Chapter 8: बाज़ार में एक कमीज़
कपास के खेत से विदेशी दुकान तक — एक कमीज़ की यात्रा और उसमें छिपी असमानता।
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Social Science • Book: Samajik Evam Rajnitik Jeevan-2 (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)
बाज़ार में एक कमीज़ — EG's own notes, in simple Hindi
Book: Samajik Evam Rajnitik Jeevan-2 (Nayi pustak — 2025 ke baad wali) | Chapter 8 | Medium: Hindi
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Diagram (labels are printed on the image): कमीज़ की यात्रा — कपास से धागा, कपड़ा और तैयार कमीज़ तक। सामान्य तस्वीर, पुस्तक का चित्र नहीं।

कपास और करघे की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।
इस अध्याय के बारे में
तुम जो कमीज़ पहनते हो, वह किसी एक दुकान में नहीं बनी है — उसकी यात्रा बहुत लंबी है। वह यात्रा कपास के खेत से शुरू होती है और विदेश की दुकान तक जाती है। इस यात्रा में कई लोग काम करते हैं — किसान, व्यापारी, मज़दूर, बुनकर और दर्ज़ी — लेकिन सबको बराबर लाभ नहीं मिलता। इस अध्याय में हम एक कमीज़ की यात्रा से बाज़ार की असमानता को समझते हैं।
यात्रा की शुरुआत कपास के किसान से होती है। आंध्र प्रदेश के कुरनूल की स्वप्ना जैसी छोटी किसान कपास उगाती है। कपास उगाने के लिए उसे बीज, खाद और कीटनाशक खरीदने के लिए पैसे चाहिए — और ये पैसे वह स्थानीय व्यापारी से उधार लेती है, जो ऊँची ब्याज दर पर कर्ज़ देता है। कर्ज़ की शर्त यह होती है कि फसल उसी व्यापारी को बेचनी होगी। इसलिए स्वप्ना को अपनी कपास बाज़ार भाव से कम दाम पर व्यापारी को बेचनी पड़ती है — वह मोल-भाव नहीं कर सकती, क्योंकि वह कर्ज़ में है।
व्यापारी कपास को जिनिंग मिल में भेजता है, जहाँ कपास से बीज अलग किए जाते हैं और रुई की गाँठें (bales) बनती हैं। फिर ये गाँठें कताई मिल (spinning mill) में जाती हैं, जहाँ रुई से धागा (सूत) बनाया जाता है। धागा बुनकरों के पास जाता है, जो पावरलूम (बिजली के करघे) पर कपड़ा बुनते हैं। बुनकरों को प्रति मीटर के हिसाब से मज़दूरी मिलती है, और उन्हें लंबे समय तक काम करना पड़ता है, फिर भी उनकी आय कम होती है — क्योंकि उनके पास भी सौदेबाज़ी की शक्ति नहीं है; व्यापारी ही धागा देता है और कपड़ा लेता है।
कपड़ा फिर व्यापारी के माध्यम से कपड़ा-निर्यातक (exporter) के पास जाता है, जो उसे परिधान कारखाने (garment factory) में भेजता है। वहाँ दर्ज़ी और मज़दूर कमीज़ें सिलते हैं, जिनकी जाँच-पड़ताल के बाद उन्हें विदेशों (जैसे अमेरिका) में बेचा जाता है। विदेश की दुकान में एक कमीज़ बहुत ऊँची कीमत पर बिकती है — लेकिन किसान, बुनकर और कारखाने के मज़दूर को उसका बहुत छोटा हिस्सा ही मिलता है। सबसे अधिक लाभ व्यापारी, निर्यातक और विदेशी खरीदार को होता है।
इस यात्रा से बाज़ार का एक महत्वपूर्ण नियम समझ में आता है: बाज़ार में जिसकी सौदेबाज़ी की शक्ति ज़्यादा होती है, उसे लाभ भी ज़्यादा मिलता है। किसान और बुनकर कमज़ोर हैं, क्योंकि वे कर्ज़ में हैं या उनके पास विकल्प नहीं है; व्यापारी और निर्यातक मज़बूत हैं, क्योंकि उनके पास पूँजी और बाज़ार तक पहुँच है। इसलिए एक ही कमीज़ की कीमत में इतना अंतर होता है — खेत में कपास सस्ती, दुकान में कमीज़ महँगी।
क्या सीखना है (What you should learn)
- कमीज़ की यात्रा को क्रम से बताना (कपास → जिनिंग → कताई → बुनाई → सिलाई → निर्यात)।
- समझाना कि किसान को कम दाम क्यों मिलता है (कर्ज़ और व्यापारी की शर्त)।
- जिनिंग मिल और कताई मिल के काम बताना।
- बुनकरों की कम आय का कारण समझाना।
- समझाना कि सबसे अधिक लाभ किसे मिलता है और क्यों।
- सौदेबाज़ी की शक्ति और लाभ के संबंध को समझाना।
स्वप्ना अपनी कपास किसी भी व्यापारी को नहीं बेच सकती, क्योंकि उसने उसी व्यापारी से कर्ज़ लिया है। कर्ज़ की शर्त ने उसकी सौदेबाज़ी की शक्ति खत्म कर दी — और यही कारण है कि उसे कम दाम मिलता है। बाज़ार में ‘स्वतंत्र’ दिखने वाला सौदा भी कर्ज़ के कारण बंधा हुआ हो सकता है।
इस अध्याय का मुख्य प्रश्न क्रम नहीं, बल्कि ‘किसे कितना लाभ और क्यों’ है। उत्तर में हर चरण के साथ यह भी लिखें कि उस चरण के व्यक्ति की सौदेबाज़ी की शक्ति कैसी है — किसान/बुनकर कमज़ोर, व्यापारी/निर्यातक मज़बूत।
मुख्य शब्द (Key Terms)
- जिनिंग मिल — वह मिल जहाँ कपास से बीज अलग करके रुई की गाँठें बनाई जाती हैं।
- कताई मिल (Spinning Mill) — वह मिल जहाँ रुई से धागा (सूत) बनाया जाता है।
- पावरलूम — बिजली से चलने वाला करघा, जिस पर बुनकर कपड़ा बुनते हैं।
- निर्यातक (Exporter) — वह व्यापारी जो सामान विदेशों में बेचता है।
- परिधान कारखाना (Garment Factory) — वह कारखाना जहाँ कपड़े से कमीज़ जैसे वस्त्र सिले जाते हैं।
- सौदेबाज़ी की शक्ति — मोल-भाव करने की क्षमता; जिसके पास पूँजी और विकल्प हैं, उसकी शक्ति ज़्यादा होती है।
याद रखें (Remember)
- यात्रा: कपास (किसान) → जिनिंग मिल → कताई मिल → बुनकर (पावरलूम) → व्यापारी → निर्यातक → परिधान कारखाना → विदेशी दुकान।
- किसान को कम दाम: कर्ज़ + व्यापारी की शर्त + मोल-भाव की शक्ति का अभाव।
- बुनकर को कम मज़दूरी: प्रति मीटर भुगतान, लंबे घंटे, विकल्प का अभाव।
- सबसे अधिक लाभ: व्यापारी, निर्यातक, विदेशी खरीदार।
- नियम: सौदेबाज़ी की शक्ति ज़्यादा → लाभ ज़्यादा।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती (Exam Tip / Common Mistake)
सामान्य गलती: कमीज़ की यात्रा को केवल ‘कपास से कपड़ा’ तक लिख देना। पूरी यात्रा लिखें — खेत से विदेशी दुकान तक — और अंत में लाभ के बँटवारे पर टिप्पणी ज़रूर करें। यही इस अध्याय का मुख्य विश्लेषण है।
Chart / Table: कमीज़ की यात्रा और लाभ
| चरण | कौन | क्या करता है | लाभ की स्थिति |
|---|---|---|---|
| 1. खेत | किसान (स्वप्ना) | कपास उगाता है | सबसे कम — कर्ज़ के कारण कम दाम |
| 2. जिनिंग | जिनिंग मिल | बीज अलग, गाँठें बनाना | मध्यम |
| 3. कताई | कताई मिल | रुई से धागा बनाना | मध्यम |
| 4. बुनाई | बुनकर | पावरलूम पर कपड़ा बुनना | कम — प्रति मीटर मज़दूरी |
| 5. सिलाई/निर्यात | निर्यातक, कारखाना | कमीज़ सिलना, विदेश भेजना | सबसे अधिक |
अभ्यास (Practice set — try it yourself)
- कमीज़ की यात्रा को क्रम से पाँच चरणों में लिखिए।
Hint: सोचें — खेत, मिल, करघा, कारखाना, दुकान। - स्वप्ना को अपनी कपास कम दाम पर क्यों बेचनी पड़ती है?
Hint: सोचें — कर्ज़ और उसकी शर्त। - जिनिंग मिल और कताई मिल में क्या-क्या होता है?
Hint: सोचें — बीज अलग करना और धागा बनाना। - बुनकरों की आय कम क्यों होती है?
Hint: सोचें — प्रति मीटर भुगतान और विकल्प का अभाव। - विदेशी दुकान में कमीज़ महँगी क्यों बिकती है, जबकि किसान को कम मिलता है?
Hint: सोचें — सौदेबाज़ी की शक्ति।
प्रश्न और उत्तर (Questions with Answers)
- कमीज़ की यात्रा को संक्षेप में समझाइए।
किसान कपास उगाता है → व्यापारी उसे जिनिंग मिल भेजता है (बीज अलग, गाँठें) → कताई मिल में धागा बनता है → बुनकर पावरलूम पर कपड़ा बुनता है → व्यापारी कपड़ा निर्यातक को देता है → परिधान कारखाने में कमीज़ सिली जाती है → कमीज़ विदेश की दुकान में बिकती है। - किसान को अपनी कपास कम दाम पर क्यों बेचनी पड़ती है?
क्योंकि किसान ने बीज और खाद के लिए व्यापारी से कर्ज़ लिया होता है, और कर्ज़ की शर्त यह होती है कि फसल उसी व्यापारी को बेचनी होगी। कर्ज़ के कारण किसान मोल-भाव नहीं कर सकता, इसलिए उसे बाज़ार भाव से कम दाम मिलता है। - जिनिंग मिल क्या करती है?
जिनिंग मिल में कपास से बीज अलग किए जाते हैं और रुई की गाँठें (bales) बनाई जाती हैं, जिन्हें फिर कताई मिल में भेजा जाता है। - बुनकरों की आय कम क्यों होती है?
क्योंकि बुनकरों को प्रति मीटर के हिसाब से मज़दूरी मिलती है, उन्हें लंबे समय तक काम करना पड़ता है, और उनके पास धागा तथा कपड़े के लिए व्यापारी के अलावा विकल्प नहीं होता। सौदेबाज़ी की शक्ति कम होने से उनकी आय कम रहती है। - कमीज़ की यात्रा से बाज़ार के बारे में क्या सीख मिलती है?
यही कि बाज़ार में सबको बराबर लाभ नहीं मिलता। जिसकी सौदेबाज़ी की शक्ति ज़्यादा होती है (व्यापारी, निर्यातक), उसे लाभ ज़्यादा मिलता है; जो कर्ज़ में है या जिसके पास विकल्प नहीं है (किसान, बुनकर), उसे लाभ कम मिलता है।
महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions)
- व्यापारी किसान और बुनकर — दोनों से कैसे लाभ कमाता है?
किसान से वह कम दाम पर कपास खरीदता है (कर्ज़ की शर्त के कारण) और बुनकर को धागा देकर कम मज़दूरी पर कपड़ा बुनवाता है। दोनों चरणों में उसकी सौदेबाज़ी की शक्ति ज़्यादा होती है, इसलिए लाभ भी उसी को ज़्यादा मिलता है। - अगर किसान को कर्ज़ न लेना पड़े, तो क्या बदलेगा?
किसान अपनी फसल किसी भी व्यापारी को बेच सकेगा और मोल-भाव कर सकेगा। इससे उसे बेहतर दाम मिलेगा — इसीलिए सस्ते कर्ज़ (जैसे सहकारी समितियों से) की उपलब्धता किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। - परिधान कारखाने के मज़दूरों की दशा कैसी होती है?
उन्हें लंबे समय तक काम करना पड़ता है, मज़दूरी कम मिलती है, और काम की सुरक्षा भी कम होती है। फिर भी, कारखाने का मालिक और निर्यातक तैयार कमीज़ को ऊँची कीमत पर बेचते हैं। - अपने कपड़ों के लेबल देखिए — वे कहाँ बने हैं? इससे क्या पता चलता है?
(अपने कपड़ों के अनुसार उत्तर बदल सकता है; लेबल पर ‘Made in’ देश और कंपनी का नाम देखें — इससे पता चलता है कि कपड़े की यात्रा कितनी लंबी और वैश्विक है।) - इस अध्याय का मुख्य संदेश लिखिए।
बाज़ार केवल खरीदने-बेचने की जगह नहीं है — वह शक्ति का खेल भी है। जिसकी सौदेबाज़ी की शक्ति ज़्यादा है, उसे लाभ ज़्यादा मिलता है; और कमज़ोर लोगों (किसान, बुनकर, मज़दूर) को न्याय दिलाने के लिए सस्ते कर्ज़, उचित मज़दूरी और सरकारी निगरानी ज़रूरी है।
अतिरिक्त अभ्यास — NCERT अभ्यास के प्रकार
- रिक्त स्थान भरिए: जिनिंग मिल में कपास से ______ अलग किए जाते हैं और कताई मिल में ______ बनाया जाता है।
बीज; धागा। - सही या गलत, कारण सहित: ‘कमीज़ की यात्रा में सबसे अधिक लाभ किसान को मिलता है।’
गलत। सबसे कम लाभ किसान को मिलता है; सबसे अधिक लाभ व्यापारी, निर्यातक और विदेशी खरीदार को मिलता है। - मिलान कीजिए: (क) जिनिंग — (i) धागा; (ख) कताई — (ii) बीज अलग करना; (ग) बुनाई — (iii) पावरलूम पर कपड़ा।
(क)-(ii), (ख)-(i), (ग)-(iii)। - एक प्रवाह-चित्र बनाइए: खेत → जिनिंग → कताई → बुनाई → सिलाई → निर्यात, और प्रत्येक चरण में लाभ की स्थिति लिखिए।
खेत — कम; जिनिंग/कताई — मध्यम; बुनाई — कम; सिलाई/निर्यात — अधिक। - अपने मोहल्ले के किसी बुनकर या दर्ज़ी से बात कीजिए — उन्हें प्रति काम कितनी मज़दूरी मिलती है?
(अपने क्षेत्र के अनुसार उत्तर बदल सकता है; मज़दूरी, काम के घंटे और कर्ज़ के बारे में पूछें।)
- यात्रा: कपास → जिनिंग → कताई → बुनाई → सिलाई → निर्यात।
- किसान को कम दाम: कर्ज़ + शर्त + सौदेबाज़ी की शक्ति का अभाव।
- बुनकर: प्रति मीटर मज़दूरी, लंबे घंटे, कम आय।
- सबसे अधिक लाभ: व्यापारी, निर्यातक, विदेशी खरीदार।
- नियम: सौदेबाज़ी की शक्ति ज़्यादा → लाभ ज़्यादा।
How to use this page: Read the summary, say the Key Terms in your own words, then try the practice set without looking. Use the Questions with Answers to check yourself afterwards. Ask your teacher or parent to check your answers.

