Chapter 4: स्वतन्त्रता-दिवसः
राष्ट्रीय पर्व — EG के अपने शब्दों में सार, सरल Hindi व्याख्या सहित।
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Sanskrit • Book: Amrita Bhag-2 (Purani pustak — 2025 se pehle wali)
स्वतन्त्रता-दिवसः — EG के अपने शब्दों में सार
पुस्तक: Amrita Bhag-2 (Purani pustak — 2025 se pehle wali, Bihar Board, कक्षा 7) | अध्याय 4 | माध्यम: Sanskrit (सरल Hindi व्याख्या सहित)

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): स्वतन्त्रता दिवस — ध्वजारोहण, सलामी देते बच्चे और तिरंगे गुब्बारे; राष्ट्रीय पर्व की सामान्य तस्वीर।

विद्यालय में परेड और ध्वज के साथ उत्सव मनाते बच्चे।
पाठ के बारे में
अयं पाठः स्वतन्त्रता-दिवसस्य वर्णनम् अस्ति। (यह पाठ स्वतन्त्रता दिवस के वर्णन के बारे में है।) भारतम् 15 अगस्त 1947 तमे वर्षे स्वतन्त्रं अभवत्। (भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतन्त्र हुआ।) अतः प्रतिवर्षं 15 अगस्ते स्वतन्त्रता-दिवसः मान्यते।
विद्यालयेषु ध्वजारोहणं भवति, राष्ट्रगानं गीयते, बालकाः च सांस्कृतिक-कार्यक्रमान् कुर्वन्ति। (विद्यालयों में ध्वजारोहण होता है, राष्ट्रगान गाया जाता है और बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम करते हैं।) अयं दिवसः अस्माकं स्वतन्त्रतायाः स्मरणं करोति, कर्तव्यस्य च बोधं ददाति।
क्या सीखना है
तिथि (15 अगस्त 1947), ध्वजारोहण और राष्ट्रगान — ये तीन तथ्य अवश्य याद रखो। परीक्षा में तिथि पर प्रश्न निश्चित आता है।
तिथि (15 अगस्त 1947), ध्वजारोहण और राष्ट्रगान — ये तीन तथ्य अवश्य याद रखो। परीक्षा में तिथि पर प्रश्न निश्चित आता है।
सामान्य गलती: 15 अगस्त और 26 जनवरी में भ्रम। स्वतन्त्रता दिवस = 15 अगस्त; गणतन्त्र दिवस = 26 जनवरी।
मुख्य शब्द
- स्वतन्त्रता — आज़ादी; पराधीनता से मुक्ति
- ध्वजारोहणम् — झण्डा फहराना
- राष्ट्रगानम् — राष्ट्र का गान
- कर्तव्यम् — अपना दायित्व; जो करना चाहिए
- भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतन्त्र हुआ।
- प्रतिवर्ष 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस मनाया जाता है।
- विद्यालयों में ध्वजारोहण होता है।
- राष्ट्रगान गाया जाता है।
- यह दिवस कर्तव्य का बोध देता है।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: 15 अगस्त और 26 जनवरी में भ्रम। स्वतन्त्रता दिवस = 15 अगस्त; गणतन्त्र दिवस = 26 जनवरी।
तालिका: स्वतन्त्रता दिवस
| तिथिः | 15 अगस्त 1947 |
| उत्सव | प्रतिवर्ष 15 अगस्त |
| विद्यालये | ध्वजारोहण, राष्ट्रगान |
| सन्देश | स्वतन्त्रता का स्मरण, कर्तव्य का बोध |
अभ्यास — स्वयं करके देखो
- भारतम् कदा स्वतन्त्रं अभवत्?
Hint: 15 अगस्त 1947 के बारे में सोचो। - स्वतन्त्रता-दिवसः कदा मान्यते?
Hint: प्रतिवर्ष की तिथि के बारे में सोचो। - विद्यालये किं भवति?
Hint: ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के बारे में सोचो। - अयं दिवसः किं स्मारयति?
Hint: स्वतन्त्रता की याद के बारे में सोचो। - स्वतन्त्रता के साथ कर्तव्य क्यों जुड़ा है?
Hint: अधिकार और दायित्व के बारे में सोचो।
प्रश्न और उत्तर
- भारत कब स्वतन्त्र हुआ?
भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतन्त्र हुआ। इसी कारण प्रतिवर्ष 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस मनाया जाता है। - विद्यालयों में स्वतन्त्रता दिवस कैसे मनाया जाता है?
विद्यालयों में ध्वजारोहण होता है, राष्ट्रगान गाया जाता है, और बच्चे भाषण, गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। - स्वतन्त्रता दिवस का क्या महत्त्व है?
यह दिवस हमें स्वतन्त्रता संग्राम और स्वतन्त्रता सेनानियों की याद दिलाता है, और स्वतन्त्रता की रक्षा का संकल्प देता है। - स्वतन्त्रता के साथ कर्तव्य का क्या सम्बन्ध है?
स्वतन्त्रता केवल अधिकार नहीं है; उसके साथ देश के प्रति कर्तव्य भी जुड़ा है — नियम पालन, सेवा और राष्ट्र की रक्षा। - एक छात्र स्वतन्त्रता दिवस कैसे सार्थक मना सकता है?
ध्वजारोहण में आदर से भाग लेकर, राष्ट्रगान गाकर, स्वतन्त्रता सेनानियों के बारे में जानकर और अच्छे नागरिक बनने का संकल्प लेकर।
अतिरिक्त अभ्यास — इसी पाठ की सामग्री से
नीचे के सभी प्रश्न इसी पृष्ठ के मुख्य शब्दों और याद रखने योग्य बातों पर आधारित हैं; इनमें पाठ से बाहर का कोई नया तथ्य नहीं है।
- मिलान करो — बायाँ स्तम्भ:
- स्वतन्त्रता
- ध्वजारोहणम्
- राष्ट्रगानम्
- कर्तव्यम्
- अपना दायित्व; जो करना चाहिए
- राष्ट्र का गान
- झण्डा फहराना
- आज़ादी; पराधीनता से मुक्ति
- रिक्त स्थान भरो: भारत 15 ______ 1947 को स्वतन्त्र हुआ। (उत्तर: अगस्त)
- रिक्त स्थान भरो: प्रतिवर्ष 15 अगस्त को ______ दिवस मनाया जाता है। (उत्तर: स्वतन्त्रता)
- अपने शब्दों में लिखो: इस पाठ का सार दो-तीन वाक्यों में लिखो — केवल वही बातें लिखो जो ऊपर के सार और याद रखने योग्य बातों में दी गई हैं।
- कारण सहित उत्तर दो: “भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतन्त्र हुआ।” — यह बात पाठ के अनुसार क्यों सही है, अपने शब्दों में समझाओ।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।

