि बेसाल्ट सतह पर जल्दी ठंडा होता है, जिससे क्रिस्टलों को बढ़ने का समय नहीं मिलता; ग्रेनाइट अंदर धीरे ठंडा होता है, इसलिए उसके क्रिस्टल बड़े बनते हैं। - खनिज की परिभाषा देते हुए बताइए कि शैल से यह कैसे अलग है?
खनिज एक प्राकृतिक पदार्थ है जिसका निश्चित रासायनिक संघटन होता है, जबकि शैल कई खनिजों का मिश्रण होती है। - शैल चक्र का एक चित्र बनाकर उसमें मैग्मा, अवसाद और तीनों शैल-प्रकारों को दिखाइए।
चित्र में तीरों से दिखाएँ: मैग्मा → आग्नेय शैल → टूटकर अवसाद → अवसादी शैल → ताप-दबाव से कायांतरित शैल → पिघलकर फिर मैग्मा।
- परतें: भूपर्पटी → मैंटल → क्रोड (निकल + लोहा)।
- शैलें: आग्नेय (मैग्मा), अवसादी (अवसाद), कायांतरित (ताप-दबाव)।
- अंतर्भेदी = बड़े क्रिस्टल; बहिर्भेदी = छोटे क्रिस्टल।
- शैल चक्र निरंतर चलता है; जीवाश्म केवल अवसादी शैल में।
How to use this page: Read the summary, say the Key Terms in your own words, then try the practice set without looking. Use the Questions with Answers to check yourself afterwards. Ask your teacher or parent to check your answers.

