Chapter 5: बल से ज़ोर आजमाइश
बल क्या है, धक्का और खिंचाव, बलों का जुड़ना-घटना, बल के प्रभाव और बल के प्रकार (सम्पर्क व असम्पर्क) — पुस्तक के क्रियाकलापों सहित।
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 8 • Science • Book: Vigyan-3 (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
बल से ज़ोर आजमाइश — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
पुस्तक: Vigyan-3 (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 8) | अध्याय 5 | माध्यम: हिंदी
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चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): धक्का और खिंचाव का सरलीकृत चित्र — लेबल चित्र पर ही छपे हैं। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है।

बच्चों द्वारा रस्सी खींचने (खेल) का सामान्य चित्र — बल का उदाहरण।
अध्याय का सार
वस्तुओं की गति से आप पूर्व परिचित हैं। क्या आप बता सकते हैं कि कोई वस्तु दूसरी वस्तु की अपेक्षा धीमी या तेज़ गति से कैसे गतिशील है? किसी वस्तु द्वारा इकाई समय में तय की गई दूरी से क्या अर्थ निकलता है? वस्तु की गति का धीमी या तेज़ हो जाना या गति की दिशा परिवर्तन होना कैसे संभव हो पाता है? अपने आसपास होनेवाले घटनाओं पर विचार कीजिए — साइकिल को गतिशील करने के लिए आप क्या करते हैं? साइकिल को और अधिक तेज़ी से चलाने के लिए क्या करते हैं? फुटबाल के मैदान में गतिशील गेंद को रोकने के लिए खिलाड़ी क्या करता है? बैडमिन्टन के खेल में कार्क की गति की दिशा किस प्रकार लगातार बदलती जाती है? घर में या विद्यालय में मेज़ को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए आप कैसे प्रयास करते हैं? पृथ्वी किसी वस्तु को क्यों अपनी ओर खींचती है? चुम्बक द्वारा लोहा क्यों आकर्षित होता है? आप जब किसी वस्तु को फेंकते हैं, ठोकर मारते हैं, निचोड़ते हैं, लुढ़काते हैं, उठाते हैं, प्रहार करते हैं, पकड़ते हैं या खींचते हैं तो वास्तव में उस पर बल लगाते हैं। बल क्या है? जिस वस्तु पर यह लगता है उस पर क्या प्रभाव छोड़ता है? इस अध्याय में हम ऐसे ही प्रश्नों के उत्तर जानेंगे या खोज करेंगे।
1. बल: धक्का देना या खींचना
क्रियाकलाप-1 में वस्तुओं की विभिन्न स्थिति में गति के कुछ उदाहरण लेकर प्रत्येक स्थिति में वस्तु की गति को धक्का देना या खींचना और उठाना के रूप में पहचानकर तालिकाबद्ध किया जाता है: दरवाज़े को खोलना या बंद करना = धक्का/खींचना; ईंट को सजाना = उठाना; घर में आटा गूँधना = धक्का देना; रस्साकशी का खेल = खींचना। आपने ध्यान दिया कि ऊपर वर्णित क्रियाओं में प्रत्येक क्रियाकलाप को धक्का या खींचना के रूप में व्यक्त किया जा सकता है — इस प्रकार आप कह सकते हैं कि किसी वस्तु को गति में लाने के लिए या गतिशील पदार्थ को विराम में लाने के लिए या किसी वस्तु की गति की दिशा परिवर्तित करने हेतु उसे धक्का देना या खींचना पड़ता है। भौतिकी में इस प्रकार के प्रभाव को जिससे वस्तु की स्थिति यथा विराम या गति की अवस्था परिवर्तित हो जाय या उसकी दिशा बदल जाय, बल कहलाती है — इस प्रकार आप कह सकते हैं कि बल एक प्रकार का धक्का या खिंचाव है। क्या आप जानते हैं, बल को मापने हेतु जिस इकाई का प्रयोग करते हैं उसे न्यूटन कहा जाता है।
बल अन्योन्य क्रिया के कारण लगते हैं। क्रियाकलाप-2: मेज़ पर एक पुस्तक रखिए, इससे कुछ दूरी पर अपने हथेली को रखिए — क्या आपके हाथ की उपस्थिति मात्र से पुस्तक में गति आ जाती है? मान लीजिए अब हाथ से पुस्तक को ढेलना आरंभ कर देते हैं — पुस्तक हाथ के द्वारा लगाए बल की दिशा में गतिशील हो जाती है। ध्यान दीजिए कि पुस्तक में गति बनाए रखने हेतु इसे लगातार धक्का लगाते रहना होगा। चित्र-5.4 में दोनों लड़कियाँ एक-दूसरे को धक्का दे रही हैं जबकि अगले चित्र में लड़कियों का जोड़ा एक-दूसरे को खींच रहा है; चित्र-5.6 में लड़का एवं जानवर एक-दूसरे को अपनी-अपनी ओर खींचने का प्रयास कर रहे हैं। इन उदाहरणों से आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि बल लगाने के लिए कम से कम दो वस्तुओं में अन्तःक्रिया होनी आवश्यक है — इस प्रकार दो वस्तुओं की अन्तःक्रिया के कारण उनके बीच बल लगता है।
2. बलों की तलाश: बल जुड़ते और घटते हैं
ऐसी एक वस्तु का चुनाव कीजिए, जिसे आप ज़ोर से धकेलकर या खींचकर ही गति में ला सकते हैं — ऐसी वस्तु कोई मेज़, संदूक या कार हो सकती है। माना कि आपने संदूक का चयन किया; अब आप इसे अकेले धक्का देने का प्रयास कीजिए — क्या आप इसे धकेल पाते हैं? अब आप अपने एक मित्र की सहायता लीजिए; उसे उसी दिशा में बक्से को धक्का देने को कहिए जिस दिशा में आप धक्का दे रहे हैं — क्या अब संदूक को गतिशील करना आसान है? क्यों ऐसा हुआ? अब उसी वस्तु को फिर से धक्का दीजिए लेकिन अपने मित्र से विपरीत दिशा से इसे धकेलने को कहिए — क्या वस्तु गतिशील होती है? यदि वस्तु गतिशील होती है तो क्या इसकी दिशा वही नहीं है, जिधर से अधिक बल लग रहा है? रस्साकशी के खेल में क्या होता है? क्या कभी दोनों दल द्वारा एक-दूसरे के बराबर बल लगाने के कारण रस्सी को अपनी ओर नहीं खींच पाते देखा होगा? ऐसा क्यों होता है? फिर जो दल अधिक ज़ोर से खींचता है अर्थात् उस दल द्वारा अधिक बल लगाया जाता है, वह विजयी होता है।
ये उदाहरण क्या इंगित करते हैं? किसी वस्तु पर एक ही दिशा में लगते हुए बल जुड़ जाते हैं। किसी वस्तु पर दो बल विपरीत दिशा में कार्य करते हैं तो वस्तु पर लगनेवाला कुल बल दोनों बलों के अन्तर के बराबर होता है। बल एक-दूसरे से बड़ा या छोटा हो सकता है; बल की प्रबलता इसके परिमाण से मापी जाती है; बल का उल्लेख करते समय हमें उसके दिशा का उल्लेख करना भी आवश्यक है। क्या आप बता सकते हैं कि ऐसी भौतिक राशियाँ जिसमें परिमाण एवं दिशा दोनों हों, उसे क्या कहा जाता है? ऐसी राशियाँ सदिश राशियाँ कहलाती हैं। यदि लगाए गए बल का परिमाण या दिशा बदलता है तो बल का प्रभाव भी बदल जाता है — इसका अर्थ हुआ कि स्थिर वस्तु पर जब बल लगाया जाय तो वह गतिशील हो सकती है; गतिशील वस्तु पर बल लगाने से उसकी गति और बढ़ सकती है तथा जब बल विपरीत दिशा में लगाया गया हो तो परिणामस्वरूप वस्तु की गति मंद हो जाती है।
3. बल का प्रभाव — चार काम
1. बल लगाकर किसी वस्तु की आकृति बदली जा सकती है। एक बैलून लीजिए, इसमें हवा भरिए — इसकी आकृति बदल गई। बैलून के मुँह को धागे से बाँध दीजिए, इस पर दोनों हाथों से बल लगाइए — बैलून की आकृति बदल जाती है। बच्चे प्लास्टोसीन का प्रयोग कर विभिन्न प्रकार की आकृति के खिलौने का निर्माण इसे दबाकर करते हैं; रसोईघर में माँ गीले आटे पर बल का प्रयोग कर ही चपाती बनाती है; कुम्हार गूँधी हुई मिट्टी को चाक पर रखकर बल प्रयोग द्वारा ही विभिन्न आकृति के बर्तन को बनाता है; टूथपेस्ट के ट्यूब को जब दबाया जाता है तो क्या होता है? 2. बल का प्रयोग कर किसी वस्तु को विराम की स्थिति से गतिशील अवस्था में लाया जाता है। फुटबाल जब मैदान में स्थिरावस्था में रखी है तो इस पर बल लगाकर गति उत्पन्न किया जाता है; हमारे दैनिक जीवन में बल का उपयोग पुस्तक, कुर्सी, वाहन आदि को क्रमशः उठाने, स्थान परिवर्तन करने, गति प्रदान करने में किया जाता है। 3. बल का प्रयोग गतिशील वस्तु की दिशा बदलने के लिए किया जाता है। बैडमिन्टन के खिलाड़ी शटल कॉक पर प्रहार कर उसकी दिशा में लगातार परिवर्तन करते रहते हैं; हॉकी के खिलाड़ी बल आरोपित कर मैदान में गेंद की दिशा को लगातार बदलते रहते हैं। 4. बल का प्रयोग कर गतिशील वस्तु की गति को (i) बढ़ाया जा सकता है, (ii) घटाया जा सकता है, (iii) शून्य किया जा सकता है। क्रिकेट का खेल एक अच्छा उदाहरण है जिसके द्वारा बल का प्रयोग एवं इसका गति पर प्रभाव को दिखलाया जा सकता है — जब गेंद गेंदबाज़ के हाथ में होती है तो वह विराम में होती है; जब वह गेंदबाज़ी करता है तब गेंद गति में आ जाती है; बल्लेबाज़ द्वारा गेंद पर प्रहार करने से गेंद की गति धीमी या तेज़ हो जाती है; क्षेत्ररक्षक के द्वारा गतिशील गेंद को रोककर उसे फिर विराम की अवस्था में पहुँचा दिया जाता है; उपर्युक्त सभी क्रियाओं में बल का उपयोग होता है।
कुली जब किसी वस्तु को अपने सिर पर रखकर खड़ा होता है तो उसके द्वारा भी हर क्षण उस वस्तु को ऊपर उठाए हुए रखने के लिए बल लगाया जाता है क्योंकि पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल वस्तु को नीचे की ओर खींचता रहता है। कुली द्वारा पेशीय बल का प्रयोग किया जाता है। क्या आप बता सकते हैं पृथ्वी द्वारा आकर्षण बल क्या कहलाता है?
4. बल के प्रकार — सम्पर्क बल और असम्पर्क बल
मुख्य रूप से बल को दो भागों में विभाजित किया जाता है — (i) सम्पर्क बल, (ii) असम्पर्क बल। सम्पर्क बल दो प्रकार के होते हैं — (a) पेशीय बल, (b) घर्षण बल।
(a) पेशीय बल: किसी बाल्टी को पकड़े बग़ैर क्या उठाया जा सकता है? किसी बर्तन को बग़ैर छुए या धकेले उठा सकते हैं? घोड़ागाड़ी को बिना घोड़े के कैसे गति प्रदान किया जा सकता है? साधारणतः किसी वस्तु पर बल लगाने के लिए शरीर के किसी अंग से उसका सम्पर्क होना चाहिए; अन्य सम्पर्क के लिए रस्सी, छड़ी, लकड़ी या अन्य सामग्री की सहायता भी ली जा सकती है। पेशीय बल मांसपेशियों के क्रियास्वरूप लगनेवाला बल है। हमारे शरीर के पेशीय बल के कारण हमारे शरीर के अन्दर विभिन्न क्रियाकलाप हो पाता है — क्या आहारनाल में भोजन, पाचन क्रिया में आगे धकेला जाना पेशीय बल का उदाहरण नहीं है? श्वसन प्रक्रिया, रक्त परिसंचरण, चलना, व्यायाम करना आदि सभी में पेशीय बल का उपयोग होता है। बोझ ढोनेवाले जन्तु भी कार्य सम्पादन हेतु पेशीय बल का उपयोग करते हैं; क्योंकि पेशीय बल तभी लगता है जब पेशियाँ किसी वस्तु के सम्पर्क हों, इसलिए इसे सम्पर्क बल कहते हैं। क्या अन्य प्रकार के सम्पर्क बल भी हैं? आइए, पता करते हैं।
(b) घर्षण बल: संदूक या अलमीरा, गेंद तथा साइकिल की गति सतह या फ़र्श के साथ होती है। जब कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु के सम्पर्क में गति करती है, एक बल उस वस्तु के सम्पर्क सतह पर कार्य करने लगता है — इस बल को घर्षण बल कहते हैं। बल गति का विरोध करता है। आप घर्षण के बारे में अलग से अगले अध्याय में अध्ययन कीजिएगा।
असम्पर्क बल — मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं: (a) गुरुत्वाकर्षण बल, (b) चुम्बकीय बल। (a) गुरुत्वाकर्षण बल: क्रियाकलाप-3 — प्रकृति में ऐसे बल भी हैं जो दो वस्तुओं के बीच बिना संपर्क किए लगते रहते हैं; जैसे नल को खोलिए, जल नली के मुँह से पृथ्वी की ओर गिरती है। क्रियाकलाप-4 — अपने हाथ में एक कलम पकड़िए, कलम को छोड़ दीजिए — कलम नीचे गिरेगी; इसे पृथ्वी ने नीचे खींचा है। क्रियाकलाप-5 — अपने हाथ की हथेली पर एक पुस्तक रखिए — क्या आपको पुस्तक के भार का अनुभव होता है? पुस्तकों की संख्या बढ़ाइए — आप हथेली पर अधिक भार अनुभव कीजिएगा। जल नीचे की ओर ही क्यों गिरा तथा बहने लगा? कलम क्यों नीचे गिरी? पुस्तक का भार क्या है? इन सभी प्रश्नों का उत्तर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल है। ब्रह्मांड में सभी पिंड एक-दूसरे पर अपने द्रव्यमान के कारण बल लगाते हैं, जिसे गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं। गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी का एक गुण है जिसके द्वारा ये दूसरे पिंडों को अपनी ओर आकर्षित करती है। पृथ्वी द्वारा लगाया गया आकर्षण बल जिसे गुरुत्व बल कहते हैं, वस्तु के सम्पर्क में रहे बिना भी कार्य करता है — इस कारण यह असम्पर्क बल का उदाहरण है। गुरुत्व के कारण ही वस्तुओं में भार होता है। क्या आप भार और मात्रा (द्रव्यमान) में अन्तर बता सकते हैं? गुरुत्व बल का प्रतिपादन किस महान वैज्ञानिक ने किया था? बलों की अवधारणा को समझने में गैलीलियो तथा न्यूटन के प्रयास से क्या आप अवगत हैं? गुरुत्वाकर्षण बल की क्या अवधारणा है? (b) चुम्बकीय बल: चुम्बकीय प्रभाव का प्रयोग आप कर चुके हैं; अध्याय 2 में आवेशों के बीच लगते हुए विद्युत बल के विभिन्न प्रयोग भी आप कर चुके हैं — ये भी ऐसे बल हैं जो वस्तुओं के बीच बिना संपर्क किए लगते रहते हैं।
बल एक प्रकार का धक्का या खिंचाव है — इसका परिमाण भी होता है और दिशा भी, इसलिए बल एक सदिश राशि है। बल बताते समय केवल 'कितना' ही नहीं, 'किधर' भी बताना ज़रूरी है। बल की इकाई न्यूटन है।
रस्साकशी में दोनों दल बराबर बल लगाएँ तो रस्सी किसी ओर नहीं खिंचती — कुल बल शून्य हो जाता है। यही नियम संदूक वाले क्रियाकलाप में भी दिखता है: विपरीत दिशा के बलों का अंतर ही कुल बल होता है, और वस्तु अधिक बल की दिशा में गति करती है।
बल के चार प्रभाव (आकृति बदलना, विराम→गति, दिशा बदलना, गति बढ़ाना/घटाना/शून्य करना) और बलों का वर्गीकरण (सम्पर्क: पेशीय, घर्षण; असम्पर्क: गुरुत्वाकर्षण, चुम्बकीय) — ये दोनों सूचियाँ इस अध्याय से सबसे ज़्यादा पूछी जाती हैं।
What you should learn — तुम्हें क्या सीखना चाहिए
बल की परिभाषा, बलों के जुड़ने-घटने का नियम, बल के चार प्रभाव और सम्पर्क/असम्पर्क बलों के उदाहरणों को समझें।
Key Terms — मुख्य शब्द
- बल (Force) — एक प्रकार का धक्का या खिंचाव जो वस्तु की विराम/गति की अवस्था या दिशा बदल दे।
- धक्का देना (अपकर्षण) (Push) — वस्तु को अपने से दूर धकेलना।
- खींचना (अभिकर्षण) (Pull) — वस्तु को अपनी ओर खींचना।
- न्यूटन — बल को मापने की इकाई।
- अन्तःक्रिया — दो वस्तुओं के बीच होनेवाली परस्पर क्रिया, जिसके कारण उनके बीच बल लगता है।
- सदिश राशियाँ — ऐसी भौतिक राशियाँ जिनमें परिमाण एवं दिशा दोनों हों (जैसे बल)।
- सम्पर्क बल (Contact Force) — जो बल वस्तुओं के सम्पर्क में आने पर लगता है।
- असम्पर्क बल (Non Contact Force) — जो बल बिना संपर्क के भी लगता है।
- पेशीय बल (Muscular Force) — मांसपेशियों के क्रियास्वरूप लगनेवाला बल; सम्पर्क बल का एक प्रकार।
- घर्षण बल — सम्पर्क सतह पर कार्य करनेवाला बल जो गति का विरोध करता है।
- गुरुत्वाकर्षण बल — द्रव्यमान के कारण पिंडों के बीच लगनेवाला बल; पृथ्वी का गुण जिससे वह दूसरे पिंडों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
- गुरुत्वीय बल (Gravitational Force) — पृथ्वी द्वारा लगाया गया आकर्षण बल; वस्तु के सम्पर्क में रहे बिना भी कार्य करता है।
- चुम्बकीय बल (Magnetic Force) — चुम्बक द्वारा लगनेवाला बल; बिना संपर्क के लगता है।
- भार — गुरुत्व के कारण वस्तु में उत्पन्न होनेवाला बल-प्रभाव; हथेली पर पुस्तकों की संख्या बढ़ाने से भार का अनुभव बढ़ता है।
Remember — याद रखें
- बल एक प्रकार का धक्का या खिंचाव है जिसके कारण वस्तु में गति उत्पन्न होती है।
- बल के उपयोग: (a) वस्तु के आकार में परिवर्तन लाता है; (b) वस्तु को विरामावस्था से गति की अवस्था में लाता है; (c) गति की दिशा में परिवर्तन लाता है; (d) गति में वृद्धि करता है, गति में ह्रास लाता है।
- बल दो वस्तुओं के बीच अन्तःक्रिया के कारण लगता है।
- बल में परिमाण एवं दिशा दोनों होते हैं।
- किसी वस्तु की चाल में परिवर्तन अथवा गति की दिशा में परिवर्तन अथवा दोनों में होनेवाले परिवर्तन का अर्थ है इसकी गति अवस्था में परिवर्तन होना।
Exam Tip / Common Mistake — परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: 'बल लगाने के लिए केवल एक वस्तु काफ़ी है' लिखना। सही बात यह है कि बल लगाने के लिए कम से कम दो वस्तुओं में अन्तःक्रिया आवश्यक है। दूसरी गलती: घर्षण बल को असम्पर्क बल बताना — घर्षण सम्पर्क सतह पर लगता है, इसलिए यह सम्पर्क बल है; असम्पर्क बल गुरुत्वाकर्षण और चुम्बकीय हैं।
Chart / Table: बल के प्रकार
| वर्ग | प्रकार | उदाहरण |
|---|---|---|
| सम्पर्क बल | पेशीय बल | बाल्टी उठाना, घोड़े का गाड़ी खींचना, भोजन का आहारनाल में आगे बढ़ना |
| सम्पर्क बल | घर्षण बल | संदूक का फ़र्श पर घिसटना, गेंद/साइकिल की गति का विरोध; रगड़ने पर ऊष्मा |
| असम्पर्क बल | गुरुत्वाकर्षण बल | सेब का पेड़ से टूटकर नीचे गिरना, कलम का नीचे गिरना |
| असम्पर्क बल | चुम्बकीय बल | लोहे की कील का चुम्बक की ओर आकर्षित होना |
| असम्पर्क बल (अध्याय 2) | विद्युत बल | कागज़ के टुकड़े का आवेशित वस्तु की ओर आकर्षित होना |
अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)
- बल किसे कहते हैं? धक्का और खिंचाव के दो-दो उदाहरण दीजिए।
संकेत: दरवाज़ा, आटा गूँधना, रस्साकशी, ईंट सजाना सोचें। - एक ही दिशा में लगनेवाले बल और विपरीत दिशा में लगनेवाले बल — दोनों का कुल बल कैसे निकाला जाता है?
संकेत: जुड़ना बनाम अंतर, रस्साकशी का उदाहरण सोचें। - बल के चार प्रभाव कौन-कौन से हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।
संकेत: बैलून, फुटबाल, शटल कॉक, क्रिकेट सोचें। - सम्पर्क बल और असम्पर्क बल में क्या अंतर है? प्रत्येक के दो उदाहरण दीजिए।
संकेत: पेशीय/घर्षण बनाम गुरुत्वाकर्षण/चुम्बकीय सोचें। - गुरुत्वाकर्षण बल क्या है? पृथ्वी पर गिरती वस्तुओं के दो उदाहरण दीजिए।
संकेत: नल का जल, कलम, सेब सोचें।
प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers
- बल क्या है? बल की इकाई क्या है?
बल एक प्रकार का धक्का या खिंचाव है जिसके कारण वस्तु की विराम या गति की अवस्था परिवर्तित हो जाती है या उसकी दिशा बदल जाती है। बल को मापने की इकाई न्यूटन है। - बल लगाने के लिए कम से कम कितनी वस्तुएँ चाहिए और क्यों?
कम से कम दो वस्तुओं में अन्तःक्रिया होनी आवश्यक है — दो वस्तुओं की अन्तःक्रिया के कारण ही उनके बीच बल लगता है। जैसे दो लड़कियाँ एक-दूसरे को धक्का देती हैं या लड़का और जानवर एक-दूसरे को विपरीत ओर खींचते हैं। - रस्साकशी में दोनों दल बराबर बल लगाएँ तो क्या होगा? और अधिक बल लगानेवाला दल क्यों जीतता है?
बराबर बल लगाने पर रस्सी किसी ओर नहीं खिंचती क्योंकि विपरीत दिशा के बलों का अंतर शून्य हो जाता है — कुल बल शून्य होता है। अधिक बल लगानेवाला दल इसलिए जीतता है क्योंकि वस्तु अधिक बल की दिशा में गति करती है। - बल के चार प्रभावों को उदाहरण सहित समझाइए।
(1) आकृति बदलना — बैलून दबाने पर, प्लास्टोसीन के खिलौने, चपाती, कुम्हार के बर्तन। (2) विराम से गति — मैदान में रखी फुटबाल को ठोकर मारना। (3) दिशा बदलना — बैडमिन्टन का शटल कॉक, हॉकी की गेंद। (4) गति बढ़ाना/घटाना/शून्य करना — क्रिकेट में गेंदबाज़ी, बल्लेबाज़ी और क्षेत्ररक्षण। - पेशीय बल और घर्षण बल में क्या अंतर है? गुरुत्वाकर्षण बल को असम्पर्क बल क्यों कहते हैं?
पेशीय बल मांसपेशियों की क्रिया से लगता है (जैसे बाल्टी उठाना, घोड़े का गाड़ी खींचना) जबकि घर्षण बल सम्पर्क सतह पर गति का विरोध करता है (जैसे संदूक का फ़र्श पर घिसटना)। गुरुत्वाकर्षण बल असम्पर्क बल है क्योंकि पृथ्वी का आकर्षण वस्तु के सम्पर्क में रहे बिना भी कार्य करता है — जैसे कलम हाथ से छूटते ही नीचे गिरती है।
Extension — पुस्तक के अभ्यास के प्रश्न-प्रकार
अभ्यास 1–9 (विस्तृत उत्तर, संकेत सहित):
- किसी वस्तु को धक्का देना या खींचना कौन सी क्रिया है? — बल लगाना (धक्का या खिंचाव)।
- बल क्या है? — ऊपर के Q&A 1 का उत्तर देखें।
- बल के द्वारा कौन-कौन सी क्रिया की जा सकती है? — आकृति बदलना, विराम से गति, दिशा बदलना, गति बढ़ाना/घटाना/शून्य करना।
- वस्तुओं की अन्तःक्रिया से आप क्या समझते हैं? — दो वस्तुओं के बीच परस्पर क्रिया, जिसके कारण उनके बीच बल लगता है (जैसे धक्का देना, खींचना)।
- एक ऐसा उदाहरण दीजिए जिसमें दो व्यक्तियों द्वारा बल आरोपित किया जा रहा है परन्तु परिणामी बल शून्य होता है। — रस्साकशी में दोनों दलों का बराबर बल लगाना, या दो मित्रों का संदूक को विपरीत दिशाओं से बराबर बल से धकेलना।
- रस्साकशी के खेल में दो दलों द्वारा बल किस दिशा में लगाया जाता है? — विपरीत दिशाओं में (प्रत्येक दल रस्सी को अपनी ओर खींचता है)।
- सम्पर्क, असम्पर्क बल के दो प्रकारों को स्पष्ट कीजिए। — सम्पर्क: पेशीय बल, घर्षण बल; असम्पर्क: गुरुत्वाकर्षण बल, चुम्बकीय बल।
- गुरुत्वाकर्षण बल, विद्युत बल, घर्षण बल से क्या समझते हैं? — गुरुत्वाकर्षण: द्रव्यमान के कारण पिंडों के बीच आकर्षण; विद्युत बल: आवेशों के बीच बिना संपर्क के लगनेवाला बल (अध्याय 2); घर्षण बल: सम्पर्क सतह पर गति का विरोध करनेवाला बल।
- भार क्या है? क्या भार को बल की माप के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है? — भार गुरुत्व के कारण वस्तु में उत्पन्न होनेवाला प्रभाव है (हथेली पर पुस्तकों का अनुभव); हाँ — भार स्वयं एक बल-प्रभाव है, इसलिए इसे बल के रूप में मापा जा सकता है (पुस्तक इस प्रश्न को विचार-हेतु पूछती है; उत्तर: भार गुरुत्व बल का ही प्रकट रूप है)।
अभ्यास 10 — मिलान कीजिए:
- गुरुत्वाकर्षण बल — सेब का पेड़ से टूटकर नीचे गिरना।
- विद्युत बल — कागज़ के टुकड़े का आकर्षित होना।
- घर्षण बल — ऊष्मा उत्पन्न होना।
- चुम्बकीय बल — लोहे की कील को आकर्षित करना।
- पेशीय बल — घोड़ा द्वारा गाड़ी खींचना।
अभ्यास 11–15:
- बल की इकाई का नाम बताइए। — न्यूटन।
- जब गेंद हवा में फेंकी जाती है तो इसकी गति में परिवर्तन होता रहता है। ये परिवर्तन किन-किन बलों के द्वारा किए जाते हैं? — फेंकने का पेशीय बल गति देता है और गुरुत्व बल गति को लगातार बदलता है (गेंद ऊपर जाकर नीचे लौटती है)।
- पेड़ से नीचे गिरते सेब पर कौन सा बल कार्य करता है? — गुरुत्वाकर्षण (गुरुत्व) बल।
- जब दो वस्तुओं को एक-दूसरे के साथ रगड़ा जाता है तो इनके सतहों के बीच जो बल कार्य करता है वह बल होता है — (2) घर्षण बल।
- इनमें कौन असम्पर्क बल है — (3) चुम्बकीय (खिंचाव, धक्का और घर्षण सम्पर्क बल हैं)।
परियोजना (कार्य-रूप में): रस्साकशी का खेल खेलने के लिए दल विभाजन करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखते हैं? सूची बनाइए तथा इस खेल से सम्बन्धित चित्र इकट्ठा कीजिए।
- बल = धक्का या खिंचाव; इकाई न्यूटन; सदिश राशि (परिमाण + दिशा)।
- एक ही दिशा के बल जुड़ते हैं; विपरीत दिशा के बलों का अंतर कुल बल; बराबर विपरीत बल = शून्य परिणाम।
- बल के प्रभाव: आकृति बदलना, विराम→गति, दिशा बदलना, गति बढ़ाना/घटाना/शून्य करना।
- सम्पर्क बल: पेशीय, घर्षण; असम्पर्क बल: गुरुत्वाकर्षण, चुम्बकीय (और विद्युत बल, अध्याय 2)।
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