Chapter 1: परिमेय संख्याएँ
परिमेय संख्याओं को पहचानना, उन्हें संख्या रेखा पर दिखाना और उनकी तुलना तथा जोड़-घटाव करना।
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 8 • Mathematics • Book: Ganit-3 (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
परिमेय संख्याएँ — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
पुस्तक: Ganit-3 (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 8) | अध्याय 1 | माध्यम: हिंदी
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चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): संख्या रेखा पर परिमेय संख्याओं की जगह — लेबल चित्र पर ही छपे हैं। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है।

बराबर भागों में बाँटा गया एक गोला — भिन्न को समझने का एक सामान्य चित्र।

नया चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): p/q का रूप — ऊपर अंश, नीचे हर; हर शून्य नहीं हो सकता। उदाहरण: 3/4, −2/5, 7 = 7/1।
अध्याय का सार
परिमेय संख्या वह संख्या है जिसे p/q के रूप में लिखा जा सके, जहाँ p और q पूर्णांक हों और q शून्य न हो। जैसे 3/4, -2/5 और 7 भी परिमेय संख्याएँ हैं, क्योंकि 7 को 7/1 लिखा जा सकता है। संख्या रेखा पर हर परिमेय संख्या की एक निश्चित जगह होती है।
दो परिमेय संख्याओं के बीच हमेशा और परिमेय संख्याएँ होती हैं। इसलिए परिमेय संख्याएँ संख्या रेखा पर बहुत घनी होती हैं। जोड़, घटाव, गुणा और भाग (शून्य से भाग को छोड़कर) करने पर भी परिणाम परिमेय संख्या ही रहता है।
तुलना करते समय पहले हर को समान बनाते हैं, फिर अंश की तुलना करते हैं। समतुल्य भिन्न बनाना इस अध्याय का सबसे काम का कौशल है — उसी से जोड़-घटाव और तुलना दोनों आसान हो जाते हैं।
What you should learn — तुम्हें क्या सीखना चाहिए
परिमेय संख्याओं को पहचानना, उन्हें संख्या रेखा पर दिखाना और उनकी तुलना तथा जोड़-घटाव करना।
Key Terms — मुख्य शब्द
- परिमेय संख्या (Rational Number) — p/q रूप वाली संख्या, जहाँ q शून्य न हो।
- अंश (Numerator) — भिन्न का ऊपर वाला भाग।
- हर (Denominator) — भिन्न का नीचे वाला भाग, जो कभी शून्य नहीं होता।
- समतुल्य भिन्न — अंश और हर को एक ही संख्या से गुणा या भाग करके बनी बराबर भिन्न।
- मानक रूप — वह रूप जिसमें अंश और हर का महत्तम समापवर्तक 1 हो।
Remember — याद रखें
- हर कभी शून्य नहीं हो सकता — p/0 परिमेय संख्या नहीं है।
- ऋणात्मक चिह्न को हर में नहीं, अंश में रखना साफ रहता है।
- तुलना से पहले हर समान करें, तभी अंश की तुलना सही होगी।
- दो परिमेय संख्याओं के बीच अनगिनत परिमेय संख्याएँ होती हैं।
Exam Tip / Common Mistake — परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: 3/4 और 4/3 को बराबर समझ लेना। अंश और हर की जगह बदलने से संख्या बदल जाती है — पहले यह देखें कि कौन ऊपर है, कौन नीचे।
Chart / Table: परिमेय संख्याओं की पहचान
| संख्या | परिमेय है? | कारण |
|---|---|---|
| 5/8 | हाँ | p/q रूप, हर शून्य नहीं |
| -3/7 | हाँ | ऋणात्मक भी परिमेय होती है |
| 9 | हाँ | 9 = 9/1 लिखा जा सकता है |
| 4/0 | नहीं | हर शून्य है |
अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)
- 1/2 और 2/3 में कौन बड़ी है?
संकेत: दोनों का हर समान बनाकर सोचें। - -5/6 को संख्या रेखा पर कहाँ दिखाएँगे?
संकेत: शून्य के बाईं ओर, -1 और 0 के बीच सोचें। - 3/5 का मानक रूप क्या है?
संकेत: अंश और हर में कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड है या नहीं, देखें। - 1/2 + 1/3 का मान निकालें।
संकेत: पहले लघुत्तम समापवर्त्य निकालें। - 2/3 और 4/6 समतुल्य हैं या नहीं?
संकेत: वज्र-गुणन (cross multiplication) करके जाँचें।
प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers
- 1/2 और 2/3 में कौन बड़ी है?
हर का लघुत्तम समापवर्त्य 6 है। 1/2 = 3/6 और 2/3 = 4/6। 4/6 बड़ा है, इसलिए 2/3 बड़ी है। - -5/6 को संख्या रेखा पर कहाँ दिखाएँगे?
-5/6 ऋणात्मक है, इसलिए यह शून्य के बाईं ओर आएगी। -1 और 0 के बीच की दूरी को 6 बराबर भागों में बाँटकर बाईं ओर से पाँचवाँ बिंदु -5/6 होगा। - 3/5 का मानक रूप क्या है?
3 और 5 का महत्तम समापवर्तक 1 है, इसलिए 3/5 पहले से ही मानक रूप में है। - 1/2 + 1/3 का मान निकालें।
लघुत्तम समापवर्त्य 6 है। 1/2 = 3/6, 1/3 = 2/6। जोड़ = 3/6 + 2/6 = 5/6। - 2/3 और 4/6 समतुल्य हैं या नहीं?
वज्र-गुणन: 2 × 6 = 12 और 3 × 4 = 12। दोनों बराबर हैं, इसलिए दोनों समतुल्य हैं।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।
- हर कभी शून्य नहीं हो सकता — p/0 परिमेय संख्या नहीं है।
- ऋणात्मक चिह्न को हर में नहीं, अंश में रखना साफ रहता है।
- तुलना से पहले हर समान करें, तभी अंश की तुलना सही होगी।
- दो परिमेय संख्याओं के बीच अनगिनत परिमेय संख्याएँ होती हैं।

