Chapter 7: पुस्तकें जो अमर हैं
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Hindi • Book: Durva Bhag-2 (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)
राजाओं ने किताबें जलाईं, दफ़न कीं, नष्ट करने की कोशिश की — फिर भी किताबें समाप्त नहीं हुईं, क्योंकि शब्द अमर हैं।
पुस्तकें जो अमर हैं — EG के अपने शब्दों में सार
पुस्तक: Durva Bhag-2 (BSEB, कक्षा 7) | अध्याय 7 | लेखक/कवि: (पाठ में लेखक का नाम नहीं दिया गया है) | माध्यम: Hindi
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Diagram (labels are printed on the image): पुस्तकों का ढेर — पढ़ने की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का चित्र नहीं।

पेड़ के नीचे पढ़ता बच्चा। पुस्तक-प्रेम की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।
लेखक/कवि परिचय
यह पाठ किताबों की अमरता की कहानी है — यानी किताबें कभी मरती नहीं हैं। इतिहास में कई राजाओं और शासकों ने किताबों को नष्ट करने की कोशिश की, पर किताबें फिर भी बची रहीं।
पाठ में सी ह्वांग ती के समय की बात आती है, जब पुस्तकें कैसे बनाई जाती थीं, और राजा को पुस्तकों से क्या खतरा था — यह भी बताया गया है।
सार — अपने शब्दों में
सी ह्वांग ती के समय में पुस्तकें हाथ से लिखी जाती थीं — पांडुलिपियाँ बनती थीं। किताबें बनाना कठिन काम था, और वे कुछ ही लोगों तक सीमित थीं।
राजा को पुस्तकों से खतरा था, क्योंकि किताबों में ज्ञान होता है, विचार होते हैं और सवाल पूछने की ताकत होती है। जो राजा अपनी सत्ता को चुनौती से डरता है, वह किताबों से डरता है — क्योंकि किताबें लोगों को सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।
इतिहास में अनेक व्यक्तियों ने पुस्तकों को नष्ट करने का प्रयास किया — उन्हें जलाया गया, दफ़न किया गया, पुस्तकालयों को राख कर दिया गया। पाठ में ऐसे तीन उदाहरण दिए गए हैं।
पर बार-बार नष्ट करने की कोशिशों के बाद भी किताबें समाप्त नहीं हुईं। क्यों? क्योंकि काग़ज़ जलता है, पर शब्द नहीं जलते — शब्द लोगों की ज़बानी, यादों और नयी किताबों में जीवित रहते हैं। किताबों का ज्ञान एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचता रहता है।
इस पाठ के अंत में ‘किताबें’ शीर्षक की एक कविता भी दी गई है, जिसके कवि सफ़दर हाशमी हैं। उस कविता में कहा गया है कि किताबें बीते ज़मानों, दुनिया, इंसानों, आज, कल, खुशियों, ग़मों, फूलों, बमों, जीत, हार, प्यार और मार की बातें करती हैं। किताबों में चिड़ियाँ चहचहाती हैं, खेतियाँ लहलहाती हैं, झरने गुनगुनाते हैं, परियों के किस्से हैं, रॉकेट का राज़ है और साइंस की आवाज़ है। किताबों का संसार बहुत बड़ा है, और उनमें ज्ञान की भरमार है — क्या तुम इस संसार में नहीं जाना चाहोगे?
मुख्य शब्द
- अजीब — अनोखा, अद्भुत।
- नाराज़गी — गुस्सा, क्रोध।
- कर — लगान, टैक्स।
- पांडुलिपियाँ — पुस्तक की हस्तलिखित प्रति।
- कृत्रिम — नकली, बनावटी।
- जमा — इकट्ठा।
- अनगिनत — जिसकी गिनती न हो सके।
- दूरदर्शिता — आगे की सोचना।
- ज़बानी — मौखिक।
- चारण — यशगान करने वाला समुदाय।
- अतीत — बीता हुआ समय।
- शक — संदेह।
भाषा-बिंदु
- सही शब्द भरो: साहित्य की दृष्टि से भारत का … महान है (अतीत/भूगोल → अतीत); पुस्तकालय के तीन विभागों को जलाकर … कर दिया गया (गर्म/राख → राख); उसे किताबों सहित … में दफ़न दिया गया (ज़मीन/आकाश → ज़मीन); काग़ज़ ही जलता है, … तो उड़ जाते हैं (शब्द/पांडुलिपियाँ → शब्द)।
- पढ़ो, समझो और करो (कार-प्रत्यय): इतिहास—इतिहासकार; शिल्प—, गीत—, संगीत—, मूर्ति—, रचना— → शिल्पकार, गीतकार, संगीतकार, मूर्तिकार, रचनाकार।
- वाक्य विश्लेषण: वाक्य के दो अंग होते हैं — उद्देश्य और विधेय। उदाहरण: ‘मेरा भाई मोहन कक्षा सात में हिंदी पढ़ रहा है’ — उद्देश्य: मोहन (कर्ता का विशेषण: मेरा भाई); क्रिया: पढ़ रहा है; कर्म: हिंदी; विधेय विस्तारक: सात कक्षा में। इसी तरह ‘मोहन के गुरु जी श्याम पट्ट पर प्रश्न लिख रहे हैं’ का विश्लेषण करो।
अभ्यास (Practice — पहले खुद कोशिश करो)
- सी ह्वांग ती के समय में पुस्तकें कैसे बनाई जाती थीं?
संकेत: सोचो — हाथ से, पांडुलिपि। - पाठ के आधार पर बताओ कि राजा को पुस्तकों से क्या खतरा था?
संकेत: सोचो — ज्ञान, विचार, सवाल। - पुराने समय से ही अनेक व्यक्तियों ने पुस्तकों को नष्ट करने का प्रयास किया — पाठ से कोई तीन उदाहरण ढूँढकर लिखो।
संकेत: सोचो — जलाना, दफ़न करना, पुस्तकालय जलाना। - बार-बार नष्ट करने की कोशिशों के बाद भी किताबें समाप्त नहीं हुईं, क्यों?
संकेत: सोचो — शब्द अमर हैं। - किताबों को सुरक्षित रखने के लिए तुम क्या करते हो?
संकेत: सोचो — ढकना, साफ़ रखना, फाड़ना नहीं।
प्रश्न और उत्तर (Important Questions with Answers)
- सी ह्वांग ती के समय में पुस्तकें कैसे बनाई जाती थीं?
सी ह्वांग ती के समय में पुस्तकें हाथ से लिखी जाती थीं — पांडुलिपियाँ बनती थीं। छपाई का आविष्कार तब नहीं हुआ था, इसलिए हर किताब को हाथ से लिखना पड़ता था, जो कठिन और समय लेनेवाला काम था। - पाठ के आधार पर बताओ कि राजा को पुस्तकों से क्या खतरा था?
राजा को पुस्तकों से यह खतरा था कि किताबों में ज्ञान और विचार होते हैं, जो लोगों को सोचने और सवाल पूछने के लिए प्रेरित करते हैं। जो राजा अपनी सत्ता को चुनौती से डरता है, वह किताबों से डरता है — क्योंकि किताबें लोगों को जागरूक बनाती हैं। - पुराने समय से ही अनेक व्यक्तियों ने पुस्तकों को नष्ट करने का प्रयास किया — पाठ से कोई तीन उदाहरण ढूँढकर लिखो।
तीन उदाहरण: पहला, किताबों को जलाया गया; दूसरा, किताबों सहित लोगों को ज़मीन में दफ़न दिया गया; तीसरा, पुस्तकालय के तीन विभागों को जलाकर राख कर दिया गया। - बार-बार नष्ट करने की कोशिशों के बाद भी किताबें समाप्त नहीं हुईं, क्यों?
क्योंकि काग़ज़ जलता है, पर शब्द नहीं जलते। शब्द लोगों की ज़बानी, यादों और नयी किताबों में जीवित रहते हैं। ज्ञान एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचता रहता है, इसलिए किताबें अमर हैं। - किताबों को सुरक्षित रखने के लिए तुम क्या करते हो?
मैं किताबों को ढककर रखता हूँ, उन्हें साफ़ रखता हूँ, पन्ने नहीं फाड़ता, गीली जगह से दूर रखता हूँ और पढ़ने के बाद उन्हें सही जगह पर रख देता हूँ।
विस्तार — NCERT की गतिविधियों से
नीचे के प्रश्न NCERT की ‘अभ्यास’ गतिविधियों के प्रश्न-प्रकारों (पाठ से, तुम्हारी बात, सही शब्द भरो, पढ़ो समझो करो, दोस्ती किताबों से, कहानी किताब की, वाक्य विश्लेषण, बातचीत) को अपने शब्दों में कवर करते हैं।
- तुम्हारी बात: पुराने समय में किताबें कुछ लोगों तक ही सीमित थीं — तुम्हारे विचार से किस चीज़ के आविष्कार से किताबें आम आदमी तक पहुँच सकीं?
मुद्रण (छपाई) के आविष्कार से किताबें आम आदमी तक पहुँच सकीं। छपाई से किताबें सस्ती और ज़्यादा संख्या में बनने लगीं, इसलिए हर कोई उन्हें पढ़ सका। - सही शब्द भरो: साहित्य की दृष्टि से भारत का … महान है; पुस्तकालय के तीन विभागों को जलाकर … कर दिया गया; उसे किताबों सहित … में दफ़न दिया गया; काग़ज़ ही जलता है, … तो उड़ जाते हैं।
साहित्य की दृष्टि से भारत का अतीत महान है; पुस्तकालय के तीन विभागों को जलाकर राख कर दिया गया; उसे किताबों सहित ज़मीन में दफ़न दिया गया; काग़ज़ ही जलता है, शब्द तो उड़ जाते हैं। - पढ़ो, समझो और करो: शिल्प—, गीत—, संगीत—, मूर्ति—, रचना— में ‘कार’ प्रत्यय लगाकर शब्द बनाओ।
शिल्पकार, गीतकार, संगीतकार, मूर्तिकार, रचनाकार। (नमूना: इतिहास—इतिहासकार।) - दोस्ती किताबों से: पाठ्यपुस्तकों के अतिरिक्त कौन-कौन सी पुस्तकें पढ़ी हैं, नाम लिखो। किसी पुस्तकालय या पत्रिका के सदस्य हो, नाम लिखो।
अपनी पढ़ी हुई दो-तीन पुस्तकों के नाम लिखो — जैसे कोई कहानी की किताब, कोई ज्ञान की किताब। पुस्तकालय या पत्रिका के सदस्य हो तो उसका नाम भी लिखो। - कहानी किताब की: मान लो तुम एक किताब हो — ‘मैं एक किताब हूँ, पुराने समय से …’ अपनी कहानी लिखो।
अपनी कल्पना से लिखो — ‘मैं एक किताब हूँ, पुराने समय से लोगों के हाथों में घूम रही हूँ। मुझे जलाने की कोशिश हुई, दफ़न करने की कोशिश हुई, पर मैं फिर भी बची रही, क्योंकि मेरे शब्द लोगों की यादों में जीवित थे।’ - वाक्य विश्लेषण: ‘मोहन के गुरु जी श्याम पट्ट पर प्रश्न लिख रहे हैं’ का विश्लेषण करो।
उद्देश्य: गुरु जी (कर्ता का विशेषण: मोहन के); क्रिया: लिख रहे हैं; कर्म: प्रश्न; विधेय विस्तारक: श्याम पट्ट पर। - बातचीत: ‘किताबें’ नामक कविता (सफ़दर हाशमी) पढ़ो और उस पर आपस में बातचीत करो — कविता का भाव क्या है?
भाव यह है कि किताबें हर बात करती हैं — बीते ज़मानों की, दुनिया की, इंसानों की, खुशियों-ग़मों की, फूलों-बमों की, जीत-हार की, प्यार-मार की। किताबों में चिड़ियाँ चहचहाती हैं, खेतियाँ लहलहाती हैं, झरने गुनगुनाते हैं, रॉकेट का राज़ है और साइंस की आवाज़ है। किताबों का संसार बहुत बड़ा है, और उनमें ज्ञान की भरमार है।
- पाठ: किताबों की अमरता — राजाओं ने नष्ट करने की कोशिश की, पर किताबें बची रहीं।
- सी ह्वांग ती: पुस्तकें हाथ से लिखी जाती थीं (पांडुलिपियाँ); राजा को ज्ञान और सवालों से खतरा था।
- नष्ट करने के प्रयास: जलाना, दफ़न करना, पुस्तकालय जलाकर राख करना।
- अमरता का कारण: काग़ज़ जलता है, शब्द नहीं जलते; ज्ञान पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुँचता है।
- बोनस कविता: ‘किताबें’ (सफ़दर हाशमी) — किताबों का बड़ा संसार, ज्ञान की भरमार।
- भाषा: सही शब्द भरो; ‘कार’ प्रत्यय; वाक्य विश्लेषण (उद्देश्य-विधेय)।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।

