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Chapter 12: दूरी, मापन एवं गति

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 6 • Science • Book: Vigyan (BSEB, Class 6) (Purani pustak — 2025 se pehle wali)

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दूरी, मापन एवं गति — EG's own notes, in simple Hindi

Book: Vigyan (BSEB, Class 6) (Purani pustak — 2025 se pehle wali)  |  Chapter 12  |  Medium: Hindi

Labelled diagram for दूरी, मापन एवं गति

Diagram (labels are printed on the image): लंबाई पैमाने से और समय विराम घड़ी से मापा जाता है। यह सामान्य चित्र है, पुस्तक का चित्र नहीं।

Illustration for दूरी, मापन एवं गति

दौड़ में समय मापकर गति की तुलना की जाती है। यह सामान्य चित्र है।

अध्याय के बारे में

आपने खेलते हुए कई बार दूरी नापी होगी। बताइए कबड्डी के मैदान के एक छोर से दूसरे छोर की दूरी कैसे नापते हैं? गिल्ली-डंडे के खेल में घुच्ची से गिल्ली की दूरी कैसे नापते हैं? कुएँ की गहराई कैसे नापते हैं? अपनी स्वयं की लम्बाई आप कैसे नापेंगे? बाजार में दुकानदार कपड़ा कैसे नापता है? अमीन खेत की लम्बाई-चौड़ाई कैसे नापता है? अपने गाँव से पास के शहर की दूरी को आप कैसे नापेंगे? दर्जी हमारे कपड़े की नाप कैसे लेते हैं? (चित्र 12.1: गिल्ली की दूरी डंडे से नापते हुए एवं दर्जी कपड़ा मापते हुए।)

सबसे लम्बा कौन? — क्रियाकलाप-1

दो विद्यार्थियों को पास-पास खड़ा करके आप उनकी लम्बाई की तुलना कर सकते हैं? लम्बाई की तुलना चित्र 12.2 को देखते हुए आप अपने मित्रों के साथ कीजिए। आपकी कक्षा में सबसे लम्बा कौन है? (चित्र 12.2: बित्ते से लम्बाई नापना।)

किसका कमरा लंबा — तीसरी वस्तु (पैमाना) की जरूरत

करीम और उसके मित्र अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ते हैं। एक दिन दोनों इस बात पर उलझ गए कि किसकी कक्षा का कमरा लंबा है। तो बताएँ कि पिछले प्रयोग की तरह क्या करीम और शबाना अपनी-अपनी कक्षाओं को पास-पास रखकर उनकी लम्बाई की तुलना कर सकते हैं? (नहीं — कक्षाओं को पास-पास नहीं लाया जा सकता।) उन्होंने सोचा कि क्यों न अतुल सामान्य ढंग से चलते हुए पहले पता करे कि करीम की कक्षा के कमरे की लम्बाई कितने 'कदम' है। फिर वह इसी तरह शबाना की कक्षा की लम्बाई नापकर पता करे कि उसकी कक्षा कितनी लम्बी है। इस तरह दोनों कक्षाओं की लम्बाइयाँ इस प्रकार निकली: अतुल के कदमों से — करीम की कक्षा: 23 कदम; शबाना की कक्षा: 20 कदम। बताएँ किसकी कक्षा लम्बी है? (करीम की — 23 कदम > 20 कदम।) दोनों दोस्तों ने कक्षाओं की लम्बाई की तुलना कैसे की? जब दो वस्तुएँ पास-पास नहीं लाई जा सकतीं तब हम उनकी लम्बाई की तुलना एक तीसरी वस्तु या पैमाने की सहायता से करते हैं। हम यह देखते हैं कि दोनों वस्तुएँ इस तीसरी वस्तु की कितनी इकाइयों में हैं। इस प्रयोग में वह तीसरी वस्तु (पैमाना) अतुल का कदम था। कदम की जगह गोलू और करीम किसी और तरीके या वस्तु का उपयोग भी कर सकते थे। जैसे अपना बित्ता, हाथ, रस्सी का टुकड़ा, डंडा, पैमाना इत्यादि। (नोट: किताब के पृष्ठ 131 पर मित्र का नाम 'गोलू' और पृष्ठ 132 व तालिका में 'शबाना' छपा है — किताब में ही नाम अलग-अलग हैं; यहाँ तालिका वाले नाम रखे गए हैं।)

पैमाने की कहानी — शरीर के मात्रक क्यों असफल हुए

बात बहुत पुरानी है— आज से कई सौ साल पुरानी। तब सब लोग अपने बित्ते, कदम और पंजे से ही लम्बाइयाँ नापते थे। ऊँचे कद का एक आदमी दुकान पर कमीज का कपड़ा लेने गया। उसने कपड़े के व्यापारी से दो पसेरी गेहूँ के बदले साढ़े तीन हाथ कपड़ा माँगा। दुकानदार ने अपने हाथ से पहले तो तीन हाथ कपड़ा नाप दिया। फिर उसने अंदाज से आधा हाथ कपड़ा और नाप दिया। उस लम्बे आदमी को लगा कि दुकानदार ने नापने में बेईमानी की है। जब उसने अपने हाथ से नापा तो कपड़ा तीन हाथ से भी कम निकला। दुकानदार और ग्राहक के बीच भरे बाजार में झगड़ा हो गया। किसके हाथ से कपड़ा नापा जाए? आधा या चौथाई हाथ कपड़ा कैसे नापा जाए? दुनिया के कोने-कोने में आए दिन इस बात पर झगड़े होते रहते थे। कहीं खेत की लम्बाई को लेकर, कहीं रस्सी की लम्बाई को लेकर और कहीं किसी और नाप को लेकर। अंत में लोगों ने तय किया कि एक निश्चित दूरी का पैमाना बना लिया जाए। उसको छोटे-छोटे बराबर हिस्सों में बाँट दिया जाए। सब लोग लम्बाइयाँ और दूरी इसी पैमाने से नापें। इस पैमाने के बराबर लम्बाई के ही लकड़ी या धातु के और पैमाने भी बना लिए गए। उन्होंने लकड़ी या धातु के ही पैमाने क्यों बनाए? कपड़े या रबड़ के क्यों नहीं? आपस में चर्चा करके बताइए। (उत्तर: लकड़ी और धातु की लम्बाई खींचने पर नहीं बदलती — वह स्थिर रहती है; कपड़ा और रबड़ खिंचते व सिकुड़ते हैं, इसलिए उनसे की गई माप हर बार अलग आती।)

एक जगह पर लोगों ने अपने राजा की नाक से उसके हाथ के बीच की अँगुली के छोर तक की लम्बाई को एक गज माना। (चित्र 12.4: राजा की नाक से हाथ के बीच की अँगुली के छोर तक की दूरी।) एक गज के तीन छोटे टुकड़े किए और उन्हें फुट कहा। हर एक फुट के बारह बराबर भाग किए और हर भाग को एक इंच कहा। इंच के और छोटे हिस्से किए। दो सौ बीस गज का एक फर्लांग माना और आठ फर्लांग को एक मील। दुनिया के अन्य देशों ने भी अपने अलग-अलग पैमाने तय किए। इससे लोगों को कुछ सहूलियत हुई। बस एक दिक्कत बाकी रह गयी कि कई देशों का पैमाना दूसरे देशों के पैमाने से भिन्न होता था। इससे देशों के बीच व्यापार में काफी असुविधा होती थी और झगड़े की आशंका भी हमेशा बनी रहती थी। अतः यह तय किया गया कि फ्रांस नामक देश में रखी विशेष धातु की एक छड़ की लम्बाई को एक मीटर माना जाएगा। एक मीटर के सौ बराबर हिस्से किए गए और उन्हें सेंटीमीटर कहा गया। हर एक सेंटीमीटर को दस बराबर भागों में बाँटकर उन्हें मिलीमीटर कहा गया। वैसे तो अभी भी अलग-अलग जगहों पर नापने की अलग-अलग इकाइयाँ प्रचलित हैं पर मीटर को मानक अंतर्राष्ट्रीय इकाई (एस. आई.) माना जाता है।

आपका पैमाना और एक पैमाना खुद बनाएँ — क्रियाकलाप-2

अपने ज्यामिति बॉक्स के पैमाने को ध्यान से देखिए। उस पर लम्बाई नापने के निशान बने हैं। पैमाने पर लिखे अंक सेंटीमीटर (से.मी.) की माप हैं। हर एक सेंटीमीटर दस बराबर भागों में बँटा है। सेंटीमीटर का दसवाँ भाग मिलीमीटर (मि.मी.) कहलाता है। ग्राफ कॉपी में दिए ग्राफ कागज की मोटी लाइनों पर से एक लम्बी पट्टी काट लीजिए। इसके एक बड़े खाने की लम्बाई कितनी है? (1 से.मी.।) अब पंद्रह बड़े खाने गिनिए और उन पर 0 से 15 तक अंक लिखिए। आपका पैमाना बन गया। आप इसको अपनी विज्ञान कॉपी के ऊपरी सिरे पर चिपकाकर इसका उपयोग कर सकते हैं। इसके एक बड़े खाने में कितने छोटे भाग हैं? (10 — प्रत्येक 1 मि.मी.।) क्या आप इसका उपयोग टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएँ नापने के लिए भी कर सकते हैं? (टेढ़ी-मेढ़ी रेखा सीधे पैमाने से नहीं नापी जा सकती — उसके लिए धागे का उपयोग होता है, आगे देखें।) (चित्र 12.5: एक लड़की ग्राफ पेपर को काटकर पैमाना बना रही है।)

दिमागी कसरत — अल्पतम माप; एक मीटर और एक किलोमीटर कितने बड़े?

चित्र-12.6 में दिखाए गए 15 से.मी. के पैमाने को ध्यान से देखिए। इसमें 1 से.मी. के कितने भाग किए गए हैं? (10 भाग।) इस एक छोटे भाग को क्या कहते हैं? (मिलीमीटर।) आपके द्वारा बनाए गए पैमाने में हर छोटा भाग कितने मि.मी. के बराबर है? (1 मि.मी.।) इससे कम से कम कितनी लम्बाई माप सकते हैं? (1 मि.मी.।) किसी पैमाने से कम से कम मापी जा सकने वाली दूरी को उस पैमाने की अल्पतम माप कहते हैं। किसी पैमाने को इस्तेमाल करने से पहले उसकी अल्पतम माप जरूर पता कर लेनी चाहिए। एक मीटर के पैमाने के छड़ या फीता को देखिए। 1 मीटर (मी.) में कितने से.मी. हैं? (100 से.मी.।) 1 सेंटीमीटर (से.मी.) में कितने मि.मी. हैं? (10 मि.मी.।) तब 1 मी. में कितना मि.मी. होगा? (100 × 10 = 1000 मि.मी.।) क्या आपकी लम्बाई 1 मीटर से अधिक है? (अपनी लम्बाई पैमाने से मापकर देखें।) 'किलो' का मतलब होता है एक हजार। जैसे 1 किलोग्राम का मतलब है 1000 ग्राम। इसी तरह 1 किलोमीटर का मतलब है 1000 मीटर। कुछ अन्य इकाइयाँ भी प्रचलित हैं जैसे— 1 इंच = 2.54 से.मी.; 1 गज = 3 फीट; 1 फुट = 12 इंच।

पैमाना से मापने का सही तरीका

जिस चीज की लम्बाई मापनी हो, उसके साथ पैमाने को समानांतर रखिए। फिर वस्तु के दोनों छोरों के बीच कितने से.मी. हैं, यह पैमाने से गिन लीजिए। चित्र-12.7: 15 से.मी. स्केल पर माचिस की तीली की लम्बाई 3.7 से.मी. — यानी 3 से.मी. 7 मि.मी. = 37 मि.मी.। आलपिन की लम्बाई मापकर से.मी. की इकाई में लिखिए। किसी भी लम्बाई के साथ उसकी इकाई लिखना ना भूलें। यदि आप इकाई नहीं लिखेंगे तो पढ़ने वाले को कैसे पता चलेगा कि दूरी से.मी. में है, मि.मी. में है, मी. या अन्य इकाई में है? हर बार खाने गिनने के बजाय इसका एक सरल तरीका भी है। चित्र-12.8 में पेंसिल का एक छोर 4.0 से.मी. के निशान पर है और दूसरा छोर 9.8 से.मी. के निशान पर। इसलिए पेंसिल की लम्बाई = (9.8 − 4.0) से.मी. = 5.8 से.मी.। चाहें तो खाने गिनकर इसकी जाँच कर लें। पैमाने के शुरू और आखिरी छोरों पर थोड़ी दूरी तक निशान नहीं होते। जहाँ से पैमाने का '0' निशान शुरू होता है वहीं से मापना शुरू करें। यदि आपका पैमाना टूटा है या किसी और कारण से उस पर '0' का निशान नहीं है तो भी आप पैमाना इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका तरीका वही है जो आपने अभी पेंसिल की लम्बाई निकालने के लिए इस्तेमाल किया (दोनों छोरों के निशानों का अंतर)। अब बताएँ: चित्र-12.7 में माचिस की तीली की लम्बाई कितनी है? (3.7 से.मी.।) चित्र-12.8 की तरह रिफिल की लम्बाई मापकर कॉपी में लिखें।

गलतियाँ पकड़ें — पत्ती, श्यामा-शायरा और भोलू

श्यामा और शायरा ने चित्र 12.9 वाली पत्ती की लम्बाई को मापा। श्यामा ने उसकी लम्बाई 6 से.मी. लिखी। शायरा ने अपना उत्तर 5 लिखा। बताएँ, श्यामा ने मापने में क्या गलती की? शायरा की माप गलत है या सही? पत्ती की सही माप क्या है? उत्तर: पत्ती 1 से.मी. के निशान से शुरू होकर 6 से.मी. के निशान तक है। श्यामा की गलती: उसने केवल दाएँ छोर का निशान (6 से.मी.) ही लम्बाई मान लिया — बाएँ छोर का निशान घटाया नहीं। सही लम्बाई = 6 − 1 = 5 से.मी.। शायरा का अंक (5) सही है, पर उसकी माप अधूरी है क्योंकि उसने इकाई नहीं लिखी — '5' से यह पता नहीं चलता कि 5 से.मी. है, मि.मी. है या मी. है। पत्ती की सही माप = 5 से.मी. है। भोलू ने पैमाने से ब्लेड की लम्बाई 4.2 से.मी. और कील की लम्बाई 3.2 से.मी. नापी। बताएँ, उसने क्या गलती की। (चित्र-12.10।) उत्तर की विधि: कील पैमाने के 0 से शुरू नहीं होती — वह लगभग 11 से.मी. के निशान के पास से शुरू होती है। इसलिए कील की लम्बाई केवल दाएँ छोर का निशान पढ़कर नहीं, बल्कि (दायाँ निशान − बायाँ निशान) करके निकालनी होगी। चित्र से कील के दोनों छोरों के निशान ध्यान से पढ़कर घटाएँ — यही सही तरीका है; एक छोर का निशान ही लम्बाई मान लेना गलती है। (नोट: इस पृष्ठ के चित्र की छपाई से कील के छोरों का उप-मिलीमीटर पठन विश्वसनीय नहीं है, इसलिए यहाँ कील का सुधरा मान संख्यात्मक रूप में नहीं दिया गया है — विधि ही उत्तर है।)

तिरछा पैमाना और आँख की स्थिति — चित्र 12.11, 12.12

पेंसिल की लम्बाई 'क' पैमाने से पढ़कर बताएँ। पेंसिल की लम्बाई 'ख' पैमाने से भी पढ़ें। (चित्र-12.11 स्केल क एवं ख।) चित्र-12.11 में आपने सीखा कि जिस वस्तु की लम्बाई नापनी हो, उसे पैमाने के समानांतर रखना चाहिए। यदि पैमाना तिरछा रखा हो जैसा कि चित्र 12.11 'क' में रखा है तो दूरी मापने में गलती हो जाती है — तिरछे पैमाने से पढ़ी लम्बाई सही लम्बाई से अलग (बड़ी) आती है। 'ख' पैमाना पेंसिल के समानांतर है, इसलिए उसी से सही माप मिलती है। (चित्र की छपाई से 'क' और 'ख' की संख्यात्मक माप विश्वसनीय रूप से नहीं पढ़ी जा सकती, इसलिए यहाँ उनके अंक नहीं दिए गए हैं — सिद्धांत ही उत्तर है।) सही माप के लिए 'क', 'ख' और 'ग' में से कौन सी जगह ठीक है? अब तक आप समझ गए होंगे कि सही माप के लिए वस्तु, पैमाने और आँख की स्थितियों का अपना-अपना महत्व है। चित्र-12.12: लम्बाई मापने का सही तरीका 'ख' की स्थिति में है — आँख निशान के ठीक ऊपर (लम्बवत्) होनी चाहिए; तिरछी नज़र से देखने पर निशान अपनी जगह से हटा हुआ दिखता है और माप गलत हो जाती है। आइए, अब दूरी मापने का अभ्यास करें।

अनुमान और नाप — क्रियाकलाप-3 (तालिका 12.1)

अनुमान से बताएँ कि आपकी पुस्तक की लम्बाई कितनी है? इसको तालिका 12.1 में अंकित करें: 1. पुस्तक की लम्बाई; 2. पुस्तक की चौड़ाई; 3. पुस्तक की मोटाई — हर एक के लिए 'अनुमान से' और 'नापकर' दो खाने भरें। अब पुस्तक की लम्बाई को पैमाने से मापें। आपका अनुमान कैसा निकला? यदि आप दोबारा कोशिश करेंगे तो शायद आपका अनुमान अधिक ठीक बैठेगा। इस बार अनुमान से पुस्तक की चौड़ाई बताएँ। अब इसे मापकर देखें। इस बार आपका अनुमान पहले से अधिक ठीक है या नहीं? आइए, एक बार फिर सही अनुमान लगाने की कोशिश करें। इस बार पुस्तक की मोटाई का अनुमान लगाएँ। अब पैमाने से मोटाई को मापकर देखिए। बार-बार कोशिश करने से क्या आपके अनुमान में सुधार आता जा रहा है? (अभ्यास से अनुमान सुधरता है — यही इस क्रियाकलाप का उद्देश्य है।)

किसी वक्र-रेखा की लम्बाई मापना — क्रियाकलाप-4

हम किसी वक्र-रेखा की लंबाई सीधे ही मीटर पैमाने का उपयोग करके नहीं माप सकते। वक्र-रेखा की लंबाई मापने के लिए हम धागे का उपयोग कर सकते हैं। वक्र रेखा AB (चित्र 12.13) की लंबाई मापने के लिए किसी धागे का उपयोग कीजिए। धागे के एक सिरे पर गाँठ बाँधिए। इस गाँठ को बिंदु A पर रखिए। अब धागे को अपनी अँगुली तथा अँगूठे द्वारा तना हुआ रखकर इसके छोटे भाग को रेखा के अनुदिश रखिए। इस बिंदु पर अपने एक हाथ से धागे को थामिए। अपने दूसरे हाथ से धागे के और थोड़े भाग को वक्र-रेखा के अनुदिश फैलाइए। इस प्रक्रिया को दोहराते हुए वक्र-रेखा के बिंदु B तक पहुँचिए। धागे का जो भाग बिंदु B पर है वहाँ एक चिह्न अंकित कीजिए। अब इस धागे को मीटर-पैमाने के अनुदिश फैलाइए। धागे के आरंभ में बँधी गाँठ तथा इस पर बने अंतिम चिह्न के बीच की लंबाई मापिए। यह माप वक्र-रेखा AB की लंबाई है। (चित्र 12.13: धागे की सहायता से किसी वक्र-रेखा की लम्बाई मापना।) यह सुनिश्चित करने के लिए कि हम दूरियों तथा लंबाइयों की सही माप ले रहे हैं, बहुत-सी सावधानियाँ बरतनी पड़ती हैं। मापन के लिए कुछ मानक युक्तियों तथा मापन परिणामों को व्यक्त करने के लिए हमें कुछ मानक इकाइयों (मात्रकों) की आवश्यकता होती है।

हमारे चारों ओर गतिशील वस्तुएँ — क्रियाकलाप-5, 6

उन वस्तुओं के बारे में सोचिए जो आपने हाल ही में देखी हैं। इनकी सूची तालिका-12.2 में बनाइए। स्कूल का बस्ता, मच्छर, मेज, डेस्कों पर बैठे व्यक्ति, इधर-उधर जाते लोग। इसके अतिरिक्त तितलियाँ, कुत्ते, गाय, आपका हाथ, छोटा बच्चा, जल में मछली, घर, फैक्ट्री, पत्थर, घोड़ा, गेंद, बल्ला, चलती रेलगाड़ी, सिलाई मशीन, दीवार घड़ी, घड़ी की सुइयाँ भी हो सकती हैं। ऐसी ही लंबी सूची आप अपनी कॉपी में बनाइए। तालिका 12.2: विराम और गतिशील वस्तुएँ — 1. विराम में: घर; गतिशील: एक उड़ती चिड़िया; (बाकी पंक्तियाँ खाली हैं — अपनी सूची से भरिए।) इनमें से कौन गतिशील है और कौन विराम में है? आपने यह कैसे सुनिश्चित किया कि कोई वस्तु गति में है अथवा विराम में है? आपने यह देखा होगा कि चिड़िया कुछ समय पश्चात् पहलेवाले स्थान पर दिखाई नहीं देती, जबकि मेज उसी स्थान पर रहता है। इस आधार पर आपने यह सुनिश्चित किया होगा कि कोई वस्तु गति में है अथवा विराम में है। गति, किसी वस्तु की स्थिति में परिवर्तन जैसी दिखाई देती है। आइए, हम किसी चींटी की गति को ध्यान से देखते हैं। क्रियाकलाप-6: फर्श पर कागज की एक बड़ी शीट फैलाकर इस पर कुछ चीनी रखिए। चींटियाँ इस चीनी की ओर आकर्षित होंगी तथा आप शीघ्र ही इस कागज की शीट पर बहुत-सी चींटियों को रेंगते हुए देखेंगे। किसी एक चींटी के लिए जब वह कागज की शीट पर तुरंत रेंग चुकी हो, पेंसिल से उसकी स्थितियों के निकट छोटे-छोटे चिह्न अंकित कीजिए (चित्र 12.14)। जैसे-जैसे यह कागज पर रेंगती जाए आप इसकी स्थितियों पर चिह्न अंकित करते जाइए। कुछ समय के पश्चात् कागज की शीट को इधर-उधर हिलाकर इस पर से चीनी एवं चींटियाँ हटा दीजिए। उन विभिन्न बिंदुओं, जिन्हें आपने कागज पर अंकित किया था, को तीरों द्वारा जोड़कर चींटी की गति की दिशा दर्शाइए। ये बिन्दु एक समय के बाद चींटी की स्थिति बता रहे हैं। क्रियाकलाप-5 में वस्तुओं के समूह बनाते समय आपने घड़ी, सिलाई की मशीन अथवा बिजली का पंखा जैसी वस्तुओं को किस समूह में रखा था? क्या ये वस्तुएँ एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति कर रही हैं? नहीं। क्या आप इनके किसी भाग में कोई गति देखते हैं? पंखे के डैने अथवा घड़ी की सुइयाँ कैसी गति करती हैं? क्या यह गति रेलगाड़ी की गति जैसी ही है? (नहीं — रेलगाड़ी एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाती है; पंखे के डैने और घड़ी की सुइयाँ अपनी जगह पर घूमती हैं।) आइए, अब हम कुछ विभिन्न प्रकार की गतियाँ देखते हैं जिनसे हमें इसको समझने में सहायता मिलेगी।

गतियों के प्रकार — सरलरेखीय, वर्तुल/घूर्णन, आवर्त

आपने सीधी सड़क पर किसी वाहन की गति, किसी परेड में सिपाहियों के मार्च-पास्ट की गति अथवा किसी गिरते पत्थर की गति का अवलोकन किया होगा। यह किस प्रकार की गति है? 100 मी. दौड़ प्रतियोगिता में धावक भी सरल रेखा के अनुदिश दौड़ते हैं। इन सभी उदाहरणों में हम यह देखते हैं कि वस्तुएँ सरल रेखा के अनुदिश गति कर रही हैं। इस प्रकार की गति को सरलरेखीय गति कहते हैं। (चित्र 12.15: सरल रेखीय गति का एक उदाहरण — कार।) क्रियाकलाप-7: एक छोटा पत्थर लीजिए। इससे एक धागे से बाँधिए तथा अपने हाथ से इसे तेजी से घुमाइए। पत्थर की गति को ध्यान से देखिए। हम देखते हैं कि पत्थर वृत्तीय पथ पर गति कर रहा है। इस गति के दौरान पत्थर की आपके हाथ से दूरी समान रहती है। इस प्रकार की गति को वर्तुल गति या घूर्णन गति कहते हैं। बिजली के पंखे या किसी घड़ी के सेकंड की सुई की गति वर्तुल गति के उदाहरण हैं। (चित्र 12.16: वर्तुल गति करती कुछ वस्तुएँ — (क) धागे से बँधा पत्थर घुमाना, (ख) बिजली का पंखा।) डोरी से बँधा हुआ वही पत्थर लीजिए जिसे आपने क्रियाकलाप के शुरू में उपयोग किया था। अब डोरी को अपने अँगुली से पकड़िए तथा पत्थर को लटकने दीजिए। दूसरे हाथ से पत्थर को एक तरफ खींचिए और फिर स्वतंत्र गति करने के लिए छोड़ दीजिए। आप देखेंगे कि पत्थर को छोड़े जाने पर वह एक छोर से दूसरे छोर तथा दूसरे छोर से पहले छोर पर एक निश्चित समय पर गति करता रहता है। इस प्रकार की गति को आवर्त गति कहते हैं। पत्थर का इधर से उधर डोलने की क्रिया को दोलन करना कहते हैं तथा निश्चित समय पर गति करते पत्थर का बार-बार वापस आना इसका स्वभाव है। अँगुली से बँधा हुआ धागा तथा पत्थर वास्तव में एक दोलक है तथा लटका हुआ पत्थर एक लोलक है। किसी लोलक की गति, वृक्ष की शाखाओं का इधर-उधर लहराना, झूला झूलते बच्चे की गति, गिटार की डोरियों का कम्पन, बजते समय ढोलों (अथवा तबलों) के सतह का कम्पन ये सभी आवर्त गति के उदाहरण हैं जिनमें वस्तुएँ एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी गति को दुहराती हैं (चित्र 12.17)। क्या आपने क्रियाकलाप-5 के एक भाग के रूप में सिलाई की मशीन का अवलोकन किया था? आपने ध्यान दिया होगा कि सिलाई मशीन एक जगह पर स्थिर रहती है जबकि उसका पहिया घूमता है। इसमें एक सुई भी होती है जो जब तक पहिया घूमता है, तब तक निरंतर ऊपर-नीचे गति करती रहती है, क्या ऐसा नहीं है? यहाँ सुई आवर्त गति कर रही है। परन्तु सिलाई मशीन का पहिया अपने ही अक्ष पर घूमता है इस गति को घूर्णन गति कहते हैं। बॉल को भी एक ही जगह रखकर घुमाया होगा उस समय बॉल भी घूर्णन गति करती है। हमारी पृथ्वी भी अपने अक्ष पर घूमती है वह भी उसकी घूर्णन गति कहलाती है। क्या आपने फर्श पर लुढ़कती किसी गेंद की गति का ध्यानपूर्वक अवलोकन किया है? यहाँ गेंद फर्श पर लुढ़कती और घूर्णन करती हुई आगे की ओर बढ़ती है। इस प्रकार गेंद सरल रेखीय गति के साथ-साथ घूर्णन गति भी करती है। क्या आप ऐसे अन्य उदाहरण बता सकते हैं जिनमें वस्तु की गति विभिन्न प्रकार की गतियों का संयोजन होती हैं?

चाल — एक निश्चित समय में तय की गई दूरी

इस अध्याय के अंतर्गत हमने बहुत से मापन क्रियाकलाप किए हैं तथा कुछ प्रकार की गतियों के विषय में चर्चा की है। हमने देखा कि समय के साथ स्थिति में परिवर्तन को गति कहते हैं। स्थिति में हुए इस परिवर्तन को हम दूरी-मापन द्वारा ज्ञात कर सकते हैं। इससे हमें यह जानकारी मिलती है कि कोई वस्तु कितनी धीमी अथवा तीव्र गति कर रही है। समय के अवलोकन के साथ फर्श पर घोंघे का रेंगना, तितली का एक पुष्प से दूसरे पुष्प पर मँडराना, साइकिल के द्वारा दूरी तय करना, रेलगाड़ी के द्वारा दूरी तय करना इत्यादि में लगे समय के साथ तुलना कर उनकी गतियों की तुलना कर सकते हैं। आपको स्कूल जाने में कितना समय लगेगा यदि आप पैदल चल रहे हों, दौड़कर जा रहे हों, साइकिल से जा रहे हों या बस से जा रहे हों। बताइए, सबसे कम समय में पहुँचने के लिए आप कैसे जाएँगे? (सबसे तेज साधन से — बस से; पैदल सबसे अधिक समय लगेगा।) आपने रेलगाड़ी की सवारी तो की ही होगी। यदि उतनी ही दूरी पैदल तय करनी पड़े तो कितना समय लगेगा। (रेलगाड़ी से बहुत अधिक — क्योंकि पैदल चाल रेलगाड़ी की चाल से बहुत कम है।) एक निश्चित समय में एक वस्तु जितनी दूरी तय करती है। वह उस वस्तु की चाल कहलाती है। बताएँ आपकी चाल रेलगाड़ी से कम है या ज्यादा। (कम — मनुष्य की पैदल चाल रेलगाड़ी की चाल से बहुत कम होती है।)

तुम्हें क्या सीखना चाहिए

मुख्य शब्द

याद रखें

परीक्षा टिप

इस अध्याय के प्रश्नों में तीन गलतियाँ सबसे अधिक होती हैं: (1) वस्तु के बाएँ छोर का निशान न घटाना — पत्ती 1 से 6 तक है तो लम्बाई 6 नहीं, 5 से.मी. है; (2) इकाई न लिखना — शायरा का '5' अंक सही था पर इकाई के बिना अधूरा था; (3) तिरछा पैमाना या तिरछी नज़र — पैमाना वस्तु के समानांतर हो और आँख निशान के ठीक ऊपर हो, तभी माप सही आती है। इकाई-परिवर्तन के प्रश्नों में हमेशा 10/100/1000 का क्रम याद रखें: 1 से.मी. = 10 मि.मी., 1 मी. = 100 से.मी. = 1000 मि.मी., 1 कि.मी. = 1000 मी.। गति के प्रकारों में वर्तुल (पथ वृत्तीय, नियत बिन्दु से दूरी समान) और घूर्णन (अपने अक्ष पर घूमना) का अंतर स्पष्ट रखें — घड़ी की सुई वर्तुल गति करती है, सिलाई मशीन का पहिया घूर्णन गति।

सारणी — इकाई-परिवर्तन और गतियों के प्रकार

परिवर्तनमान
1 से.मी.10 मि.मी.
1 मि.मी.0.1 से.मी. (1/10 से.मी.)
1 मी.100 से.मी.
1 से.मी.0.01 मी. (1/100 मी.)
1 मी.1000 मि.मी.
1 मि.मी.0.001 मी. (1/1000 मी.)
1 कि.मी.1000 मी.
1 मी.0.001 कि.मी. (1/1000 कि.मी.)
1 इंच2.54 से.मी.
1 गज3 फुट
1 फुट12 इंच
1 फर्लांग220 गज
1 मील8 फर्लांग
गति का प्रकारपहचानउदाहरण (किताब से)
सरलरेखीय गतिसरल रेखा के अनुदिशसीधी सड़क पर कार, परेड में मार्च-पास्ट, गिरता पत्थर, 100 मी. दौड़
वर्तुल गतिवृत्तीय पथ; नियत बिन्दु से दूरी समानधागे से बँधा घूमता पत्थर, घड़ी की सेकंड की सुई, पंखे के डैने
घूर्णन गतिअपने ही अक्ष पर घूमनासिलाई मशीन का पहिया, एक जगह घुमाई गई बॉल, अपने अक्ष पर घूमती पृथ्वी
आवर्त गतिनिश्चित समय अंतराल के बाद दोहरावझूला झूलता बच्चा, लोलक, गिटार की डोरी का कम्पन, तबले की सतह का कम्पन, सिलाई मशीन की सुई
संयोजनदो गतियाँ साथ-साथलुढ़कती गेंद (सरलरेखीय + घूर्णन); चलती साइकिल का पहिया (सरलरेखीय + घूर्णन)

अभ्यास — खुद करके देखो

  1. क्रियाकलाप-2 का पैमाना बनाओ — ग्राफ पेपर की पट्टी पर 0 से 15 तक अंक लिखो और बताओ कि उसकी अल्पतम माप कितनी है। संकेत: बड़े खाने = 1 से.मी., छोटे भाग = 1 मि.मी. — अल्पतम माप 1 मि.मी.।
  2. क्रियाकलाप-3 दोहराओ — अपनी पुस्तक की लम्बाई, चौड़ाई, मोटाई का पहले अनुमान लगाओ, फिर नापकर तालिका 12.1 भरो; क्या दूसरा अनुमान पहले से बेहतर था? संकेत: अभ्यास से अनुमान सुधरता है।
  3. क्रियाकलाप-4 दोहराओ — किसी वक्र रेखा (जैसे अपनी हथेली की रेखा या एक टेढ़ी डोरी की आकृति) की लम्बाई धागे से नापो। संकेत: गाँठ A पर, धागा रेखा के अनुदिश, B पर चिह्न, फिर पैमाने से धागा नापो।
  4. क्रियाकलाप-6 दोहराओ — कागज पर चीनी रखकर किसी एक चींटी की स्थितियों पर चिह्न लगाओ और तीरों से उसकी गति की दिशा दर्शाओ। संकेत: बिन्दु एक समय के बाद चींटी की स्थिति बताते हैं।
  5. अपने घर की 5 वस्तुओं को विराम/गतिशील में बाँटो और हर एक के लिए कसौटी लिखो (कुछ समय बाद पहलेवाले स्थान पर दिखती है या नहीं)। संकेत: मेज, घर = विराम; उड़ती चिड़िया, चलती रेलगाड़ी = गतिशील; घड़ी की सुई = भाग की गति।

प्रश्नोत्तर

  1. प्रश्न: दो वस्तुओं को पास-पास लाए बिना उनकी लम्बाई की तुलना कैसे की जाती है? करीम-शबाना के उदाहरण से समझाओ।
    उत्तर: एक तीसरी वस्तु (पैमाना) की सहायता से — दोनों वस्तुओं को उसी पैमाने की इकाइयों में नापकर तुलना करते हैं। करीम की कक्षा अतुल के कदमों से 23 कदम और शबाना की कक्षा 20 कदम निकली, इसलिए करीम की कक्षा लम्बी है। पैमाने के रूप में बित्ता, हाथ, रस्सी का टुकड़ा, डंडा या स्केल भी लिया जा सकता है।
  2. प्रश्न: शरीर के मात्रक (बित्ता, कदम, हाथ) मानक मात्रक क्यों नहीं बन सके? लकड़ी/धातु के पैमाने क्यों बनाए गए?
    उत्तर: हर व्यक्ति के बित्ते, कदम और हाथ की लम्बाई अलग-अलग होती है — ऊँचे आदमी और दुकानदार के 'हाथ' अलग निकले और बाजार में झगड़ा हो गया। मानक मात्रक सबके लिए समान होना चाहिए, इसलिए एक निश्चित दूरी का पैमाना बनाया गया और उसी के बराबर लकड़ी/धातु के पैमाने बनाए गए — क्योंकि लकड़ी/धातु की लम्बाई खींचने पर नहीं बदलती, जबकि कपड़ा/रबड़ खिंचते व सिकुड़ते हैं।
  3. प्रश्न: सही मापन के चार नियम लिखो और पत्ती वाले उदाहरण (श्यामा-शायरा) से दो गलतियाँ समझाओ।
    उत्तर: (1) पैमाना वस्तु के समानांतर रखें। (2) '0' निशान से माप शुरू करें; टूटे पैमाने पर दोनों छोरों के निशानों का अंतर लें। (3) आँख निशान के ठीक ऊपर रखें (चित्र 12.12 की 'ख' स्थिति)। (4) हर माप के साथ इकाई लिखें। पत्ती 1 से 6 से.मी. तक है: श्यामा ने केवल दायाँ निशान (6) पढ़ा — सही लम्बाई 6 − 1 = 5 से.मी. है; शायरा का अंक 5 सही था पर उसने इकाई नहीं लिखी, इसलिए उसकी माप अधूरी थी।
  4. प्रश्न: वर्तुल गति और घूर्णन गति में अंतर बताओ। लुढ़कती गेंद में कौन-सी दो गतियाँ साथ-साथ होती हैं?
    उत्तर: वर्तुल गति में वस्तु वृत्तीय पथ पर चलती है और किसी नियत बिन्दु से उसकी दूरी समान रहती है (धागे से बँधा घूमता पत्थर, घड़ी की सेकंड की सुई)। घूर्णन गति में वस्तु अपने ही अक्ष पर घूमती है (सिलाई मशीन का पहिया, एक जगह घुमाई गई बॉल, अपने अक्ष पर घूमती पृथ्वी)। लुढ़कती गेंद में सरलरेखीय गति (आगे बढ़ना) और घूर्णन गति (अपने अक्ष पर घूमना) साथ-साथ होती हैं। चलती साइकिल का पहिया भी ऐसा ही संयोजन है।
  5. प्रश्न: चाल क्या है? अपनी चाल रेलगाड़ी से कम है या ज्यादा — और क्यों?
    उत्तर: एक निश्चित समय में एक वस्तु जितनी दूरी तय करती है, वह उस वस्तु की चाल कहलाती है। मनुष्य की पैदल चाल रेलगाड़ी की चाल से बहुत कम है — इसलिए उतनी ही दूरी पैदल तय करने में रेलगाड़ी से बहुत अधिक समय लगता है। स्कूल जाने में पैदल, दौड़कर, साइकिल से और बस से लगे समय की तुलना से भी यही पता चलता है कि तेज साधन की चाल अधिक होती है।

किताब के अभ्यास — विस्तार सहित प्रश्नोत्तर

  1. प्रश्न: (क) एस.आई. मात्रक में लम्बाई का मात्रक है— (i) मिलीमीटर (ii) सेंटीमीटर (iii) मीटर (iv) किलोमीटर। (ख) आप अपने घर से विद्यालय जाने में एक किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। इस एक किलोमीटर में कितने मीटर होते हैं— (i) 100 (ii) 1000 (iii) 10000 (iv) 100000। (ग) गतिशील वस्तु का उदाहरण नहीं है— (i) उड़ती चिड़िया (ii) चींटी की गति (iii) घड़ी (iv) घड़ी की सुई। (घ) आवर्ती गति का उदाहरण है— (i) झूला झूलते बच्चे की गति (ii) लोलक की गति (iii) बजते तबलां की पृष्ठ की गति (iv) इनमें से सभी। (ङ) एक निश्चित समय में एक वस्तु जितनी दूरी तय करती है, वह उस वस्तु की ............ कहलाती है— (i) चाल (ii) दूरी (iii) गति (iv) इनमें से कोई नहीं।
    उत्तर: (क) (iii) मीटर। (ख) (ii) 1000। (ग) (iii) घड़ी — घड़ी पूरी वस्तु के रूप में अपने स्थान पर रहती है (विराम में है); उसकी सुई अवश्य गति करती है, इसलिए (iv) गतिशील का उदाहरण है। (घ) (iv) इनमें से सभी — झूला, लोलक और तबले की सतह तीनों निश्चित अंतराल के बाद अपनी गति दोहराते हैं। (ङ) (i) चाल।
  2. प्रश्न: खाली स्थान भरिए — क. 1 से.मी. = ......... मि.मी.; 1 मि.मी. = ......... से.मी.। ख. 1 मी. = ......... से.मी.; 1 से.मी. = ......... मी.। ग. 1 मी. = ......... मि.मी.; 1 मि.मी. = ......... मी.। घ. 1 किमी = ......... मी.; 1 मी. = ......... कि.मी.। ङ. झूले पर किसी बच्चे की गति ......... होती है। च. कुत्ता जब पूँछ हिलाता है तो उसकी पूँछ ......... गति करती है।
    उत्तर: क. 10 मि.मी.; 0.1 से.मी. (1/10 से.मी.)। ख. 100 से.मी.; 0.01 मी. (1/100 मी.)। ग. 1000 मि.मी.; 0.001 मी. (1/1000 मी.)। घ. 1000 मी.; 0.001 कि.मी. (1/1000 कि.मी.)। ङ. आवर्ती (दोलन) गति। च. आवर्ती (दोलन) गति — पूँछ इधर-उधर नियमित रूप से हिलती है, यानी निश्चित अंतराल के बाद गति दोहराती है।
  3. प्रश्न: कदम का उपयोग लम्बाई के मानक मात्रक के रूप में क्यों नहीं किया जाता?
    उत्तर: क्योंकि हर व्यक्ति के कदम की लम्बाई अलग-अलग होती है — अतुल के कदम से नापी गई कक्षा की लम्बाई किसी और के कदम से अलग संख्या देगी। मानक मात्रक सबके लिए समान होना चाहिए, इसलिए कदम मानक मात्रक नहीं बन सकता; वह केवल तुलना के लिए एक अस्थायी पैमाना है।
  4. प्रश्न: निम्नलिखित को लम्बाई के बढ़ते परिमाणों में व्यवस्थित कीजिए— 1 मीटर, 1 सेंटीमीटर, 1 किलोमीटर, 1 मिलीमीटर।
    उत्तर: 1 मिलीमीटर < 1 सेंटीमीटर < 1 मीटर < 1 किलोमीटर।
  5. प्रश्न: विभिन्न प्रकार की गतियाँ कौन-कौन सी हैं? अपने दैनिक जीवन में से उनके दो-दो उदाहरण लिखिए।
    उत्तर: (1) सरलरेखीय गति — सीधी सड़क पर कार, गिरता पत्थर। (2) वर्तुल गति — घड़ी की सेकंड की सुई, पंखे के डैने। (3) घूर्णन गति — सिलाई मशीन का पहिया, अपने अक्ष पर घूमती पृथ्वी। (4) आवर्त गति — झूला झूलता बच्चा, लोलक की गति। (संयोजन: लुढ़कती गेंद — सरलरेखीय + घूर्णन।)
  6. प्रश्न: सीमा के घर तथा उसके स्कूल के बीच की दूरी 1500 मीटर है। इस दूरी को किलोमीटर में व्यक्त कीजिए।
    उत्तर: 1000 मी. = 1 कि.मी., इसलिए 1500 मी. = 1500 ÷ 1000 = 1.5 कि.मी.।
  7. प्रश्न: किसी चलती हुई साइकिल के पहिये तथा छत में लगे पंखे की गतियों में समानताएँ तथा असमानताएँ लिखिए।
    उत्तर: समानता: दोनों अपने अक्ष पर घूमते हैं — पहिये में वर्तुल/घूर्णन गति होती है और पंखे के डैनों में भी वर्तुल/घूर्णन गति होती है। असमानता: साइकिल का पहिया घूमने के साथ-साथ आगे भी बढ़ता है (सरलरेखीय + घूर्णन का संयोजन — लुढ़कना), जबकि छत का पंखा एक ही जगह स्थिर रहकर केवल घूमता है (स्थान नहीं बदलता)।
  8. प्रश्न: रोज़ काम में आनेवाली वस्तुओं में से ऐसी दो वस्तुओं के नाम लिखिए जिनकी लम्बाई लगभग— क. एक मीटर हो; ख. एक सेंटीमीटर हो; ग. एक मिलीमीटर हो।
    उत्तर: क. लगभग एक मीटर — दर्जी का मीटर-स्केल; एक दरवाज़े की चौड़ाई (लगभग 1 मी.)। ख. लगभग एक सेंटीमीटर — एक छोटा बटन; एक नाखून की चौड़ाई। ग. लगभग एक मिलीमीटर — एक पतले कार्ड (जैसे ATM कार्ड) की मोटाई; एक आलपिन की मोटाई। (सभी 'लगभग' मान हैं — अपनी वस्तुओं से नापकर जाँचें।)
  9. प्रश्न: परियोजना कार्य — (1) डोरी तथा स्केल का उपयोग करके प्रत्येक विद्यार्थी से उसके पैर की लम्बाई का मापन कराइए तथा तालिका बनाकर उसमें भरिए। (2) अपने आस-पास गति करती हुई वस्तुओं का अवलोकन कीजिए तथा यह देखिए कि वस्तु में एक ही तरह की गति है या विभिन्न गतियाँ साथ-साथ हो रही हैं। इसे तालिका में तैयार कर कक्षा में प्रस्तुत करें।
    उत्तर: (1) हर विद्यार्थी के पैर की लम्बाई डोरी से नापकर स्केल पर पढ़िए और तालिका में लिखिए — सबकी लम्बाई अलग-अलग आएगी, पर मात्रक (से.मी.) सबके लिए समान होगा। (2) अवलोकन-तालिका में हर वस्तु के सामने उसकी गति का प्रकार लिखिए — जैसे पंखा: केवल घूर्णन; लुढ़कती गेंद: सरलरेखीय + घूर्णन; झूला: आवर्त; घड़ी की सुई: वर्तुल — और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें

इस पृष्ठ को पढ़ते समय पहले मापन की कहानी (बित्ता/कदम/गज/मीटर) समझें, फिर सही मापन के नियमों को चित्र 12.7–12.12 के साथ देखें — खासकर पत्ती वाला उदाहरण, जिसमें घटाना और इकाई लिखना दोनों सिखाए गए हैं। फिर गतियों के चार प्रकारों को उनकी पहचान के साथ याद करें। अभ्यास के प्रश्न स्वयं करके देखें, फिर प्रश्नोत्तर से मिलान करें। किताब के अभ्यास के सभी प्रश्नों के उत्तर अंत में दिए गए हैं — परीक्षा से पहले उन्हें बिना देखे लिखने का अभ्यास करें। इकाई-परिवर्तन की सारणी को रोज़ एक बार दोहराएँ।