Chapter 16: त्रिविमीय आकृतियों का द्विविमीय निरूपण
3D और 2D आकृतियों का अंतर, घन-घनाभ के जाल, फलक-किनारे-शीर्ष गिनना, ऑयलर सूत्र और विभिन्न दृश्य पहचानना।
मूल नोट्स — तैयार Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Mathematics • Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 7)
त्रिविमीय आकृतियों का द्विविमीय निरूपण — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 7) | अध्याय 16 | Medium: Hindi

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): घन और उसका जाल — ठोस और उसका समतल रूप। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है, पुस्तक का चित्र नहीं।

बच्चा कागज़ के जाल को मोड़कर घन बना रहा है। यह एक सामान्य चित्र है, पुस्तक का दृश्य नहीं।
यह अध्याय किस बारे में है
त्रिविमीय (3D) आकृतियों की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों होती हैं, जैसे घन, घनाभ, बेलन, शंकु और गोला। द्विविमीय (2D) आकृतियों की केवल लंबाई और चौड़ाई होती हैं, जैसे वर्ग, आयत और वृत्त। कागज़ पर 3D आकृति बनाते समय हम उसका 2D निरूपण करते हैं — कभी सामने का दृश्य, कभी जाल (net) और कभी तिरछा या सममितीय चित्र।
जाल (net) किसी ठोस को खोलकर समतल पर फैलाने से बनता है। घन के जाल में 6 वर्ग होते हैं और घनाभ के जाल में 6 आयत होते हैं। किसी ठोस के फलक, किनारे और शीर्ष गिने जा सकते हैं: घन में 6 फलक, 12 किनारे और 8 शीर्ष होते हैं। ऑयलर सूत्र के अनुसार फलक + शीर्ष - किनारे = 2 होता है, जैसे घन में 6 + 8 - 12 = 2।
एक ही ठोस को अलग-अलग दिशाओं से देखने पर अलग दृश्य मिलते हैं: सामने का दृश्य, ऊपर का दृश्य और बगल का दृश्य। तिरछा चित्र (oblique sketch) में सामने का फलक असली आकार में और गहराई तिरछी रेखाओं से दिखाई जाती है। सममितीय चित्र (isometric sketch) में तीनों दिशाएँ बराबर झुकी हुई दिखती हैं।
तुम्हें क्या सीखना चाहिए
3D और 2D आकृतियों का अंतर, घन-घनाभ के जाल, फलक-किनारे-शीर्ष गिनना, ऑयलर सूत्र और विभिन्न दृश्य पहचानना।
मुख्य शब्द
- फलक — ठोस की समतल सतह, जैसे घन का एक वर्ग।
- किनारा — दो फलकों के मिलने की रेखा।
- शीर्ष — किनारों के मिलने का बिंदु।
- जाल — ठोस को खोलकर समतल पर फैलाया गया रूप।
- ऑयलर सूत्र — फलक + शीर्ष - किनारे = 2।
याद रखें
- घन: 6 फलक, 12 किनारे, 8 शीर्ष।
- घनाभ: 6 फलक, 12 किनारे, 8 शीर्ष।
- ऑयलर सूत्र: फलक + शीर्ष - किनारे = 2।
- एक ही ठोस के सामने, ऊपर और बगल के दृश्य अलग हो सकते हैं।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: जाल गिनते समय फलक दोहरा गिन लेना या कोई फलक छूट जाना। जाल बनाते समय हर फलक को एक बार टिक करो और अंत में गिनती 6 (घन के लिए) से मिलाओ।
चार्ट / तालिका: ठोसों के फलक, किनारे और शीर्ष
| ठोस | फलक | किनारे | शीर्ष | जाँच (फलक + शीर्ष - किनारे) |
|---|---|---|---|---|
| घन | 6 | 12 | 8 | 6 + 8 - 12 = 2 |
| घनाभ | 6 | 12 | 8 | 6 + 8 - 12 = 2 |
| त्रिभुजाकार प्रिज़्म | 5 | 9 | 6 | 5 + 6 - 9 = 2 |
| चतुष्कोणीय पिरामिड | 5 | 8 | 5 | 5 + 5 - 8 = 2 |
अभ्यास — खुद करके देखो
- एक घनाभ के फलक, किनारे और शीर्ष गिनकर ऑयलर सूत्र से जाँचो।
संकेत: फलक 6, किनारे 12, शीर्ष 8। - घन के जाल में कितने वर्ग होते हैं?
संकेत: घन के फलकों की संख्या के बराबर। - एक ठोस में 5 फलक और 5 शीर्ष हैं। किनारे कितने होंगे?
संकेत: ऑयलर सूत्र: किनारे = फलक + शीर्ष - 2। - एक बेलन के कितने फलक होते हैं?
संकेत: दो वृत्ताकार और एक वक्र सतह — ध्यान से गिनो। - एक घन को ऊपर से देखने पर कैसा दृश्य मिलेगा?
संकेत: ऊपर का फलक कैसा दिखता है?
प्रश्न और उत्तर
- 2D और 3D आकृतियों में अंतर उदाहरण सहित बताओ।
2D आकृति की केवल लंबाई और चौड़ाई होती है, जैसे कागज़ पर बना वर्ग या वृत्त — उसे उठाकर पकड़ा नहीं जा सकता। 3D आकृति की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों होती हैं, जैसे डिब्बा, गेंद या घन — उसे हाथ में पकड़ा जा सकता है। - घन के जाल की विशेषता बताओ और समझाओ कि 6 वर्ग क्यों चाहिए।
घन के 6 फलक होते हैं, सभी वर्ग। जाल घन को खोलकर समतल पर फैलाया गया रूप है, इसलिए उसमें भी 6 वर्ग होने चाहिए — कम होने पर कोई फलक छूट जाएगा और अधिक होने पर कोई फलक दोहरा हो जाएगा। - एक ठोस में 7 फलक और 10 शीर्ष हैं। ऑयलर सूत्र से किनारे निकालो।
फलक + शीर्ष - किनारे = 2, इसलिए 7 + 10 - किनारे = 2, अर्थात् किनारे = 15। - तिरछे चित्र और सममितीय चित्र में अंतर बताओ।
तिरछे चित्र में सामने का फलक असली आकार में दिखता है और गहराई तिरछी छोटी रेखाओं से दिखाई जाती है। सममितीय चित्र में तीनों दिशाएँ बराबर कोण पर झुकी हुई दिखती हैं, इसलिए कोई भी फलक असली आकार में नहीं दिखता, पर ठोस का संतुलित रूप मिलता है। - एक सीढ़ी के आकार के ठोस को सामने से और ऊपर से देखने पर दृश्य अलग क्यों होंगे?
सामने से सीढ़ियों की ऊँचाई और चौड़ाई दिखती है, जबकि ऊपर से केवल सबसे ऊपरी सतहों का फैलाव दिखता है। देखने की दिशा बदलने पर जो फलक सामने आता है, वही दृश्य बनता है, इसलिए दृश्य अलग होते हैं।
इस पेज का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ो, फिर मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलकर दोहराओ, उसके बाद बिना देखे अभ्यास करो। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करो। अपने उत्तर शिक्षक या माता-पिता से भी जाँचवाओ।
- घन: 6 फलक, 12 किनारे, 8 शीर्ष।
- घनाभ: 6 फलक, 12 किनारे, 8 शीर्ष।
- ऑयलर सूत्र: फलक + शीर्ष - किनारे = 2।
- एक ही ठोस के सामने, ऊपर और बगल के दृश्य अलग हो सकते हैं।

