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Bihar Board • Class 7 • Sanskrit • Amrita Bhag-2

Chapter 2: कूर्मशशककथा

कथा — EG के अपने शब्दों में सार, सरल Hindi व्याख्या सहित।

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Sanskrit • Book: Amrita Bhag-2 (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

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कूर्मशशककथा — EG के अपने शब्दों में सार

पुस्तक: Amrita Bhag-2 (Purani pustak — 2025 se pehle wali, Bihar Board, कक्षा 7)  |  अध्याय 2  |  माध्यम: Sanskrit (सरल Hindi व्याख्या सहित)

Labelled diagram for कूर्मशशककथा

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): वन के मार्ग पर दौड़ — धीरे चलता कूर्म और वृक्ष के नीचे विश्राम करता शशक। कथा का प्रसिद्ध दृश्य, सामान्य चित्रण में।

Illustration for कूर्मशशककथा

तालाब के निकट मित्रता से बात करते कूर्म और शशक — कथा के पात्र।

पाठ के बारे में

अयं पाठः कूर्मस्य शशकस्य च कथा अस्ति। (यह पाठ कछुए और खरगोश की कथा है।) कूर्मः मन्थरगतिः आसीत्, शशकः तीव्रगतिः आसीत्। (कछुआ धीमी गति वाला था, खरगोश तेज़ गति वाला था।) द्वयोः मध्ये धावन-प्रतियोगिता अभवत्।

शशकः वेगेन धावति, किन्तु मध्ये विश्रामं करोति। कूर्मः शनैः शनैः निरन्तरं चलति, अन्ते च विजयी भवति। (खरगोश तेज़ दौड़ता है पर बीच में आराम करता है; कछुआ धीरे-धीरे लगातार चलता है और अन्त में जीतता है।) अतः निरन्तर परिश्रम एव विजयस्य कारणम्।

क्या सीखना है

कथा का क्रम और नीति सीखो — धीमी किन्तु निरन्तर गति जीतती है। परीक्षा में पात्रों के गुणों पर प्रश्न आते हैं।

क्या सीखना है

कथा का क्रम और नीति सीखो — धीमी किन्तु निरन्तर गति जीतती है। परीक्षा में पात्रों के गुणों पर प्रश्न आते हैं।

सामान्य गलती से बचो

सामान्य गलती: केवल 'कछुआ जीता' लिखना। कारण भी लिखो — निरन्तर परिश्रम और शशक का विश्राम।

मुख्य शब्द

  • कूर्मः — कछुआ
  • शशकः — खरगोश
  • मन्थरगतिः — धीमी गति वाला
  • निरन्तरम् — लगातार, बिना रुके
Recap — याद रखने योग्य बातें
  • कूर्म धीमी गति वाला था।
  • शशक तेज़ गति वाला था।
  • शशक बीच में विश्राम करने लगा।
  • कूर्म निरन्तर चलता रहा।
  • अन्त में कूर्म विजयी हुआ।

परीक्षा टिप / सामान्य गलती

सामान्य गलती: केवल 'कछुआ जीता' लिखना। कारण भी लिखो — निरन्तर परिश्रम और शशक का विश्राम।

तालिका: दोनों पात्रों की तुलना

कूर्मःधीमी गति, निरन्तर चलना
शशकःतेज़ गति, बीच में विश्राम
परिणामकूर्म विजयी
नीतिनिरन्तर परिश्रम ही जीतता है

अभ्यास — स्वयं करके देखो

  1. कूर्मः कः अस्ति?
    Hint: धीमी गति वाले प्राणी के बारे में सोचो।
  2. शशकः कीदृशः आसीत्?
    Hint: तेज़ गति के बारे में सोचो।
  3. शशकः किमर्थं पराजितः अभवत्?
    Hint: बीच में विश्राम के बारे में सोचो।
  4. कूर्मः कथम् विजयी अभवत्?
    Hint: निरन्तर चलने के बारे में सोचो।
  5. कथायाः नीतिः का?
    Hint: परिश्रम और निरन्तरता के बारे में सोचो।

प्रश्न और उत्तर

  1. कूर्मशशककथा किसकी कथा है?
    यह कछुए और खरगोश की कथा है। दोनों में दौड़ की प्रतियोगिता होती है।
  2. कूर्म और शशक में क्या अन्तर था?
    कूर्म धीमी गति वाला था पर निरन्तर चलता था; शशक तेज़ था पर उसे अपनी गति पर घमण्ड था और वह बीच में विश्राम करने लगा।
  3. शशक क्यों हारा?
    क्योंकि वह तेज़ दौड़कर बीच में सो गया। उसकी लापरवाही और घमण्ड ही उसकी हार का कारण बने।
  4. कूर्म क्यों जीता?
    क्योंकि वह धीरे-धीरे पर बिना रुके लगातार चलता रहा। उसका नियमपालन और परिश्रम उसे विजय तक ले गया।
  5. इस कथा की नीति क्या है?
    निरन्तर परिश्रम से असम्भव कार्य भी सम्भव होता है। तेज़ आरम्भ से अधिक महत्त्वपूर्ण है अन्त तक टिके रहना।

अतिरिक्त अभ्यास — इसी पाठ की सामग्री से

नीचे के सभी प्रश्न इसी पृष्ठ के मुख्य शब्दों और याद रखने योग्य बातों पर आधारित हैं; इनमें पाठ से बाहर का कोई नया तथ्य नहीं है।

  1. मिलान करो — बायाँ स्तम्भ:
    1. कूर्मः
    2. शशकः
    3. मन्थरगतिः
    4. निरन्तरम्
    दायाँ स्तम्भ (क्रम बदला हुआ):
    1. लगातार, बिना रुके
    2. धीमी गति वाला
    3. खरगोश
    4. कछुआ
  2. रिक्त स्थान भरो: कूर्म धीमी ______ वाला था। (उत्तर: गति)
  3. रिक्त स्थान भरो: शशक तेज़ ______ वाला था। (उत्तर: गति)
  4. अपने शब्दों में लिखो: इस पाठ का सार दो-तीन वाक्यों में लिखो — केवल वही बातें लिखो जो ऊपर के सार और याद रखने योग्य बातों में दी गई हैं।
  5. कारण सहित उत्तर दो: “कूर्म धीमी गति वाला था।” — यह बात पाठ के अनुसार क्यों सही है, अपने शब्दों में समझाओ।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।

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