Original notes — ready
Chapter 2: न्याय की कुर्सी
CBSE (NCERT, English Medium) • Class 5 • Hindi • Book: Veena
न्याय की कुर्सी — EG के अपने शब्दों में सार
पुस्तक: Veena (CBSE, कक्षा 5) | अध्याय 2 | माध्यम: Hindi

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): पेड़ के नीचे न्याय की कुर्सी पर बैठकर सुनवाई। यह गाँव के न्याय की सामान्य तस्वीर है, पाठ का दृश्य नहीं।

न्याय की सुनवाई के लिए एकत्र गाँव। सामान्य तस्वीर।
पाठ के बारे में
यह पाठ न्याय और निष्पक्षता की कहानी है। गाँव में जब कोई झगड़ा होता है, तो लोग न्याय की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति के पास जाते हैं। वह व्यक्ति दोनों पक्षों की बात सुनकर सही निर्णय देता है।
कहानी सिखाती है कि न्याय का अर्थ है — बिना पक्षपात के सही को सही और गलत को गलत कहना। न्याय की कुर्सी पर बैठने वाले का काम बड़ा ज़िम्मेदारी भरा होता है, क्योंकि उसके निर्णय से सबका जीवन प्रभावित होता है।
पाठ का संदेश है कि सच्चा न्याय निडर होता है: वह न अमीर से डरता है, न गरीब की अनदेखी करता है।
न्याय की कुर्सी पर बैठने वाले को धैर्य और साहस दोनों चाहिए। धैर्य इसलिए कि वह दोनों पक्षों को पूरा सुने, और साहस इसलिए कि वह सच बात कहने से न डरे, चाहे कोई भी सामने हो।
क्या सीखना है
न्याय की प्रक्रिया के चरण याद करो — शिकायत, दोनों पक्षों की सुनवाई, तथ्यों की जाँच, निष्पक्ष निर्णय।
मुख्य शब्द
- न्याय — सही और निष्पक्ष निर्णय।
- निष्पक्षता — किसी का पक्ष लिए बिना सही बात कहना।
- पक्षपात — एक तरफ झुकाव; न्याय का उल्टा।
- निर्णय — अंतिम फैसला।
- ज़िम्मेदारी — अपने काम का भार और कर्तव्य।
- साहस — डर के बावजूद सही काम करने की हिम्मत।
याद रखें
- न्याय का अर्थ है बिना पक्षपात के सही निर्णय।
- दोनों पक्षों की बात सुनना न्याय का पहला चरण है।
- सच्चा न्याय अमीर-गरीब का भेद नहीं करता।
- निष्पक्ष निर्णय से गाँव में शांति रहती है।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: न्याय को केवल सज़ा समझना। न्याय का मुख्य काम सही निर्णय देना है, न कि केवल दंड देना।
तालिका: न्याय के चरण
| चरण | क्या होता है |
|---|---|
| 1. शिकायत | समस्या सामने आती है |
| 2. सुनवाई | दोनों पक्ष बोलते हैं |
| 3. जाँच | तथ्य देखे जाते हैं |
| 4. निर्णय | निष्पक्ष फैसला होता है |
सोचो और करके देखो
कल्पना करो कि दो दोस्त एक किताब पर झगड़ रहे हैं। न्याय की कुर्सी पर बैठकर तुम क्या निर्णय दोगे? पहले दोनों की बात सुनो, फिर अपना निर्णय दो पंक्तियों में लिखो।
अभ्यास — स्वयं करके देखो
- न्याय का क्या अर्थ है?
Hint: निष्पक्ष निर्णय के बारे में सोचो। - न्याय की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति की क्या ज़िम्मेदारी है?
Hint: दोनों पक्षों की सुनवाई के बारे में सोचो। - पक्षपात न्याय के लिए क्यों हानिकारक है?
Hint: सही-गलत के भेद के बारे में सोचो। - तुम्हारे स्कूल में निष्पक्ष निर्णय का एक उदाहरण दो।
Hint: अपने अनुभव से लिखो। - न्याय पर दो पंक्तियाँ लिखो।
Hint: पहले अर्थ, फिर संदेश।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।

