जीव जनन कैसे करते हैं
जनन वह प्रक्रिया है जिससे जीव अपने जैसे नए जीव पैदा करते हैं।
जीव जनन कैसे करते हैं — EG के अपने नोट्स, सरल शब्दों में
पुस्तक: Vigyan (Purani pustak — 2025 se pehle wali) (BSEB, Class 10) | अध्याय 7 | माध्यम: हिंदी
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चित्र (लेबल चित्र पर ही छपे हैं): फूल के मुख्य भागों का सरल चित्र — पुंकेसर, स्त्रीकेसर, अंडाशय और पंखुड़ी, लेबल चित्र पर ही छपे हैं। यह एक सामान्य शिक्षण चित्र है।

बगीचे में खिले फूलों पर मँडराती तितली — परागण प्रकृति की मदद से भी होता है।
इस अध्याय के बारे में
जनन वह प्रक्रिया है जिससे जीव अपने जैसे नए जीव पैदा करते हैं। जनन के बिना किसी जाति का अस्तित्व नहीं बचता। जनन दो तरह का होता है: अलैंगिक, जिसमें केवल एक जनक होता है और संतान बिल्कुल जनक जैसी होती है; और लैंगिक, जिसमें दो जनक होते हैं और संतान में दोनों के लक्षणों का मेल होता है, इसलिए विविधता आती है।
अलैंगिक जनन के कई तरीके हैं: अमीबा में द्विखंडन, हाइड्रा में मुकुलन, स्पाइरोगाइरा में खंडन, प्लैनेरिया में पुनरुद्भवन, और पौधों में कायिक प्रवर्धन — जैसे आलू के आँख वाले टुकड़े से नया पौधा उगना, या गुलाब की कलम लगाना। बीजाणु बनाकर भी कई जीव जनन करते हैं, जैसे फफूँद।
पुष्पी पौधों में लैंगिक जनन फूल में होता है। पुंकेसर नर भाग है जो परागकण बनाता है, स्त्रीकेसर मादा भाग है जिसमें अंडाशय होता है। परागण में परागकण वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं, फिर निषेचन से युग्मनज बनता है, जो बीज में बदलता है और अंडाशय फल बन जाता है।
मनुष्य में नर जनन तंत्र में वृषण शुक्राणु बनाते हैं और मादा जनन तंत्र में अंडाशय अंडाणु बनाते हैं। निषेचन के बाद भ्रूण गर्भाशय में विकसित होता है और गर्भनाल से माँ से पोषण पाता है। यौवनारंभ के बाद जनन अंग क्रियाशील होते हैं। जनन स्वास्थ्य के लिए सही जानकारी और स्वच्छता ज़रूरी है।
क्या सीखना है
अलैंगिक जनन के तरीके, फूल के भाग और परागण-निषेचन, मानव जनन तंत्र का बुनियादी क्रम।
मुख्य शब्द
- अलैंगिक जनन — एक जनक से, बिना युग्मक के होने वाला जनन।
- लैंगिक जनन — दो जनकों के युग्मकों के मेल से होने वाला जनन।
- मुकुलन (Budding) — शरीर पर छोटी-सी मुकुल बनकर अलग जीव बनना, जैसे हाइड्रा।
- परागण (Pollination) — परागकणों का परागकोश से वर्तिकाग्र तक पहुँचना।
- निषेचन (Fertilisation) — नर और मादा युग्मक का मेल, जिससे युग्मनज बनता है।
याद रखें
- अलैंगिक जनन में विविधता कम होती है, क्योंकि संतान जनक की प्रतिलिपि होती है।
- लैंगिक जनन से विविधता आती है, जो जाति को बदलते माहौल में बचने में मदद करती है।
- परागण और निषेचन अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं — परागण पहले, निषेचन बाद में।
- बीज में भ्रूण होता है; फल अंडाशय से बनता है।
परीक्षा टिप / सामान्य गलती
सामान्य गलती: परागण को ही निषेचन समझ लेना। परागण सिर्फ़ पराग का स्थानांतरण है; निषेचन युग्मकों का वास्तविक मेल है, जो परागण के बाद होता है।
Chart / Table: अलैंगिक जनन के तरीके
| बिंदु | विवरण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| द्विखंडन | एक कोशिका दो में बँटती है | अमीबा |
| मुकुलन | मुकुल बनकर अलग होती है | हाइड्रा |
| खंडन | शरीर टुकड़ों में टूटता है | स्पाइरोगाइरा |
| कायिक प्रवर्धन | जड़, तना या पत्ती से नया पौधा | आलू, गुलाब की कलम |
अभ्यास — Practice set (स्वयं करके देखें)
- जनन क्यों ज़रूरी है?
संकेत: जाति के बने रहने से जोड़कर सोचें। - अमीबा किस तरीके से जनन करता है?
संकेत: द्विखंडन शब्द याद करें। - फूल का नर भाग कौन-सा है?
संकेत: पुंकेसर और परागकण सोचें। - परागण और निषेचन में क्या फ़र्क है?
संकेत: क्रम और मेल का फ़र्क देखें। - आलू से नया पौधा कैसे उगता है?
संकेत: कायिक प्रवर्धन का उदाहरण याद करें।
प्रश्न और उत्तर — Questions with Answers
- अलैंगिक और लैंगिक जनन में एक अंतर बताएँ।
अलैंगिक में एक जनक और समान संतान; लैंगिक में दो जनक और विविधता वाली संतान। - मुकुलन का उदाहरण दें।
हाइड्रा में शरीर पर मुकुल बनती है, जो बढ़कर अलग जीव बन जाती है। - परागण किसे कहते हैं?
परागकणों का परागकोश से उसी या दूसरे फूल के वर्तिकाग्र तक पहुँचना परागण है। - निषेचन के बाद अंडाशय क्या बनता है?
फल; और बीजांड बीज बन जाता है। - कायिक प्रवर्धन का एक लाभ लिखें।
मातृ पौधे जैसे गुण वाला पौधा जल्दी और निश्चित रूप से मिल जाता है।
बोर्ड परीक्षा प्रश्न — Board-pattern अभ्यास प्रश्न
नीचे के प्रश्न बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर EG द्वारा बनाए गए अभ्यास प्रश्न हैं — ये असली पिछले वर्षों के प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
- हाइड्रा में जनन की विधि का नाम लिखें।
मुकुलन। - फूल के मादा भाग का नाम और उसका एक काम लिखें।
स्त्रीकेसर — अंडाशय में बीजांड होते हैं, जहाँ निषेचन होता है। - दो जनकों वाली संतान में विविधता क्यों आती है?
क्योंकि दोनों जनकों के लक्षण मिलते हैं। - पुनरुद्भवन किस जीव में देखा जाता है?
प्लैनेरिया में — कटा टुकड़ा पूरा जीव बन सकता है। - बीज और फल में क्या संबंध है?
बीज बीजांड से और फल अंडाशय से बनता है।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: पहले सार पढ़ें, मुख्य शब्द अपने शब्दों में कहें, फिर बिना देखे अभ्यास करें। अंत में प्रश्न और उत्तर से अपनी जाँच करें। अपने शिक्षक या माता-पिता से उत्तर जँचवाएँ।
अभ्यास — पुस्तक के प्रश्न (Extension)
नीचे के प्रश्न पुस्तक के अध्याय-अंत अभ्यास पर आधारित हैं। प्रश्नों को Educational Galaxy के अपने शब्दों में फिर से लिखा गया है और उत्तर भी EG के अपने शब्दों में हैं। समीकरण, सूत्र और संख्याएँ पुस्तक के अनुसार यथावत रखी गई हैं।
- अलैंगिक जनन मुकुलन द्वारा होता है — (a) अमीबा, (b) यीस्ट, (c) प्लैज़्मोडियम, (d) लेस्मानिया? उत्तर: विकल्प (b) यीस्ट सही है। यीस्ट की कोशिका पर एक छोटी-सी मुकुल (कली) उभरती है जो बढ़कर अलग हो जाती है और नया जीव बन जाती है। अमीबा द्विखंडन से, प्लैज़्मोडियम बहुखंडन से और लेस्मानिया भी द्विखंडन से जनन करते हैं।
- निम्न में से कौन मानव में मादा जनन तंत्र का भाग नहीं है — (a) अंडाशय, (b) गर्भाशय, (c) शुक्रवाहिका, (d) डिंबवाहिनी? उत्तर: विकल्प (c) शुक्रवाहिका सही है। शुक्रवाहिका नर जनन तंत्र का भाग है — वह शुक्राणुओं को वृषण से आगे ले जाती है। अंडाशय, गर्भाशय और डिंबवाहिनी तीनों मादा जनन तंत्र के भाग हैं।
- परागकोश में होते हैं — (a) बाह्यदल, (b) अंडाशय, (c) अंडप, (d) पराग कण? उत्तर: विकल्प (d) पराग कण सही है। परागकोश (पराग-थैली) में पराग कण बनते हैं, जो नर युग्मक होते हैं। बाह्यदल, अंडाशय और अंडप फूल के अन्य भाग हैं, परागकोश के अंदर नहीं होते।
- अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन के क्या लाभ हैं? उत्तर: लैंगिक जनन में दो जनकों के आनुवंशिक पदार्थ मिलते हैं, जिससे संतानों में विविधता (भिन्नता) आती है। यही विविधता जाति को बदलते वातावरण, रोगों और नए खतरों से जूझने की ताकत देती है — अलैंगिक जनन की प्रतिलिपि-संतानों में यह विविधता नहीं होती, इसलिए वे एक ही खतरे से एक साथ समाप्त हो सकती हैं।
- मानव में वृषण के क्या कार्य हैं? उत्तर: वृषण के दो मुख्य कार्य हैं — शुक्राणुओं का निर्माण करना और नर हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन का स्राव करना। टेस्टोस्टेरॉन यौवनारंभ के समय लड़कों में दाढ़ी-मूँछ, आवाज़ का भारी होना जैसे द्वितीयक लैंगिक लक्षण लाता है।
- ऋतुस्राव क्यों होता है? उत्तर: हर महीने गर्भाशय की भीतरी दीवार (अंतःस्तर) मोटी होकर संभावित गर्भ के लिए तैयार होती है। यदि निषेचन नहीं होता, तो अंडाणु नष्ट हो जाता है और यह मोटी दीवार रक्त के साथ योनि मार्ग से बाहर निकल जाती है — यही ऋतुस्राव है, जो लगभग 28 दिनों के चक्र में दोहराता है।
- पुष्प की अनुदैर्ध्य काट का नामांकित चित्र बनाइए। उत्तर: फूल की लंबवत काट में ये भाग नामांकित कीजिए — बाह्यदल (कैलिक्स), दल (पंखुड़ियाँ), पुंकेसर (परागकोश + तंतु), स्त्रीकेसर (वर्तिकाग्र, वर्तिका, अंडाशय) और अंडाशय के अंदर बीजांड। चित्र में परागकोश को ऊपर और अंडाशय को नीचे दिखाइए; परागण वर्तिकाग्र पर और निषेचन बीजांड में होता है — यही क्रम चित्र में स्पष्ट होना चाहिए।
- गर्भनिरोधन की विभिन्न विधियाँ कौन-सी हैं? उत्तर: (1) रोध विधियाँ — कंडोम, डायाफ्राम; (2) रासायनिक विधियाँ — गर्भनिरोधक गोलियाँ, जो अंडोत्सर्ग रोकती हैं; (3) अंतर्गर्भाशयी युक्तियाँ — कॉपर-टी, जो गर्भाशय में आरोपित की जाती है; (4) शल्य विधियाँ — नसबंदी (पुरुषों में शुक्रवाहिका और महिलाओं में डिंबवाहिनी को बंद करना)। ये विधियाँ गर्भधारण को रोकती हैं, पर केवल कंडोम ही यौन-संचरित रोगों से भी बचाता है।
- एक-कोशिक एवं बहुकोशिक जीवों की जनन पद्धति में क्या अंतर है? उत्तर: एक-कोशिक जीवों में जनन के लिए कोई विशेष अंग नहीं होता — पूरी कोशिका ही विभाजित होकर (द्विखंडन, बहुखंडन, मुकुलन) नई संतान बना देती है। बहुकोशिक जीवों में जनन के लिए विशेष जनन अंग और जनन कोशिकाएँ (युग्मक) होती हैं, और लैंगिक जनन में दो युग्मकों का मेल आवश्यक होता है।
- जनन किसी स्पीशीज़ की समष्टि के स्थायित्व में किस प्रकार सहायक है? उत्तर: जनन से मरने वाले जीवों की जगह नई संतानें आती रहती हैं, इसलिए समष्टि की संख्या स्थिर बनी रहती है। साथ ही लैंगिक जनन से आई विविधता समष्टि को पर्यावरण के बदलावों से जूझने की क्षमता देती है — बिना जनन के समष्टि धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।
- गर्भनिरोधक युक्तियाँ अपनाने के क्या कारण हो सकते हैं? उत्तर: (1) परिवार का आकार अपनी इच्छा और साधनों के अनुसार रखना; (2) माँ के स्वास्थ्य की रक्षा — बार-बार गर्भधारण से माँ का स्वास्थ्य बिगड़ता है; (3) बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण, जिससे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन-स्तर में सुधार हो सके; (4) यौन-संचरित रोगों से बचाव (कंडोम के मामले में)।
- अलैंगिक जनन में विविधता कम होती है, क्योंकि संतान जनक की प्रतिलिपि होती है।
- लैंगिक जनन से विविधता आती है, जो जाति को बदलते माहौल में बचने में मदद करती है।
- परागण और निषेचन अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं — परागण पहले, निषेचन बाद में।
- बीज में भ्रूण होता है; फल अंडाशय से बनता है।

