Chapter 10: राशियों की तुलना
अनुपात सरल करना, समानुपात पहचानना, प्रतिशत और प्रतिशत वृद्धि-कमी निकालना, लाभ-हानि प्रतिशत और साधारण ब्याज हल करना।
मूल नोट्स — तैयार Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Mathematics • Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 7)
राशियों की तुलना — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
Book: Ganit (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 7) | अध्याय 10 | Medium: Hindi

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): दुकान का काउंटर और पाई चार्ट — कीमत और प्रतिशत की तुलना। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है, पुस्तक का चित्र नहीं।

बच्चा बाज़ार में फल तौलकर खरीद रहा है। यह एक सामान्य चित्र है, पुस्तक का दृश्य नहीं।
यह अध्याय किस बारे में है
दो राशियों की तुलना अनुपात से की जाती है। अनुपात एक ही इकाई की दो राशियों की तुलना है, जैसे 3:5। अनुपात को सरलतम रूप में लिखा जाता है — 12:18 का सरल रूप 2:3 है। समानुपात तब बनता है जब दो अनुपात बराबर हों, जैसे 2:3 = 4:6।
प्रतिशत का अर्थ है प्रति सौ। किसी संख्या का प्रतिशत निकालने के लिए उसे 100 से भाग देकर प्रतिशत दर से गुणा करते हैं, जैसे 200 का 25 प्रतिशत = 50। प्रतिशत वृद्धि या कमी निकालने के लिए बदलाव को मूल मान से भाग देकर 100 से गुणा करते हैं।
लाभ और हानि क्रय मूल्य पर तय होते हैं। विक्रय मूल्य क्रय मूल्य से अधिक हो तो लाभ और कम हो तो हानि होती है। लाभ प्रतिशत = लाभ ÷ क्रय मूल्य × 100। साधारण ब्याज का सूत्र है: ब्याज = मूलधन × दर × समय ÷ 100। जैसे 1000 रुपये पर 10 प्रतिशत वार्षिक दर से 2 वर्ष का ब्याज 200 रुपये होगा।
तुम्हें क्या सीखना चाहिए
अनुपात सरल करना, समानुपात पहचानना, प्रतिशत और प्रतिशत वृद्धि-कमी निकालना, लाभ-हानि प्रतिशत और साधारण ब्याज हल करना।
मुख्य शब्द
- अनुपात — एक ही इकाई की दो राशियों की तुलना, जैसे 2:3।
- समानुपात — दो बराबर अनुपातों की बराबरी, जैसे 2:3 = 6:9।
- प्रतिशत — प्रति सौ का भाग, चिह्न प्रतिशत।
- क्रय मूल्य — जिस मूल्य पर वस्तु खरीदी गई हो।
- विक्रय मूल्य — जिस मूल्य पर वस्तु बेची गई हो।
- साधारण ब्याज — मूलधन पर तय दर से तय समय का ब्याज।
याद रखें
- अनुपात में दोनों राशियों की इकाई एक जैसी होनी चाहिए।
- लाभ-हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य पर निकालते हैं, विक्रय मूल्य पर नहीं।
- प्रतिशत वृद्धि = वृद्धि ÷ मूल मान × 100।
- साधारण ब्याज में समय वर्ष में और दर प्रतिशत वार्षिक होनी चाहिए।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: लाभ प्रतिशत विक्रय मूल्य पर निकाल देना। जैसे 800 रुपये की वस्तु 1000 रुपये में बेचने पर लाभ 200 रुपये है और लाभ प्रतिशत 200 ÷ 800 × 100 = 25 प्रतिशत है, 20 प्रतिशत नहीं।
चार्ट / तालिका: लाभ-हानि — एक नज़र में
| स्थिति | सूत्र | उदाहरण |
|---|---|---|
| लाभ | विक्रय मूल्य - क्रय मूल्य | 1000 - 800 = 200 रुपये लाभ |
| हानि | क्रय मूल्य - विक्रय मूल्य | 800 - 700 = 100 रुपये हानि |
| लाभ प्रतिशत | लाभ ÷ क्रय मूल्य × 100 | 200 ÷ 800 × 100 = 25 प्रतिशत |
अभ्यास — खुद करके देखो
- 18:24 को सरलतम रूप में लिखो।
संकेत: दोनों को उनके महत्तम समापवर्तक से भाग दो। - 500 का 30 प्रतिशत निकालो।
संकेत: 500 × 30 ÷ 100। - एक वस्तु 600 रुपये में खरीदकर 750 रुपये में बेची गई। लाभ प्रतिशत निकालो।
संकेत: पहले लाभ निकालो, फिर क्रय मूल्य पर प्रतिशत। - 2000 रुपये पर 5 प्रतिशत वार्षिक दर से 3 वर्ष का साधारण ब्याज निकालो।
संकेत: मूलधन × दर × समय ÷ 100। - किसी संख्या का 40 प्रतिशत 80 है। वह संख्या क्या है?
संकेत: मान लो संख्या x है, तो x का 40 प्रतिशत = 80।
प्रश्न और उत्तर
- अनुपात और समानुपात में अंतर उदाहरण सहित बताओ।
अनुपात दो राशियों की तुलना है, जैसे लड़के और लड़कियों का अनुपात 3:2। समानुपात दो अनुपातों की बराबरी है, जैसे 3:2 = 6:4 — दोनों अनुपात एक ही संबंध दर्शाते हैं। - एक स्कूल में 400 विद्यार्थियों में से 55 प्रतिशत लड़कियाँ हैं। लड़कों की संख्या निकालो।
लड़कियाँ = 400 का 55 प्रतिशत = 220। लड़के = 400 - 220 = 180। - एक पंखा 1200 रुपये में खरीदकर 1080 रुपये में बेचा गया। हानि प्रतिशत निकालो।
हानि = 1200 - 1080 = 120 रुपये। हानि प्रतिशत = 120 ÷ 1200 × 100 = 10 प्रतिशत। - 5000 रुपये पर 8 प्रतिशत वार्षिक दर से 2 वर्ष का साधारण ब्याज और मिश्रधन निकालो।
ब्याज = 5000 × 8 × 2 ÷ 100 = 800 रुपये। मिश्रधन = मूलधन + ब्याज = 5000 + 800 = 5800 रुपये। - एक वस्तु की कीमत 250 रुपये से बढ़कर 300 रुपये हो गई। प्रतिशत वृद्धि निकालो।
वृद्धि = 50 रुपये। प्रतिशत वृद्धि = 50 ÷ 250 × 100 = 20 प्रतिशत।
इस पेज का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ो, फिर मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलकर दोहराओ, उसके बाद बिना देखे अभ्यास करो। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करो। अपने उत्तर शिक्षक या माता-पिता से भी जाँचवाओ।
- अनुपात में दोनों राशियों की इकाई एक जैसी होनी चाहिए।
- लाभ-हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य पर निकालते हैं, विक्रय मूल्य पर नहीं।
- प्रतिशत वृद्धि = वृद्धि ÷ मूल मान × 100।
- साधारण ब्याज में समय वर्ष में और दर प्रतिशत वार्षिक होनी चाहिए।

