Chapter 13: ज्यामितीय आकृतियों की रचना
परकार-पैमाने से बराबर कोण और समांतर रेखा बनाना तथा SSS, SAS, ASA से त्रिभुज की रचना करना।
मूल नोट्स — तैयार Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Mathematics • Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 7)
ज्यामितीय आकृतियों की रचना — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 7) | अध्याय 13 | Medium: Hindi

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): परकार से चाप काटकर त्रिभुज की रचना। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है, पुस्तक का चित्र नहीं।

बच्चा परकार से ध्यानपूर्वक रचना कर रहा है। यह एक सामान्य चित्र है, पुस्तक का दृश्य नहीं।
यह अध्याय किस बारे में है
ज्यामितीय रचना में केवल पैमाना और परकार की सहायता से आकृतियाँ बनाई जाती हैं — बिना कोण मापक के कोण नापे। परकार से चाप काटकर दूरियाँ बराबर रखी जाती हैं, यही रचना की नींव है। रचना करते समय हल्की रेखाएँ खींचो और अंतिम आकृति को गहरा करो, ताकि गलती सुधारी जा सके।
किसी रेखा के बाहर के बिंदु से उस रेखा के समांतर रेखा बनाने के लिए बिंदु से एक तिर्यक रेखा खींचकर संगत कोण की नकल की जाती है। किसी दिए गए कोण के बराबर कोण बनाने के लिए पहले कोण पर चाप काटते हैं, फिर उसी त्रिज्या से नई किरण पर चाप काटकर चाप की जीवा की दूरी नापकर अंकित करते हैं।
त्रिभुज की रचना तीन मापों से होती है: तीन भुजाएँ (SSS) मिलने पर तीनों भुजाओं के चापों के प्रतिच्छेदन से तीसरा शीर्ष मिलता है; दो भुजाएँ और बीच का कोण (SAS) मिलने पर कोण बनाकर भुजा नापी जाती है; दो कोण और बीच की भुजा (ASA) मिलने पर दोनों सिरों पर कोण बनाकर उनकी किरणों के मिलने से तीसरा शीर्ष मिलता है।
तुम्हें क्या सीखना चाहिए
परकार-पैमाने से बराबर कोण और समांतर रेखा बनाना तथा SSS, SAS, ASA से त्रिभुज की रचना करना।
मुख्य शब्द
- रचना — केवल पैमाना और परकार से आकृति बनाने की विधि।
- चाप — परकार से खींचा गया वृत्त का भाग।
- जीवा — वृत्त पर दो बिंदुओं को जोड़ने वाला रेखाखंड।
- समांतर रेखा — जो रेखाएँ कभी न मिलें, उनके बीच की दूरी हर जगह समान हो।
- प्रतिच्छेदन — दो रेखाओं या चापों के मिलने का बिंदु।
याद रखें
- रचना में कोण मापक से कोण नापकर नहीं बनाते — चाप से नकल करते हैं।
- चाप काटते समय परकार की त्रिज्या बीच में न बदलो।
- पहले हल्की रचना रेखाएँ बनाओ, अंत में आकृति गहरा करो।
- SSS में तीसरा शीर्ष दोनों भुजाओं के चापों के मिलने से बनता है।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: रचना के बीच में परकार की त्रिज्या बदल देना। त्रिज्या बदलते ही नकल किया गया कोण या भुजा गलत हो जाती है — एक रचना चरण में त्रिज्या एक ही रखो।
चार्ट / तालिका: त्रिभुज रचना — कौन सी मापें चाहिए
| नियम | दी गई मापें | रचना की कुंजी |
|---|---|---|
| SSS | तीनों भुजाएँ | दो भुजाओं के चापों का प्रतिच्छेदन |
| SAS | दो भुजाएँ और बीच का कोण | कोण बनाकर भुजा नापना |
| ASA | दो कोण और बीच की भुजा | दोनों सिरों के कोणों की किरणों का मिलना |
अभ्यास — खुद करके देखो
- दिए गए कोण के बराबर कोण बनाने के पहले दो चरण बताओ।
संकेत: चाप और उसकी त्रिज्या के बारे में सोचो। - रेखा के बाहर के बिंदु से समांतर रेखा बनाने में किस कोण की नकल की जाती है?
संकेत: संगत कोण की। - भुजाएँ 5, 6, 7 सेमी वाले त्रिभुज की रचना का पहला चरण क्या होगा?
संकेत: सबसे लंबी भुजा को आधार बनाओ। - SAS रचना में कोण किन दो भुजाओं के बीच बनता है?
संकेत: दी गई दोनों भुजाओं के बीच। - रचना में हल्की रेखाएँ क्यों खींची जाती हैं?
संकेत: गलती सुधारने के लिए।
प्रश्न और उत्तर
- परकार और पैमाने से 60 डिग्री का कोण बनाने की विधि चरणों में बताओ।
पहले एक किरण खींचो। किरण के सिरे को केंद्र मानकर परकार से एक चाप काटो जो किरण को काटे। उसी त्रिज्या से चाप के कटान बिंदु को केंद्र मानकर दूसरा चाप काटो। दोनों चापों के प्रतिच्छेदन को किरण के सिरे से मिलाओ — बना कोण 60 डिग्री होगा। - किसी रेखा के बाहर के बिंदु से समांतर रेखा बनाने की विधि समझाओ।
बिंदु से रेखा को काटती हुई एक तिर्यक रेखा खींचो। तिर्यक रेखा और दी गई रेखा के बीच बने कोण की नकल बिंदु पर करो — संगत कोण बराबर बनाओ। नई किरण ही समांतर रेखा होगी, क्योंकि संगत कोण बराबर होने पर रेखाएँ समांतर होती हैं। - भुजाएँ 4, 5, 6 सेमी वाले त्रिभुज की SSS रचना के चरण बताओ।
पहले 6 सेमी की आधार रेखा खींचो। एक सिरे को केंद्र मानकर 4 सेमी त्रिज्या का चाप काटो और दूसरे सिरे से 5 सेमी त्रिज्या का चाप काटो। दोनों चापों के मिलने वाले बिंदु को आधार के दोनों सिरों से मिलाओ — त्रिभुज तैयार है। - ASA रचना में तीसरा शीर्ष कैसे मिलता है?
दी गई भुजा को आधार बनाओ। उसके दोनों सिरों पर दिए गए दोनों कोण बनाओ। दोनों कोणों की किरणें जहाँ मिलेंगी, वही तीसरा शीर्ष होगा। - रचना और साधारण चित्र बनाने में क्या अंतर है?
साधारण चित्र में कोण मापक से कोण नापकर या अनुमान से आकृति बनाई जा सकती है। रचना में केवल पैमाना और परकार का प्रयोग होता है और हर माप चापों से नकल की जाती है, इसलिए रचना सटीक और प्रमाणित होती है।
इस पेज का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ो, फिर मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलकर दोहराओ, उसके बाद बिना देखे अभ्यास करो। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करो। अपने उत्तर शिक्षक या माता-पिता से भी जाँचवाओ।
- रचना में कोण मापक से कोण नापकर नहीं बनाते — चाप से नकल करते हैं।
- चाप काटते समय परकार की त्रिज्या बीच में न बदलो।
- पहले हल्की रचना रेखाएँ बनाओ, अंत में आकृति गहरा करो।
- SSS में तीसरा शीर्ष दोनों भुजाओं के चापों के मिलने से बनता है।

