Chapter 8: राशियों की तुलना
अनुपात, प्रतिशत, लाभ-हानि, छूट और ब्याज की गणना करना।
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 8 • Mathematics • Book: Ganit-3 (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
राशियों की तुलना — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
पुस्तक: Ganit-3 (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 8) | अध्याय 8 | माध्यम: हिंदी
यह पृष्ठ Educational Galaxy के अपने मूल नोट्स हैं — किताब की नकल नहीं। यहाँ कोई आधिकारिक BSTBPC PDF नहीं दिया जाता है और यह पृष्ठ पाठ्यपुस्तक का विकल्प नहीं है।

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): दुकान में छूट और मूल्य — राशियों की तुलना का रोज़मर्रा उदाहरण। लेबल चित्र पर ही छपे हैं।

दुकानदार से सामान तौलवाता ग्राहक — एक सामान्य चित्र।

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): अंकित मूल्य − छूट = विक्रय मूल्य; लाभ/हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य पर।
अध्याय का सार
राशियों की तुलना का अर्थ है — अनुपात, प्रतिशत, लाभ-हानि और छूट जैसे तरीकों से दो या अधिक राशियों की तुलना करना। अनुपात दो राशियों का भागफल है और इसे हमेशा सरलतम रूप में लिखा जाता है।
प्रतिशत का अर्थ है प्रति सौ — 40% का अर्थ है 100 में से 40। छूट अंकित मूल्य पर दी जाती है और विक्रय मूल्य = अंकित मूल्य − छूट होता है। लाभ या हानि हमेशा क्रय मूल्य पर निकाली जाती है, विक्रय मूल्य पर नहीं।
चक्रवृद्धि ब्याज में ब्याज पर भी ब्याज लगता है, जबकि साधारण ब्याज में केवल मूलधन पर। दो वर्ष के लिए चक्रवृद्धि ब्याज का सूत्र A = P(1 + r/100)ⁿ है।
What you should learn — तुम्हें क्या सीखना चाहिए
अनुपात, प्रतिशत, लाभ-हानि, छूट और ब्याज की गणना करना।
Key Terms — मुख्य शब्द
- अनुपात (Ratio) — दो राशियों की तुलना, जैसे 3 : 2।
- प्रतिशत — प्रति सौ भाग, जैसे 25% = 25/100।
- क्रय मूल्य — जिस मूल्य पर वस्तु खरीदी गई।
- विक्रय मूल्य — जिस मूल्य पर वस्तु बेची गई।
- चक्रवृद्धि ब्याज — ब्याज पर भी लगने वाला ब्याज।
Remember — याद रखें
- लाभ या हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य पर निकालें।
- छूट हमेशा अंकित मूल्य पर दी जाती है।
- अनुपात की दोनों राशियों की इकाई एक जैसी होनी चाहिए।
- प्रतिशत को भिन्न में बदलने के लिए 100 से भाग दें।
Exam Tip / Common Mistake — परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: लाभ प्रतिशत विक्रय मूल्य पर निकाल देना। लाभ प्रतिशत = (लाभ ÷ क्रय मूल्य) × 100 — हर हमेशा क्रय मूल्य ही रहेगा।
Chart / Table: लाभ-हानि और छूट के सूत्र
| गणना | सूत्र |
|---|---|
| लाभ | विक्रय मूल्य − क्रय मूल्य |
| हानि | क्रय मूल्य − विक्रय मूल्य |
| छूट | अंकित मूल्य − विक्रय मूल्य |
| साधारण ब्याज | P × R × T ÷ 100 |
अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)
- ₹500 की वस्तु 20% छूट पर कितने में मिलेगी?
संकेत: पहले छूट की राशि निकालें। - क्रय मूल्य ₹800, विक्रय मूल्य ₹1000 — लाभ प्रतिशत बताएँ।
संकेत: लाभ को क्रय मूल्य से भाग दें। - 3 : 5 को प्रतिशत में कैसे बदलेंगे?
संकेत: पहले भिन्न बनाएँ, फिर 100 से गुणा करें। - ₹10000 पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का साधारण ब्याज बताएँ।
संकेत: सूत्र P × R × T ÷ 100 लगाएँ। - अनुपात 12 : 18 का सरलतम रूप क्या है?
संकेत: दोनों को महत्तम समापवर्तक से भाग दें।
प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers
- ₹500 की वस्तु 20% छूट पर कितने में मिलेगी?
छूट = 500 × 20/100 = ₹100। विक्रय मूल्य = 500 − 100 = ₹400। - क्रय मूल्य ₹800, विक्रय मूल्य ₹1000 — लाभ प्रतिशत बताएँ।
लाभ = 1000 − 800 = ₹200। लाभ प्रतिशत = 200/800 × 100 = 25%। - 3 : 5 को प्रतिशत में कैसे बदलेंगे?
भिन्न 3/5 है। प्रतिशत = 3/5 × 100 = 60%। (यह कुल के अनुपात में पहला भाग है।) - ₹10000 पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का साधारण ब्याज बताएँ।
ब्याज = 10000 × 10 × 2 ÷ 100 = ₹2000। - अनुपात 12 : 18 का सरलतम रूप क्या है?
12 और 18 का महत्तम समापवर्तक 6 है। 12 ÷ 6 : 18 ÷ 6 = 2 : 3।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।
- लाभ या हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य पर निकालें।
- छूट हमेशा अंकित मूल्य पर दी जाती है।
- अनुपात की दोनों राशियों की इकाई एक जैसी होनी चाहिए।
- प्रतिशत को भिन्न में बदलने के लिए 100 से भाग दें।

