Chapter 7: ताप एवं उसका मापन
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 6 • Science • Book: Jigyasa (BSEB, Class 6) (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)
ताप एवं उसका मापन — EG's own notes, in simple Hindi
Book: Jigyasa (BSEB, Class 6) (Nayi pustak — 2025 ke baad wali) | Chapter 7 | Medium: Hindi

Diagram (labels are printed on the image): बाएँ पात्र से भाप उठता गरम पानी और दाएँ पानी में डूबा थर्मामीटर। यह सामान्य तस्वीर है, पुस्तक का चित्र नहीं।

घर में बच्चे का ताप मापती माँ। सामान्य तस्वीर, पुस्तक का दृश्य नहीं।
इस अध्याय के बारे में
गरम और ठंडा होना हमारी रोज़मर्रा की अनुभूति है — धूप में लोहा गरम लगता है, बर्फ़ ठंडी लगती है। किसी वस्तु के गरम या ठंडे होने की मात्रा को ताप कहते हैं। ताप ऊष्मा से अलग है: ऊष्मा एक प्रकार की ऊर्जा है जो गरम वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर बहती है, जबकि ताप बताता है कि वस्तु कितनी गरम या ठंडी है।
ताप थर्मामीटर (thermometer) से मापा जाता है। प्रयोगशाला थर्मामीटर में पारा या ऐल्कोहॉल भरी पतली नली होती है; गरम होने पर द्रव फैलता है और ऊपर चढ़ता है, ठंडा होने पर सिकुड़ता है और नीचे उतरता है। शरीर का ताप मापने के लिए डॉक्टरी थर्मामीटर होता है, जिसमें एक मोड़ (kink) होता है ताकि पारा जल्दी नीचे न उतरे और पढ़ा जा सके।
ताप का मात्रक डिग्री सेल्सियस (°C) है। स्वस्थ मनुष्य के शरीर का ताप लगभग 37°C होता है। थर्मामीटर को पढ़ते समय आँख को पारे के तल के ठीक सामने रखना चाहिए और उसे हाथ से गरम नहीं करना चाहिए, वरना पढ़ाई गलत आएगी।
What you should learn (क्या सीखना है)
समझें कि ताप और ऊष्मा में क्या अंतर है, थर्मामीटर कैसे काम करता है, डॉक्टरी और प्रयोगशाला थर्मामीटर में क्या अंतर है, और सही पढ़ाई कैसे ली जाती है।
मुख्य शब्द (Key Terms)
- ताप — किसी वस्तु के गरम या ठंडे होने की मात्रा।
- ऊष्मा — गरम वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर बहने वाली ऊर्जा।
- थर्मामीटर — ताप मापने का यंत्र।
- डिग्री सेल्सियस (°C) — ताप का मात्रक।
- पारा — थर्मामीटर में भरा जाने वाला द्रव, जो गरम होने पर फैलता है।
याद रखें (Remember)
- ताप गरम-ठंडे की मात्रा है, ऊष्मा ऊर्जा है।
- गरम होने पर थर्मामीटर का द्रव फैलकर ऊपर चढ़ता है।
- शरीर का सामान्य ताप लगभग 37°C होता है।
- पढ़ाई लेते समय आँख पारे के तल के सामने रखें।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती (Exam Tip / Common Mistake)
सामान्य गलती: ताप और ऊष्मा को एक लिख देना। परीक्षा में 'ताप क्या है' पूछा जाए तो 'गरम या ठंडे होने की मात्रा' लिखें; 'ऊष्मा क्या है' पूछा जाए तो 'एक ऊर्जा जो गरम से ठंडी ओर बहती है' लिखें। दोनों अलग हैं।
Chart / Table: दो तरह के थर्मामीटर
| थर्मामीटर | किस काम का | खास बात |
|---|---|---|
| डॉक्टरी | शरीर का ताप | मोड़ (kink) से पारा रुकता है |
| प्रयोगशाला | पानी आदि का ताप | मोड़ नहीं होता, -10°C से 110°C तक |
विस्तार — अध्याय को गहराई से समझें
गरम और ठंडा छूकर बताना हमेशा भरोसेमंद नहीं होता। एक हाथ गरम पानी में और दूसरा ठंडे पानी में रखकर फिर दोनों को गुनगुने पानी में डालो — एक हाथ को वह ठंडा लगेगा, दूसरे को गरम। इसलिए ताप को छूकर नहीं, थर्मामीटर से मापा जाता है।
ताप और ऊष्मा एक नहीं हैं। ताप बताता है कि कोई वस्तु कितनी गरम या ठंडी है, जबकि ऊष्मा वह ऊर्जा है जो गरम वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर बहती है। ताप का मात्रक डिग्री सेल्सियस (°C) है — पानी 0°C पर जमता है और 100°C पर उबलता है।
दो तरह के थर्मामीटर आम हैं। डॉक्टरी थर्मामीटर से शरीर का ताप मापा जाता है; उसका पैमाना लगभग 35°C से 42°C तक होता है और उसमें एक मोड़ (kink) होता है, जिससे पारा मुँह से निकालने के बाद भी वहीं रुक जाता है। प्रयोगशाला थर्मामीटर का पैमाना लगभग −10°C से 110°C तक होता है और उसमें मोड़ नहीं होता, इसलिए उसे शरीर का ताप मापने के लिए उपयोग नहीं किया जाता।
विस्तार तालिका
| थर्मामीटर | पैमाना | खास बात |
|---|---|---|
| डॉक्टरी | लगभग 35°C से 42°C | मोड़ (kink) होता है; पारा रुक जाता है |
| प्रयोगशाला | लगभग −10°C से 110°C | मोड़ नहीं होता; शरीर के लिए नहीं |
| सामान्य ज्ञान | शरीर का सामान्य ताप लगभग 37°C | इससे अधिक ताप बुखार का संकेत हो सकता है |
अभ्यास (Practice set — try it yourself)
- ताप और ऊष्मा में क्या अंतर है?
Hint: सोचें कि मात्रा और ऊर्जा अलग हैं। - थर्मामीटर गरम होने पर ऊपर क्यों चढ़ता है?
Hint: सोचें कि द्रव गरम होकर फैलता है। - डॉक्टरी थर्मामीटर में मोड़ क्यों होता है?
Hint: सोचें कि पारा जल्दी नीचे न उतरे। - शरीर का सामान्य ताप कितना होता है?
Hint: सोचें कि लगभग 37 डिग्री सेल्सियस। - ताप मापते समय कौन-सी सावधानी रखेंगे?
Hint: सोचें कि आँख तल के सामने और बल्ब को हाथ से न छुएँ।
प्रश्न और उत्तर (Questions with Answers)
- ताप किसे कहते हैं? ऊष्मा से इसका अंतर बताइए।
किसी वस्तु के गरम या ठंडे होने की मात्रा को ताप कहते हैं। ऊष्मा एक ऊर्जा है जो गरम वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर बहती है। ताप बताता है कि वस्तु कितनी गरम है, ऊष्मा बताती है कि कितनी ऊर्जा बह रही है। - थर्मामीटर कैसे काम करता है?
थर्मामीटर की पतली नली में पारा या ऐल्कोहॉल होता है। गरम होने पर द्रव फैलता है और नली में ऊपर चढ़ता है; ठंडा होने पर सिकुड़कर नीचे उतरता है। द्रव के तल के सामने का निशान ही ताप बताता है। - डॉक्टरी और प्रयोगशाला थर्मामीटर में क्या अंतर है?
डॉक्टरी थर्मामीटर शरीर का ताप मापता है और उसमें एक मोड़ होता है, जिससे मुँह से निकालने के बाद भी पारा नीचे नहीं उतरता और पढ़ाई की जा सकती है। प्रयोगशाला थर्मामीटर में मोड़ नहीं होता और उसका परिसर अधिक होता है। - शरीर का ताप मापते समय क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?
थर्मामीटर को झटककर पारा नीचे लाएँ, बल्ब को ठीक से रखें, पढ़ाई लेते समय आँख पारे के तल के सामने रखें, और थर्मामीटर को गरम हाथ से न पकड़ें। - एक बर्तन में गरम पानी है। थर्मामीटर डालने पर पारा ऊपर चढ़ा — क्यों?
क्योंकि गरम पानी की ऊष्मा थर्मामीटर के बल्ब तक पहुँची, पारा गरम होकर फैला और पतली नली में ऊपर चढ़ गया। पारा जितना ऊपर चढ़ा, पानी उतना ही गरम है।
विस्तार प्रश्न और उत्तर (Extension — पुस्तक के अभ्यास जैसे प्रश्न)
- बहुविकल्पीय — ताप का मात्रक कौन-सा है? (क) मीटर (ख) डिग्री सेल्सियस (ग) लीटर (घ) ग्राम
सही उत्तर (ख) डिग्री सेल्सियस (°C) है। - सत्य/असत्य — डॉक्टरी थर्मामीटर से प्रयोगशाला के गरम द्रव का ताप भी मापा जा सकता है।
असत्य। डॉक्टरी थर्मामीटर का पैमाना केवल लगभग 35°C से 42°C तक होता है और वह शरीर के ताप के लिए बना है। - रिक्त स्थान भरिए — पानी ______ °C पर जमता है और ______ °C पर उबलता है।
0°C, 100°C। - मिलान कीजिए — (1) डॉक्टरी थर्मामीटर (2) प्रयोगशाला थर्मामीटर (3) ताप (4) ऊष्मा — (क) गरम से ठंडी ओर बहने वाली ऊर्जा (ख) मोड़ वाला (ग) कितना गरम/ठंडा (घ) बिना मोड़ वाला।
1–ख, 2–घ, 3–ग, 4–क। - एक वाक्य में बताइए — थर्मामीटर किस काम आता है?
थर्मामीटर किसी वस्तु या शरीर के ताप को सही-सही मापने के यंत्र के रूप में काम आता है। - कारण बताइए — छूकर ताप बताना भरोसेमंद क्यों नहीं है?
क्योंकि एक ही गुनगुना पानी गरम हाथ को ठंडा और ठंडे हाथ को गरम लगता है — हाथ की पिछली स्थिति महसूस को बदल देती है। - अंतर बताइए — डॉक्टरी और प्रयोगशाला थर्मामीटर में क्या अंतर है?
डॉक्टरी थर्मामीटर का पैमाना छोटा (लगभग 35–42°C) होता है और उसमें मोड़ होता है; प्रयोगशाला थर्मामीटर का पैमाना बड़ा (लगभग −10–110°C) होता है और उसमें मोड़ नहीं होता। - प्रयोग — तीन कटोरे लीजिए: एक में ठंडा, एक में गुनगुना, एक में गरम (सहने योग्य) पानी। एक हाथ ठंडे में और दूसरा गरम में एक मिनट रखकर दोनों को गुनगुने में डालिए। क्या महसूस होता है? निष्कर्ष लिखिए।
ठंडे पानी वाला हाथ गुनगुने पानी को गरम महसूस करेगा और गरम पानी वाला हाथ उसी को ठंडा महसूस करेगा। निष्कर्ष: छूकर ताप का अनुमान भरोसेमंद नहीं होता, थर्मामीटर ज़रूरी है। - उदाहरण आधारित — शरीर का ताप मापते समय थर्मामीटर को पहले झटककर 35°C से नीचे क्यों लाया जाता है?
क्योंकि मोड़ के कारण पारा पिछली बार के ताप पर ही रुका रहता है; झटकने से पारा नीचे आ जाता है और नया सही माप मिलता है। - विचारात्मक — एक बर्तन में गरम पानी है। थर्मामीटर डालने पर पारा ऊपर चढ़ा। पारा ऊपर क्यों चढ़ा? समझाइए।
गरम पानी से थर्मामीटर का पारा गरम होकर फैलता है, इसलिए वह पतली नली में ऊपर चढ़ता है। पारा जितना ऊपर चढ़ता है, ताप उतना ही अधिक होता है — इसी फैलाव पर थर्मामीटर काम करता है।
How to use this page: Read the summary, say the Key Terms in your own words, then try the practice set without looking. Use the Questions with Answers to check yourself afterwards. Ask your teacher or parent to check your answers.

