Chapter 7: सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम
समूह की प्रकृति और प्रकार, समूह निर्माण, सामाजिक प्रभाव — अनुरूपता, अनुपालन और आज्ञापालन, सामाजिक श्रमावनयन, समूह निर्णय और नेतृत्व।
Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में मनोविज्ञान
सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम — EG के अपने शब्दों में सार
Book: मनोविज्ञान (BSEB, Class 12 मनोविज्ञान) | Chapter 7 | Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)
मनुष्य सामाजिक प्राणी है — वह परिवार, मित्र-मंडली, कक्षा और कार्यस्थल जैसे समूहों में रहता है। समूह व्यक्ति के व्यवहार को गहराई से प्रभावित करते हैं: कभी व्यक्ति समूह के दबाव में अपना विचार बदल लेता है, कभी समूह में अकेले से अधिक मेहनत करता है। यह अध्याय समूह और सामाजिक प्रभाव को समझाता है।

चित्र 1: चित्र 1 में सामाजिक प्रभाव के तीन रूप प्रवाह के रूप में दिखाए गए हैं — अनुरूपता, अनुपालन और आज्ञापालन।

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं; इन्हें याद करके पूरा अध्याय दोहराया जा सकता है।
क्या सीखना है
- समूह की विशेषताएँ और प्रकार बताना।
- समूह निर्माण की अवस्थाएँ समझना।
- अनुरूपता, अनुपालन और आज्ञापालन में अंतर करना।
- सामाजिक श्रमावनयन को समझना।
- समूह निर्णय और नेतृत्व के प्रकार बताना।
1. समूह की प्रकृति और प्रकार
समूह दो या अधिक व्यक्तियों का ऐसा समुच्चय है जो एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं, समान लक्ष्य रखते हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। समूह की विशेषताएँ हैं: सामान्य लक्ष्य, परस्पर निर्भरता, निश्चित संरचना (भूमिकाएँ और मानदंड) और एक-दूसरे के साथ अंतःक्रिया।
समूह कई प्रकार के होते हैं: प्राथमिक समूह (परिवार, घनिष्ठ मित्र — गहरे भावनात्मक संबंध) और द्वितीयक समूह (कार्यालय, समिति — औपचारिक संबंध); औपचारिक समूह (नियमों से बने) और अनौपचारिक समूह (स्वाभाविक रूप से बने); अंतःसमूह (अपना समूह) और बाह्य समूह (दूसरा समूह)।
2. समूह निर्माण
समूह निर्माण की पाँच अवस्थाएँ मानी जाती हैं: निर्माण (forming — सदस्य मिलते हैं), तूफान (storming — मतभेद और संघर्ष), मानदंड निर्धारण (norming — नियम और भूमिकाएँ तय होती हैं), कार्य-निष्पादन (performing — समूह लक्ष्य की ओर काम करता है) और स्थगन (adjourning — लक्ष्य पूरा होने पर समूह भंग होता है)।
समूह के मानदंड (norms) वे अलिखित नियम हैं जो बताते हैं कि समूह में कैसा व्यवहार उचित है। भूमिका (role) वह अपेक्षित व्यवहार है जो किसी पद से जुड़ा होता है। समूह की एकता (cohesiveness) सदस्यों के बीच आकर्षण और एकता की मात्रा है — एकता अधिक होने पर समूह अधिक प्रभावी होता है।
3. सामाजिक प्रभाव: अनुरूपता, अनुपालन, आज्ञापालन
अनुरूपता (conformity) समूह के दबाव में अपने विचार या व्यवहार को समूह के अनुरूप बदलना है। ऐश के प्रयोग में दिखा कि व्यक्ति स्पष्ट रूप से गलत उत्तर जानते हुए भी समूह के दबाव में गलत उत्तर दे देता है। अनुरूपता के कारण हैं: सूचनात्मक प्रभाव (समूह को सही मानना) और मानदंडात्मक प्रभाव (समूह से स्वीकृति पाना)।
अनुपालन (compliance) किसी के अनुरोध पर व्यवहार बदलना है — जैसे, किसी की मदद करना। आज्ञापालन (obedience) किसी अधिकारी के आदेश पर व्यवहार बदलना है। मिलग्राम के प्रयोग में दिखा कि सामान्य लोग भी अधिकारी के आदेश पर दूसरों को हानि पहुँचाने को तैयार हो गए — यह आज्ञापालन की शक्ति दिखाता है।
4. सामाजिक श्रमावनयन और समूह निर्णय
सामाजिक श्रमावनयन (social loafing) वह प्रवृत्ति है जिसमें व्यक्ति समूह में अकेले की तुलना में कम मेहनत करता है, क्योंकि उसका योगदान पहचाना नहीं जाता। इसका उपाय है: व्यक्तिगत योगदान को पहचानना, कार्य को महत्वपूर्ण बनाना और समूह को छोटा रखना।
समूह निर्णय में समूह ध्रुवीकरण (group polarisation) होता है — चर्चा के बाद समूह का निर्णय सदस्यों के प्रारंभिक झुकाव से अधिक चरम हो जाता है। समूह चिंतन (groupthink) में समूह की एकता बनाए रखने के लिए सदस्य आलोचना दबा देते हैं और गलत फैसला ले लेते हैं। इसका उपाय है: आलोचना को प्रोत्साहन, बाहरी विशेषज्ञ की राय और नेता का निष्पक्ष रहना।
5. नेतृत्व
नेता वह व्यक्ति है जो समूह को लक्ष्य की ओर निर्देशित करता है। नेतृत्व के प्रकार हैं: निरंकुश (सभी फैसले नेता लेता है), लोकतांत्रिक (सदस्यों से सलाह लेकर फैसले) और अहस्तक्षेप (नेता हस्तक्षेप नहीं करता)। लोकतांत्रिक नेतृत्व प्रायः सबसे प्रभावी माना जाता है — सदस्यों की संतुष्टि और रचनात्मकता अधिक होती है।
प्रभावी नेता में कार्य-उन्मुखता (लक्ष्य पर ध्यान) और संबंध-उन्मुखता (सदस्यों के संबंधों पर ध्यान) दोनों गुण होते हैं। परिस्थिति के अनुसार नेता का प्रकार बदलना पड़ता है — संकट में निरंकुश नेतृत्व भी उपयोगी हो सकता है।
तालिका / चार्ट — एक नज़र में
| विषय | मुख्य बात |
|---|---|
| प्राथमिक समूह | परिवार, घनिष्ठ मित्र — गहरे संबंध |
| द्वितीयक समूह | कार्यालय, समिति — औपचारिक संबंध |
| अनुरूपता | समूह के दबाव में व्यवहार बदलना |
| अनुपालन | अनुरोध पर व्यवहार बदलना |
| आज्ञापालन | अधिकारी के आदेश पर व्यवहार बदलना |
| सामाजिक श्रमावनयन | समूह में कम मेहनत करना |

चित्र 3: चित्र 3 में अध्याय का मानचित्र दिया गया है — समूह की प्रकृति से लेकर नेतृत्व तक।
मुख्य शब्द / Key Terms
- समूह: परस्पर निर्भर व्यक्तियों का समुच्चय
- मानदंड: समूह में उचित व्यवहार के अलिखित नियम
- अनुरूपता: समूह के दबाव में व्यवहार बदलना
- आज्ञापालन: अधिकारी के आदेश पर व्यवहार बदलना
- समूह चिंतन: एकता बनाए रखने के लिए आलोचना दबाना
याद रखें
- समूह: सामान्य लक्ष्य + परस्पर निर्भरता + संरचना।
- अनुरूपता = समूह दबाव; अनुपालन = अनुरोध; आज्ञापालन = आदेश।
- ऐश: अनुरूपता; मिलग्राम: आज्ञापालन।
- सामाजिक श्रमावनयन: समूह में कम मेहनत।
- समूह चिंतन: आलोचना दबाकर गलत फैसला।
परीक्षा टिप / आम गलती
आम गलती: अनुरूपता, अनुपालन और आज्ञापालन को एक समझ लेना। अनुरूपता में दबाव समूह के साथियों का होता है; अनुपालन में अनुरोध किसी व्यक्ति का होता है; आज्ञापालन में आदेश किसी अधिकारी का होता है।
अभ्यास प्रश्न — खुद करके देखें
- समूह की तीन विशेषताएँ लिखिए। संकेत: सामान्य लक्ष्य, परस्पर निर्भरता, संरचना।
- प्राथमिक और द्वितीयक समूह में अंतर बताइए। संकेत: गहरे भावनात्मक संबंध बनाम औपचारिक संबंध।
- अनुरूपता और आज्ञापालन में अंतर बताइए। संकेत: समूह दबाव बनाम अधिकारी का आदेश।
- सामाजिक श्रमावनयन किसे कहते हैं? संकेत: समूह में अकेले से कम मेहनत करना।
- समूह चिंतन क्या है? संकेत: एकता के लिए आलोचना दबाकर गलत फैसला लेना।
मुख्य प्रश्न — उत्तर सहित (Core Q&A)
- समूह किसे कहते हैं? इसकी विशेषताएँ बताइए। उत्तर: दो या अधिक व्यक्तियों का समुच्चय जो परस्पर निर्भर हों, समान लक्ष्य रखें और एक-दूसरे को प्रभावित करें। विशेषताएँ: सामान्य लक्ष्य, परस्पर निर्भरता, संरचना और अंतःक्रिया।
- प्राथमिक और द्वितीयक समूह में अंतर बताइए। उत्तर: प्राथमिक समूह में गहरे भावनात्मक संबंध होते हैं (परिवार, घनिष्ठ मित्र); द्वितीयक समूह में औपचारिक और लक्ष्य-केंद्रित संबंध होते हैं (कार्यालय, समिति)।
- समूह निर्माण की अवस्थाएँ बताइए। उत्तर: निर्माण, तूफान, मानदंड निर्धारण, कार्य-निष्पादन और स्थगन।
- अनुरूपता क्या है? ऐश के प्रयोग से क्या पता चला? उत्तर: समूह के दबाव में विचार या व्यवहार बदलना। ऐश के प्रयोग में व्यक्ति स्पष्ट रूप से गलत उत्तर जानते हुए भी समूह के दबाव में गलत उत्तर दे देता है।
- अनुरूपता के कारण बताइए। उत्तर: सूचनात्मक प्रभाव (समूह को सही मानना) और मानदंडात्मक प्रभाव (समूह से स्वीकृति पाना)।
- अनुपालन और आज्ञापालन में अंतर बताइए। उत्तर: अनुपालन किसी के अनुरोध पर व्यवहार बदलना है; आज्ञापालन किसी अधिकारी के आदेश पर व्यवहार बदलना है।
- मिलग्राम के प्रयोग से क्या पता चला? उत्तर: सामान्य लोग भी अधिकारी के आदेश पर दूसरों को हानि पहुँचाने को तैयार हो जाते हैं — आज्ञापालन की शक्ति बहुत अधिक होती है।
- सामाजिक श्रमावनयन क्या है? इसका उपाय बताइए। उत्तर: समूह में अकेले की तुलना में कम मेहनत करना। उपाय: व्यक्तिगत योगदान को पहचानना और कार्य को महत्वपूर्ण बनाना।
- समूह ध्रुवीकरण और समूह चिंतन में अंतर बताइए। उत्तर: ध्रुवीकरण में चर्चा के बाद निर्णय अधिक चरम हो जाता है; समूह चिंतन में एकता बनाए रखने के लिए आलोचना दबा दी जाती है और गलत फैसला लिया जाता है।
- नेतृत्व के तीन प्रकार बताइए। कौन-सा सबसे प्रभावी माना जाता है? उत्तर: निरंकुश, लोकतांत्रिक और अहस्तक्षेप। लोकतांत्रिक नेतृत्व प्रायः सबसे प्रभावी माना जाता है।
उत्तर सहित प्रश्न — बोर्ड-पैटर्न अभ्यास
ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड परीक्षा की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
- एक छात्र जानता है कि उत्तर 'क' है, पर सभी मित्र 'ख' कह रहे हैं, इसलिए वह भी 'ख' कह देता है। यह क्या है? उत्तर: अनुरूपता — समूह के दबाव में व्यवहार बदलना।
- एक अधिकारी के आदेश पर एक व्यक्ति ऐसा काम करता है जो वह स्वयं नहीं करता। यह क्या है? उत्तर: आज्ञापालन।
- एक समूह परियोजना में एक सदस्य कम काम करता है क्योंकि उसका योगदान पहचाना नहीं जाएगा। यह क्या है? उत्तर: सामाजिक श्रमावनयन।
- एक समिति में सभी सदस्य नेता से असहमत होने पर भी चुप रहते हैं ताकि एकता बनी रहे, और गलत फैसला हो जाता है। यह क्या है? उत्तर: समूह चिंतन।
- समूह निर्माण की 'तूफान' अवस्था में क्या होता है? उत्तर: सदस्यों के बीच मतभेद और संघर्ष होते हैं।
पुस्तक के अभ्यास — प्रश्न दर प्रश्न (Extension Q&A)
नीचे के प्रश्न पुस्तक के अभ्यास की अवधारणाओं पर EG के अपने शब्दों में बनाए गए अभ्यास हैं — ये पुस्तक के प्रश्नों की शब्दशः नकल नहीं हैं।
- अंतःसमूह और बाह्य समूह में अंतर बताइए। उत्तर: अंतःसमूह अपना समूह है जिससे व्यक्ति पहचान रखता है; बाह्य समूह दूसरा समूह है।
- समूह की एकता (cohesiveness) क्या है? उत्तर: सदस्यों के बीच आकर्षण और एकता की मात्रा — अधिक एकता से समूह अधिक प्रभावी होता है।
- मानदंड और भूमिका में अंतर बताइए। उत्तर: मानदंड समूह में उचित व्यवहार के अलिखित नियम हैं; भूमिका किसी पद से जुड़ा अपेक्षित व्यवहार है।
- समूह चिंतन से बचने का एक उपाय बताइए। उत्तर: आलोचना को प्रोत्साहन देना या बाहरी विशेषज्ञ की राय लेना।
- संकट में निरंकुश नेतृत्व क्यों उपयोगी हो सकता है? उत्तर: क्योंकि तेज़ फैसले की आवश्यकता होती है और सलाह-मशविरे का समय नहीं होता।
Recap — दोहराव
- समूह: सामान्य लक्ष्य + परस्पर निर्भरता + संरचना।
- अनुरूपता = समूह दबाव; आज्ञापालन = आदेश।
- ऐश: अनुरूपता; मिलग्राम: आज्ञापालन।
- सामाजिक श्रमावनयन: समूह में कम मेहनत।
- समूह चिंतन: आलोचना दबाकर गलत फैसला।

