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Class 7 • Social Science • Hamara Paryavaran

Chapter 5: जल

जल चक्र, समुद्र की गतियाँ और जल-संरक्षण — जीवन के आधार की कहानी।

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Social Science • Book: Hamara Paryavaran (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)

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जल — EG's own notes, in simple Hindi

Book: Hamara Paryavaran (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)  |  Chapter 5  |  Medium: Hindi

ये Educational Galaxy के अपने मूल notes हैं, पाठ्यपुस्तक नहीं, और यहाँ कोई आधिकारिक textbook PDF नहीं दिया जाता है।

Labelled diagram for जल

Diagram (labels are printed on the image): जल चक्र — वाष्पीकरण, संघनन और वर्षण। सामान्य तस्वीर, पुस्तक का चित्र नहीं।

Illustration for जल

समुद्र और उसकी गतियों की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।

इस अध्याय के बारे में

जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। हमारा शरीर, हमारी खेती, हमारे उद्योग और हमारे घर — सबको जल चाहिए। पृथ्वी की सतह का अधिकांश भाग पानी से ढका है, लेकिन इसका अधिकांश पानी महासागरों का खारा पानी है, जिसे सीधे पीया नहीं जा सकता। पीने और खेती के काम आने वाला मीठा पानी बहुत कम है — इसलिए जल का संरक्षण करना ज़रूरी है।

जल प्रकृति में एक चक्र में घूमता रहता है, जिसे जल चक्र कहते हैं। सूर्य की गर्मी से समुद्रों, नदियों और झीलों का पानी वाष्प बनकर ऊपर उठता है — इसे वाष्पीकरण कहते हैं। पौधों की पत्तियों से भी जलवाष्प निकलती है। ऊपर जाकर यह वाष्प ठंडी होकर छोटी-छोटी बूंदों में बदल जाती है — यह संघनन है — और बादल बनते हैं। जब ये बूंदें भारी हो जाती हैं, तो वर्षा, हिमपात या ओलों के रूप में नीचे गिरती हैं — इसे वर्षण कहते हैं। वर्षा का कुछ पानी नदियों में बह जाता है, कुछ ज़मीन में समा जाता है, और कुछ फिर से वाष्प बन जाता है। यही चक्र बार-बार चलता है।

महासागरों का जल कभी शांत नहीं रहता — उसमें तीन तरह की गतियाँ होती हैं। लहरें समुद्र की सतह पर पवन के कारण बनती हैं; लहरों की ऊँचाई तीन बातों पर निर्भर करती है — पवन की गति, पवन के चलने की अवधि, और पवन के चलने की दूरी। ज्वार-भाटा समुद्र के जल स्तर का नियमित उतार-चढ़ाव है, जो मुख्य रूप से चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के कारण होता है — जब जल ऊपर उठता है तो ज्वार (उच्च ज्वार) और जब नीचे जाता है तो भाटा (निम्न ज्वार) कहलाता है। महासागरीय धाराएँ समुद्र के जल की धीमी, नदी जैसी धाराएँ हैं, जो गर्म या ठंडी हो सकती हैं; ये पवनों, तापमान के अंतर, घनत्व के अंतर और पृथ्वी के घूर्णन से प्रभावित होती हैं।

समुद्र का पानी नमकीन क्यों होता है? नदियाँ अपने साथ चट्टानों से घुले हुए लवण बहाकर समुद्र में लाती हैं। समुद्र से पानी तो वाष्प बनकर उड़ जाता है, लेकिन लवण वहीं रह जाते हैं। हज़ारों वर्षों से यही प्रक्रिया चल रही है, इसलिए समुद्री जल खारा हो गया है।

आज जल की गुणवत्ता घट रही है — उद्योगों का कचरा, खेतों के रसायन और शहरों का गंदा पानी नदियों और झीलों को प्रदूषित कर रहे हैं। इससे पीने का साफ पानी कम होता जा रहा है और जलीय जीवों को नुकसान पहुँचता है। जल-संरक्षण के उपाय सरल हैं: घर में नल बंद रखना और रिसाव ठीक करना, वर्षा जल का संचयन करना, विद्यालय में पानी की बर्बादी रोकना, और नदियों में कचरा न डालना। जल बचाना केवल सरकार का काम नहीं है — यह हर घर की ज़िम्मेदारी है।

क्या सीखना है (What you should learn)

ज्वार-भाटा — चंद्रमा की खिंचाव

ज्वार मुख्य रूप से चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण से बनता है। चंद्रमा की ओर वाले भाग में जल ऊपर खिंच जाता है (उच्च ज्वार), और पृथ्वी के घूमने से दिन में लगभग दो बार ज्वार और दो बार भाटा आता है। मछुआरे और बंदरगाह ज्वार के समय का हिसाब रखकर ही काम करते हैं।

सामान्य गलती — लहर बनाम धारा बनाम ज्वार

तीनों अलग हैं: लहर = सतह पर पवन से उठी गति; ज्वार-भाटा = जल स्तर का नियमित उतार-चढ़ाव (गुरुत्वाकर्षण से); धारा = समुद्र के अंदर बहती धीमी जल-धारा (तापमान, पवन, घनत्व से)। परीक्षा में तीनों को एक-दूसरे में मिलाना सबसे आम गलती है।

मुख्य शब्द (Key Terms)

  • जल चक्र (Water Cycle) — वाष्पीकरण, संघनन और वर्षण के द्वारा जल का प्रकृति में घूमते रहना।
  • वाष्पीकरण (Evaporation) — गर्मी से पानी का वाष्प में बदलना।
  • संघनन (Condensation) — जलवाष्प का ठंडा होकर पानी की बूंदों में बदलना।
  • वर्षण (Precipitation) — वायु से धरती पर जल का गिरना: वर्षा, हिमपात, ओले।
  • लहरें (Waves) — पवन के कारण समुद्र की सतह पर उठी गति।
  • ज्वार-भाटा (Tides) — चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण से समुद्र के जल स्तर का नियमित उतार-चढ़ाव।
  • महासागरीय धाराएँ (Ocean Currents) — समुद्र में बहने वाली धीमी जल-धाराएँ; गर्म या ठंडी।
  • लवणता (Salinity) — समुद्री जल में घुले लवणों की मात्रा; यही जल को खारा बनाती है।

याद रखें (Remember)

  • जल चक्र: वाष्पीकरण → संघनन (बादल) → वर्षण → फिर वाष्पीकरण।
  • लहरों की ऊँचाई: पवन की गति + अवधि + दूरी (तीन कारक)।
  • ज्वार-भाटा: चंद्रमा और सूर्य का गुरुत्वाकर्षण; दिन में लगभग दो-दो बार।
  • समुद्री जल खारा: नदियों द्वारा लाए गए लवण जमा होते रहते हैं, पानी वाष्प बनकर उड़ जाता है।
  • जल-संरक्षण: रिसाव रोकना, वर्षा जल संचयन, बर्बादी रोकना।

परीक्षा टिप / सामान्य गलती (Exam Tip / Common Mistake)

सामान्य गलती: जल चक्र को केवल ‘वर्षा होती है’ लिखकर छोड़ देना। पूरा क्रम लिखें — सूर्य की गर्मी से वाष्पीकरण, ऊपर जाकर संघनन से बादल, फिर वर्षण, और वर्षा के जल का नदियों/भूमिगत जल में जाना। क्रम ही इस अध्याय की आत्मा है।

Chart / Table: महासागर की तीन गतियाँ

गतिकारणविशेषता
लहरेंपवनसतह पर; ऊँचाई पवन की गति, अवधि, दूरी पर निर्भर
ज्वार-भाटाचंद्रमा और सूर्य का गुरुत्वाकर्षणजल स्तर का नियमित उतार-चढ़ाव
धाराएँपवन, तापमान, घनत्व, पृथ्वी का घूर्णनधीमी, नदी जैसी; गर्म या ठंडी

अभ्यास (Practice set — try it yourself)

  1. जल चक्र को तीन चरणों में क्रम से समझाइए और प्रत्येक चरण में क्या होता है, यह लिखिए।
    Hint: सोचें — ऊपर उठना, बादल बनना, नीचे गिरना।
  2. मीठा पानी कम क्यों है, जबकि पृथ्वी का अधिकांश भाग पानी से ढका है?
    Hint: सोचें — खारा बनाम मीठा।
  3. लहरों की ऊँचाई किन तीन बातों पर निर्भर करती है?
    Hint: सोचें — पवन से जुड़े तीन कारक।
  4. ज्वार और भाटा में क्या अंतर है? मछुआरों के लिए ज्वार क्यों उपयोगी है?
    Hint: सोचें — जल स्तर का उठना और गिरना।
  5. अपने घर में जल बचाने के तीन उपाय लिखिए जो तुम सच में अपना सकते हो।
    Hint: सोचें — नल, रिसाव, बर्तन धोना।

प्रश्न और उत्तर (Questions with Answers)

  1. जल हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
    जल के बिना जीवन संभव नहीं है। हम पीने, खाना बनाने, नहाने और सफाई के लिए जल का उपयोग करते हैं; खेती और उद्योग भी जल पर निर्भर हैं। हमारा शरीर भी अधिकतर जल से ही बना है।
  2. जल चक्र क्या है?
    जल चक्र वह निरंतर प्रक्रिया है जिसमें सूर्य की गर्मी से पानी वाष्प बनकर ऊपर उठता है, ठंडा होकर बादल बनाता है, और वर्षा के रूप में धरती पर लौट आता है। फिर वही पानी नदियों और भूमि से होकर दोबारा वाष्प बनता है — यही चक्र चलता रहता है।
  3. वर्षण क्या है?
    वर्षण वह प्रक्रिया है जिसमें वायु में मौजूद जलवाष्प से बनी बूंदें भारी होकर धरती पर गिरती हैं — वर्षा, हिमपात और ओलों के रूप में।
  4. लहरों की ऊँचाई को प्रभावित करने वाले कारक कौन-से हैं?
    तीन कारक: पवन की गति, पवन के चलने की अवधि, और पवन के चलने की दूरी। पवन जितनी तेज़, जितनी देर और जितनी दूर तक चलेगी, लहरें उतनी ही ऊँची होंगी।
  5. महासागरीय धाराएँ क्या हैं?
    महासागरीय धाराएँ समुद्र के जल की धीमी, नदी जैसी धाराएँ हैं जो एक दिशा में बहती हैं। ये गर्म या ठंडी हो सकती हैं और पवनों, तापमान के अंतर, घनत्व के अंतर तथा पृथ्वी के घूर्णन से प्रभावित होती हैं।

महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions)

  1. जल संरक्षण की कुछ विधियाँ सुझाइए — (क) अपने घर में, (ख) अपने विद्यालय में।
    (क) घर में: नल बंद रखना, रिसते नल ठीक करना, वर्षा जल का संचयन करना, बर्तन और कपड़े धोने में पानी की बर्बादी रोकना। (ख) विद्यालय में: टंकियों और नलों की जाँच करना, विद्यार्थियों को जल बचाने के लिए जागरूक करना, बगीचे में ज़रूरत भर ही पानी देना।
  2. महासागरीय जल की गति को प्रभावित करने वाले कारक कौन-से हैं?
    पवनें, तापमान में अंतर, जल के घनत्व में अंतर, और पृथ्वी का घूर्णन — ये सभी धाराओं की गति और दिशा को प्रभावित करते हैं।
  3. ज्वार-भाटा क्या है तथा ये कैसे उत्पन्न होते हैं?
    ज्वार-भाटा समुद्र के जल स्तर का नियमित उतार-चढ़ाव है। यह मुख्य रूप से चंद्रमा (और कुछ हद तक सूर्य) के गुरुत्वाकर्षण के कारण होता है — चंद्रमा की ओर वाले भाग में जल खिंचकर ऊपर उठता है (ज्वार) और दूसरी ओर नीचे जाता है (भाटा)।
  4. समुंद्री जल के नमकीन होने का क्या कारण है?
    नदियाँ चट्टानों से घुले हुए लवण बहाकर समुद्र में लाती हैं। समुद्र का पानी वाष्प बनकर उड़ जाता है, लेकिन लवण वहीं रह जाते हैं। लंबे समय तक यही क्रम चलने से समुद्री जल खारा हो गया है।
  5. जल की गुणवत्ता का ह्रास क्यों हो रहा है?
    क्योंकि उद्योगों का कचरा, खेतों के रसायन और शहरों का गंदा पानी नदियों और झीलों में मिल रहा है। इससे पीने का साफ पानी कम हो रहा है और जलीय जीवों को नुकसान पहुँच रहा है।

अतिरिक्त अभ्यास — NCERT अभ्यास के प्रकार

  1. रिक्त स्थान भरिए: जल चक्र के चरण हैं — वाष्पीकरण → ______ → वर्षण।
    संघनन।
  2. सही या गलत, कारण सहित: ‘लहरें चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण से बनती हैं।’
    गलत। लहरें पवन से बनती हैं; चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण से ज्वार-भाटा बनता है।
  3. मिलान कीजिए: (क) वाष्पीकरण — (i) बूंदों का बनना; (ख) संघनन — (ii) वाष्प का बनना; (ग) वर्षण — (iii) जल का गिरना।
    (क)-(ii), (ख)-(i), (ग)-(iii)।
  4. गर्म और ठंडी महासागरीय धाराओं में अंतर बताइए और बताइए कि वे तटीय जलवायु को कैसे प्रभावित करती हैं।
    गर्म धारा गर्म क्षेत्र से ठंडे क्षेत्र की ओर बहती है और तट को गर्म रखती है; ठंडी धारा ठंडे क्षेत्र से गर्म क्षेत्र की ओर बहती है और तट को ठंडा रखती है।
  5. वर्षा जल संचयन का एक चित्र बनाकर उसके तीन लाभ लिखिए।
    लाभ: भूमिगत जल बढ़ता है, पानी की कमी कम होती है, बाढ़ का पानी काम आ जाता है।
  6. अपने विद्यालय के लिए जल-संरक्षण की एक छोटी योजना बनाइए।
    योजना: नलों की साप्ताहिक जाँच, ‘नल बंद करो’ अभियान, वर्षा जल टंकी, और बगीचे में सुबह-शाम सीमित पानी।
Recap — याद रखने वाली बातें
  • जल चक्र: वाष्पीकरण → संघनन → वर्षण → फिर वाष्पीकरण।
  • लहरें (पवन), ज्वार-भाटा (गुरुत्वाकर्षण), धाराएँ (पवन + तापमान + घनत्व + घूर्णन)।
  • समुद्री जल खारा: नदियों के लवण जमा होते हैं, पानी उड़ जाता है।
  • जल-संरक्षण हर घर की ज़िम्मेदारी है।

How to use this page: Read the summary, say the Key Terms in your own words, then try the practice set without looking. Use the Questions with Answers to check yourself afterwards. Ask your teacher or parent to check your answers.