Educational Galaxy shield logo

Educational Galaxy

LEARN • THINK • SPEAK • GROW

Class 11 • Chemistry • Rasayan Vigyan Bhag-1

Chapter 1: रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ

पदार्थ, मोल संकल्पना, रासायनिक सूत्र, समीकरण-संतुलन और स्टॉइकियोमीट्री — इस अध्याय की पूरी नींव, सरल हिंदी में।

Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में Rasayan Vigyan Bhag-1 (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

Print: browser से PDF save कर सकते हैं। यह कोई textbook PDF नहीं है।

रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ — EG के अपने शब्दों में सार

Book: Rasayan Vigyan Bhag-1 (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 11 Chemistry)  |  Chapter 1  |  Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)

पदार्थ और उसके गुण

पदार्थ वह है जिसमें द्रव्यमान हो और जो स्थान घेरे। पदार्थ के तीन भौतिक रूप हैं — ठोस, द्रव और गैस — और रासायनिक रूप से वह तत्व, यौगिक या मिश्रण हो सकता है।

तत्व एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना होता है, यौगिक दो या अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग से बनता है और मिश्रण में घटक अपना गुण बनाए रखते हैं।

मोल संकल्पना

मोल पदार्थ की मात्रा का मात्रक है — 1 मोल में 6.022×10²³ कण होते हैं, जिसे आवोगाद्रो संख्या कहते हैं।

किसी पदार्थ के 1 मोल का द्रव्यमान उसका मोलर द्रव्यमान कहलाता है, जैसे पानी का मोलर द्रव्यमान 18 g/mol है। मोलों की संख्या = दिया गया द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान।

रासायनिक समीकरण और सीमांत अभिकारक

संतुलित समीकरण में दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणु बराबर होते हैं। समीकरण के गुणांक मोलों का अनुपात बताते हैं।

जो अभिकारक पहले समाप्त हो जाए, वह सीमांत अभिकारक कहलाता है और उत्पाद की मात्रा उसी से तय होती है। प्रतिशत उपलब्धि = (वास्तविक उपलब्धि/सैद्धांतिक उपलब्धि) × 100।

रसायन विज्ञान क्यों पढ़ते हैं

रसायन विज्ञान अणुओं और उनके रूपांतरण का विज्ञान है। जीवन के हर क्षेत्र में — भोजन, दवा, ईंधन, कपड़े, सफाई — रसायन काम करता है। इस अध्याय का लक्ष्य है कि हम पदार्थ को मापना, गिनना और समीकरणों से उसके बदलाव की गणना करना सीख जाएँ।

पदार्थ का वर्गीकरण

पदार्थ वह है जिसमें द्रव्यमान हो और जो स्थान घेरे। भौतिक रूप से पदार्थ ठोस, द्रव या गैस हो सकता है; रासायनिक रूप से वह तत्व, यौगिक या मिश्रण होता है। तत्व एक ही प्रकार के परमाणुओं से बनता है (जैसे Fe, O2), यौगिक दो या अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग से बनता है (जैसे H2O), और मिश्रण में घटक अपना-अपना गुण बनाए रखते हैं (जैसे वायु, समुद्री जल)। मिश्रण समांगी (एक ही प्रावस्था, जैसे चीनी का विलयन) या विषमांगी (दो प्रावस्थाएँ, जैसे रेत-पानी) हो सकता है।

मापन, सार्थक अंक और विमीय विश्लेषण

मापन में हर संख्या के साथ मात्रक लिखना ज़रूरी है। SI पद्धति में लंबाई metre, द्रव्यमान kilogram, समय second, ताप kelvin, पदार्थ की मात्रा mole है। सार्थक अंक वे अंक हैं जो मापन की शुद्धता बताते हैं — जैसे 2.5 में दो और 2.50 में तीन सार्थक अंक हैं। विमीय विश्लेषण (unit-factor विधि) से एक पद्धति के मात्रक दूसरी में बदले जाते हैं; गणना में मात्रक साथ-साथ चलें, तो गलती तुरंत पकड़ी जाती है।

रासायनिक संयोग के नियम

द्रव्यमान संरक्षण: अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है। निश्चित अनुपात का नियम (प्राउस्ट): किसी यौगिक में तत्व हमेशा एक निश्चित द्रव्यमान-अनुपात में मिलते हैं — पानी में H : O = 1 : 8, चाहे वह किसी भी स्रोत से बना हो। गुणित अनुपात का नियम (डाल्टन): दो तत्व कई यौगिक बनाएँ, तो एक तत्व के निश्चित द्रव्यमान से मिलने वाले दूसरे तत्व के द्रव्यमान छोटे पूर्णांकों के अनुपात में होते हैं। गे-लुसैक का नियम: गैसीय अभिकारक और उत्पाद समान ताप-दाब पर आयतन के सरल अनुपात में मिलते हैं। आवोगाद्रो नियम: समान ताप-दाब पर गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है।

परमाणु द्रव्यमान, अणु द्रव्यमान और मोल

परमाणु द्रव्यमान वह संख्या है जो बताती है कि परमाणु कार्बन-12 के 1/12 भाग से कितने गुना भारी है। समस्थानिकों की प्रचुरता से औसत परमाणु द्रव्यमान निकलता है (क्लोरीन का ≈ 35.5)। अणु द्रव्यमान = अणु के सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग; सूत्र द्रव्यमान आयनिक यौगिकों (जैसे NaCl) के लिए प्रयोग होता है। मोल पदार्थ की मात्रा का मात्रक है: 1 मोल में 6.022×10²³ कण (आवोगाद्रो संख्या) होते हैं। 1 मोल का द्रव्यमान (ग्राम में) उसके मोलर द्रव्यमान के बराबर होता है।

प्रतिशत संघटन, मूलानुपाती सूत्र और अणुसूत्र

किसी तत्व का प्रतिशत संघटन = (यौगिक में उस तत्व का द्रव्यमान / यौगिक का मोलर द्रव्यमान) × 100। प्रतिशत से मोल निकालकर सबसे छोटे मोल से भाग देने पर मूलानुपाती (empirical) सूत्र मिलता है। अणुसूत्र = n × मूलानुपाती सूत्र, जहाँ n = मोलर द्रव्यमान / मूलानुपाती सूत्र द्रव्यमान। उदाहरण: 40% C, 6.7% H, 53.3% O वाले यौगिक का मूलानुपाती सूत्र CH2O निकलता है।

स्टॉइकियोमीट्री और सीमांत अभिकारक

संतुलित समीकरण के गुणांक मोलों का अनुपात बताते हैं। पहले समीकरण संतुलित करो, फिर दिए गए द्रव्यमान/आयतन को मोल में बदलो, गुणांक-अनुपात से वांछित पदार्थ के मोल निकालो और अंत में द्रव्यमान/आयतन में बदलो। जो अभिकारक पहले समाप्त हो, वह सीमांत अभिकारक है — उत्पाद की मात्रा उसी से तय होती है। प्रतिशत उपलब्धि = (वास्तविक उपलब्धि / सैद्धांतिक उपलब्धि) × 100; प्रतिशत शुद्धता से शुद्ध पदार्थ का द्रव्यमान निकालकर ही गणना शुरू करनी चाहिए। विलयन की सांद्रता के लिए मोलरता M = विलेय के मोल / विलयन का आयतन (L में) याद रखो।

तालिका / चार्ट — एक नज़र में

राशिसूत्र/मान
आवोगाद्रो संख्या6.022×10²³
मोलद्रव्यमान/मोलर द्रव्यमान
प्रतिशत उपलब्धिवास्तविक/सैद्धांतिक × 100
याद रखने की कुंजी

मोल-गणना की हर समस्या में तीन कदम ही हैं — (1) मोल में बदलो, (2) समीकरण के गुणांक-अनुपात से नए मोल निकालो, (3) वापस द्रव्यमान या आयतन में बदलो। मात्रक हर कदम पर साथ लिखो।

आम गलती

मोल और अणुओं/परमाणुओं की संख्या को एक न समझो। 1 मोल H2O में 6.022×10²³ अणु होते हैं, पर हाइड्रोजन परमाणु दोगुने (2 × 6.022×10²³) और कुल परमाणु तीन गुने होंगे।

तेज़ तरीका

गैसीय आयतन वाली समस्या में STP पर सीधे आयतन-अनुपात = मोल-अनुपात प्रयोग करो — पहले मोल निकालने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

मूल अवधारणाएँ — मोल तक का रास्ता

चित्र 1: चित्र 1 में पदार्थ से समीकरण तक की कड़ी क्रम से दिखाई गई है।

मूल अवधारणाएँ — याद रखने योग्य बातें

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं।

मोल त्रिभुज — n = m / M

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): मोल त्रिभुज: ऊपर मोलों की संख्या n, नीचे द्रव्यमान m और मोलर द्रव्यमान M — तीनों में से कोई दो जानो, तीसरा निकाल लो। कणों की संख्या = n × 6.022×10²³; STP पर 1 मोल गैस = 22.4 L।

मुख्य शब्द / Key Terms

  • तत्व: एक ही प्रकार के परमाणुओं वाला पदार्थ।
  • यौगिक: निश्चित अनुपात में तत्वों का रासायनिक संयोग।
  • मोल: 6.022×10²³ कणों की मात्रा।
  • मोलर द्रव्यमान: 1 मोल पदार्थ का द्रव्यमान।
  • सीमांत अभिकारक: जो अभिकारक पहले समाप्त हो जाए।
  • समांगी मिश्रण: जिसमें घटक एक ही प्रावस्था में समान रूप से मिले हों, जैसे नमक का विलयन।
  • सार्थक अंक: मापन की शुद्धता बताने वाले अंक; शून्य की स्थिति से इनकी गिनती बदलती है।
  • आवोगाद्रो संख्या: 6.022×10²³ — 1 मोल में कणों की संख्या।
  • मूलानुपाती सूत्र: यौगिक में परमाणुओं का सबसे सरल पूर्णांक-अनुपात।
  • मोलरता: 1 लीटर विलयन में विलेय के मोल; M = n / V(L)।

याद रखें

  • मोल गणना में मात्रक (g, mol) हमेशा लिखें।
  • संतुलन से पहले समीकरण के गुणांकों को समझें।
  • STP पर 1 मोल गैस का आयतन 22.4 L होता है।
  • सीमांत अभिकारक से ही उत्पाद की मात्रा निकालें।
  • प्रतिशत संघटन से मूलानुपाती सूत्र निकाला जाता है।

परीक्षा टिप / आम गलती

आम गलती: मोल और अणुओं की संख्या को एक समझ लेना। 1 मोल पानी में 6.022×10²³ अणु होते हैं, पर परमाणु तीन गुने होंगे क्योंकि हर अणु में 3 परमाणु हैं।

अभ्यास प्रश्न — खुद करके देखें

  1. मोल किसे कहते हैं? संकेत: 6.022×10²³ कणों की मात्रा को।
  2. आवोगाद्रो संख्या कितनी है? संकेत: 6.022×10²³।
  3. तत्व और यौगिक में अंतर बताइए। संकेत: तत्व एक प्रकार के परमाणुओं का है; यौगिक निश्चित अनुपात में तत्वों का संयोग है।
  4. सीमांत अभिकारक क्या है? संकेत: जो अभिकारक पहले समाप्त हो जाए।
  5. पानी का मोलर द्रव्यमान कितना है? संकेत: 18 g/mol।

मुख्य प्रश्नोत्तर — अवधारणा की जाँच

ये Educational Galaxy के अपने प्रश्न हैं, अध्याय की मुख्य अवधारणाओं पर।

  1. प्रश्न: 49 g सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) में कितने मोल हैं? (H = 1, S = 32, O = 16)
    उत्तर: मोलर द्रव्यमान = 2 + 32 + 64 = 98 g/mol। मोल = 49/98 = 0.5 मोल।
  2. प्रश्न: किसी यौगिक में C 40%, H 6.7%, O 53.3% है। इसका मूलानुपाती सूत्र निकालो। (C = 12, H = 1, O = 16)
    उत्तर: मोल: C = 40/12 = 3.33, H = 6.7/1 = 6.7, O = 53.3/16 = 3.33। सबसे छोटे (3.33) से भाग देने पर C : H : O = 1 : 2 : 1, अतः मूलानुपाती सूत्र CH2O है।
  3. प्रश्न: N2 + 3H2 → 2NH3 में 28 g N2 और 6 g H2 लें, तो कितनी अमोनिया बनेगी? सीमांत अभिकारक कौन है?
    उत्तर: N2 = 28/28 = 1 मोल, H2 = 6/2 = 3 मोल। अनुपात ठीक 1 : 3 है — कोई सीमांत अभिकारक नहीं, दोनों पूरे खर्च होंगे। NH3 = 2 मोल = 34 g बनेगी।
  4. प्रश्न: पानी में हाइड्रोजन का प्रतिशत संघटन कितना है?
    उत्तर: H2O का मोलर द्रव्यमान 18 है, जिसमें H का द्रव्यमान 2 है। प्रतिशत = (2/18) × 100 = 11.11%। ऑक्सीजन का 88.89% होगा।
  5. प्रश्न: 0.5 M के 200 mL विलयन में विलेय के कितने मोल हैं?
    उत्तर: मोल = M × V(L) = 0.5 × 0.200 = 0.1 मोल।
  6. प्रश्न: STP पर 11.2 L CO2 में कितने अणु हैं?
    उत्तर: मोल = 11.2/22.4 = 0.5 मोल। अणु = 0.5 × 6.022×10²³ = 3.011×10²³।
  7. प्रश्न: निश्चित अनुपात के नियम को पानी के उदाहरण से समझाओ।
    उत्तर: पानी चाहे नदी से लो, कुएँ से लो या प्रयोगशाला में बनाओ — उसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान-अनुपात हमेशा 1 : 8 ही रहता है। यही निश्चित अनुपात का नियम है।
  8. प्रश्न: मोलर द्रव्यमान और अणु द्रव्यमान में क्या अंतर है?
    उत्तर: अणु द्रव्यमान एक संख्या है (amu में, सापेक्ष), जबकि मोलर द्रव्यमान 1 मोल पदार्थ का द्रव्यमान है (g/mol में)। संख्या समान होती है, मात्रक अलग।
  9. प्रश्न: किसी अभिक्रिया की सैद्धांतिक उपलब्धि 50 g और वास्तविक 40 g हो, तो प्रतिशत उपलब्धि क्या है?
    उत्तर: प्रतिशत उपलब्धि = (40/50) × 100 = 80%।
  10. प्रश्न: समांगी और विषमांगी मिश्रण में अंतर उदाहरण सहित बताओ।
    उत्तर: समांगी में घटक एक प्रावस्था में समान रूप से मिले होते हैं (नमक-पानी का विलयन); विषमांगी में अलग-अलग प्रावस्थाएँ दिखती हैं (रेत-पानी)।

उत्तर सहित प्रश्न — बोर्ड-पैटर्न अभ्यास

ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड प्रश्नों की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।

  1. 36 g पानी में कितने मोल हैं? उत्तर: 36/18 = 2 मोल।
  2. STP पर 2 मोल ऑक्सीजन का आयतन कितना होगा? उत्तर: 2 × 22.4 = 44.8 L।
  3. समीकरण संतुलित क्यों होना चाहिए? उत्तर: क्योंकि परमाणु न बनते हैं, न नष्ट होते हैं।
  4. प्रतिशत उपलब्धि 80% का अर्थ क्या है? उत्तर: सैद्धांतिक मात्रा की 80% ही वास्तविक में मिली।
  5. मिश्रण और यौगिक में क्या अंतर है? उत्तर: मिश्रण में घटक अपना गुण रखते हैं; यौगिक में नया गुण बनता है।

पुस्तक के अभ्यास प्रश्न — प्रश्न-दर-प्रश्न

नीचे पुस्तक के अभ्यास (Exercise) के प्रश्न Educational Galaxy के अपने शब्दों में दिए गए हैं, उत्तर सहित। प्रश्नों का क्रम और आशय पुस्तक के अभ्यास के अनुसार है; उत्तर अपने से जाँचकर लिखे गए हैं।

अभ्यास 1 (पुस्तक-अध्याय 1)

  1. प्रश्न: मोलर द्रव्यमान निकालिए — (i) H₂O, (ii) CO₂, (iii) CH₄।
    उत्तर: (i) H₂O = 2×1 + 16 = 18 g mol⁻¹; (ii) CO₂ = 12 + 2×16 = 44 g mol⁻¹; (iii) CH₄ = 12 + 4×1 = 16 g mol⁻¹।
  2. प्रश्न: सोडियम सल्फेट (Na₂SO₄) में प्रत्येक तत्व का द्रव्यमान प्रतिशत निकालिए।
    उत्तर: मोलर द्रव्यमान = 142 g mol⁻¹। Na = 46/142 = 32.39%, S = 32/142 = 22.53%, O = 64/142 = 45.07%।
  3. प्रश्न: आयरन के उस ऑक्साइड का मूलानुपाती सूत्र निकालिए जिसमें द्रव्यमान द्वारा 69.9% आयरन और 30.1% ऑक्सीजन है।
    उत्तर: Fe = 69.9/55.85 = 1.25 मोल, O = 30.1/16 = 1.88 मोल; अनुपात 1.25 : 1.88 ≈ 2 : 3। मूलानुपाती सूत्र Fe₂O₃।
  4. प्रश्न: प्राप्त कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा निकालिए जब — (i) 1 मोल कार्बन को हवा में जलाया जाता है, (ii) 1 मोल कार्बन को 16 g ऑक्सीजन में जलाया जाता है।
    उत्तर: (i) C + O₂ → CO₂; 1 मोल C से 1 मोल CO₂ = 44 g। (ii) 16 g O₂ = 0.5 मोल, यही सीमांत अभिकर्मक है, इसलिए 0.5 मोल CO₂ = 22 g।
  5. प्रश्न: सोडियम ऐसीटेट (CH₃COONa) का 500 mL, 0.375 मोलर जलीय विलयन बनाने के लिए कितने द्रव्यमान की आवश्यकता होगी? (मोलर द्रव्यमान 82.0245 g mol⁻¹)
    उत्तर: मोल = 0.375 × 0.500 = 0.1875 मोल; द्रव्यमान = 0.1875 × 82.0245 = 15.38 g।
  6. प्रश्न: सांद्र नाइट्रिक अम्ल के उस प्रतिदर्श की मोल प्रति लिटर में सांद्रता निकालिए जिसमें उसका द्रव्यमान प्रतिशत 69% हो और घनत्व 1.41 g mL⁻¹ हो।
    उत्तर: 1 L विलयन = 1410 g, जिसमें HNO₃ = 1410 × 0.69 = 972.9 g = 972.9/63 = 15.44 मोल। अतः सांद्रता 15.44 M।
  7. प्रश्न: 100 g कॉपर सल्फेट (CuSO₄) से कितना कॉपर प्राप्त किया जा सकता है?
    उत्तर: Cu का अंश = 63.5/159.5 = 0.398; प्राप्त Cu = 100 × 0.398 = 39.81 g।
  8. प्रश्न: आयरन के ऑक्साइड का आण्विक सूत्र निकालिए जिसमें आयरन तथा ऑक्सीजन का द्रव्यमान प्रतिशत क्रमशः 69.9 तथा 30.1 है।
    उत्तर: मूलानुपाती सूत्र Fe₂O₃ (प्रश्न 1.3 की गणना से); यही आण्विक सूत्र भी है।
  9. प्रश्न: दिए गए आँकड़ों से क्लोरीन के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना कीजिए — ³⁵Cl: 75.77%, 34.9689 u; ³⁷Cl: 24.23%, 36.9659 u।
    उत्तर: औसत = 0.7577 × 34.9689 + 0.2423 × 36.9659 = 26.496 + 8.957 = 35.45 u।
  10. प्रश्न: ऐथेन (C₂H₆) के तीन मोलों में — (i) कार्बन परमाणुओं के मोलों की संख्या, (ii) हाइड्रोजन परमाणुओं के मोलों की संख्या, (iii) ऐथेन के अणुओं की संख्या निकालिए।
    उत्तर: (i) 3 × 2 = 6 मोल C परमाणु; (ii) 3 × 6 = 18 मोल H परमाणु; (iii) 3 × 6.022×10²³ = 1.807×10²⁴ अणु।
  11. प्रश्न: यदि 20 g चीनी (C₁₂H₂₂O₁₁) को जल की पर्याप्त मात्रा में घोलने पर उसका आयतन 2 L हो जाए, तो चीनी के इस विलयन की सांद्रता क्या होगी?
    उत्तर: मोल = 20/342 = 0.0585 मोल; मोलरता = 0.0585/2 = 0.0292 M।
  12. प्रश्न: यदि मेथेनॉल का घनत्व 0.793 kg L⁻¹ हो, तो इसके 0.25 M के 2.5 L विलयन को बनाने के लिए कितने आयतन की आवश्यकता होगी?
    उत्तर: आवश्यक मोल = 0.25 × 2.5 = 0.625 मोल; द्रव्यमान = 0.625 × 32 = 20 g; आयतन = 20/0.793 = 25.22 mL।
  13. प्रश्न: दाब को प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले बल के रूप में परिभाषित किया जाता है। दाब का SI मात्रक पास्कल है: 1 Pa = 1 N m⁻²। यदि समुद्रतल पर हवा का द्रव्यमान 1034 g cm⁻² हो, तो पास्कल में दाब की गणना कीजिए।
    उत्तर: 1034 g cm⁻² = 10340 kg m⁻²; बल = 10340 × 9.8 = 101332 N m⁻² ≈ 1.01×10⁵ Pa।
  14. प्रश्न: द्रव्यमान का SI मात्रक क्या है? इसे किस प्रकार परिभाषित किया जाता है?
    उत्तर: SI मात्रक किलोग्राम (kg) है। पुस्तक के समय में इसे पेरिस में रखे प्लैटिनम-इरीडियम के अंतरराष्ट्रीय प्रोटोटाइप बेलन के द्रव्यमान से परिभाषित किया जाता था।
  15. प्रश्न: निम्नलिखित पूर्व-लग्नों को उनके गुणांकों के साथ मिलाइए — माइक्रो, डेका, मेगा, गिगा, फेम्टो; गुणांक 10⁶, 10⁹, 10⁻⁶, 10⁻¹⁵, 10।
    उत्तर: माइक्रो = 10⁻⁶, डेका = 10, मेगा = 10⁶, गिगा = 10⁹, फेम्टो = 10⁻¹⁵।
  16. प्रश्न: सार्थक अंकों से आप क्या समझते हैं?
    उत्तर: सार्थक अंक वे अंक हैं जो किसी मापन की यथार्थता को अर्थपूर्ण ढंग से व्यक्त करते हैं — किसी संख्या में निश्चित अंक तथा एक संदिग्ध (अनुमानित) अंक।
  17. प्रश्न: पेय जल के नमूने में क्लोरोफॉर्म (कैंसरजन्य) से अत्यधिक संदूषण पाया गया। संदूषण का स्तर 15 ppm (द्रव्यमान के रूप में) था। (i) इसे द्रव्यमान प्रतिशतता में दर्शाइए। (ii) जल के नमूने में क्लोरोफॉर्म की मोललता ज्ञात कीजिए।
    उत्तर: (i) 15 ppm = 15/10⁶ = 0.0015%। (ii) जल का घनत्व 1 मानकर 15 ppm ≈ 15 mg प्रति लिटर; मोल = 0.015/119.5 = 1.26×10⁻⁴ M।
  18. प्रश्न: निम्नलिखित को वैज्ञानिक संकेतन में लिखिए — (i) 0.0048, (ii) 234,000, (iii) 8008, (iv) 500.0, (v) 6.0012।
    उत्तर: (i) 4.8×10⁻³, (ii) 2.34×10⁵, (iii) 8.008×10³, (iv) 5.000×10², (v) 6.0012×10⁰।
  19. प्रश्न: निम्नलिखित में सार्थक अंकों की संख्या बताइए — (i) 0.0025, (ii) 208, (iii) 5005, (iv) 126,000, (v) 500.00, (vi) 2.0034।
    उत्तर: (i) 2, (ii) 3, (iii) 4, (iv) 3, (v) 5, (vi) 5।
  20. प्रश्न: निम्नलिखित को तीन सार्थक अंकों तक निकटित कीजिए — (i) 34.216, (ii) 10.4107, (iii) 0.04597, (iv) 2808।
    उत्तर: (i) 34.2, (ii) 10.4, (iii) 0.0460, (iv) 2.81×10³।
  21. प्रश्न: (क) जब डाइनाइट्रोजन और डाइऑक्सीजन अभिक्रिया द्वारा भिन्न यौगिक बनाती हैं, तो ये प्रायोगिक आँकड़े प्राप्त होते हैं — 14 g N के साथ क्रमशः 16 g, 32 g, 32 g, 80 g O। ये आँकड़े रासायनिक संयोजन के किस नियम के अनुरूप हैं? (ख) रिक्त स्थान भरिए — (i) 1 km = … mm = … pm, (ii) 1 mg = … kg = … ng, (iii) 1 mL = … L = … dm³।
    उत्तर: (क) नियत N (14 g) के साथ O के द्रव्यमान 16 : 32 : 32 : 80 = 1 : 2 : 2 : 5 के सरल पूर्णांक अनुपात में हैं — यह गुणित अनुपात का नियम है। (ख) (i) 1 km = 10⁶ mm = 10¹² pm; (ii) 1 mg = 10⁻⁶ kg = 10⁶ ng; (iii) 1 mL = 10⁻³ L = 10⁻³ dm³।
  22. प्रश्न: यदि प्रकाश का वेग 3.00×10⁸ m s⁻¹ हो, तो 2.00 ns में प्रकाश कितनी दूरी तय करेगा?
    उत्तर: दूरी = 3.00×10⁸ × 2.00×10⁻⁹ = 0.600 m।
  23. प्रश्न: किसी अभिक्रिया A + B₂ → AB₂ में निम्नलिखित अभिक्रिया मिश्रणों में सीमांत अभिकर्मक (यदि कोई हो, तो) ज्ञात कीजिए — (i) A के 300 परमाणु + B के 200 अणु, (ii) 2 मोल A + 3 मोल B, (iii) A के 100 परमाणु + B के 100 अणु, (iv) A के 5 मोल + B के 2.5 मोल, (v) A के 2.5 मोल + B के 5 मोल।
    उत्तर: अनुपात A : B₂ = 1 : 1 चाहिए। (i) 300 A को 300 B₂ चाहिए, केवल 200 हैं — B सीमांत। (ii) 2 मोल A को 2 मोल B₂ चाहिए, 3 हैं — A सीमांत। (iii) 100 A और 100 B₂ ठीक अनुपात में हैं — कोई सीमांत नहीं। (iv) 5 मोल A को 5 मोल B₂ चाहिए, 2.5 हैं — B सीमांत। (v) 2.5 मोल A को 2.5 मोल B₂ चाहिए, 5 हैं — A सीमांत।
  24. प्रश्न: डाइनाइट्रोजन और डाइहाइड्रोजन निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अमोनिया बनाती हैं — N₂(g) + 3H₂(g) → 2NH₃(g)। (i) यदि 2.00×10³ g डाइनाइट्रोजन 1.00×10³ g डाइहाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया करती है, तो प्राप्त अमोनिया के द्रव्यमान की गणना कीजिए। (ii) क्या दोनों में से कोई अभिक्रियक शेष बचेगा? (iii) यदि हाँ, तो कौन-सा और उसका द्रव्यमान क्या होगा?
    उत्तर: (i) N₂ = 2000/28 = 71.43 मोल (सीमांत), H₂ = 1000/2 = 500 मोल। NH₃ = 2 × 71.43 = 142.86 मोल = 142.86 × 17 = 2428.6 g। (ii) हाँ, H₂ बचेगा। (iii) खपत H₂ = 3 × 71.43 = 214.3 मोल; शेष = 500 − 214.3 = 285.7 मोल = 571.4 g।
  25. प्रश्न: 0.5 mol Na₂CO₃ और 0.50 M Na₂CO₃ में क्या अंतर है?
    उत्तर: 0.5 mol मात्रा है (0.5 × 106 = 53 g), जबकि 0.50 M सांद्रता है — प्रति लिटर विलयन में 0.50 मोल।
  26. प्रश्न: यदि डाइहाइड्रोजन गैस के 10 आयतन डाइऑक्सीजन गैस के 5 आयतनों के साथ अभिक्रिया करें, तो जलवाष्प के कितने आयतन प्राप्त होंगे?
    उत्तर: 2H₂ + O₂ → 2H₂O; 10 आयतन H₂ + 5 आयतन O₂ से 10 आयतन जलवाष्प मिलेगी (गे-लुसाक का नियम)।
  27. प्रश्न: निम्नलिखित को मूल मात्रकों में परिवर्तित कीजिए — (i) 28.7 pm, (ii) 15.15 pm, (iii) 25365 mg।
    उत्तर: (i) 28.7 pm = 2.87×10⁻¹¹ m; (ii) 15.15 pm = 1.515×10⁻¹¹ m; (iii) 25365 mg = 25.365 g = 2.5365×10⁻² kg।
  28. प्रश्न: निम्नलिखित में से किसमें परमाणुओं की संख्या सबसे अधिक होगी? (i) 1 g Au (s), (ii) 1 g Na (s), (iii) 1 g Li (s), (iv) 1 g Cl₂ (g)।
    उत्तर: मोल प्रति ग्राम: Au 1/197, Na 1/23, Li 1/7, Cl₂ 1/71। सबसे अधिक मोल (और परमाणु) Li में — 1 g Li में।
  29. प्रश्न: ऐथेनॉल के ऐसे जलीय विलयन की मोलरता ज्ञात कीजिए, जिसमें ऐथेनॉल का मोल-अंश 0.040 है। (मान लें कि जल का घनत्व 1 है।)
    उत्तर: 1 मोल विलयन में ऐथेनॉल 0.04 मोल, जल 0.96 मोल = 17.28 g ≈ 17.28 mL। मोलरता = 0.04/0.01728 = 2.31 M।
  30. प्रश्न: एक ¹²C कार्बन परमाणु का ग्राम (g) में द्रव्यमान क्या होगा?
    उत्तर: 12/6.022×10²³ = 1.993×10⁻²³ g।
  31. प्रश्न: निम्नलिखित परिकलनों के उत्तर में कितने सार्थक अंक होने चाहिए? (i) (0.02856 × 298.15 × 0.112)/0.5785, (ii) 5 × 5.364, (iii) 0.0125 + 0.7864 + 0.0215।
    उत्तर: (i) सबसे कम सार्थक अंक 3 (0.112 के) हैं — उत्तर 3 सार्थक अंकों में: 1.65। (ii) 5 को यथार्थ संख्या मानने पर 4 सार्थक अंक: 26.82। (iii) योग में दशमलव के बाद 4 अंक: 0.8204।
  32. प्रश्न: प्रकृति में उपलब्ध ऑर्गन के मोलर द्रव्यमान की गणना के लिए दिए गए आँकड़ों का उपयोग कीजिए — ³⁶Ar: 35.96755, 0.337%; ³⁸Ar: 37.96272, 0.063%; ⁴⁰Ar: 39.9624, 99.600%।
    उत्तर: औसत = 0.00337×35.96755 + 0.00063×37.96272 + 0.99600×39.9624 = 0.121 + 0.024 + 39.803 = 39.95 g mol⁻¹।
  33. प्रश्न: निम्नलिखित में से प्रत्येक में परमाणुओं की संख्या ज्ञात कीजिए — (i) 52 मोल Ar, (ii) 52 u He, (iii) 52 g He।
    उत्तर: (i) 52 × 6.022×10²³ = 3.131×10²⁵ परमाणु; (ii) 52 u He = 52/4 = 13 परमाणु; (iii) 52 g He = 13 मोल = 7.83×10²⁴ परमाणु।
  34. प्रश्न: एक वेल्डिंग ईंधन गैस में केवल कार्बन और हाइड्रोजन उपस्थित हैं। इसके नमूने की कुछ मात्रा ऑक्सीजन से जलाने पर 3.38 g कार्बन डाइऑक्साइड, 0.690 g जल के अतिरिक्त और कोई उत्पाद नहीं बनाती। इस गैस के 10.0 L (STP पर मापित) आयतन का भार 11.69 g पाया गया। इसके — (i) मूलानुपाती सूत्र, (ii) अणु द्रव्यमान और (iii) अणुसूत्र की गणना कीजिए।
    उत्तर: C = 3.38×12/44 = 0.922 g, H = 0.690×2/18 = 0.0767 g; मोल C = 0.0768, H = 0.0767 — अनुपात 1 : 1। (i) मूलानुपाती सूत्र CH। (ii) 10.0 L STP = 0.446 मोल; अणु द्रव्यमान = 11.69/0.446 = 26.2 ≈ 26 g mol⁻¹। (iii) अणुसूत्र C₂H₂।
  35. प्रश्न: CaCO₃ जलीय HCl के साथ अभिक्रिया कर CaCl₂ और CO₂ बनाता है — CaCO₃(s) + 2HCl(g) → CaCl₂(aq) + CO₂(g) + H₂O(l)। 0.75 M HCl के 25 mL के साथ पूर्णतः अभिक्रिया करने के लिए CaCO₃ की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
    उत्तर: HCl = 0.75 × 0.025 = 0.01875 मोल; CaCO₃ = आधा = 0.009375 मोल = 0.009375 × 100 = 0.938 g।
  36. प्रश्न: प्रयोगशाला में क्लोरीन का विरचन मैंगनीज डाइऑक्साइड (MnO₂) को जलीय HCl विलयन के साथ अभिक्रिया द्वारा किया जाता है — 4HCl(aq) + MnO₂(s) → 2H₂O(l) + MnCl₂(aq) + Cl₂(g)। 5.0 g मैंगनीज डाइऑक्साइड के साथ HCl के कितने ग्राम अभिक्रिया करेंगे?
    उत्तर: MnO₂ = 5.0/86.94 = 0.0575 मोल; HCl = 4 × 0.0575 = 0.230 मोल = 0.230 × 36.5 = 8.40 g।
Recap — याद रखने वाली बातें
  • 1 मोल = 6.022×10²³ कण; मोल = द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान।
  • STP पर 1 मोल गैस = 22.4 L; गैसों में आयतन-अनुपात = मोल-अनुपात।
  • निश्चित अनुपात: यौगिक में तत्वों का द्रव्यमान-अनुपात हमेशा स्थिर।
  • मूलानुपाती सूत्र प्रतिशत संघटन से; अणुसूत्र = n × मूलानुपाती सूत्र।
  • उत्पाद की मात्रा सीमांत अभिकारक से तय होती है; प्रतिशत उपलब्धि = वास्तविक/सैद्धांतिक × 100।
  • मोलरता M = विलेय के मोल / विलयन का आयतन (L में)।
← सभी अध्यायChapter 2: परमाणु की संरचना →