Chapter 8: जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 6 • Science • Book: Jigyasa (BSEB, Class 6) (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)
जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा — EG's own notes, in simple Hindi
Book: Jigyasa (BSEB, Class 6) (Nayi pustak — 2025 ke baad wali) | Chapter 8 | Medium: Hindi

Diagram (labels are printed on the image): जल चक्र — सूर्य, वाष्पन, बादल और वर्षा। यह सामान्य तस्वीर है, पुस्तक का चित्र नहीं।

खेतों पर वर्षा — जल चक्र का दृश्य। सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।
इस अध्याय के बारे में
जल तीन अवस्थाओं में मिलता है — ठोस (बर्फ़), द्रव (पानी) और गैस (जलवाष्प)। गरम करने पर बर्फ़ पिघलकर पानी बनती है और पानी भाप बनकर उड़ जाता है; ठंडा करने पर भाप संघनित होकर पानी बनती है और पानी जमकर बर्फ़ बनता है। ये बदलाव भौतिक बदलाव हैं, क्योंकि जल का स्वरूप बदलता है, पर वह जल ही रहता है।
सूर्य की गरमी से नदियों, तालाबों और समुद्र का पानी वाष्प बनकर ऊपर उठता है। ऊपर ठंडा होने पर यह छोटी-छोटी बूँदों में बदलकर बादल बनाता है — इसे संघनन कहते हैं। बादल भारी होने पर वर्षा के रूप में पानी नीचे आता है, और नदियों से फिर समुद्र तक पहुँचता है। जल के इस चक्र को जल चक्र कहते हैं।
जल चक्र के बिना वर्षा नहीं होगी, खेत नहीं सींचे जाएँगे और पीने का पानी नहीं मिलेगा। इसलिए जल को बचाना और प्रदूषित न करना ज़रूरी है — गंदा पानी नदियों में मिलने से पूरा चक्र गंदा हो जाता है।
What you should learn (क्या सीखना है)
समझें कि जल की तीन अवस्थाएँ कौन-सी हैं, पिघलना, जमना, वाष्पन और संघनन क्या हैं, और जल चक्र कैसे चलता है।
मुख्य शब्द (Key Terms)
- वाष्पन — द्रव का धीरे-धीरे वाष्प में बदलना, जैसे धूप में पानी सूखना।
- संघनन — वाष्प का ठंडा होकर द्रव में बदलना, जैसे बादल बनना।
- पिघलना — ठोस का गरम होकर द्रव बनना, जैसे बर्फ़ का पानी बनना।
- जमना — द्रव का ठंडा होकर ठोस बनना, जैसे पानी का बर्फ़ बनना।
- जल चक्र — सूर्य, वाष्पन, बादल और वर्षा से जल की निरंतर यात्रा।
याद रखें (Remember)
- जल ठोस, द्रव और गैस तीनों अवस्थाओं में मिलता है।
- गरम करने पर बर्फ़ → पानी → भाप बनती है।
- ठंडा करने पर भाप → पानी → बर्फ़ बनती है।
- जल चक्र से ही वर्षा होती है।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती (Exam Tip / Common Mistake)
सामान्य गलती: वाष्पन और उबलना को एक समझ लेना। वाष्पन किसी भी ताप पर सतह से धीरे-धीरे होता है, जबकि उबलना एक निश्चित ताप पर पूरे द्रव में तेज़ी से होता है। उत्तर में दोनों का अंतर लिखें।
Chart / Table: जल की अवस्थाओं में बदलाव
| बदलाव | क्या होता है | कैसे |
|---|---|---|
| पिघलना | बर्फ़ → पानी | गरम करने पर |
| जमना | पानी → बर्फ़ | ठंडा करने पर |
| वाष्पन | पानी → भाप | गरम करने / धूप में |
| संघनन | भाप → पानी | ठंडा होने पर |
विस्तार — अध्याय को गहराई से समझें
जल तीन अवस्थाओं में मिलता है — ठोस (बर्फ), द्रव (पानी) और गैस (जलवाष्प)। गरम करने पर बर्फ पिघलकर पानी बनती है और पानी उबलकर वाष्प बनता है; ठंडा करने पर वाष्प संघनित होकर पानी बनती है और पानी जमकर बर्फ बनता है। ये बदलाव एक-दूसरे में बदले जा सकते हैं, इसलिए इन्हें भौतिक बदलाव कहते हैं।
वाष्पन और उबलना दोनों में पानी वाष्प बनता है, पर दोनों एक नहीं हैं। वाष्पन हर तापमान पर, केवल सतह से, धीरे-धीरे होता है — जैसे गीले कपड़े सूखना। उबलना एक निश्चित तापमान (100°C) पर, पूरे द्रव में, तेज़ी से होता है। वाष्पन की गति सतह के क्षेत्रफल, हवा की गति, तापमान और हवा की नमी पर निर्भर करती है।
जल चक्र में सूर्य की गरमी से समुद्र, नदी और तालाब का पानी वाष्प बनकर ऊपर उठता है, ठंडा होकर बादल बनता है और वर्षा के रूप में धरती पर लौटता है। वर्षा का कुछ पानी नदियों में बहता है, कुछ ज़मीन में समाता है और कुछ फिर वाष्प बन जाता है। यही चक्र धरती पर पानी की आपूर्ति बनाए रखता है।
विस्तार तालिका
| बदलाव | कैसे होता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| पिघलना | ठोस → द्रव (गरम करने पर) | बर्फ → पानी |
| वाष्पन/उबलना | द्रव → गैस | पानी → भाप |
| संघनन | गैस → द्रव (ठंडा करने पर) | भाप → पानी की बूँदें |
| जमना | द्रव → ठोस (ठंडा करने पर) | पानी → बर्फ |
अभ्यास (Practice set — try it yourself)
- जल की तीन अवस्थाएँ कौन-सी हैं?
Hint: सोचें कि बर्फ़, पानी और भाप। - वाष्पन और संघनन में क्या अंतर है?
Hint: सोचें कि एक में द्रव वाष्प बनता है, दूसरे में वाष्प द्रव। - बादल कैसे बनते हैं?
Hint: सोचें कि ऊपर ठंडी हवा में वाष्प संघनित होती है। - वर्षा जल चक्र का कौन-सा भाग है?
Hint: सोचें कि बादल से पानी नीचे आना। - कपड़े धूप में क्यों जल्दी सूखते हैं?
Hint: सोचें कि गरमी से वाष्पन तेज़ होता है।
प्रश्न और उत्तर (Questions with Answers)
- जल की तीन अवस्थाओं के नाम और उदाहरण दीजिए।
ठोस — बर्फ़; द्रव — नदी और तालाब का पानी; गैस — जलवाष्प, जो हवा में अदृश्य रूप से होती है और भाप के रूप में दिखती है। - वाष्पन और उबलना में अंतर बताइए।
वाष्पन किसी भी ताप पर द्रव की सतह से धीरे-धीरे होता है, जैसे गीले कपड़े सूखना। उबलना एक निश्चित ताप (पानी के लिए 100°C) पर पूरे द्रव में तेज़ी से होता है, जिसमें बुलबुले उठते हैं। - जल चक्र के चरण क्रम से बताइए।
सूर्य की गरमी से समुद्र, नदी और तालाब का पानी वाष्प बनकर ऊपर उठता है। ऊपर ठंडा होने पर वाष्प संघनित होकर बादल बनाती है। बादल भारी होकर वर्षा करते हैं। वर्षा का पानी नदियों से फिर समुद्र में पहुँचता है और चक्र दोहराता है। - सर्दियों में खिड़की के शीशे पर पानी की बूँदें क्यों जमती हैं?
कमरे की गरम हवा में जलवाष्प होती है। ठंडे शीशे से टकराकर यह वाष्प ठंडी होकर संघनित हो जाती है और बूँदों के रूप में जम जाती है। - जल चक्र हमारे जीवन के लिए क्यों ज़रूरी है?
जल चक्र से वर्षा होती है, जिससे खेतों को पानी, नदियों और कुओं को भराव, और पीने का पानी मिलता है। इसके बिना धरती पर मीठे पानी का स्रोत सूख जाएगा।
विस्तार प्रश्न और उत्तर (Extension — पुस्तक के अभ्यास जैसे प्रश्न)
- बहुविकल्पीय — जल की गैसीय अवस्था को क्या कहते हैं? (क) बर्फ (ख) जलवाष्प (ग) ओला (घ) पाला
सही उत्तर (ख) जलवाष्प है। - सत्य/असत्य — वाष्पन केवल 100°C पर ही होता है।
असत्य। वाष्पन हर तापमान पर, धीरे-धीरे, केवल सतह से होता है; 100°C पर होने वाला तेज़ बदलाव उबलना कहलाता है। - रिक्त स्थान भरिए — ठंडी सतह पर जलवाष्प के पानी की बूँदों में बदलने को ______ कहते हैं।
संघनन। - मिलान कीजिए — (1) पिघलना (2) जमना (3) वाष्पन (4) संघनन — (क) द्रव → ठोस (ख) ठोस → द्रव (ग) गैस → द्रव (घ) द्रव → गैस (सतह से)।
1–ख, 2–क, 3–घ, 4–ग। - एक वाक्य में बताइए — जल चक्र किसे कहते हैं?
सूर्य की गरमी से वाष्पन, बादल बनना और वर्षा के रूप में पानी का धरती पर लौटना — इस निरंतर चक्र को जल चक्र कहते हैं। - कारण बताइए — हवा चलने पर गीले कपड़े जल्दी क्यों सूखते हैं?
क्योंकि हवा कपड़े की सतह से बनी वाष्प को हटा देती है, जिससे और पानी वाष्प बनने की जगह मिलती है और वाष्पन तेज़ हो जाता है। - अंतर बताइए — वाष्पन और उबलना में क्या अंतर है?
वाष्पन हर तापमान पर, केवल सतह से, धीरे-धीरे होता है; उबलना एक निश्चित तापमान पर, पूरे द्रव में, तेज़ी से होता है। - प्रयोग — दो एक जैसी प्लेटों में बराबर पानी रखिए — एक को पंखे के नीचे और दूसरी को बिना हवा वाली जगह पर। एक घंटे बाद किसमें पानी कम बचेगा और क्यों?
पंखे वाली प्लेट में पानी कम बचेगा, क्योंकि हवा वाष्पन को तेज़ करती है। - उदाहरण आधारित — सर्दियों में खिड़की के शीशे पर पानी की बूँदें क्यों जमती हैं?
कमरे की गरम हवा में मौजूद जलवाष्प ठंडे शीशे से टकराकर ठंडी हो जाती है और संघनित होकर पानी की बूँदें बन जाती है। - विचारात्मक — अगर जल चक्र रुक जाए, तो धरती पर जीवन पर क्या असर पड़ेगा? तीन असर लिखिए।
वर्षा रुक जाएगी, नदियाँ और तालाब सूख जाएँगे, खेती और पीने के पानी की कमी हो जाएगी — यानी जल चक्र ही धरती पर पानी की निरंतर आपूर्ति बनाए रखता है।
How to use this page: Read the summary, say the Key Terms in your own words, then try the practice set without looking. Use the Questions with Answers to check yourself afterwards. Ask your teacher or parent to check your answers.

