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Chapter 4: गुब्बारे पर चीता

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Hindi • Book: Durva Bhag-2 (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)

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कहानी • बलदेव और सरकस का चीता

हेडमास्टर ने सरकस जाने से मना किया था, पर बलदेव भागकर सरकस पहुँच गया — और वहाँ चीते के साथ गुब्बारे पर ऊपर उठ गया।

गुब्बारे पर चीता — EG के अपने शब्दों में सार

पुस्तक: Durva Bhag-2 (BSEB, कक्षा 7)  |  अध्याय 4  |  लेखक/कवि: (पाठ में लेखक का नाम नहीं दिया गया है)  |  माध्यम: Hindi

ये Educational Galaxy के अपने मूल notes हैं, पाठ्यपुस्तक नहीं, और यहाँ कोई आधिकारिक textbook PDF नहीं दिया जाता है। चित्र सामान्य तस्वीरें हैं, पुस्तक के चित्र नहीं।

Labelled diagram for गुब्बारे पर चीता

Diagram (labels are printed on the image): गुब्बारे पर चीता — कल्पना की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का चित्र नहीं।

Illustration for गुब्बारे पर चीता

आकाश में गुब्बारे। कल्पना की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।

लेखक/कवि परिचय

यह कहानी बलदेव नाम के एक स्कूली लड़के की है। उसके हेडमास्टर साहब ने बच्चों को सरकस में जाने से मना किया था, पर बलदेव के दिल में जो बात बैठ जाती, उसे वह पूरा करके ही छोड़ता था।

कहानी में सरकस के बारे में कई अफ़वाहें फैली हुई थीं, और बलदेव सरकस में जाकर निराश भी हुआ। फिर एक अजीब घटना हुई — बलदेव और चीता दोनों गुब्बारे पर ऊपर उठते जा रहे थे।

सार — अपने शब्दों में

हेडमास्टर साहब ने बच्चों को सरकस में जाने से मना किया होगा, क्योंकि सरकस में जानवरों के साथ क्रूरता बरती जाती है और बच्चों के लिए वहाँ जाना सुरक्षित नहीं समझा जाता। पर बलदेव का स्वभाव ऐसा था कि जो बात उसके दिल में बैठ जाती, उसे वह पूरा करके ही छोड़ता था — इसलिए वह स्कूल से भागकर सरकस पहुँच गया।

सरकस के बारे में कई अफ़वाहें फैली हुई थीं — जैसे जानवरों के करतब, जादू और तमाशे की बातें। बलदेव इन्हीं बातों से खिंचकर सरकस गया था, पर वहाँ जाकर वह निराश हो गया — क्योंकि असलियत अफ़वाहों से अलग थी, और जानवरों की दुर्दशा देखकर उसका मन खिन्न हो गया।

कहानी का सबसे रोमांचक हिस्सा वह है जब बलदेव और चीता दोनों गुब्बारे पर ऊपर उठते जा रहे थे। इतने में बलदेव को एक बड़ा भारी गुब्बारा दिखाई दिया। यहाँ ‘भारी’ शब्द पर ध्यान दो — गुब्बारा सचमुच भारी नहीं होता, वह हवा से भरा हल्का होता है; ‘भारी’ से लेखक ने गुब्बारे के बड़े होने और उस पर दो सवारियों के होने का भाव दिया है। (यह व्याख्या पाठ के शब्दों पर आधारित है, किताब की सीधी पंक्ति नहीं है।)

गुब्बारे पर ऊपर उठते हुए भी चीते ने बलदेव को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया। इसका कारण यह समझा जा सकता है कि चीता भी डरा हुआ था और ऊपर की ऊँचाई में वह भी बलदेव की तरह असहाय था — दोनों एक ही संकट में थे, इसलिए चीते ने हमला नहीं किया।

कहानी का संदेश दोहरा है — पहला, स्कूल से भागना और बिना अनुमति के जाना गलत है और उसके बुरे परिणाम होते हैं; दूसरा, सरकस में जानवरों के प्रति क्रूरता बरतना ठीक नहीं है, और सरकस को स्वस्थ मनोरंजन का साधन बनाने के लिए जानवरों के करतबों की जगह मानवीय कलाबाज़ी और खेल होने चाहिए।

मुख्य शब्द

  • नाहक — बेकार में।
  • दरिया — नदी।
  • जानदार — ताकतवर।
  • सलाह — मशवरा, राय।
  • आकर्षक — दूसरों का ध्यान अपनी ओर खींचनेवाला।
  • जामा — कपड़ा।
  • तमाशा — मनोरंजन।
  • इश्तिहार — विज्ञापन।
  • बेतहाशा — तेज़ी से, बिना इधर-उधर देखे।
  • फ़िक्र — चिंता।
  • दुर्दशा — बुरी हालत।
  • हिसाब — गणित।

भाषा-बिंदु

  • मुहावरे — इन्हें अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ: बलदेव के तो होश उड़े हुए थे; बलदेव के दिल में जो बात बैठ जाती, उसे पूरा करके ही छोड़ता; वह इतना डरा कि उसके हाथ-पाँव फूल गए; ऐसा लगा जैसे किसी ने चीते का खून चूस लिया हो; बलदेव का दिल काँप उठा।
  • पुनरुक्त/युग्म शब्द: अजीब-अजीब, धीरे-धीरे, अभी-अभी, ज्यों-ज्यों, चूर-चूर; हिसाब-किताब, जब-तब, खेल-तमाशा, भूख-प्यास, हड्डी-पसली। इनमें से पाँच शब्दों से वाक्य बनाओ।
परीक्षा टिप: परीक्षा में ‘भारी गुब्बारा’ वाले प्रश्न में गलती से यह मत लिखो कि गुब्बारा सचमुच भारी था। सही उत्तर यह है कि गुब्बारा हवा से भरा हल्का होता है; ‘भारी’ से लेखक ने उसके बड़े होने और उस पर दो सवारियों के होने का भाव दिया है।
सामान्य गलती: सामान्य गलती: बलदेव के स्कूल से भागने को ‘बहादुरी’ समझ लेना। कहानी में यही बताया गया है कि स्कूल से भागने के बुरे परिणाम होते हैं — बलदेव की जान भी खतरे में पड़ गई थी।

अभ्यास (Practice — पहले खुद कोशिश करो)

  1. हेडमास्टर साहब ने बच्चों को सरकस में जाने से क्यों मना किया होगा?
    संकेत: सोचो — जानवरों की क्रूरता, सुरक्षा।
  2. सरकस के बारे में कौन-कौन सी अफ़वाहें फैली हुई थीं?
    संकेत: सोचो — करतब, जादू, तमाशा।
  3. बलदेव सरकस में जाकर निराश क्यों हो गया?
    संकेत: सोचो — असलियत बनाम अफ़वाह।
  4. बलदेव और चीता दोनों गुब्बारे पर ऊपर उठते जा रहे थे, फिर भी चीते ने बलदेव को कोई नुकसान क्यों नहीं पहुँचाया?
    संकेत: सोचो — दोनों का डर, एक ही संकट।
  5. “इतने में उसे एक बड़ा भारी गुब्बारा दिखाई दिया” — तुम्हें क्या लगता है कि गुब्बारा भारी होता है? लेखक ने उसे भारी क्यों कहा है?
    संकेत: सोचो — हल्का, बड़ा, दो सवारी।

प्रश्न और उत्तर (Important Questions with Answers)

  1. हेडमास्टर साहब ने बच्चों को सरकस में जाने से क्यों मना किया होगा?
    हेडमास्टर साहब ने इसलिए मना किया होगा क्योंकि सरकस में जानवरों के प्रति क्रूरता बरती जाती है और बच्चों के लिए वहाँ जाना सुरक्षित नहीं है। साथ ही स्कूल के समय में भागकर जाना अनुशासन के खिलाफ़ है।
  2. सरकस के बारे में कौन-कौन सी अफ़वाहें फैली हुई थीं?
    सरकस के बारे में अफ़वाहें थीं कि वहाँ जानवर अद्भुत करतब दिखाते हैं, जादू होता है और बड़े-बड़े तमाशे होते हैं। इन्हीं बातों ने बलदेव को सरकस की ओर खींचा था।
  3. बलदेव सरकस में जाकर निराश क्यों हो गया?
    क्योंकि असलियत अफ़वाहों से अलग थी। वहाँ जानवरों की दुर्दशा देखकर उसका मन खिन्न हो गया और उसे वह मज़ा नहीं आया जिसकी उसने कल्पना की थी।
  4. बलदेव और चीता दोनों गुब्बारे पर ऊपर उठते जा रहे थे, फिर भी चीते ने बलदेव को कोई नुकसान क्यों नहीं पहुँचाया?
    क्योंकि चीता भी डरा हुआ था और ऊपर की ऊँचाई में वह भी बलदेव की तरह असहाय था। दोनों एक ही संकट में थे, इसलिए चीते ने हमला नहीं किया — डर ने दोनों को एक-दूसरे का दुश्मन नहीं, एक ही हालत का साथी बना दिया था।
  5. “इतने में उसे एक बड़ा भारी गुब्बारा दिखाई दिया” — गुब्बारा भारी होता है? लेखक ने उसे भारी क्यों कहा है?
    नहीं, गुब्बारा सचमुच भारी नहीं होता — वह हवा से भरा हल्का होता है, तभी तो ऊपर उठता है। लेखक ने ‘भारी’ शब्द से गुब्बारे के बड़े होने और उस पर दो सवारियों (बलदेव और चीते) के होने का भाव दिया है।

विस्तार — NCERT की गतिविधियों से

नीचे के प्रश्न NCERT की ‘अभ्यास’ गतिविधियों के प्रश्न-प्रकारों (सोचो और बताओ, मुहावरे, तुम्हारी बात, समझो) को अपने शब्दों में कवर करते हैं।

  1. सोचो और बताओ: गुब्बारे में से हवा निकलने पर वह नीचे क्यों आने लगता है?
    क्योंकि गुब्बारे को ऊपर उठानेवाली हल्की गैस निकल जाती है, तो वह भारी हो जाता है और गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे आने लगता है।
  2. सोचो और बताओ: स्कूल में तुम्हें क्या-क्या करने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है?
    स्कूल से बाहर जाने, खेल के मैदान में जाने, पुस्तकालय से किताब लेने, छुट्टी लेने और किसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है।
  3. सोचो और बताओ: क्या तुमने अपने आस-पास के जानवरों की दुर्दशा देखी है?
    अपने आस-पास देखो — सड़क पर भूखे कुत्ते, पिंजरे में बंद पक्षी, बोझ ढोते गधे। इनकी दुर्दशा के बारे में दो-तीन पंक्तियाँ लिखो।
  4. सोचो और बताओ: सरकस में जानवरों के करतब दिखाए जाते हैं, उनके प्रति क्रूरता बरती जाती है — क्या ऐसे सरकस को मनोरंजन का साधन माना जा सकता है? सरकस को स्वस्थ मनोरंजन का साधन बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
    नहीं, जानवरों की क्रूरता पर आधारित मनोरंजन स्वस्थ नहीं है। सरकस को स्वस्थ बनाने के लिए जानवरों के करतबों की जगह मानवीय कलाबाज़ी, जादू, संगीत और खेल होने चाहिए।
  5. मुहावरे: होश उड़ना, दिल में बात बैठ जाना, हाथ-पाँव फूलना, खून चूस लिया हो, दिल काँप उठना — इन्हें अपने ढंग से इस्तेमाल करके वाक्य बनाओ।
    होश उड़ना: परीक्षा का परिणाम देखकर मेरे होश उड़ गए। हाथ-पाँव फूलना: साँप देखकर उसके हाथ-पाँव फूल गए। दिल काँप उठना: अँधेरे में आवाज़ सुनकर मेरा दिल काँप उठा।
  6. तुम्हारी बात: स्कूल से भागने के बुरे परिणाम क्या हो सकते हैं?
    स्कूल से भागने पर पढ़ाई छूट जाती है, जान खतरे में पड़ सकती है (जैसे बलदेव की पड़ी), माता-पिता और शिक्षक चिंतित होते हैं, और अनुशासनहीनता की आदत पड़ जाती है।
  7. तुम्हारी बात: किसी चीज़ के प्रचार के लिए विज्ञापन का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
    क्योंकि विज्ञापन से ज़्यादा लोगों तक जानकारी पहुँचती है, लोग उस चीज़ को जान पाते हैं और उसे खरीदने या देखने के लिए आकर्षित होते हैं।
  8. तुम्हारी बात: सड़क सुरक्षा, प्रदूषण या शिक्षा के बारे में एक विज्ञापन बनाकर अपने मित्र को दिखाओ, पूछो कि उसे पसंद आया या नहीं, और कारण भी पूछो।
    अपना विज्ञापन बनाओ — जैसे ‘हेलमेट पहनो, जान बचाओ’ — और मित्र की राय लिखो।
  9. समझो: अजीब-अजीब, धीरे-धीरे, अभी-अभी, ज्यों-ज्यों, चूर-चूर, हिसाब-किताब, जब-तब, खेल-तमाशा, भूख-प्यास, हड्डी-पसली में से पाँच से वाक्य बनाओ।
    अजीब-अजीब: उसने अजीब-अजीब बातें कीं। धीरे-धीरे: वह धीरे-धीरे चल रहा था। भूख-प्यास: भूख-प्यास से वह थक गया। हिसाब-किताब: दुकानदार ने हिसाब-किताब किया। खेल-तमाशा: गाँव में खेल-तमाशा हुआ।
पुनरावलोकन — एक नज़र में
  • कहानी: बलदेव — स्कूल से भागकर सरकस गया, चीते के साथ गुब्बारे पर ऊपर उठा।
  • हेडमास्टर: सरकस जाने से मना किया था — जानवरों की क्रूरता और सुरक्षा के कारण।
  • बलदेव का स्वभाव: दिल में बैठी बात को पूरा करके ही छोड़ता था।
  • निराशा: असलियत अफ़वाहों से अलग थी; जानवरों की दुर्दशा देखकर मन खिन्न हुआ।
  • भारी गुब्बारा: गुब्बारा हल्का होता है; ‘भारी’ से बड़े होने और दो सवारियों का भाव।
  • चीते का हमला न करना: दोनों एक ही संकट में थे, चीता भी डरा हुआ था।
  • संदेश: स्कूल से भागना गलत; जानवरों की क्रूरता पर आधारित मनोरंजन स्वस्थ नहीं।
  • भाषा: मुहावरे (होश उड़ना, हाथ-पाँव फूलना); पुनरुक्त/युग्म शब्द।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।