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Chapter 3: अहं च त्वं च

Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 6 • Sanskrit • Book: Deepakam (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)

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अहं च त्वं च — EG के अपने शब्दों में सार

पुस्तक: Deepakam (Nayi pustak — 2025 ke baad wali, Bihar Board, कक्षा 6)  |  अध्याय 3  |  माध्यम: Sanskrit (सरल Hindi व्याख्या सहित)

Labelled diagram for अहं च त्वं च

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): साथ-साथ पुस्तकें लिए दो मित्र। यह 'मैं और तुम' के पाठ की सामान्य तस्वीर है, पुस्तक का दृश्य नहीं।

Illustration for अहं च त्वं च

वृक्ष के नीचे साथ पढ़ते बच्चे। मित्रता के पाठ की सामान्य तस्वीर।

पाठ के बारे में

इस पाठ का नाम है — ‘अहं च त्वं च’ अर्थात् ‘मैं और तुम’। इसमें अपना परिचय देना और ‘मैं हूँ / तुम हो’ कहना सिखाया गया है। परिचय के उदाहरण: मम नाम भरतः (मेरा नाम भरत है), मम नाम गणेशः, मम नाम गौतमः, मम नाम राघवः — छात्रः, शिक्षकः, चिकित्सकः, कृषकः; और मेनका, प्रियंवदा, सुमित्रा, राधिका — छात्रा, शिक्षिका, चिकित्सिका, सैनिकी।

पुंलिङ्ग में प्रश्न है — त्वं कः? (तुम कौन हो?) — उत्तर: अहं सैनिकः (मैं सैनिक हूँ), आवां सैनिकौ (हम दो सैनिक हैं), वयं सैनिकाः (हम अनेक सैनिक हैं); इसी तरह गायकः, पत्रकारः, पाचकः। स्त्रीलिङ्ग में प्रश्न है — त्वं का? (तुम कौन हो?) — उत्तर: अहं गायिका, आवां गायिके, वयं गायिकाः; इसी तरह तन्त्रज्ञा, नर्तकी, पाचिका।

‘हूँ / हो’ के लिए संस्कृत में अस्मि/स्वः/स्मः और असि/स्थः/स्थ का प्रयोग होता है — त्वं चित्रकारः असि (तुम चित्रकार हो), युवां चित्रकारौ स्थः (तुम दो चित्रकार हो), यूयं चित्रकाराः स्थ (तुम सब चित्रकार हो); अहम् आरक्षकः अस्मि (मैं आरक्षक हूँ), आवाम् आरक्षकौ स्वः (हम दो आरक्षक हैं), वयम् आरक्षकाः स्मः (हम सब आरक्षक हैं)। ‘म्’ के स्थान पर अनुस्वार का नियम भी इस पाठ में है — व्यञ्जन से पहले पदान्त ‘म्’ के स्थान पर अनुस्वार हो जाता है; जैसे पुस्तकम् अस्ति, पुस्तकं नास्ति।

पाठ में एक श्लोक भी है — ‘त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव। त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देवदेव॥’ — अर्थात् तुम ही माता हो, तुम ही पिता हो, तुम ही बंधु और सखा हो, तुम ही विद्या और धन हो, हे देवों के देव! तुम ही मेरे सब कुछ हो।

मैं / तुम की सारणी

एकवचनद्विवचनबहुवचन
मैं (अस्मद्)अहम् — अस्मिआवाम् — स्वःवयम् — स्मः
तुम (युष्मद्)त्वम् — असियुवाम् — स्थःयूयम् — स्थ

क्या सीखना है

परिचय देना (मम नाम…), त्वं कः/का के उत्तर, अस्मि/स्वः/स्मः और असि/स्थः/स्थ के रूप, और ‘म्’ → अनुस्वार का नियम याद करो। परीक्षा में पिट्टका-पूर्ति और चित्र-वाक्य पूछे जाते हैं।

मुख्य शब्द

  • मम — मेरा। नाम — नाम। अहम् — मैं। आवाम् — हम दो। वयम् — हम सब। त्वम् — तुम। युवाम् — तुम दो। यूयम् — तुम सब।
  • अस्ति / स्तः / सन्ति — है / हैं (दो) / हैं (अनेक)।
  • सैनिकः — सैनिक। तन्त्रज्ञः — तकनीकी जानकार। पत्रकारः — पत्रकार। नर्तकी — नर्तकी। चित्रकारः — चित्रकार। आरक्षकः — पुलिसकर्मी। चिकित्सिका — महिला डॉक्टर। छात्रः / छात्रा — छात्र / छात्रा। लेखकः — लेखक। क्रीडकः — खिलाड़ी। गायकः — गायक। चालकः — चालक। द्रविणम् — धन।

याद रखें

  • परिचय: मम नाम… (मेरा नाम… है)।
  • पुंलिङ्ग प्रश्न: त्वं कः? स्त्रीलिङ्ग प्रश्न: त्वं का?
  • मैं: अहम् अस्मि, आवाम् स्वः, वयम् स्मः। तुम: त्वम् असि, युवाम् स्थः, यूयम् स्थ।
  • ‘म्’ → अनुस्वार नियम: व्यञ्जन से पहले पदान्त ‘म्’ के स्थान पर अनुस्वार — पुस्तकं नास्ति।
  • श्लोक: त्वमेव माता च पिता त्वमेव… — ईश्वर ही सब कुछ है।

परीक्षा टिप / सामान्य गलती

सामान्य गलती: अस्मि और असि को उल्टा लिखना। अस्मि ‘मैं हूँ’ के लिए है, असि ‘तुम हो’ के लिए है। इसी तरह स्वः (हम दो हैं) और स्थः (तुम दो हो) को भी अलग रखो।

तालिका: व्यवसायों के रूप

पुंलिङ्गस्त्रीलिङ्ग
सैनिकः, गायकः, पत्रकारः, पाचकः, चित्रकारः, आरक्षकःगायिका, तन्त्रज्ञा, नर्तकी, पाचिका, चिकित्सिका, सैनिकी

व्याकरण — पाठ के बिंदु

अस्मद्/युष्मद्: ‘मैं’ के लिए अस्मद् (अहम्/आवाम्/वयम्) और ‘तुम’ के लिए युष्मद् (त्वम्/युवाम्/यूयम्) — ये तीनों लिंगों में समान रूप रखते हैं। अनुस्वार नियम: व्यञ्जन से पहले पदान्त ‘म्’ के स्थान पर अनुस्वार हो जाता है। श्लोक का भाव: ईश्वर ही माता, पिता, बंधु, सखा, विद्या और धन है — सब कुछ वही है।

पाठ से आगे — सुनो, बोलो, लिखो, खोजो

पिट्टका-पूर्ति: त्वं/युवां/यूयं/अहम्/आवां/वयं से रिक्त स्थान भरो। चित्र-वाक्य: चित्र देखकर वाक्य बनाओ — तन्त्रज्ञः, नर्तकः, चालकः, आरक्षिका, छात्रा, गायिका, अनुवैद्या, लेखकः, सैनिकः, क्रीडकः, क्रीडिका, अधिवक्त्री, धाविका। वाक्य-मेल: प्रश्न और उत्तर का मेल करो। प्रश्न-निर्माण: दिए गए उत्तरों के लिए प्रश्न बनाओ।

अभ्यास — स्वयं करके देखो

  1. अपना परिचय संस्कृत में दो।
    Hint: मम नाम… के बारे में सोचो।
  2. ‘तुम कौन हो?’ — पुंलिङ्ग और स्त्रीलिङ्ग में कैसे पूछेंगे?
    Hint: त्वं कः और त्वं का के बारे में सोचो।
  3. अहम् के साथ कौन-सी क्रिया आती है?
    Hint: अस्मि के बारे में सोचो।
  4. ‘हम दो सैनिक हैं’ — संस्कृत में लिखो।
    Hint: आवां सैनिकौ के बारे में सोचो।
  5. श्लोक का भाव अपने शब्दों में लिखो।
    Hint: माता, पिता, बंधु, सखा के बारे में सोचो।

प्रश्न और उत्तर

  1. अपना परिचय संस्कृत में कैसे देंगे?
    मम नाम… (मेरा नाम… है) — जैसे मम नाम भरतः, अहम् छात्रः (मैं छात्र हूँ)।
  2. ‘तुम कौन हो?’ पुंलिङ्ग और स्त्रीलिङ्ग में कैसे पूछेंगे?
    पुंलिङ्ग में — त्वं कः? स्त्रीलिङ्ग में — त्वं का?
  3. ‘मैं सैनिक हूँ’ के तीनों वचन क्या हैं?
    अहं सैनिकः (मैं सैनिक हूँ), आवां सैनिकौ (हम दो सैनिक हैं), वयं सैनिकाः (हम सब सैनिक हैं)।
  4. अस्मि/स्वः/स्मः और असि/स्थः/स्थ का प्रयोग समझाओ।
    अस्मि ‘मैं हूँ’ के लिए, स्वः ‘हम दो हैं’ के लिए, स्मः ‘हम सब हैं’ के लिए; असि ‘तुम हो’ के लिए, स्थः ‘तुम दो हो’ के लिए, स्थ ‘तुम सब हो’ के लिए।
  5. ‘म्’ → अनुस्वार का नियम क्या है?
    व्यञ्जन से पहले पदान्त ‘म्’ के स्थान पर अनुस्वार हो जाता है — जैसे पुस्तकम् अस्ति, पर पुस्तकं नास्ति।

विस्तार — प्रश्न और उत्तर

  1. [एकपदीय] ‘तुम दो चित्रकार हो’ — संस्कृत में लिखो।
    युवां चित्रकारौ स्थः।
  2. [रिक्त स्थान] त्वं चित्रकारः ______।
    असि।
  3. [मिलान] अहम् — अस्मि; आवाम् — स्वः; वयम् — स्मः; त्वम् — असि; युवाम् — स्थः; यूयम् — स्थ।
    अहम् — अस्मि; आवाम् — स्वः; वयम् — स्मः; त्वम् — असि; युवाम् — स्थः; यूयम् — स्थ।
  4. [एक शब्द] ‘धन’ के लिए संस्कृत शब्द क्या है?
    द्रविणम्।
  5. [लघु उत्तर] श्लोक ‘त्वमेव माता च पिता त्वमेव’ का भाव लिखो।
    ईश्वर ही माता, पिता, बंधु, सखा, विद्या और धन है — हे देवों के देव! तुम ही मेरे सब कुछ हो।
  6. [लघु उत्तर] चित्र देखकर वाक्य बनाओ — एक नर्तकी नाच रही है।
    सा नर्तकी, सा नृत्यति। (पाठ के चित्रों के अनुसार।)
  7. [दीर्घ उत्तर] अस्मद् और युष्मद् के रूपों की पूरी सारणी बनाओ।
    अस्मद्: अहम्/आवाम्/वयम्; युष्मद्: त्वम्/युवाम्/यूयम् — तीनों लिंगों में समान।
  8. [व्याकरण] पुस्तकम् अस्ति और पुस्तकं नास्ति — दोनों में ‘म्’ का अंतर क्यों है?
    क्योंकि ‘नास्ति’ का ‘न’ व्यञ्जन है, इसलिए उससे पहले पदान्त ‘म्’ के स्थान पर अनुस्वार हो गया — पुस्तकं नास्ति; ‘अस्ति’ स्वर से शुरू होता है, इसलिए पुस्तकम् अस्ति।
  9. [चित्र-आधारित] चित्र में एक चालक गाड़ी चला रहा है — संस्कृत वाक्य लिखो।
    सः चालकः, सः वाहनं चालयति। (पाठ के चित्रों के अनुसार।)
  10. [लेखन] अपने तीन मित्रों का परिचय संस्कृत में लिखो — नाम और व्यवसाय सहित।
    अपने मित्रों से लिखो — मम मित्रस्य नाम…, सः छात्रः आदि।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।