Original notes — ready
Chapter 14: दोहे
Bihar Board — BSEB (Hindi Medium) • Class 5 • Hindi • Book: Kompal
दोहे — EG के अपने शब्दों में सार
पुस्तक: Kompal (BSEB, कक्षा 5) | अध्याय 14 | माध्यम: Hindi

चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): दोहे — दो पंक्तियाँ, बड़ी सीख।

दोहे पढ़ता बच्चा। पाठ की सामान्य तस्वीर।
पाठ के बारे में
दोहे दो पंक्तियों की छोटी-सी रचनाएँ होती हैं, जिनमें जीवन की बड़ी सीख छिपी होती है। इस पाठ में कुछ प्रसिद्ध दोहे दिए गए हैं — जैसे कबीर के दोहे — जो हमें मेहनत, सच और अच्छे व्यवहार की सीख देते हैं।
दोहों को समझने के लिए उनके कठिन शब्दों का अर्थ जानना ज़रूरी है। दोहा पढ़ो, उसका अर्थ समझो और फिर उसकी सीख अपने जीवन से जोड़ो।
मुख्य शब्द
- दोहा — दो पंक्तियों की छोटी रचना
- सीख — अच्छी बात जो जीवन में काम आए
- कबीर — प्रसिद्ध संत और कवि
- व्यवहार — दूसरों के साथ बरताव
- अर्थ — मतलब
याद रखें
- दोहे दो पंक्तियों की रचनाएँ हैं।
- दोहों में जीवन की बड़ी सीख होती है।
- कबीर के दोहे प्रसिद्ध हैं।
- दोहे की सीख जीवन से जोड़नी चाहिए।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: दोहा रट लेना पर अर्थ न समझना। उत्तर में अर्थ और सीख दोनों लिखो।
तालिका: दोहों की सीख
| बात | विवरण |
|---|---|
| मेहनत | परिश्रम से ही सफलता मिलती है |
| सच | सच बोलना सबसे बड़ा गुण है |
| व्यवहार | सबसे अच्छा बरताव करो |
सोचो और करके देखो
एक दोहा चुनो और उसे अपने शब्दों में समझाओ — पहले कठिन शब्दों के अर्थ, फिर सीख।
अभ्यास — स्वयं करके देखो
- दोहा किसे कहते हैं?
Hint: दो पंक्तियों के बारे में सोचो। - दोहों में क्या छिपा होता है?
Hint: जीवन की सीख के बारे में सोचो। - कबीर कौन थे?
Hint: संत और कवि के बारे में सोचो। - दोहे की सीख जीवन से क्यों जोड़नी चाहिए?
Hint: अमल के बारे में सोचो। - अपनी पसंद के दोहे का अर्थ लिखो।
Hint: पहले अर्थ, फिर सीख।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: सार पढ़ो, मुख्य शब्द अपने शब्दों में बोलो, फिर बिना देखे अभ्यास हल करो। उत्तर अध्यापक या माता-पिता से जाँचवाओ।

