Chapter 5: ज्यामितीय आकृतियों की समझ
पूरक-संपूरक, आसन्न, रैखिक युग्म और शीर्षाभिमुख कोण पहचानना तथा समांतर रेखाओं पर तिर्यक रेखा के कोण संबंधों से अज्ञात कोण निकालना।
मूल नोट्स — तैयार Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Mathematics • Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 7)
ज्यामितीय आकृतियों की समझ — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 7) | अध्याय 5 | Medium: Hindi

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): समांतर रेखाओं को काटती तिर्यक रेखा और बने कोण। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है, पुस्तक का चित्र नहीं।

बच्चा पैमाने से रेखाएँ और कोण बना रहा है। यह एक सामान्य चित्र है, पुस्तक का दृश्य नहीं।
यह अध्याय किस बारे में है
इस अध्याय में हम रेखाओं और कोणों के संबंध समझते हैं। जब दो रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं तो कोण बनता है। दो कोण जिनका योग 90 डिग्री हो, पूरक कोण कहलाते हैं और जिनका योग 180 डिग्री हो, संपूरक कोण कहलाते हैं। जैसे 40 डिग्री का पूरक 50 डिग्री और संपूरक 140 डिग्री होता है।
एक ही शीर्ष और एक उभयनिष्ठ भुजा वाले कोण आसन्न कोण कहलाते हैं। जब आसन्न कोणों का योग 180 डिग्री हो तो वे रैखिक युग्म बनाते हैं — अर्थात् वे एक सीधी रेखा पर होते हैं। दो प्रतिच्छेदी रेखाओं के आमने-सामने वाले कोण शीर्षाभिमुख कोण कहलाते हैं और वे हमेशा बराबर होते हैं।
जब एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को काटती है तो कई कोण युग्म बनते हैं: संगत कोण बराबर होते हैं, एकांतर कोण बराबर होते हैं और तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180 डिग्री होता है। इन संबंधों से अज्ञात कोण का मान निकाला जा सकता है।
तुम्हें क्या सीखना चाहिए
पूरक-संपूरक, आसन्न, रैखिक युग्म और शीर्षाभिमुख कोण पहचानना तथा समांतर रेखाओं पर तिर्यक रेखा के कोण संबंधों से अज्ञात कोण निकालना।
मुख्य शब्द
- पूरक कोण — दो कोण जिनका योग 90 डिग्री हो, जैसे 30 डिग्री और 60 डिग्री।
- संपूरक कोण — दो कोण जिनका योग 180 डिग्री हो, जैसे 70 डिग्री और 110 डिग्री।
- आसन्न कोण — एक ही शीर्ष और एक उभयनिष्ठ भुजा वाले, बिना अतिव्यापन के कोण।
- रैखिक युग्म — एक सीधी रेखा पर बने आसन्न कोणों का युग्म, योग 180 डिग्री।
- शीर्षाभिमुख कोण — दो प्रतिच्छेदी रेखाओं के आमने-सामने के बराबर कोण।
- तिर्यक रेखा — दो या अधिक रेखाओं को काटने वाली रेखा।
याद रखें
- पूरक का योग 90 डिग्री, संपूरक का योग 180 डिग्री — दोनों को मिलाना नहीं।
- शीर्षाभिमुख कोण हमेशा बराबर होते हैं।
- रैखिक युग्म के कोण एक सीधी रेखा पर होते हैं, इसलिए योग 180 डिग्री।
- समांतर रेखाओं पर संगत और एकांतर कोण बराबर होते हैं।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: पूरक और संपूरक को उल्टा लिख देना। याद रखने की तरकीब: 'पू' में 'प' छोटा है और 90 छोटा है; 'सं' लंबा शब्द है और 180 बड़ा है।
चार्ट / तालिका: कोण युग्म — योग और संबंध
| युग्म | योग / संबंध | उदाहरण |
|---|---|---|
| पूरक कोण | योग 90 डिग्री | 35 डिग्री का पूरक 55 डिग्री |
| संपूरक कोण | योग 180 डिग्री | 35 डिग्री का संपूरक 145 डिग्री |
| शीर्षाभिमुख कोण | बराबर | एक 70 डिग्री हो तो सामने वाला भी 70 डिग्री |
| रैखिक युग्म | योग 180 डिग्री | एक 120 डिग्री हो तो दूसरा 60 डिग्री |
अभ्यास — खुद करके देखो
- 65 डिग्री का पूरक और संपूरक कोण निकालो।
संकेत: पूरक के लिए 90 में से, संपूरक के लिए 180 में से घटाओ। - दो शीर्षाभिमुख कोणों में एक 115 डिग्री है। दूसरे का मान बताओ।
संकेत: शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं। - एक रैखिक युग्म में एक कोण 72 डिग्री है। दूसरा कोण कितना होगा?
संकेत: योग 180 डिग्री होता है। - समांतर रेखाओं पर तिर्यक रेखा से बना एक संगत कोण 48 डिग्री है। उसके संगत कोण का मान बताओ।
संकेत: संगत कोण बराबर होते हैं। - एक कोण अपने पूरक से 20 डिग्री बड़ा है। दोनों कोण निकालो।
संकेत: मान लो छोटा कोण x है, तो x + (x + 20) = 90।
प्रश्न और उत्तर
- पूरक और संपूरक कोण में अंतर उदाहरण सहित समझाओ।
पूरक कोणों का योग 90 डिग्री होता है, जैसे 25 डिग्री और 65 डिग्री। संपूरक कोणों का योग 180 डिग्री होता है, जैसे 25 डिग्री और 155 डिग्री। पहला युग्म मिलकर समकोण बनाता है, दूसरा मिलकर सीधी रेखा बनाता है। - एक रैखिक युग्म में कोण 3:2 के अनुपात में हैं। दोनों कोण निकालो।
मान लो कोण 3x और 2x हैं। योग 180 डिग्री है, इसलिए 5x = 180, x = 36। कोण 108 डिग्री और 72 डिग्री हैं। - दो प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने चार कोणों में एक 82 डिग्री है। बाकी तीन कोण बताओ।
सामने वाला शीर्षाभिमुख कोण भी 82 डिग्री होगा। आसन्न कोण रैखिक युग्म बनाते हैं, इसलिए 180 - 82 = 98 डिग्री। चौथा कोण भी 98 डिग्री (पहले 98 का शीर्षाभिमुख) होगा। - समांतर रेखाओं पर तिर्यक रेखा से बने एकांतर कोण क्या होते हैं? चित्र के बिना शब्दों में समझाओ।
तिर्यक रेखा के विपरीत ओर और दो समांतर रेखाओं के बीच बने कोण एकांतर कोण कहलाते हैं। वे अंग्रेज़ी अक्षर Z जैसी स्थिति में होते हैं और हमेशा बराबर होते हैं। - एक कोण का संपूरक उसके पूरक का तीन गुना है। वह कोण निकालो।
मान लो कोण x है। संपूरक 180 - x और पूरक 90 - x है। समीकरण: 180 - x = 3(90 - x), अर्थात् 180 - x = 270 - 3x, इसलिए 2x = 90, x = 45 डिग्री।
इस पेज का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ो, फिर मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलकर दोहराओ, उसके बाद बिना देखे अभ्यास करो। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करो। अपने उत्तर शिक्षक या माता-पिता से भी जाँचवाओ।
- पूरक का योग 90 डिग्री, संपूरक का योग 180 डिग्री — दोनों को मिलाना नहीं।
- शीर्षाभिमुख कोण हमेशा बराबर होते हैं।
- रैखिक युग्म के कोण एक सीधी रेखा पर होते हैं, इसलिए योग 180 डिग्री।
- समांतर रेखाओं पर संगत और एकांतर कोण बराबर होते हैं।

