Educational Galaxy shield logo

Educational Galaxy

LEARN • THINK • SPEAK • GROW

Chapter 6: शाम – एक किसान

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 7 • Hindi • Book: Vasant Bhag-2 (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)

Print lets you save as PDF from the browser. This is not a textbook PDF.

कविता • सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

जाड़े की शाम किसान बनकर आती है — आकाश साफ़ा है, नदी चादर है, सूरज चिलम की आग है।

शाम – एक किसान — EG के अपने शब्दों में सार

पुस्तक: Vasant Bhag-2 (BSEB, कक्षा 7)  |  अध्याय 6  |  लेखक/कवि: सर्वेश्वरदयाल सक्सेना  |  माध्यम: Hindi

ये Educational Galaxy के अपने मूल notes हैं, पाठ्यपुस्तक नहीं, और यहाँ कोई आधिकारिक textbook PDF नहीं दिया जाता है। चित्र सामान्य तस्वीरें हैं, पुस्तक के चित्र नहीं।

Labelled diagram for शाम – एक किसान

Diagram (labels are printed on the image): शाम को खेत से लौटता किसान — सामान्य तस्वीर, पुस्तक का चित्र नहीं।

Illustration for शाम – एक किसान

शाम का खेत। किसान-जीवन की सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।

लेखक/कवि परिचय

इस कविता के कवि सर्वेश्वरदयाल सक्सेना हैं। कविता में जाड़े की शाम के प्राकृतिक दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है।

कविता के साथ दिया गया कविता-परिचय भी यही बताता है: पहाड़ बैठे हुए किसान की तरह दिखाई देता है, आकाश उसके सिर पर बँधे साफ़े के समान है, पहाड़ के नीचे बहती नदी घुटनों पर रखी चादर-सी है, पलाश के पेड़ों पर खिले लाल-लाल फूल जलती अँगीठी के समान हैं, पूर्व क्षितिज पर घना होता अँधकार झुंड में बैठी भेड़ों जैसा है और पश्चिम दिशा में डूबता सूरज चिलम पर सुलगती आग की भाँति दिख रहा है।

सार — अपने शब्दों में

कविता की शाम शांत है। पूरा दृश्य एक किसान के रूप में सामने आता है — पहाड़ किसान की तरह बैठा है, आकाश उसके सिर का साफ़ा है, नदी उसकी घुटनों की चादर है, पलाश के लाल फूल जलती अँगीठी हैं, पूर्व का अँधकार भेड़ों का झुंड है और पश्चिम का डूबता सूरज चिलम की आग है।

अचानक मोर बोल उठता है। मानो किसी ने आवाज़ लगाई हो — ‘सुनते हो!’ इस एक आवाज़ से दृश्य बदल जाता है। जो दृश्य अभी तक शांत चित्र था, वह अब घटना बन जाता है।

चिलम उलट जाती है, आग बुझ जाती है, धुआँ उठने लगता है, सूरज डूब जाता है, शाम ढल जाती है और रात का अँधेरा छा जाता है। कविता यहीं खत्म नहीं होती — वह यह भी बताती है कि प्रकृति का हर दृश्य धीरे-धीरे बदलता है, और एक छोटी-सी आवाज़ भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकती है।

कविता में पाँच एकरूपताओं (उपमाओं) की जोड़ी बनाई गई है — पहली एकरूपता आकाश और साफ़े में है (‘आकाश का साफ़ा’), तीसरी नदी और चादर में है। दूसरी, चौथी और पाँचवीं एकरूपताओं को खोजना ही पाठ का अभ्यास है।

मुख्य शब्द

  • साफ़ा — सिर पर बाँधनेवाला कपड़ा, पगड़ी।
  • चिलम — तम्बाकू पीने का मिट्टी का पात्र — यहाँ डूबते सूरज की उपमा।
  • अँगीठी — आग जलाने का पात्र — यहाँ पलाश के लाल फूलों की उपमा।
  • क्षितिज — जहाँ धरती और आकाश मिलते दिखते हैं।
  • उपमा — तुलना — एक चीज़ को दूसरी जैसी बताना।
  • एकरूपता — दो चीज़ों में समानता — यहाँ पाँच जोड़ियाँ।

भाषा-बिंदु

  • ‘सा/सी’ का प्रयोग: ‘नदी चादर-सी’, ‘भेड़ों के गल्ले-सा’, ‘पानी का परदा-सा’, ‘मरियल-सा कुत्ता’, ‘छोटा-सा/छोटी-सी आशा’, ‘नन्ही-सी चिड़िया’ — ‘सा/सी’ तुलना के लिए आते हैं। बताओ कि ‘सा/सी’ किन शब्दों के साथ लगते हैं।
  • आँधी, दहक, सिमटा: इन शब्दों के दो-दो वाक्य बनाओ और बताओ कि ये किन संदर्भों में प्रयुक्त होते हैं। जैसे आँधी तेज़ हवा के लिए, दहक जलती आग की लपट के लिए, सिमटा सिकुड़े हुए के लिए।
परीक्षा टिप: परीक्षा में पाँच एकरूपताओं वाली प्रश्न का उत्तर देते समय पाँचों जोड़ियाँ पूरी लिखो — आकाश—साफ़ा, पहाड़—किसान, नदी—चादर, पलाश के फूल—अँगीठी, पूर्व का अँधकार—भेड़ों का झुंड, पश्चिम का सूरज—चिलम की आग। ध्यान रहे, कविता में पाँच एकरूपताओं की जोड़ी कही गई है, इसलिए गिनकर लिखो।
सामान्य गलती: सामान्य गलती: ‘शाम का दृश्य’ को केवल सूर्यास्त समझ लेना। कविता में शाम एक पूरा किसान-रूपक है — पहाड़, आकाश, नदी, फूल, अँधकार और सूरज सब मिलकर किसान बनते हैं।

अभ्यास (Practice — पहले खुद कोशिश करो)

  1. इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है — यह एक रूपक है। इसे बनाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें खोजकर लिखो।
    संकेत: सोचो — पहली आकाश-साफ़ा, तीसरी नदी-चादर; बाकी तीन कौन-सी हैं?
  2. मोर के बोलने से दृश्य में क्या बदलाव आया?
    संकेत: सोचो — शांत चित्र कैसे घटना बन गया?
  3. शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताओ — शाम कब से शुरू हुई?
    संकेत: सोचो — तुमने क्या देखा? समय नोट करो।
  4. शाम के समय पक्षी, खिलाड़ी, फलवाले, माँ, पेड़-पौधे, पिता जी, किसान और बच्चे क्या करते हैं?
    संकेत: सोचो — हर एक की शाम अलग होती है।
  5. ‘नदी चादर-सी’ में ‘सी’ का क्या काम है? दो और उदाहरण दो।
    संकेत: सोचो — तुलना के लिए क्या आता है?

प्रश्न और उत्तर (Important Questions with Answers)

  1. कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में कैसे दिखाया गया है?
    कविता में पहाड़ बैठे हुए किसान की तरह दिखाई देता है। आकाश उसके सिर पर बँधे साफ़े के समान है, पहाड़ के नीचे बहती नदी घुटनों पर रखी चादर-सी है, पलाश के पेड़ों पर खिले लाल-लाल फूल जलती अँगीठी के समान हैं, पूर्व क्षितिज पर घना होता अँधकार झुंड में बैठी भेड़ों जैसा है और पश्चिम दिशा में डूबता सूरज चिलम पर सुलगती आग की भाँति दिख रहा है।
  2. मोर के बोलने से क्या हुआ?
    मोर के बोलने से शांत दृश्य घटना में बदल गया। मानो किसी ने आवाज़ लगाई — ‘सुनते हो!’ इसके बाद चिलम उलट गई, आग बुझ गई, धुआँ उठने लगा, सूरज डूब गया, शाम ढल गई और रात का अँधेरा छा गया।
  3. पाँच एकरूपताओं की जोड़ियाँ कौन-कौन सी हैं?
    पहली: आकाश—साफ़ा। दूसरी: पहाड़—किसान। तीसरी: नदी—चादर। चौथी: पलाश के फूल—अँगीठी (और पूर्व का अँधकार—भेड़ों का झुंड)। पाँचवीं: पश्चिम का डूबता सूरज—चिलम की आग। कविता में इन्हें ‘उपमा’ कहा गया है।
  4. शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताओ — शाम कब से शुरू हुई, सूरज डूबने में कितना समय लगा, बीच में आसमान में क्या-क्या परिवर्तन आए?
    यह अवलोकन-प्रश्न है — इसका उत्तर अपने अनुभव से लिखो। उदाहरण: शाम लगभग पाँच बजे शुरू हुई, सूरज डूबने में लगभग एक घंटा लगा, बीच में आसमान पहले सुनहरा, फिर नारंगी और अंत में धुँधला हो गया। अपना देखा हुआ समय और रंग ज़रूर लिखो।
  5. सुमित्रानंदन पंत की ‘संध्या’ से इस कविता की तुलना करो।
    दोनों कविताओं में शाम का दृश्य है, पर इस कविता में शाम किसान के रूप में आती है और अचानक घटना में बदल जाती है, जबकि पंत की संध्या में शाम का कोमल, शांत चित्र अधिक है। तुलना में दोनों के दृश्य, उपमाएँ और अंत का बदलाव लिखो।

विस्तार — NCERT की गतिविधियों से

नीचे के प्रश्न NCERT की ‘कविता से’, ‘कविता से आगे’, ‘अनुमान और कल्पना’ तथा ‘भाषा की बात’ गतिविधियों के प्रश्न-प्रकारों को अपने शब्दों में कवर करते हैं।

  1. कविता से: पक्षियों की बोली बाँधना — कबूतर, कौआ, मैना, तोता, चील, हंस की बोली को अपने शब्दों में लिखो।
    हर पक्षी की बोली अलग होती है — कबूतर गुटरगूँ, कौआ काँव-काँव, मैना चहचहाहट, तोता टें-टें, चील की तेज़ चीख़, हंस की मधुर ध्वनि। अपनी सुनी हुई बोली को अपने शब्दों में बाँधो।
  2. कविता से आगे: शाम के समय का चित्र बनाने के लिए कौन-कौन से रंग काम आएँगे?
    सूरज के लिए नारंगी-लाल, आकाश के लिए हल्का नीला फिर धुँधला, पलाश के फूलों के लिए गहरा लाल, अँधकार के लिए स्लेटी-काला और नदी के लिए चाँदी-सी चमक।
  3. कविता से आगे: शाम के समय पक्षी, खिलाड़ी, फलवाले, माँ, पेड़-पौधे, पिता जी, किसान, बच्चे क्या करते हैं?
    पक्षी घोंसलों को लौटते हैं, खिलाड़ी खेलकर घर लौटते हैं, फलवाले दुकान समेटते हैं, माँ शाम का खाना बनाती है, पेड़-पौधे शांत हो जाते हैं, पिता जी काम से लौटते हैं, किसान खेत से लौटता है और बच्चे खेलकर थककर घर आते हैं।
  4. अनुमान: सुबह की कविता की कल्पना करो — पेड़ों के झुनझुने बजने लगे, लुढ़कती आ रही है सूरज की लाल गेंद, उठ मेरी बेटी, सुबह हो गई।
    इन पंक्तियों की तरह सुबह का चित्र बनाओ: पेड़ों की सरसराहट झुनझुने जैसी, सूरज लाल गेंद जैसा लुढ़कता हुआ, और माँ की आवाज़ — उठो, सुबह हो गई। अपनी कल्पना से चार-छह पंक्तियाँ लिखो।
  5. भाषा की बात: ‘सा/सी’ किन शब्दों के साथ लगते हैं? उदाहरण सहित बताओ।
    ‘सा/सी’ संज्ञा और विशेषण दोनों के साथ तुलना के लिए लगते हैं — ‘नदी चादर-सी’ (संज्ञा से तुलना), ‘छोटी-सी आशा’ (विशेषण के साथ), ‘नन्ही-सी चिड़िया’ (संज्ञा की विशेषता)।
  6. भाषा की बात: आँधी, दहक, सिमटा — दो-दो वाक्य बनाओ और संदर्भ बताओ।
    आँधी: तेज़ हवा का झोंका (आँधी में पेड़ गिर गया)। दहक: आग की लपट (अँगीठी दहक रही थी)। सिमटा: सिकुड़कर छोटा होना (ठंड में वह सिमटकर बैठ गया)।
पुनरावलोकन — एक नज़र में
  • कवि: सर्वेश्वरदयाल सक्सेना; विषय: जाड़े की शाम का किसान-रूपक।
  • रूपक: पहाड़—किसान, आकाश—साफ़ा, नदी—चादर, पलाश—अँगीठी, पूर्व अँधकार—भेड़ें, पश्चिम सूरज—चिलम की आग।
  • मोड़: मोर की आवाज़ (‘सुनते हो!’) से शांत दृश्य घटना बनता है; चिलम उलटती है, आग बुझती है, रात छा जाती है।
  • भाषा: सा/सी का प्रयोग; आँधी, दहक, सिमटा।
  • आगे: अपने घर से शाम का अवलोकन; पंत की ‘संध्या’ से तुलना।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।