Chapter 4: अहं प्रातः उत्तिष्ठामि
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 6 • Sanskrit • Book: Deepakam (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)
अहं प्रातः उत्तिष्ठामि — EG के अपने शब्दों में सार
पुस्तक: Deepakam (Nayi pustak — 2025 ke baad wali, Bihar Board, कक्षा 6) | अध्याय 4 | माध्यम: Sanskrit (सरल Hindi व्याख्या सहित)

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): सुबह की रोशनी में खिड़की के सामने उठता हुआ बालक। यह दिनचर्या के पाठ की सामान्य तस्वीर है, पुस्तक का दृश्य नहीं।

सुबह विद्यालय जाता हुआ बालक। दिनचर्या के पाठ की सामान्य तस्वीर।
पाठ के बारे में
इस पाठ का नाम है — ‘अहं प्रातः उत्तिष्ठामि’ अर्थात् ‘मैं प्रातःकाल उठता हूँ’। इसमें संदीप और खुशी की दिनचर्या घड़ी-चित्रों सहित दी गई है। दिनचर्या का क्रम समय के साथ इस प्रकार है — प्रातः पाँच बजे (पञ्चवादने) उठता हूँ, भूमि-वंदन करता हूँ, माता-पिता को नमस्कार करता हूँ; फिर उषःपानम् (सुबह कवोष्ण जल पीना) करता हूँ।
सवा पाँच बजे (सपाद-पञ्चवादने) शौच, मुख-प्रक्षालन (मुँह धोना) और दन्तधावन (दाँत साफ़ करना) करता हूँ। साढ़े पाँच बजे (सार्ध-पञ्चवादने) सूर्य-नमस्कार और योगासन करता हूँ। छह बजे (षड्वादने) स्वाध्याय (अपना अध्ययन) करता हूँ। साढ़े छह बजे (सार्ध-षड्वादने) परिसर को स्वच्छ करता हूँ। पौने सात बजे (पादोन-सप्तवादने) स्नान करता हूँ। सात बजे (सप्तवादने) प्रार्थना, चरण-वंदन और गीतापाठ करता हूँ। साढ़े सात बजे (सार्ध-सप्तवादने) प्रातराश (नाश्ता) करता हूँ। आठ बजे (अष्टवादने) विद्यालय जाता हूँ।
समय बताने के शब्द: पञ्चवादनम् (पाँच बजे), षड्वादनम् (छह बजे), सप्तवादनम् (सात बजे), अष्टवादनम् (आठ बजे); सपाद- का अर्थ है ‘सवा’ (सपाद-पञ्चवादने = सवा पाँच बजे), सार्ध- का अर्थ है ‘साढ़े’ (सार्ध-पञ्चवादने = साढ़े पाँच बजे), पादोन- का अर्थ है ‘पौने’ (पादोन-सप्तवादने = पौने सात बजे)। संख्याएँ 1 से 12 तक: एकम्, द्वे, त्रीणि, चत्वारि, पञ्च, षट्, सप्त, अष्ट, नव, दश, एकादश, द्वादश।
दिनचर्या का समय-क्रम
| समय | संस्कृत | काम |
|---|---|---|
| 5:00 | पञ्चवादने | उठना, भूमि-वंदन, माता-पिता को नमस्कार |
| सुबह | उषःपानम् | कवोष्ण जल पीना |
| 5:15 | सपाद-पञ्चवादने | शौच, मुख-प्रक्षालन, दन्तधावन |
| 5:30 | सार्ध-पञ्चवादने | सूर्य-नमस्कार, योगासन |
| 6:00 | षड्वादने | स्वाध्याय |
| 6:30 | सार्ध-षड्वादने | परिसर स्वच्छ करना |
| 6:45 | पादोन-सप्तवादने | स्नान |
| 7:00 | सप्तवादने | प्रार्थना, चरण-वंदन, गीतापाठ |
| 7:30 | सार्ध-सप्तवादने | प्रातराश |
| 8:00 | अष्टवादने | विद्यालय जाना |
क्या सीखना है
दिनचर्या का समय-क्रम, सपाद/सार्ध/पादोन का अर्थ, 1–12 की संख्याएँ और शिष्टाचार-पद याद करो। परीक्षा में समय अंकों/अक्षरों में बदलना और ‘कदा’ (कब) प्रश्न पूछे जाते हैं।
मुख्य शब्द
- दिनचर्या — दिन का क्रम, रोज़ का कार्यक्रम। प्रतिदिनम् — हर दिन। उत्तिष्ठामि — मैं उठता हूँ। वन्दनम् — नमस्कार, वंदना। उषःपानम् — सुबह कवोष्ण जल पीना। मुखप्रक्षालनम् — मुँह धोना। दन्तधावनम् — दाँत साफ़ करना। योगासनम् — योगासन। स्वाध्यायम् — अपना अध्ययन। स्नानम् — स्नान। प्रातराशम् — नाश्ता। विद्यालयम् — विद्यालय। गच्छामि — मैं जाता हूँ। इदानीम् — अब। तदनन्तरम् — उसके बाद।
- शिष्टाचार-पद: गुरुवंदनम्, वृद्धसेवा, अतिथिसत्कारः, पितृभक्तिः, ज्येष्ठेषु आदरः, कनिष्ठेषु प्रीतिः, परोपकारः, प्राणिषु दया, प्रियवचनम्, अहिंसा, सत्यकथनम्, सत्पात्रे दानम्, सर्वेषु मैत्रीभावः, समयपालनम्, स्वच्छता, प्रकृतिरक्षणम्, भ्रातृषु भगिनीषु च स्नेहः। (कलहः, अहङ्कारः, परस्परद्वेषः, असूया शिष्टाचार नहीं हैं — इन्हें छोड़कर छाँटना है।)
याद रखें
- दिनचर्या का क्रम समय के साथ है — उठना → उषःपान → शौच/मुख-प्रक्षालन/दन्तधावन → सूर्य-नमस्कार/योगासन → स्वाध्याय → परिसर-स्वच्छता → स्नान → प्रार्थना/चरण-वंदन/गीतापाठ → प्रातराश → विद्यालय।
- सपाद = सवा; सार्ध = साढ़े; पादोन = पौने।
- संख्याएँ 1–12: एकम् द्वे त्रीणि चत्वारि पञ्च षट् सप्त अष्ट नव दश एकादश द्वादश।
- शिष्टाचार में कलह, अहंकार, द्वेष, असूया नहीं आते।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: दिनचर्या का क्रम बदल देना (जैसे स्नान से पहले स्वाध्याय लिखना या प्रातराश को पहले लिखना)। पुस्तक का समय-क्रम ही लिखो। दूसरी गलती: सपाद और सार्ध को उल्टा लिखना — सपाद = सवा, सार्ध = साढ़े।
तालिका: समय-शब्द
| शब्द | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| सपाद- | सवा | सपाद-पञ्चवादने = सवा पाँच बजे |
| सार्ध- | साढ़े | सार्ध-पञ्चवादने = साढ़े पाँच बजे |
| पादोन- | पौने | पादोन-सप्तवादने = पौने सात बजे |
व्याकरण — पाठ के बिंदु
समय-शब्द: वादनम् = बजे; पञ्च/षड्/सप्त/अष्ट + वादनम्। ‘कदा’ प्रश्न: ‘कब’ के लिए ‘कदा’ — जैसे ‘त्वं कदा उत्तिष्ठसि?’ (तुम कब उठते हो?)। संख्याएँ: 1–12 की नपुंसकलिङ्ग संख्याएँ — एकम्, द्वे, त्रीणि, चत्वारि, पञ्च, षट्, सप्त, अष्ट, नव, दश, एकादश, द्वादश।
पाठ से आगे — सुनो, बोलो, लिखो, खोजो
शिष्टाचार छाँटना: दिए गए पदों में से शिष्टाचार-पद छाँटो (कलह, अहंकार, द्वेष, असूया को छोड़कर)। समय बदलना: समय को अंकों से अक्षरों में और अक्षरों से अंकों में बदलो। ‘कदा’ प्रश्न: अपनी दिनचर्या के लिए ‘कदा’ से प्रश्न बनाओ। अपनी दिनचर्या: अपनी दिनचर्या संस्कृत में लिखो — समय सहित।
अभ्यास — स्वयं करके देखो
- संदीप सुबह कितने बजे उठता है?
Hint: पाँच बजे के बारे में सोचो। - सपाद, सार्ध और पादोन का क्या अर्थ है?
Hint: सवा, साढ़े, पौने के बारे में सोचो। - दिनचर्या का सही क्रम लिखो।
Hint: उठने से विद्यालय तक के बारे में सोचो। - शिष्टाचार के पाँच पद लिखो।
Hint: गुरुवंदन, वृद्धसेवा, सत्य, स्वच्छता से सोचो। - अपनी दिनचर्या संस्कृत में लिखो।
Hint: पहले समय, फिर काम।
प्रश्न और उत्तर
- संदीप प्रातः कितने बजे उठता है और सबसे पहले क्या करता है?
संदीप प्रातः पाँच बजे (पञ्चवादने) उठता है; भूमि-वंदन करता है और माता-पिता को नमस्कार करता है। - उषःपानम् क्या है?
उषःपानम् सुबह कवोष्ण (हल्का गरम) जल पीना है — उठने के बाद सबसे पहले किया जाने वाला काम। - सवा पाँच और साढ़े पाँच बजे क्या-क्या होता है?
सवा पाँच बजे (सपाद-पञ्चवादने) शौच, मुख-प्रक्षालन और दन्तधावन; साढ़े पाँच बजे (सार्ध-पञ्चवादने) सूर्य-नमस्कार और योगासन। - सपाद, सार्ध और पादोन का क्या अर्थ है?
सपाद = सवा, सार्ध = साढ़े, पादोन = पौने। - आठ बजे क्या होता है?
आठ बजे (अष्टवादने) विद्यालय जाना होता है — दिनचर्या का अंतिम काम।
विस्तार — प्रश्न और उत्तर
- [एकपदीय] पौने सात बजे संस्कृत में क्या कहेंगे?
पादोन-सप्तवादने। - [रिक्त स्थान] सार्ध-सप्तवादने ______ होता है।
प्रातराशम्। - [मिलान] पञ्चवादने — 5:00; सपाद-पञ्चवादने — 5:15; सार्ध-पञ्चवादने — 5:30; षड्वादने — 6:00; पादोन-सप्तवादने — 6:45।
पञ्चवादने — 5:00; सपाद-पञ्चवादने — 5:15; सार्ध-पञ्चवादने — 5:30; षड्वादने — 6:00; पादोन-सप्तवादने — 6:45। - [एक शब्द] ‘नाश्ता’ के लिए संस्कृत शब्द क्या है?
प्रातराशम्। - [लघु उत्तर] शिष्टाचार-पदों में से कौन-से चार पद शिष्टाचार नहीं हैं?
कलहः, अहङ्कारः, परस्परद्वेषः, असूया — ये शिष्टाचार नहीं हैं; इन्हें छोड़कर छाँटना है। - [लघु उत्तर] ‘कदा’ से प्रश्न बनाओ — तुम कब स्नान करते हो?
त्वं कदा स्नानं करोषि? - [दीर्घ उत्तर] संदीप की पूरी दिनचर्या समय सहित लिखो।
5:00 उठना, भूमि-वंदन, माता-पिता को नमस्कार; उषःपान; 5:15 शौच/मुख-प्रक्षालन/दन्तधावन; 5:30 सूर्य-नमस्कार/योगासन; 6:00 स्वाध्याय; 6:30 परिसर-स्वच्छता; 6:45 स्नान; 7:00 प्रार्थना/चरण-वंदन/गीतापाठ; 7:30 प्रातराश; 8:00 विद्यालय। - [व्याकरण] 1–12 की संख्याएँ संस्कृत में लिखो।
एकम्, द्वे, त्रीणि, चत्वारि, पञ्च, षट्, सप्त, अष्ट, नव, दश, एकादश, द्वादश। - [चित्र-आधारित] घड़ी-चित्र देखकर बताओ — इस समय संदीप क्या करता है? (पाठ के घड़ी-चित्रों के अनुसार।)
घड़ी के समय के अनुसार दिनचर्या का काम लिखो — जैसे 5:30 पर सूर्य-नमस्कार। - [लेखन] अपनी दिनचर्या संस्कृत में लिखो — कम से कम पाँच काम समय सहित।
अपनी दिनचर्या से लिखो — समय + काम।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।

