अध्याय 4: विद्युत: चुंबकीय और ऊष्मीय प्रभाव
विद्युत धारा चुंबक बनाती है और तारों को गरम करती है — इन्हीं दो प्रभावों पर विद्युत-चुंबक, हीटर और बल्ब काम करते हैं।
मूल नोट्स — तैयार बिहार बोर्ड — BSEB (हिंदी माध्यम) • कक्षा 8 • विज्ञान • पुस्तक: क्यूरियॉसिटी — NEP Mirror (Hindi)
अध्याय 4: विद्युत: चुंबकीय और ऊष्मीय प्रभाव — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
पुस्तक: क्यूरियॉसिटी (NEP Mirror — हिंदी संस्करण) (BSEB, कक्षा 8) | अध्याय 4 | माध्यम: हिंदी
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चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): विद्युत-चुंबक और ऊष्मीय प्रभाव का चित्र — कुंडली, कील और गरम तंतु, लेबल चित्र पर ही छपे हैं।

विद्युत-चुंबक का प्रयोग करता विद्यार्थी — सामान्य चित्र।
अध्याय का सार
जब किसी तार से विद्युत धारा बहती है तो उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बन जाता है — यही चुंबकीय प्रभाव है। तार को कुंडली में लपेटकर और उसके अंदर लोहे की कील रखकर विद्युत-चुंबक बनाया जाता है, जो धारा बंद करते ही चुंबकत्व खो देता है। क्रेन, विद्युत-घंटी और मोटर इसी सिद्धांत पर काम करते हैं।
धारा बहने पर तार गरम भी होता है — यही ऊष्मीय प्रभाव है। बल्ब का तंतु इतना गरम होता है कि प्रकाश देने लगता है; हीटर और इस्त्री की कुंडली इसी प्रभाव से गरम होती है। बैटरी रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलती है — सेल के अंदर रासायनिक अभिक्रिया से इलेक्ट्रॉन बहते हैं और धारा बनती है।
1. चुंबकीय प्रभाव: धारा चुंबकीय क्षेत्र बनाती है
सीधे तार के पास कंपास की सुई धारा चालू करते ही घूम जाती है — यह चुंबकीय क्षेत्र का प्रमाण है। कुंडली में फेरों की संख्या बढ़ाने, धारा बढ़ाने या नरम लोहे का क्रोड रखने से विद्युत-चुंबक मज़बूत होता है। विद्युत-चुंबक का चुंबकत्व अस्थायी है — धारा बंद, चुंबकत्व बंद।
2. ऊष्मीय प्रभाव: तार गरम क्यों हो जाते हैं
धारा के विरुद्ध तार का प्रतिरोध ऊर्जा को ऊष्मा में बदल देता है। पतले तार, अधिक धारा और अधिक प्रतिरोध — तीनों से ऊष्मा बढ़ती है। फ्यूज़ इसी सिद्धांत पर काम करता है: अधिक धारा से पतला तार पिघलकर परिपथ तोड़ देता है और उपकरण बच जाते हैं।
3. बैटरी विद्युत कैसे पैदा करती है?
सेल में दो इलेक्ट्रोड और विद्युत-अपघट्य होते हैं। रासायनिक अभिक्रिया एक इलेक्ट्रोड पर इलेक्ट्रॉन मुक्त करती है और दूसरे पर उन्हें ग्रहण करती है — इलेक्ट्रॉनों का यही प्रवाह धारा है। कई सेलों को श्रृंखला में जोड़कर बैटरी बनती है और वोल्टता बढ़ती है।
विद्युत-चुंबक अस्थायी चुंबक है — स्थायी चुंबक से यही उसका बड़ा अंतर है।
फ्यूज़ को मोटे तार से न बदलें — मोटा तार अधिक धारा पर भी नहीं पिघलेगा और उपकरण जल जाएँगे।
विद्युत-चुंबक मज़बूत करने के तीन तरीके क्रम से लिखें: अधिक फेरे, अधिक धारा, लोहे का क्रोड।
तुम्हें क्या सीखना चाहिए
धारा का चुंबकीय और ऊष्मीय प्रभाव; विद्युत-चुंबक बनाना और मज़बूत करना; सेल की कार्यविधि।
मुख्य शब्द
- विद्युत-चुंबक — धारा से बनने वाला अस्थायी चुंबक।
- कुंडली — तार के लपेटे हुए फेरे।
- क्रोड — कुंडली के अंदर रखा लोहे का टुकड़ा।
- प्रतिरोध — धारा के प्रवाह में बाधा; ऊष्मा का कारण।
- तंतु — बल्ब का पतला तार, जो गरम होकर प्रकाश देता है।
- फ्यूज़ — अधिक धारा पर पिघलकर परिपथ तोड़ने वाला सुरक्षा-तार।
- विद्युत-अपघट्य — सेल के अंदर का रासायनिक विलयन।
याद रखें
- धारा → चुंबकीय क्षेत्र (चुंबकीय प्रभाव)।
- धारा → ऊष्मा (ऊष्मीय प्रभाव)।
- विद्युत-चुंबक: फेरे ↑, धारा ↑, लोहे का क्रोड → मज़बूती ↑।
- फ्यूज़ सुरक्षा के लिए पिघलता है।
- बैटरी रासायनिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: विद्युत-चुंबक को स्थायी चुंबक समझ लेना। धारा बंद होते ही उसका चुंबकत्व समाप्त हो जाता है।
चार्ट / तालिका: विद्युत-चुंबक मज़बूत करना या कमज़ोर करना
| विषय | विवरण |
|---|---|
| फेरों की संख्या बढ़ाएँ | मज़बूत |
| धारा बढ़ाएँ | मज़बूत |
| लोहे का क्रोड रखें | मज़बूत |
| फेरे/धारा घटाएँ | कमज़ोर |
| धारा बंद करें | चुंबकत्व समाप्त |
हल विधि: विद्युत-चुंबक बनाना, क्रम में
1. ताँबे के तार को लोहे की कील पर कई बार लपेटें। 2. तार के सिरों को बैटरी से जोड़ें। 3. कील अब पिनें उठाएगी — विद्युत-चुंबक बन गया। 4. बैटरी हटाते ही पिनें गिर जाएँगी।
स्वयं जाँच
- विद्युत-चुंबक मज़बूत करने के तीन तरीके लिखिए।
- बल्ब का तंतु प्रकाश क्यों देता है?
- फ्यूज़ का काम क्या है?
अभ्यास (स्वयं करके देखें)
- धारा वाले तार के पास कंपास सुई क्यों घूमती है?
संकेत: चुंबकीय क्षेत्र बनने से। - विद्युत-चुंबक और स्थायी चुंबक में क्या अंतर है?
संकेत: विद्युत-चुंबक का चुंबकत्व धारा पर निर्भर, अस्थायी है। - हीटर किस प्रभाव पर काम करता है?
संकेत: ऊष्मीय प्रभाव पर। - फ्यूज़ में पतला तार क्यों होता है?
संकेत: ताकि अधिक धारा पर जल्दी पिघलकर परिपथ तोड़ दे। - बैटरी में ऊर्जा का रूपांतरण क्या है?
संकेत: रासायनिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा।
प्रश्न और उत्तर
- धारा का चुंबकीय प्रभाव क्या है?
धारा वाले तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बन जाता है — कंपास सुई का घूमना इसका प्रमाण है। - विद्युत-चुंबक कैसे बनता है और मज़बूत कैसे करते हैं?
कुंडली में धारा बहाकर, अंदर लोहे की कील रखकर; फेरे बढ़ाकर, धारा बढ़ाकर या लोहे का क्रोड रखकर मज़बूत करते हैं। - धारा का ऊष्मीय प्रभाव क्या है?
तार के प्रतिरोध से विद्युत ऊर्जा ऊष्मा में बदलती है — बल्ब का तंतु, हीटर और इस्त्री इसी पर काम करते हैं। - फ्यूज़ कैसे सुरक्षा करता है?
अधिक धारा आने पर उसका पतला तार पिघलकर परिपथ तोड़ देता है, जिससे उपकरण जलने से बच जाते हैं। - बैटरी विद्युत कैसे पैदा करती है?
सेल के अंदर रासायनिक अभिक्रिया से इलेक्ट्रॉन मुक्त होकर बहते हैं — यही प्रवाह धारा है।
विस्तार प्रश्न
- विद्युत-घंटी में विद्युत-चुंबक का क्या काम है? संक्षेप में समझाइए।
- घर में फ्यूज़ बार-बार उड़ जाए तो क्या करना चाहिए और क्या नहीं? उत्तर दीजिए — कारण खोजें, मोटा तार न लगाएँ।
- धारा के दो प्रभाव: चुंबकीय और ऊष्मीय।
- विद्युत-चुंबक अस्थायी है, फेरे/धारा/क्रोड से मज़बूत होता है।
- फ्यूज़ पिघलकर सुरक्षा करता है।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।

