Chapter 12: हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान
Original notes — ready Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 6 • Hindi • Book: Malhar (Nayi pustak — 2025 ke baad wali)
हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान — EG के अपने शब्दों में सार
पुस्तक: Malhar (Nayi pustak — 2025 ke baad wali, Bihar Board, कक्षा 6) | अध्याय 12 | माध्यम: Hindi

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): नीले समुद्र वाले द्वीप की सामान्य तस्वीर। यह पाठ मॉरिशस के बारे में है; पुस्तक का दृश्य नहीं।

समुद्र-तट पर साथ खेलते बच्चे। अनेकता में एकता की सामान्य तस्वीर।
पाठ के बारे में
यह पाठ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का यात्रा-वृत्तांत है। दिनकर ने यह यात्रा-वर्णन एक पत्र के रूप में लिखा है — पत्र नई दिल्ली से 8 जुलाई 1967 को चतुर्वेदी जी को लिखा गया था; प्रस्थान 15 जुलाई को होना था और वापसी लगभग 5 अगस्त को। यात्रा का क्रम था — दिल्ली (15 जुलाई) → बंबई (मुंबई, 16 जुलाई) → नैरोबी (17 जुलाई) → मॉरिशस।
नैरोबी में दिनकर ने नेशनल पार्क देखा — यह चिड़ियाघर नहीं था। वहाँ घास अधिक थी, पेड़ कम थे; बंदर और लंगूर मोटरों पर आ बैठते थे। उन्होंने सात-आठ सिंह देखे — आठ-दस मोटरें आधा घंटा तक उनके पास खड़ी रहीं, पर सिंहों ने नज़र तक नहीं उठाई। हिरनों का झुंड और जिराफ़ भी दिखे। दो जवान सिंह घात लगाए बैठे थे; हिरन गोल में खड़े थे — क्योंकि भागने में खतरा था; सिंह झुंड का नहीं, पिछड़ने वाले का शिकार करते हैं। सूर्यास्त के बाद पार्क बंद हो जाता था।
नैरोबी से शाम चार बजे बी.ओ.ए.सी. का जहाज़ चला; पाँच घंटे की उड़ान के बाद मॉरिशस रात लगभग दस बजे पहुँचे — समय के अंतर के कारण घड़ी के हिसाब से यात्रा का समय अलग लगता है। मॉरिशस के बारे में दिनकर लिखते हैं — यह भूमध्य रेखा से लगभग 20 डिग्री दक्षिण में, देशांतर 60 डिग्री के पास पश्चिम में स्थित है; लंबाई 29 मील, चौड़ाई लगभग 30 मील, रकबा 720 वर्गमील; इसे ‘हिंद महासागर का मोती, भारत-समुद्र का सबसे खूबसूरत सितारा’ कहा गया है। द्वीप का कोई भी हिस्सा समुद्र से 15 मील से अधिक दूर नहीं है। वहाँ की आबादी में 67 प्रतिशत भारतीय खानदान के लोग हैं, 53 प्रतिशत हिंदू हैं।
मॉरिशस में भारत की छाप हर जगह दिखती है। राजधानी पोर्टलुई की गलियों के नाम कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बंबई जैसे हैं; एक मोहल्ले का नाम काशी है; बनारस, गोकुल, ब्रह्मस्थान जैसे नाम भी मिलते हैं। वहाँ माध्यमिक स्कूलों को ‘कॉलेज’ कहने का रिवाज़ है। अधिकांश हिंदू बिहार और उत्तर प्रदेश से गए थे — इसलिए हिंदी का व्यापक प्रचार है। राजभाषा अंग्रेज़ी है, संस्कृति की भाषा फ्रेंच है, जनता की भाषा क्रेयोल है (फ्रेंच से उसका वही संबंध है जो भोजपुरी का हिंदी से है); दूसरी जनभाषा भोजपुरी है — पर यह शाहाबाद/सारन की भोजपुरी नहीं है, इसमें फ्रेंच शब्द घुस गए हैं। ऊख (गन्ना) और चीनी का उद्योग भारतीयों के कारण ही वहाँ फला-फूला। भारतीय अपने धर्म पर डटे रहे, प्रलोभन ठुकराए; हर प्रमुख ग्राम में शिवालय है, तुलसीकृत रामायण का पाठ ढोलक-झाँझ के साथ गाया जाता है, मंदिर स्वच्छ और रम्य हैं। सर्वश्रेष्ठ पर्व शिवरात्रि है — बीच की झील ‘परी-तालाब’ पर श्वेत वस्त्र पहनकर काँवर लेकर जाते हैं, जल भरकर शिवालय लौटते हैं, मांस-मछली नहीं ले जाते। यही कारण है कि दिनकर इस द्वीप को ‘हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान’ कहते हैं।
यात्रा-क्रम
- दिल्ली (15 जुलाई) → बंबई (16 जुलाई) → नैरोबी (17 जुलाई) → मॉरिशस।
- नैरोबी नेशनल पार्क: घास अधिक, पेड़ कम; सिंह, हिरन, जिराफ़; सूर्यास्त के बाद बंद।
- नैरोबी से शाम 4 बजे उड़ान, 5 घंटे बाद मॉरिशस रात ~10 बजे (समय-अंतर)।
- मॉरिशस का परिचय: 20° दक्षिण, 60° देशांतर, 29×30 मील, 720 वर्गमील, 67% भारतीय, 53% हिंदू।
- भारत की छाप: पोर्टलुई की गलियों के नाम, काशी मोहल्ला, कॉलेज कहने का रिवाज़, हिंदी-भोजपुरी-क्रेयोल, शिवालय, शिवरात्रि, परी-तालाब।
क्या सीखना है
यात्रा का क्रम, नैरोबी पार्क का दृश्य, मॉरिशस के आँकड़े (आकार, जनसंख्या), भाषाओं की स्थिति और ‘छोटा-सा हिंदुस्तान’ कहने के कारण याद करो। यह पाठ अंडमान-निकोबार के बारे में नहीं है — मॉरिशस के बारे में है।
मुख्य शब्द
- यात्रा-वृत्तांत — यात्रा का लिखा हुआ वर्णन।
- नेशनल पार्क — वन्य-जीवों का संरक्षित क्षेत्र; चिड़ियाघर नहीं।
- ऊख — गन्ना।
- क्रेयोल — मॉरिशस की जनता की भाषा; फ्रेंच से विकसित।
- भोजपुरी — बिहार-पूर्वी उत्तर प्रदेश की भाषा; मॉरिशस की दूसरी जनभाषा।
- शिवालय — शिव का मंदिर।
- काँवर — जल ले जाने का साधन (बाँस की डंडी पर लटके बर्तन)।
- परी-तालाब — मॉरिशस के बीच की झील, जहाँ शिवरात्रि पर जाते हैं।
याद रखें
- लेखक रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हैं; पत्र 8 जुलाई 1967 को लिखा गया था।
- यात्रा: दिल्ली → बंबई → नैरोबी → मॉरिशस।
- नैरोबी पार्क चिड़ियाघर नहीं है; वहाँ घास अधिक, पेड़ कम हैं।
- मॉरिशस: 29 मील लंबा, ~30 मील चौड़ा, 720 वर्गमील; कोई हिस्सा समुद्र से 15 मील से अधिक दूर नहीं।
- 67% भारतीय खानदान, 53% हिंदू; राजभाषा अंग्रेज़ी, संस्कृति की भाषा फ्रेंच, जनता की भाषा क्रेयोल, दूसरी जनभाषा भोजपुरी।
- सर्वश्रेष्ठ पर्व शिवरात्रि; परी-तालाब पर काँवर-यात्रा।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: इस पाठ को अंडमान-निकोबार का वर्णन समझना। यह पाठ मॉरिशस के बारे में है — द्वीप हिंद महासागर में है, पर अंडमान नहीं है। उत्तर में हमेशा ‘मॉरिशस’ लिखो और उसके आँकड़े दो।
तालिका: मॉरिशस — एक नज़र में
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| स्थिति | भूमध्य रेखा से ~20° दक्षिण, देशांतर 60° के पास पश्चिम |
| आकार | लंबाई 29 मील, चौड़ाई ~30 मील, रकबा 720 वर्गमील |
| समुद्र से दूरी | कोई हिस्सा 15 मील से अधिक दूर नहीं |
| जनसंख्या | 67% भारतीय खानदान, 53% हिंदू |
| राजधानी | पोर्टलुई (गलियों के नाम: कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बंबई) |
| भाषाएँ | राजभाषा अंग्रेज़ी, संस्कृति की भाषा फ्रेंच, जनता की भाषा क्रेयोल, दूसरी जनभाषा भोजपुरी |
| पर्व | शिवरात्रि (परी-तालाब पर काँवर-यात्रा) |
भाषा और व्याकरण — पाठ के बिंदु
समय-अंतर की पहेली: नैरोबी से शाम 4 बजे उड़ान, 5 घंटे की यात्रा, मॉरिशस रात ~10 बजे पहुँचना — घड़ी के हिसाब से 6 घंटे लगते दिखते हैं, पर उड़ान 5 घंटे की है; अंतर समय-क्षेत्रों के कारण है। उल्टा पढ़ने की पहेली: पाठ की पहेली का उत्तर ‘मेरा भारत मेरा गौरव’ है (उल्टा पढ़ने पर)। पत्र-रूप: यह यात्रा-वृत्तांत पत्र के रूप में है — दिनांक, संबोधन, प्रस्थान और वापसी की तिथियाँ पत्र की विशेषताएँ हैं।
पाठ से आगे — सुनो, बोलो, लिखो, खोजो
मेरी समझ से: मॉरिशस को ‘छोटा-सा हिंदुस्तान’ क्यों कहा गया है? — क्योंकि वहाँ भारतीयों की बड़ी आबादी है, हिंदी-भोजपुरी बोली जाती है, शिवालय हैं, शिवरात्रि मनाई जाती है, गलियों के नाम भारतीय शहरों पर हैं। सोच-विचार: सिंहों ने मोटरों की ओर नज़र तक क्यों नहीं उठाई? — क्योंकि वे मनुष्य के अभ्यस्त हो गए थे और उन्हें कोई खतरा नहीं लगा। हिरन गोल में क्यों खड़े थे? — क्योंकि भागने में खतरा था; सिंह झुंड का नहीं, पिछड़ने वाले का शिकार करते हैं। खोज: मॉरिशस के बारे में और जानकारी एकत्र करो — वहाँ भारतीय कैसे पहुँचे?
अभ्यास — स्वयं करके देखो
- मॉरिशस कहाँ है?
Hint: हिंद महासागर के बारे में सोचो। - मॉरिशस को ‘छोटा-सा हिंदुस्तान’ क्यों कहा गया है?
Hint: भारतीयों और हिंदी के बारे में सोचो। - नैरोबी पार्क में क्या-क्या देखा गया?
Hint: सिंह और हिरन के बारे में सोचो। - मॉरिशस की भाषाएँ कौन-सी हैं?
Hint: अंग्रेज़ी, फ्रेंच, क्रेयोल, भोजपुरी के बारे में सोचो। - यात्रा-क्रम लिखो।
Hint: दिल्ली से मॉरिशस तक के बारे में सोचो।
प्रश्न और उत्तर
- यह यात्रा-वृत्तांत किसका है और किस रूप में लिखा गया है?
यह रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का यात्रा-वृत्तांत है, जो पत्र के रूप में लिखा गया है — नई दिल्ली से 8 जुलाई 1967 को चतुर्वेदी जी को। - यात्रा का क्रम क्या था?
दिल्ली (15 जुलाई) → बंबई (16 जुलाई) → नैरोबी (17 जुलाई) → मॉरिशस। - नैरोबी नेशनल पार्क कैसा था?
यह चिड़ियाघर नहीं था — वहाँ घास अधिक थी, पेड़ कम थे। सिंह, हिरन और जिराफ़ दिखे; सिंहों ने मोटरों की ओर नज़र तक नहीं उठाई। - मॉरिशस को ‘छोटा-सा हिंदुस्तान’ क्यों कहा गया है?
क्योंकि वहाँ 67% लोग भारतीय खानदान के हैं, हिंदी-भोजपुरी बोली जाती है, शिवालय हैं, शिवरात्रि मनाई जाती है और गलियों के नाम भारतीय शहरों पर हैं — द्वीप में भारत की पूरी छाप है। - मॉरिशस की भाषाओं की स्थिति क्या है?
राजभाषा अंग्रेज़ी है, संस्कृति की भाषा फ्रेंच है, जनता की भाषा क्रेयोल है और दूसरी जनभाषा भोजपुरी है।
विस्तार — प्रश्न और उत्तर
- [सही/गलत] यह पाठ अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के बारे में है। सही है या गलत?
गलत। यह पाठ मॉरिशस के बारे में है — हिंद महासागर का द्वीप, जहाँ भारतीयों की बड़ी आबादी है। - [रिक्त स्थान] मॉरिशस का रकबा ______ वर्गमील है।
720। - [मिलान] राजभाषा — अंग्रेज़ी; संस्कृति की भाषा — फ्रेंच; जनता की भाषा — क्रेयोल; दूसरी जनभाषा — भोजपुरी।
राजभाषा — अंग्रेज़ी; संस्कृति की भाषा — फ्रेंच; जनता की भाषा — क्रेयोल; दूसरी जनभाषा — भोजपुरी। - [एक शब्द] मॉरिशस की राजधानी का नाम क्या है?
पोर्टलुई। - [लघु उत्तर] नैरोबी से मॉरिशस की उड़ान में समय का अंतर कैसे समझाओगे?
उड़ान 5 घंटे की थी, नैरोबी से शाम 4 बजे चली, मॉरिशस रात ~10 बजे पहुँची — घड़ी के हिसाब से 6 घंटे दिखते हैं; अंतर समय-क्षेत्रों के कारण है। - [लघु उत्तर] सिंह झुंड का शिकार क्यों नहीं करते?
क्योंकि झुंड में हिरन एकजुट रहते हैं; सिंह पिछड़ने वाले, अकेले पड़ने वाले जानवर का शिकार करते हैं — इसलिए हिरन गोल में खड़े रहते हैं। - [दीर्घ उत्तर] मॉरिशस में भारत की छाप के पाँच प्रमाण दो।
पोर्टलुई की गलियों के नाम (कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बंबई); काशी मोहल्ला; माध्यमिक स्कूलों को ‘कॉलेज’ कहने का रिवाज़; हिंदी-भोजपुरी का प्रचार; हर प्रमुख ग्राम में शिवालय और शिवरात्रि का पर्व। - [लघु उत्तर] मॉरिशस में ऊख/चीनी उद्योग किसके कारण फला-फूला?
भारतीयों के कारण — भारतीय मज़दूर और किसान ही वहाँ गन्ने की खेती और चीनी उद्योग के आधार बने। - [व्याकरण] ‘परी-तालाब’ किसे कहते हैं और शिवरात्रि पर वहाँ क्या होता है?
परी-तालाब मॉरिशस के बीच की झील है; शिवरात्रि पर लोग श्वेत वस्त्र पहनकर काँवर लेकर वहाँ जाते हैं, जल भरकर शिवालय लौटते हैं, मांस-मछली नहीं ले जाते। - [लेखन] किसी यात्रा का अपना वृत्तांत लिखो — क्रम, दृश्य, वहाँ की विशेषता और तुम्हारा भाव।
यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिखो — दिनांक, स्थान, दृश्य, विशेषता।
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