Chapter 12: परिमेय संख्याएँ
परिमेय संख्या की पहचान, संख्या रेखा पर निरूपण, बीच की परिमेय संख्याएँ निकालना और चारों संक्रियाओं के गुणधर्म।
मूल नोट्स — तैयार Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Mathematics • Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 7)
परिमेय संख्याएँ — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 7) | अध्याय 12 | Medium: Hindi

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): संख्या रेखा पर पूर्णांकों के बीच परिमेय संख्याएँ। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है, पुस्तक का चित्र नहीं।

बच्चा रंगीन पट्टी की ओर इशारा करके परिमेय संख्याओं की स्थिति देख रहा है। यह एक सामान्य चित्र है, पुस्तक का दृश्य नहीं।
यह अध्याय किस बारे में है
परिमेय संख्या वह संख्या है जिसे p/q के रूप में लिखा जा सके, जहाँ p और q पूर्णांक हों और q शून्य न हो। जैसे 3/4, -5/2, 0 और 7 (7/1 के रूप में) सभी परिमेय संख्याएँ हैं। हर पूर्णांक भी परिमेय संख्या है, पर हर परिमेय संख्या पूर्णांक नहीं होती।
परिमेय संख्याओं की तुलना के लिए उन्हें समान हर वाली संख्याओं में बदलते हैं। संख्या रेखा पर परिमेय संख्याएँ पूर्णांकों के बीच की जगहों पर आती हैं। किन्हीं दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत परिमेय संख्याएँ होती हैं — जैसे 1/2 और 3/4 के बीच 5/8 भी है।
परिमेय संख्याओं का जोड़, घटाव, गुणा और भाग भी परिमेय संख्या ही देता है। जोड़ और गुणा में क्रमविनिमेय और साहचर्य गुण लागू होते हैं। जोड़ में 0 तटस्थ है और गुणा में 1 तटस्थ है। हर परिमेय संख्या (शून्य को छोड़कर) का गुणात्मक व्युत्क्रम होता है, जैसे 3/5 का व्युत्क्रम 5/3 है।
तुम्हें क्या सीखना चाहिए
परिमेय संख्या की पहचान, संख्या रेखा पर निरूपण, बीच की परिमेय संख्याएँ निकालना और चारों संक्रियाओं के गुणधर्म।
मुख्य शब्द
- परिमेय संख्या — p/q रूप में लिखी जा सकने वाली संख्या, जहाँ q शून्य न हो।
- तटस्थ अवयव — जोड़ में 0 और गुणा में 1 — इन्हें जोड़ने या गुणा करने पर संख्या नहीं बदलती।
- योगात्मक व्युत्क्रम — जिसे जोड़ने पर योग शून्य हो, जैसे 3/4 का -3/4।
- गुणात्मक व्युत्क्रम — जिससे गुणा करने पर गुणनफल 1 हो, जैसे 3/4 का 4/3।
याद रखें
- परिमेय संख्या में हर कभी शून्य नहीं हो सकता।
- तुलना से पहले हर समान करो या संख्या रेखा पर स्थान देखो।
- दो परिमेय संख्याओं के बीच हमेशा और परिमेय संख्याएँ मिलती हैं।
- शून्य का गुणात्मक व्युत्क्रम नहीं होता, क्योंकि शून्य से भाग संभव नहीं।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: 0 को परिमेय संख्या न मानना। 0 को 0/1 के रूप में लिखा जा सकता है, इसलिए 0 भी परिमेय संख्या है — पर उसका गुणात्मक व्युत्क्रम नहीं होता।
चार्ट / तालिका: परिमेय संख्याओं की तुलना — 2/3 और 3/4
| चरण | काम | परिणाम |
|---|---|---|
| 1 | समान हर 12 बनाओ | 2/3 = 8/12, 3/4 = 9/12 |
| 2 | अंशों की तुलना करो | 8 कम 9 से |
| 3 | निष्कर्ष | 2/3 छोटी है 3/4 से |
अभ्यास — खुद करके देखो
- बताओ कि -7/3 परिमेय संख्या है या नहीं? क्यों?
संकेत: p/q रूप की परिभाषा देखो। - 1/3 और 1/2 के बीच एक परिमेय संख्या निकालो।
संकेत: दोनों को समान हर में बदलकर बीच का अंश लो। - -2/5 + 3/10 हल करो।
संकेत: पहले हर समान करो। - 4/7 का योगात्मक और गुणात्मक व्युत्क्रम बताओ।
संकेत: योग के लिए चिह्न बदलो, गुणा के लिए उल्टा करो। - संख्या रेखा पर 0 और 1 के बीच 1/2 कहाँ आएगी?
संकेत: 0 और 1 के ठीक बीच में।
प्रश्न और उत्तर
- परिमेय संख्या की परिभाषा देकर बताओ कि 5 और -3 परिमेय क्यों हैं।
जिस संख्या को p/q रूप में लिखा जा सके (q शून्य न हो), वह परिमेय है। 5 = 5/1 और -3 = -3/1 लिखा जा सकता है, इसलिए दोनों परिमेय संख्याएँ हैं। - 2/5 और 3/5 के बीच तीन परिमेय संख्याएँ निकालो।
हर को बढ़ाकर लिखो: 2/5 = 8/20 और 3/5 = 12/20। बीच की संख्याएँ 9/20, 10/20 (1/2) और 11/20 हैं। - (-3/4) × (8/9) को सरलतम रूप में हल करो।
(-3 × 8) ÷ (4 × 9) = -24/36 = -2/3। उत्तर -2/3। - परिमेय संख्याओं में जोड़ का तटस्थ अवयव कौन सा है? उदाहरण से समझाओ।
जोड़ का तटस्थ अवयव 0 है, क्योंकि किसी भी परिमेय संख्या में 0 जोड़ने पर वही संख्या मिलती है, जैसे 5/7 + 0 = 5/7। - क्या दो परिमेय संख्याओं का भागफल हमेशा परिमेय होता है? अपवाद सहित बताओ।
हाँ, शून्य से भाग को छोड़कर। जैसे (3/4) ÷ (2/5) = 15/8, जो परिमेय है। पर शून्य से भाग परिभाषित नहीं होता, इसलिए यह अपवाद है।
इस पेज का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ो, फिर मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलकर दोहराओ, उसके बाद बिना देखे अभ्यास करो। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करो। अपने उत्तर शिक्षक या माता-पिता से भी जाँचवाओ।
- परिमेय संख्या में हर कभी शून्य नहीं हो सकता।
- तुलना से पहले हर समान करो या संख्या रेखा पर स्थान देखो।
- दो परिमेय संख्याओं के बीच हमेशा और परिमेय संख्याएँ मिलती हैं।
- शून्य का गुणात्मक व्युत्क्रम नहीं होता, क्योंकि शून्य से भाग संभव नहीं।

