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Chapter 4: चाँद का कुर्ता
Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 5 • Hindi • Book: Kompal
चाँद का कुर्ता — EG के अपने शब्दों में सार
पुस्तक: Kompal (BSEB, कक्षा 5) | अध्याय 4 | माध्यम: Hindi

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): चाँद की कलाएँ — अमावस्या से पूर्णिमा तक का क्रम।

चाँद को देखते बच्चा। कविता के दृश्य की सामान्य तस्वीर।
पाठ के बारे में
यह एक प्यारी-सी कविता है जिसमें एक बच्चा चाँद के लिए कुर्ता सिलवाना चाहता है। लेकिन चाँद कभी पतला, कभी मोटा दिखाई देता है, इसलिए दर्ज़ी उसका नाप ही नहीं ले पाता। कविता में बच्चे की भोली कल्पना और चाँद की घटती-बढ़ती कलाओं का मज़ेदार मेल है।
कविता से हमें चाँद की कलाओं के बारे में भी पता चलता है — अमावस्या से पूर्णिमा तक चाँद कैसे बदलता है। विज्ञान की यह बात कविता के रूप में आसानी से समझ आ जाती है।
मुख्य शब्द
- कुर्ता — एक तरह का ढीला कपड़ा
- दर्ज़ी — कपड़े सिलने वाला
- नाप — माप, किसी चीज़ का आकार
- कला — चाँद का घटता-बढ़ता रूप
- कल्पना — मन में सोची गई बात
याद रखें
- बच्चा चाँद के लिए कुर्ता सिलवाना चाहता है।
- चाँद का आकार रोज़ बदलता है, इसलिए नाप नहीं मिलता।
- कविता में चाँद की कलाओं का वर्णन है।
- बच्चे की कल्पना कविता को मज़ेदार बनाती है।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: यह लिखना कि दर्ज़ी ने कुर्ता सिल दिया। सच यह है कि नाप ही नहीं मिला।
तालिका: चाँद की कलाएँ
| बात | विवरण |
|---|---|
| अमावस्या | चाँद दिखाई नहीं देता |
| बढ़ता चाँद | रोज़ थोड़ा-थोड़ा बड़ा |
| पूर्णिमा | पूरा गोल चाँद |
सोचो और करके देखो
एक महीने तक रोज़ रात को चाँद देखो और उसकी आकृति अपनी कॉपी में बनाओ। महीने के अंत में बदलाव देखो।
अभ्यास — स्वयं करके देखो
- बच्चा चाँद के लिए क्या सिलवाना चाहता है?
Hint: कुर्ते के बारे में सोचो। - दर्ज़ी नाप क्यों नहीं ले पाया?
Hint: चाँद के बदलते आकार के बारे में सोचो। - पूर्णिमा किसे कहते हैं?
Hint: पूरे चाँद के बारे में सोचो। - अमावस्या के दिन चाँद कैसा दिखता है?
Hint: न दिखाई देने के बारे में सोचो। - कविता का मज़ेदार भाग अपने शब्दों में लिखो।
Hint: नाप वाली बात से शुरू करो।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।

