Chapter 4: मनोवैज्ञानिक विकार
मानसिक विकार की धारणा, असामान्यता के मानदंड, चिंता विकार, मनोदशा विकार, मनोविदलता, विघटनकारी विकार, व्यवहारिक और विकासात्मक विकार तथा पदार्थ-संबंधी विकार।
Original notes — ready Educational Galaxy के अपने शब्दों में मनोविज्ञान
मनोवैज्ञानिक विकार — EG के अपने शब्दों में सार
Book: मनोविज्ञान (BSEB, Class 12 मनोविज्ञान) | Chapter 4 | Medium: हिंदी (English technical शब्द साथ में)
मानसिक विकार वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति के विचार, भावनाएँ और व्यवहार इस तरह बाधित होते हैं कि उसका दैनिक जीवन, काम और संबंध प्रभावित होते हैं। असामान्यता का अर्थ केवल 'अलग होना' नहीं है — कई प्रतिभाशाली लोग भी अलग होते हैं। यह अध्याय बताता है कि मनोविज्ञान असामान्यता को कैसे परिभाषित करता है और प्रमुख विकार कैसे पहचाने जाते हैं।

चित्र 1: चित्र 1 में प्रमुख मनोवैज्ञानिक विकारों का वर्गीकरण प्रवाह के रूप में दिखाया गया है — चिंता, मनोदशा, मनोविदलता और अन्य विकार।

चित्र 2: चित्र 2 में इस अध्याय की चार सबसे ज़रूरी बातें संक्षेप में दी गई हैं; इन्हें याद करके पूरा अध्याय दोहराया जा सकता है।
क्या सीखना है
- असामान्यता के मानदंड बताना।
- चिंता विकारों के प्रकार पहचानना।
- मनोदशा विकारों को समझना।
- मनोविदलता के लक्षण बताना।
- विघटनकारी और विकासात्मक विकारों को पहचानना।
1. असामान्यता की धारणा
असामान्यता के चार मुख्य मानदंड हैं: (1) सांख्यिकीय विरलता — जो व्यवहार बहुत कम लोगों में हो; (2) सामाजिक मानदंडों से विचलन — जो समाज के नियमों से बहुत अलग हो; (3) व्यक्तिगत पीड़ा — जो व्यक्ति को स्वयं कष्ट दे; (4) कुसमायोजन — जो व्यक्ति के दैनिक जीवन, काम और संबंधों को बाधित करे।
कोई एक मानदंड अकेला पर्याप्त नहीं है। उदाहरण: बहुत ऊँची बुद्धि सांख्यिकीय रूप से विरल है, पर वह विकार नहीं है। विकार तब माना जाता है जब व्यवहार से व्यक्ति को पीड़ा हो या उसका जीवन बाधित हो। DSM (Diagnostic and Statistical Manual) मानसिक विकारों के वर्गीकरण की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था है।
2. चिंता विकार
चिंता विकारों में अत्यधिक और निरंतर भय या चिंता होती है। सामान्यीकृत चिंता विकार में व्यक्ति हर छोटी बात पर अत्यधिक चिंता करता है। आतंक विकार (panic disorder) में अचानक घबराहट के दौरे पड़ते हैं — दिल तेज़ धड़कना, पसीना, साँस फूलना।
दुर्भीति (phobia) किसी विशेष वस्तु या स्थिति से अत्यधिक भय है — जैसे ऊँचाई, पानी या बंद स्थान से भय। मनोग्रस्ति-बाध्यता विकार (OCD) में बार-बार आने वाले विचार (मनोग्रस्ति) और उन्हें शांत करने के लिए बार-बार की जाने वाली क्रियाएँ (बाध्यता) होती हैं, जैसे बार-बार हाथ धोना।
3. मनोदशा विकार
मनोदशा विकारों में भावनाओं की स्थिति लंबे समय तक बाधित रहती है। अवसाद (depression) में उदासी, रुचि की कमी, थकान, नींद और भूख में बदलाव और कभी-कभी आत्महत्या के विचार आते हैं। यह केवल 'उदास होना' नहीं है — यह हफ्तों-महीनों तक चलने वाली गंभीर स्थिति है।
द्विध्रुवी विकार में अवसाद और उन्माद (mania) की अवस्थाएँ बारी-बारी से आती हैं। उन्माद में व्यक्ति अत्यधिक ऊर्जावान, कम नींद वाला और जोखिम भरे फैसले लेने वाला हो जाता है। दोनों अवस्थाएँ व्यक्ति के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।
4. मनोविदलता और विघटनकारी विकार
मनोविदलता (schizophrenia) एक गंभीर विकार है जिसमें वास्तविकता से संपर्क कमज़ोर हो जाता है। इसके लक्षण हैं: व्यामोह (delusions — गलत विश्वास, जैसे कोई मुझे मारना चाहता है), विभ्रम (hallucinations — ऐसी आवाज़ें सुनना जो वास्तव में नहीं हैं), अव्यवस्थित चिंतन और बोलना, तथा भावनाओं और प्रेरणा में कमी।
विघटनकारी विकारों में चेतना, स्मृति और पहचान का विघटन होता है — जैसे स्मृति-लोप (किसी घटना की स्मृति का खो जाना) या विघटनकारी पहचान विकार (एक व्यक्ति में दो या अधिक अलग पहचानें)। ये विकार प्रायः गंभीर आघात के बाद विकसित होते हैं।
5. व्यवहारिक, विकासात्मक और पदार्थ-संबंधी विकार
व्यवहारिक विकारों में आचरण विकार (नियम तोड़ना, आक्रामकता) और विरोधी अवज्ञा विकार आते हैं। विकासात्मक विकार बचपन में शुरू होते हैं — जैसे स्वलीनता (autism: सामाजिक संपर्क और संचार में कठिनाई, दोहराव वाले व्यवहार) और ध्यान-अभाव अतिसक्रियता विकार (ADHD: ध्यान की कमी, अतिसक्रियता, आवेगशीलता)।
पदार्थ-संबंधी विकारों में शराब, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों पर निर्भरता आती है। निर्भरता में सहनशीलता (उसी प्रभाव के लिए अधिक मात्रा चाहिए) और वापसी लक्षण (पदार्थ बंद करने पर कष्ट) विकसित होते हैं। इन विकारों का उपचार चिकित्सा और मनोचिकित्सा दोनों से होता है।
तालिका / चार्ट — एक नज़र में
| विषय | मुख्य बात |
|---|---|
| असामान्यता के मानदंड | विरलता, विचलन, पीड़ा, कुसमायोजन |
| सामान्यीकृत चिंता | हर बात पर अत्यधिक चिंता |
| आतंक विकार | अचानक घबराहट के दौरे |
| OCD | मनोग्रस्ति + बाध्यता |
| अवसाद | उदासी, रुचि की कमी, थकान |
| मनोविदलता | व्यामोह, विभ्रम, अव्यवस्थित चिंतन |

चित्र 3: चित्र 3 में अध्याय का मानचित्र दिया गया है — असामान्यता के मानदंडों से लेकर पदार्थ-संबंधी विकारों तक।
मुख्य शब्द / Key Terms
- असामान्यता: पीड़ा या कुसमायोजन पैदा करने वाला व्यवहार
- दुर्भीति: किसी विशेष वस्तु/स्थिति से अत्यधिक भय
- मनोग्रस्ति: बार-बार आने वाला अवांछित विचार
- बाध्यता: विचार शांत करने के लिए बार-बार की जाने वाली क्रिया
- व्यामोह: गलत विश्वास
- विभ्रम: वास्तव में न होने वाली अनुभूति (जैसे आवाज़ सुनना)
याद रखें
- असामान्यता: विरलता + विचलन + पीड़ा + कुसमायोजन।
- OCD = मनोग्रस्ति + बाध्यता।
- अवसाद ≠ सामान्य उदासी; यह हफ्तों-महीनों चलता है।
- मनोविदलता: व्यामोह, विभ्रम, अव्यवस्थित चिंतन।
- ADHD: ध्यान की कमी + अतिसक्रियता + आवेगशीलता।
परीक्षा टिप / आम गलती
आम गलती: व्यामोह और विभ्रम को एक समझ लेना। व्यामोह गलत विश्वास है ('कोई मुझे मारना चाहता है'); विभ्रम गलत अनुभूति है (ऐसी आवाज़ सुनना जो वास्तव में नहीं है)। एक विचार है, दूसरा इंद्रिय-अनुभव है।
अभ्यास प्रश्न — खुद करके देखें
- असामान्यता के चार मानदंड लिखिए। संकेत: विरलता, विचलन, पीड़ा, कुसमायोजन।
- दुर्भीति किसे कहते हैं? संकेत: किसी विशेष वस्तु/स्थिति से अत्यधिक भय।
- OCD में मनोग्रस्ति और बाध्यता का एक उदाहरण दीजिए। संकेत: गंदगी का विचार + बार-बार हाथ धोना।
- अवसाद के तीन लक्षण लिखिए। संकेत: उदासी, रुचि की कमी, थकान।
- मनोविदलता के तीन लक्षण लिखिए। संकेत: व्यामोह, विभ्रम, अव्यवस्थित चिंतन।
मुख्य प्रश्न — उत्तर सहित (Core Q&A)
- असामान्यता की परिभाषा और उसके मानदंड बताइए। उत्तर: वह व्यवहार जो व्यक्ति को पीड़ा दे या उसके जीवन को बाधित करे। मानदंड: सांख्यिकीय विरलता, सामाजिक मानदंडों से विचलन, व्यक्तिगत पीड़ा और कुसमायोजन।
- केवल विरल व्यवहार विकार क्यों नहीं माना जाता? उत्तर: क्योंकि बहुत ऊँची बुद्धि भी विरल है, पर वह विकार नहीं है — विकार के लिए पीड़ा या कुसमायोजन भी होना चाहिए।
- सामान्यीकृत चिंता विकार क्या है? उत्तर: हर छोटी बात पर अत्यधिक और निरंतर चिंता करना, जो दैनिक जीवन को बाधित करे।
- आतंक विकार के लक्षण बताइए। उत्तर: अचानक घबराहट के दौरे — दिल तेज़ धड़कना, पसीना आना, साँस फूलना और मरने का भय।
- OCD क्या है? उदाहरण सहित समझाइए। उत्तर: मनोग्रस्ति (बार-बार आने वाला अवांछित विचार) + बाध्यता (उसे शांत करने की बार-बार की जाने वाली क्रिया) — जैसे गंदगी का विचार और बार-बार हाथ धोना।
- अवसाद और सामान्य उदासी में अंतर बताइए। उत्तर: सामान्य उदासी कुछ समय में ठीक हो जाती है; अवसाद हफ्तों-महीनों चलता है और इसमें रुचि की कमी, थकान, नींद-भूख में बदलाव और कभी आत्महत्या के विचार भी आते हैं।
- द्विध्रुवी विकार क्या है? उत्तर: अवसाद और उन्माद की अवस्थाओं का बारी-बारी से आना। उन्माद में अत्यधिक ऊर्जा, कम नींद और जोखिम भरे फैसले होते हैं।
- मनोविदलता के लक्षण बताइए। उत्तर: व्यामोह (गलत विश्वास), विभ्रम (गलत अनुभूति, जैसे आवाज़ें सुनना), अव्यवस्थित चिंतन और बोलना, भावनाओं और प्रेरणा में कमी।
- विघटनकारी विकार क्या हैं? एक उदाहरण दीजिए। उत्तर: चेतना, स्मृति और पहचान का विघटन — जैसे स्मृति-लोप या एक व्यक्ति में कई पहचानें होना। प्रायः गंभीर आघात के बाद विकसित होते हैं।
- ADHD और स्वलीनता में अंतर बताइए। उत्तर: ADHD में ध्यान की कमी, अतिसक्रियता और आवेगशीलता होती है; स्वलीनता में सामाजिक संपर्क और संचार में कठिनाई तथा दोहराव वाले व्यवहार होते हैं।
उत्तर सहित प्रश्न — बोर्ड-पैटर्न अभ्यास
ये Educational Galaxy के अपने बोर्ड-पैटर्न अभ्यास प्रश्न हैं, बोर्ड परीक्षा की शैली में लिखे गए हैं। ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
- एक व्यक्ति को लगता है कि टीवी पर समाचार उसके बारे में बात कर रहे हैं। यह कौन-सा लक्षण है? उत्तर: व्यामोह (delusion) — गलत विश्वास।
- एक व्यक्ति ऐसी आवाज़ें सुनता है जो कोई और नहीं सुनता। यह कौन-सा लक्षण है? उत्तर: विभ्रम (hallucination)।
- एक छात्र बार-बार दरवाज़ा बंद है या नहीं, यह जाँचता है। यह किस विकार का लक्षण हो सकता है? उत्तर: OCD की बाध्यता का।
- अवसाद से ग्रस्त व्यक्ति में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं। सबसे पहला कदम क्या होना चाहिए? उत्तर: तुरंत किसी विश्वसनीय व्यक्ति, डॉक्टर या परामर्शदाता से मदद लेना — इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
- एक बच्चे में ध्यान की कमी और अतिसक्रियता है। यह किस विकार का संकेत हो सकता है? उत्तर: ADHD का।
पुस्तक के अभ्यास — प्रश्न दर प्रश्न (Extension Q&A)
नीचे के प्रश्न पुस्तक के अभ्यास की अवधारणाओं पर EG के अपने शब्दों में बनाए गए अभ्यास हैं — ये पुस्तक के प्रश्नों की शब्दशः नकल नहीं हैं।
- DSM क्या है? उत्तर: मानसिक विकारों के वर्गीकरण की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था (Diagnostic and Statistical Manual)।
- दुर्भीति और सामान्य भय में अंतर बताइए। उत्तर: सामान्य भय स्थिति के अनुसार उचित होता है; दुर्भीति अत्यधिक, अनुचित और जीवन को बाधित करने वाला होता है।
- पदार्थ निर्भरता में सहनशीलता क्या है? उत्तर: उसी प्रभाव के लिए पदार्थ की अधिक मात्रा की आवश्यकता होना।
- वापसी लक्षण क्या हैं? उत्तर: पदार्थ बंद करने पर होने वाला कष्ट — जैसे घबराहट, पसीना, कंपन।
- मानसिक विकारों के प्रति कलंक (stigma) क्यों हानिकारक है? उत्तर: क्योंकि इससे लोग मदद लेने से डरते हैं और उपचार में देरी होती है।
Recap — दोहराव
- असामान्यता: विरलता + विचलन + पीड़ा + कुसमायोजन।
- OCD = मनोग्रस्ति + बाध्यता।
- अवसाद हफ्तों-महीनों चलने वाली गंभीर स्थिति है।
- मनोविदलता: व्यामोह, विभ्रम, अव्यवस्थित चिंतन।
- ADHD, स्वलीनता बचपन में शुरू होने वाले विकार हैं।

